Posts for 2019-01

Pawan Jury BhilwaraRj

Tue Jan 01 2019 21:15:08 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

अहिंसामूर्ति महात्मा भगत सिंह को कोड़े मारते ब्रिटिश की एक पुरानी तस्वीर
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अहिंसा मूर्ती महात्मा भगत सिंह जी ने ब्रिटिश DySP स्कॉट का इसलिए वध कर दिया था क्योंकि स्कॉट और सांडर्स ने लाला लाजपत राय की हत्या कर दी थी। लाला लाजपत राय ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह (गरम दल) का समर्थन कर रहे थे।
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DySP स्कॉट के वध के बाद वायसराय को भारत में सभी ब्रिटिश अधिकारियों के वेतन में वृद्धि करने के लिए मजबूर होना पड़ा, और इससे उनके साम्राज्य की लागत बढ़ गयी। और इसलिए वायसराय ने भारत के गरम दल के नेताओं की हत्या नहीं करने का फैसला किया, क्योंकि उन्होंने देखा कि भारतीय नेताओं की हत्याए होने से ज्यादा युवा भगत सिंह जी के रास्ते पर जा सकते है। और यही मुख्य कारण था कि अंग्रेजों ने तुरंत राष्ट्रपिता सुभाषचंद्र बोस की हत्या नहीं की। और इसी वजह से राष्ट्रपति सुभाषचंद्र बोस जिन्दा रहे, और बाद में जर्मनी जाकर उन्होंने आज़ाद हिंद फौज बना कर हमें स्वतंत्रता दिलायी।
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इस तरह अहिंसामूर्ति महात्मा भगत सिंह जी की आत्मा ने राष्ट्रपिता अहिंसामूर्ति महात्मा सुभाषचंद्र बोस की रक्षा करके आजादी लाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
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अहिंसामूर्ति महात्मा भगत सिंह जी की आत्मा को कोटि कोटि नमन
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 02 2019 08:11:41 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

मोदी साहेब का इंटरव्यू : हमें नेताओ के डायलोग सुनने ही नही चाहिए । सिर्फ़ यह देखना चाहिए कि उन्होंने गेजेट में कौनसे क़ानून प्रकाशित किए ।
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उदाहरण के लिए यदि आप पिछले 5 साल में संघ के नेताओ के राम मंदिर निर्माण पर दिए गए सभी बयानो की आप सूची बनाये तो एक पूरी किताब प्रकाशित हो सकती है, और 1990 से अब तक राम मंदिर पर उन्होंने जितने डायलोग बोले है उससे पूरी एक लाइब्रेरी बन सकती है । वे ये डायलोग 1992 से ही सुना रहे है । जब तक आप सुनते रहेंगे वे सुनाते रहेंगे ।
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मेरे विचार में, ऐसा कोई भी नेता जो मंदिर बनाने की बात कहता है किंतु मंदिर बनाने का ड्राफ़्ट नही देता है , पहली नज़र में फ्रोड है । और यही बात देश के अन्य सभी मुद्दों पर लागू है ।
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Wed Jan 02 2019 08:21:02 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

श्री प्रवीण भाई टोगड़िया नई राजनैतिक पार्टी निकाल रहे है । उनके कुछ निकटस्थ कार्यकर्ताओं ने बताया कि पार्टी का नाम , एजेंडा वगेरह की घोषणा 9 जनवरी को की जाएगी । राम मंदिर , गौ हत्या निषेध , बांग्लादेशी घुसपेठ , टू चाइल्ड लॉ आदि उनके एजेंडे में शामिल है । वे सभी सीटों पर चुनाव लड़ने वाले है ।
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मैंने उनसे उपरोक्त मुद्दों के ड्राफ़्ट उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है । उनके कार्यकर्ताओं का कहना है कि ड्राफ़्ट 9 तारीख़ को उपलब्ध होंगे ।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 02 2019 11:00:17 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

महात्मा राजीव दीक्षित अपने पूरे जीवन काल में देश भर के लाखों नागरिको तक अथक रूप से यह जानकारी पहुँचाते रहे कि हमें विदेशी कम्पनियों पर रोक लगानी चाहिए और यदि ऐसा नहीं किया गया था जल्दी ही भारत के सभी प्राकृतिक संसाधनों एवं अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रो को बहुरास्ट्रीय कम्पनिया अधिगृहित कर लेगी। अहिंसा मूर्ती महात्मा भगत सिंह जी तरह ही राजिव भाई भी राईट टू रिकॉल कानूनों के कट्टर समर्थक थे। विदेशी कम्पनियों पर रोक लगाने एवं राईट टू रिकॉल कानूनों को लागू करवाने के लिए वे देश व्यापी आन्दोलन की तैयारी कर रहे थे , तभी राईट टू रिकॉल के विरोधियो एवं विदेशी कम्पनियों के समर्थको ने उनकी रहस्यमयी परिस्थितियों में हत्या कर दी।
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इस एल्बम में उन कानूनों के ड्राफ्ट दिए गए है जिन्हें गेजेट में प्रकाशित करने से भारत में विदेशी कंपनियों पर रोक लगाई जा सकती है , साथ ही उन कानूनों के ड्राफ्ट भी दिए गए है जिनके गेजेट में आने से भारत की स्वदेशी इकाइयों को इतना मजबूत बनाया जा सकता है कि वे विदेशी कम्पनियों का मुकाबला कर सके। उनके द्वारा उठाये गए अन्य मुद्दों एवं राईट टू रिकॉल कानूनों को लागू करवाने के के लिए आवश्यक कानून ड्राफ्टस के लिए अन्य अल्बम देखें।
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इस एल्बम के सभी पोस्ट देखने के लिए फीड व्यू देखें , एवं इंडेक्स पोस्ट देखने के लिए स्क्रोल करें.
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 02 2019 11:04:04 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

इंडेक्स पोस्ट ; एल्बम - राजीव भाई के एजेंडे को लागू करना.
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(10) महात्मा राजिव दीक्षित राईट टू रिकॉल पर -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1361899837261582>;
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(09) राजीव भाई दीक्षित के छद्म और असली समर्थको में भेद :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/845380898913481>;
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(08) राजीव भाई दीक्षित के हत्यारों को सजा दिलवाने के लिए प्रक्रिया -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1158095347642033>;
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(07) स्वदेशी वाद और व्यवस्था परिवर्तन के "नाम" पर कई नये गिरोह मैदान में है -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1157644847687083>;
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(06) सम्पूर्ण रूप से भारतीय नागरिको के स्वामित्व वाली कम्पनियों (WOIC) के लिए कानूनी ड्राफ्ट :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/809743912477180>;
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(05) भारत में स्वदेशी हथियारों के उत्पादन के लिए प्रस्तावित क़ानून ड्राफ्ट :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/809740312477540>;
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(04) विदेशी वस्तुएं सस्ती और बेहतर हैं :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/969303249854578>;
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(03) विदेशी निवेश पर रोक के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/700496286735277>;
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(02) राजीव भाई दीक्षित को पद्म विभूषण से अलंकृत किया जाए।
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/878437582274479>;
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(01) भारत स्वाभिमान ट्रस्ट ने राजीव भाई के लिए पद्म विभूषण का विरोध किया :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/875696962548541>;
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 02 2019 11:52:19 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

कृपया २ मिनिट के ये तीन विडियो देखे । गुजरात पुलिस से पेट्रोलकर्मी ने स्कूटर क़रीब लाने को कहा ताकी वह पेट्रोल आसानी से भर सके । और इसी बात पर पुलिस सब इंस्पेक्टर को दिन दहाड़े पीटना शुरू किया !!!
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यह बात साफ़ है कि कोंग्रेस की तरह ही मोदी साहेब की भी रुचि पुलिस और अदालतों को सुधारने मे बिलकुल नही है । ऐसी हज़ारों घटनाएँ रोज़ होती है , किंतु इत्तेफाक से ये केमरे में क़ैद हो गयी ।
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समाधान - राइट टू रिकाल पुलिस प्रमुख और पुलिस की शिकायतों की सुनवाई जूरी मंडल द्वारा ।
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प्रस्तावित क़ानून ड्राफ़्ट यहाँ देखें - newindia.in/jurysys3

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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 02 2019 18:31:34 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

शिवाजी गार्डन भीलवाड़ा राजस्थान में राइट टू रिकॉल ग्रुप ने राईट टू रिकॉल कानूनों के प्रचार के लिए led में ऐड दिया ।
Cr - Ishwar Choudhary Jury

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Wed Jan 02 2019 18:55:35 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

अमीर ए शहर ग़रीबों को लूट लेता है,
कभी ब हीला ए वतन कभी बनामे मज़हब !!
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ब हीला - बहाने से
ब हीला ए वतन - राष्ट्रवाद नामक अफ़ीम , जिसकी व्याख्या का अधिकार ये अफ़ीम बाँटने वाले के पास ही होता है ।
बनामे मज़हब - धर्म के नाम पर
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Wed Jan 02 2019 19:54:25 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

ऐतिहासिक घटनाएं जिनका भारतीय राजनीति पर प्रभाव रहा तथा कुछ तथ्य जिन्हें पेड मीडिया द्वारा छुपाया गया. इस एल्बम के सभी पोस्ट देखने के लिए फीड व्यू क्लिक करें एवं इंडेक्स पोस्ट देखने के लिए स्क्रोल करें.
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 02 2019 19:55:44 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

इंडेक्स पोस्ट ; एल्बम - ऐतिहासिक घटनाएँ
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(19) आजादी की लड़ाई में हम किस बिंदु पर निर्णायक मार खा गए -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1753724404745788>;
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(18) यदि श्रीमती इंदिरा गांधी जजों को कंट्रोल करने में सफल हो जाती -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1676092282509001>;
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(17) श्रीमती इंदिरा गांधी तकनीकी रूप से तानाशाह नही थी ;
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1676071649177731>;
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(16) 352 सीट जीतने वाली इंदिरा जी भी पेड मिडिया को काबू नहीं कर सकी थी
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1234420273342873>;
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(15) दूसरी बड़ी वजह*, जिसके चलते आजादी आने में विलम्ब हुआ।
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1226128444172056>;
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(14) बाजीराव प्रथम की सफलता का सबसे बड़ा कारण :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/974420572676179>;
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(13) मोदी साहेब : देवी इंदिरा गांधी :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/970829039701999>;
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(12) पटेल ने प्रधानमंत्री बनने से इंकार कर दिया। वजह मशीनों के स्पेयर पार्ट्स पर निर्भरता थी :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/966743726777197>;
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(11) इस आशय की अफवाहे क्यों बनी हुयी है कि, 'भारत आज भी ब्रिटिश शासन के अधीन है' :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/966686993449537>;
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(10) डॉ भीम राव अम्बेडकर 1936 में 6 करोड़ दलितों के साथ सिक्ख धर्म अपनाने को तैयार थे :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/939034229548147>;
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(09) 400 साल पहले विदेशी कंपनी को मुगल जहांगीर ने व्यापार करने की अनुमति दी :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/926653200786250>;
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(08) असहयोग आंदोलन बिजौलियां किसान आंदोलन को तोड़ने के लिए चलाया गया था।
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/868285629956341>;
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(07) हमें बहादुर शाह ज़फर द्वारा किये गए विकास कार्यो के लिए उनका शुक्र गुजार होना चाहिए !!!
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/811035472348024>;
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(06) सर्वपल्ली राधाकृष्णन अंग्रेजो का आदमी था :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/808451482606423>;
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(05) डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने किस तरह जवाहर लाल ग़ाज़ी को धमका कर राष्ट्रपति की कुर्सी हथियायी थी ?
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/808412065943698>;
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(04) आईएमएफ एजेंट राव को भारत रत्न :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/791214864330085>;
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(03) इन्ही राव साहब को मोदी साहेब ने भारत रत्न के सम्मान से नवाजने के लिए चुना है :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/791205374331034>;
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(02) जवाहर लाल गाज़ी और उसके जैसे अन्य नेता भारत को होलसेल में क्यों लूट पाए :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/780968062021432>;
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(01) भारत इस्राएल के खिलाफ वोटिंग से अनुपस्थित :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/778206702297568>;
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 02 2019 20:58:39 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

मीडिया खबरे छुपाने के कारोबार में है , एवं मीडिया को ठीक करने के लिए दूरदर्शन के पुनर्गठन के लिए प्रस्तावित ढांचा.

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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 02 2019 23:00:00 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

क्या भारत में सैन्य विद्रोह द्वारा तख्ता पलट हो सकता है ?
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बिलकुल हो सकता है। पुलिस के अलावा भारत के किसी भी सरकारी या गैर सरकारी संगठन के पास या नागरिको के पास सेना को रोकने के लिए हथियार नहीं है !!
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वास्तविक अर्थो में भारत में सबसे ताकतवर संस्था सेना है। सेना के पास हथियार है , हथियार चलाने का प्रशिक्षण है, आदेशो का पालन करवाने और आदेश देने के लिए पद सोपान प्रक्रिया है और वांछित अनुशासन है। दुसरे नंबर पर सबसे शक्तिशाली संस्था पुलिस है। किन्तु भारत की पुलिस के पास सेना की तुलना में नगण्य हथियार है , अत: यदि सेना टेक ओवर करती है , और पुलिस सेना का विरोध करती है तो पुलिस सेना के सामने कुछ घंटें भी नहीं टिकेगी।
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भारत की सेना जनरल के कंट्रोल में है ,और जनरल पीएम से आदेश लेता है। यदि सेना के कनिष्ठ अधिकारी यह मानने लगते है कि भारत का प्रधानमन्त्री भ्रष्ट या निकम्मा है और देश को गड्ढे में धकेल रहा है , या फिर उन्हें यह लगने लगता है कि पीएम को हटा दिया जाना चाहिए , और यदि ऐसे में जनरल अपने कुछ वरिष्ठ अधिकारियो के साथ मिलकर तख्ता पलट की योजना बनाता है तो जनरल भारत में तख्ता पलट करने में सफल हो सकता है। या मान लो कि जनरल का मूड बन जाता है और यदि जनरल अपने अधीनस्थ अधिकारियो के साथ तख्ता पलट की कोशिश करता है तो उसे रोकने वाला कोई नहीं है है !!
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ऐसी स्थिति में सेना को सिर्फ भारत के नागरिक ही रोक सकते है, किन्तु भारत के नागरिक हथियार विहीन है , अत: यदि भारत की सेना विद्रोह कर देती है , तो भारत के नागरिको को फौजी शासन स्वीकार करना होगा। यदि नागरिक सेना के खिलाफ छुट पुट प्रदर्शन करते है तो सेना फायरिंग खोल कर उन्हें आसानी से दबा सकती है। 100-200 नागरिको के गोलियां लगने के बाद नागरिक समझ लेंगे कि प्रदर्शन करने से कोई फायदा नहीं है। और तब सेना खुद को राष्ट्रवादी और प्रदर्शनकारियों को राष्ट्र विरोधी बता कर मामला रफा दफा कर सकता है।
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भारत में निरंतर चुनाव होने , जनता का लोकतंत्र में विश्वास होने और सैनिको का सरकार पर भरोसा होने के कारण अब तक कभी तख्ता पलट नहीं हुआ है। क्योंकि जनरल को यह संदेह रहता है कि तख्ता पलट में कनिष्ठ अधिकारी एवं सैनिक जनरल का साथ देंगे या नही। किन्तु यदि कोई विदेशी ताकत जैसे अमेरिका आदि भारत में तख्ता पलट करवाना चाहते है तो वे कुछ ही महीनो में गृह युद्ध छिडवाकर , बड़े पैमाने पर आतंकवादी हमले करवाकर , असुरक्षा का भाव उत्पन्न करके एवं राजनैतिक विकल्प हीनता दर्शा कर ऐसे हालात पैदा कर सकते है कि जनरल आसानी से तख्ता पलट कर सकेगा।
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जिस देश में राजनेता बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मालिको के नियंत्रण से बाहर होने लगते है और वे नेताओं को काबू नहीं कर पाते तो ऐसे हालात में विदेशी ताकतें ( विशेष तौर पर अमेरिका ) देश को कंट्रोल में लेने के लिए सेना का इस्तेमाल करती है। भारत में फिलहाल ऐसा कोई खतरा मौजूद नहीं है क्योंकि भारत की सभी राजनैतिक पार्टियों के सभी नेता पूरी तरह से बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के हाथो बिके हुए है अत: उन्हें अपना एजेंडा भारत में लागू करने के लिए सेना की जरूरत नहीं है।
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हालांकि भारत में दो बार ऐसे हालात बने थे जब सेना द्वारा तख्ता पलट की कमजोर सम्भावना होने के संकेत मिलते है।
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1) जब श्रीमती इंदिरा गांधी ने बड़े पैमाने पर हथियारों का उत्पादन शुरू किया , बैंको का राष्ट्रीयकरण कर दिया , पाकिस्तान के दो टुकड़े किये और अमेरिका के आगे झुकने से इनकार कर दिया तो अमेरिका ने पहले उन्हें भ्रष्ट जजों ( इलाहाबाद का हाई कोर्ट जज जगमोहन लाल सिन्हा ) के माध्यम से गिराने की कोशिश की। जब इंदिरा जी ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट पर ताले लगवा दिए तो उन्होंने इंदिरा जी का तख्ता पलटने के लिए सेना को एप्रोच करना शुरू किया था। तब जेपी ने दो बार सार्वजनिक रूप से ऐसी अपील की थी कि यदि इंदिरा गांधी सेना को कोई गलत आदेश देती है तो सेना को उसका पालन करने से मना कर देना चाहिए। और जब पानी सर से ऊपर निकल गया तो इंदिरा जी ने आपातकाल लगाकर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया था।
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2) जब देश मनमोहन सिंह से उकताया हुआ था तब , 2012 में जनरल वी के सिंह के कार्यकाल के दौरान हिसार में तैनात "33 आर्म्ड रेजिमेंट" एवं आगरा की "50 पैरा ब्रिगेड" ने दिल्ली की और कूच किया था। इंडियन एक्सप्रेस ने इसे रिपोर्ट किया था. घटना उस दिन से एक दिन पहले की है जब वी के सिंह को अपने जन्म प्रमाण पत्र से सम्बन्धित मामले में सुप्रीम कोर्ट में पेश होना था। सरकार को, रक्षा मंत्रालय को और गृह मंत्री को इस मोबिलाईजेशन की कोई जानकारी नहीं थी। लगभग 18 घंटे तक सरकार असमंजस में बनी रही। प्रोटोकोल के अनुसार बिना रक्षा मंत्री की अनुमति के सेना की कोई भी टुकड़ी दिल्ली की और नहीं बढ़ सकती। बाद में सेना ने स्पष्टीकरण दिया कि यह एक रूटीन एवं औचक प्रोसीजर था। सरकार ने यह बात मानी कि उन्हें नोटिफाईड नहीं किया गया था , किन्तु सरकार ने किसी भी प्रकार के कू ( coup ) की सम्भावना को सिरे से नकारा। लिंक - Army moved two units towards Delhi : <https://goo.gl/rszddU>;
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लोकतंत्र की जननी हथियारबंद नागरिक समाज है। जिस देश के नागरिको की शक्ति उस देश की सेना से अधिक बढ़ जाती है , वहां किसी भी स्थिति में लोकतंत्र का निलम्बन नहीं किया जा सकता। भारत के नागरिक हथियार विहीन है , और यदि सेना विद्रोह कर देती है तो नागरिको के पास उन्हें रोकने के लिए चाकू और नेल क़टर ही है। ब्रिटिश ने सिर्फ 1 लाख बन्दुक धारियों के माध्यम से भारत के 40 करोड़ नागरिको को 200 सालो तक अपने कंट्रोल में रखा। भारत में 17 लाख की सेना है और सभी हथियारों से लेस है। तो मुकाबले की बात तो भूल ही जाइए। अत: भारत में यदि सेना तख्ता पलट नहीं कर रही है , तो यह केवल चांस की बात है। यदि सेना तख्ता पलट कर देती है तो हम नागरिक "लोकतंत्र वापिस लाओ" के नारे लगाने के सिवा कुछ नहीं कर सकते।
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क्या अमेरिका में सेना द्वारा तख्ता पलट किया जा सकता है ?
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अमेरिका में 40 करोड़ की आबादी है , और उसमे से 36 करोड़ के पास बंदूके है !!! मतलब अमेरिका के नागरिको की शक्ति वहां से सेना से भी ज्यादा है। यदि अमेरिका की सेना तख्ता पलट करने का प्रयास करती है तो वह टेक ओवर नहीं कर पाएगी , क्योंकि वहां के नागरिक अगले 24 घंटो में सेना को कंट्रोल करके फिर से लोकतंत्र की स्थापना कर देंगे। इसके अलावा अमेरिका के नागरिको के पास जूरी सिस्टम के रूप में अपनी खुद की न्याय प्रणाली भी है, अत: वे जजों और अदालतों के भरोसे नहीं बैठे है।
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यदि भारत को हर हाल में हमेशा के लिए लोकतंत्र जिन्दा रखना है तो "हथियारबंद नागरिक समाज" की रचना के सिवाय कोई मार्ग नहीं है। क्योंकि खतरा सिर्फ खुद की सेना से ही नहीं है। यदि हमारा युद्ध चीन से हो जाता है और अमेरिका हमें हथियार देने से मना कर देता है तो चीन की सेना हमारे शहरो में घुस आएगी और तब भारत में तख्ता पलट चीन की सेना द्वारा होगा। ऐसी स्थिति में फिर से हमें सिर्फ *हथियारबंद नागरिक समाज* ही बचा सकता है। ब्रिटिश हमें इसीलिए टेक ओवर कर पाए थे क्योंकि भारतीयो के आम नागरिको के पास हथियार नहीं थे। कुल मिलाकर "हथियारबंद नागरिक समाज" की रचना करना ही एक मात्र रास्ता है जिससे देश की आजादी एवं लोकतंत्र को हमेशा के लिए अक्षुणन रखा जा सकता है। अन्य कोई उपाय नहीं।
भारत में हथियार बंद नागरिक समाज की रचना के प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट यहाँ देखें -<https://www.facebook.com/ProposedLawsHindi/posts/549842378527294>;
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#WeaponizationOfCommons , #Coup , #IndianArmyCoup
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Pawan Jury BhilwaraRj

Fri Jan 04 2019 10:15:35 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

क्या आपने कभी सुना है कि भारत के स्कूल में कोई बच्चा शिक्षक को गोली मार देता है ?
( भारत में हथियार बंद नागरिक समाज की स्थापना को लेकर ऐतराज़ )
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मेरा स्पष्टिकरण :
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(1) क्या आपने कभी सुना कि अमेरिका में 1 कसाब घुस आया और उसने 166 अमेरिकियों को गोली से उड़ा दिया ?
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(2) क्या आपने कभी सुना कि अमेरिका में दाऊद जैसे कम क़द्दो कामत वाले आदमी ने 50-100 बंदूक़ धारी बेरोज़गार युवाओं की टीम बनायी और पूरी मुम्बई की 1 करोड़ आबादी को गन पोईंट पर नचाने लगे ?
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(3) क्या आपने अमेरिका में नक्सल वाद के नाम पर ऐसा संगठित गिरोह पनपते देखा है जो हथियारों के दम पर समानांतर सत्ता चलाता है ?
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(4) क्या आपने अमेरिका में कभी सुना है कि उनके शहरियों को रातों रात अपना माल असबाब छोड़कर कश्मीरी पंडितो की तरह भागना पड़ता है ?
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(5) क्या आपने सुना है कि अमेरिका में 1 महीने के भीतर 20 लाख नागरिकों=हिंदुओ ( 1947 riots ) के गले काट दिए जाते है ?
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(6) क्या आपने सुना है कि अमेरिका में कोई हथियारबंद समूह 5 साल तक ख़ालिस्तान जैसी अलगाववादी मूवमेंट चलाने में कामयाब हो जाता हैं ?
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हथियार बंद समाज के कारण मामूली तौर पर “असंगठित स्ट्रीट क्राइम” के २% मामले बढ़ते है लेकिन हथियार होने की वजह से असंगठित स्ट्रीट क्राइम जैसे बलात्कार, लूट , डकैती , अपहरण , धमकी आदी मामलों में ५०% की गिरावट भी आ जाती है । इस तरह हर नागरिक के पास बंदूक़ होने पर २% क्राइम बढ़ते है जबकि ५०% क्राइम घटते है । अमेरिका दुनिया के अन्य देशों के नागरिकों को हथियार विहीन रखना चाहता है , अतः सिर्फ़ उन २% घटनाओं को मीडिया में भारी कवरेज दिया जाता है जिससे दुनिया भर में यह संदेश जाए कि हथियार रखना अपराध बढ़ाता है !!!
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और जहाँ तक संगठित अपराध की बात है हथियार बंद नागरिक समाज में संगठित अपराध पनपने की सम्भावना घटकर शून्य हो जाती है । किंतु मीडिया इसे रिपोर्ट नही करता । और इस तथ्य को पूरी तरह से ग़ायब कर दिया जाता है कि , युद्ध होने पर या बाहरी आक्रमण में सिर्फ़ हथियार बंद समाज ही सरवाइव कर पाता है.
तो हथियार बंद नागरिक समाज पूरी तरह से निरापद नही है लेकिन तुलनात्मक रूप से यह कंट्री को टोटल लोस से बचाता है ।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Mon Jan 07 2019 19:36:52 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

कोई भी प्रश्न करने पर संघ के कार्यकर्ता व्यक्ति पर शाखा में आने का दबाव क्यों बनाने लगते है ?
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आपने देखा होगा कि संघ के कार्यकर्ताओ की यह कॉमन प्रेक्टिस है कि जब भी उनसे किसी राजनैतिक , धार्मिक विषय पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा जाए और उनके पास कोई स्पष्ट या संतोषजनक जवाब न हो तो वे हमेशा यह कहते नजर आते है कि -- आप शाखा में आइये !!
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इस पोस्ट में बताया गया है कि वे ऐसा क्यों कहते है।
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यदि कोई व्यक्ति यह बात जानता है कि वह ऐसी जानकारी देने वाला है जिसमे

1) विश्वसनीयता नहीं है , या / और
2) स्पष्टता नहीं है , या / और
3) जो तर्क पूर्ण नहीं है ,

तो इस प्रकार की भ्रमित करने वाली जानकारी देने वाला व्यक्ति सार्वजनिक मंच पर सूचना नहीं देगा बल्कि व्यक्ति को खोबचे में ले जाकर सूचना देगा।
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यदि सूचना देना वाला व्यक्ति विभिन्न व्यक्तियों को एक ही प्रश्न के अलग अलग उत्तर और स्पष्टीकरण देना चाहता है तब भी वह खोबचे का इस्तेमाल करेगा , सार्वजनिक रूप से सूचना नहीं देगा।
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यदि सूचना देने वाला व्यक्ति जानता है कि उसके द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण झूठा है और ज्यादातर लोग इस पर भरोसा नहीं करेंगे तब भी सूचना देने वाला व्यक्ति सार्वजनिक मंच से बचेगा और आदमी को खोबचे में ले जाकर कन्विंस करने के कोशिश करेगा।
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दरअसल यह पूरा मामला कॉमन नोलेज न बनने देने का है। कॉमन नोलेज क्या है और यह कैसे काम करती है ?
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जब कोई सूचना इस तरह से दी जाती है कि सभी को यह सूचना एक साथ दी जाए और सूचना इस तरह से दी जाए कि सभी को यह भी मालूम हो जाए कि सभी को ठीक यही सूचना दी गयी है तो इस प्रकार दी गयी सूचना के बारे में कहा जा सकता है कि अमुक सूचना कॉमन नोलेज में आ गयी है। यह थोडा जटिल है, अत: इसे निचे दिए गए उदाहरण से समझिये।
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पहली स्थिती वह है --- जब संवाद ऐसे खोबचे में किया जाता है जहाँ सूचनाएं सिर्फ चयनित लोगो को ही दी जाती है , और चयनित व्यक्ति को ही भाग लेने का अवसर मिलता है। प्रत्यके व्यक्ति को इसमें भागीदारी का मौका नहीं मिलता। जैसे शाखा , या कोई बंद प्रकार की गुप्त मीटिंग , दो लोगो के बीच की टेलीफोन वार्ता आदि।
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दूसरी स्थिति वह है जब --- संवाद ऐसे मंच से किया जाता है जो सार्वजनिक है , और कोई भी व्यक्ति आकर सवाल जवाब पढ़ सकता है और खुद इसमें भाग भी ले सकता है। उदाहरण - फेसबुक , ट्विटर ( whatsapp इसमें शामिल नहीं है। क्योंकि whatsapp कॉमन नोलेज नहीं बनाता , सूचना को बाधित करने या चयनात्मक करने के लिए इसमें काफी विकल्प एवं रिस्ट्रिक्शन होते है।)
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फेसबुक पर पुछा गया प्रश्न - संघ राम मंदिर निर्माण क्यों नहीं करवा रहा है ?
संघी - आप शाखा में आइये।

अब जब आप शाखा में जायेंगे तो आपके सामने 10-12 संघ के कार्यकर्ता होंगे जिनका उद्देश्य आपको इस मुद्दे पर कन्विंस करना है कि संघ राम मंदिर निर्माण क्यों नहीं करवा रहा है, और वे सभी अलग अलग पैंतरे का इस्तेमाल करेंगे। चूंकि उनके पास इसका कोई सटीक जवाब नहीं है , अत: वे पहले इस बात को तौलेंगे कि किस तरह का जवाब आपको दिया जाना चाहिए कि आप चित हो जाए। उनके पास इस प्रश्न के लगभग दर्जन भर जवाब है , और वे व्यक्ति की मनोस्थिति , शिक्षा , विवेक , रुचि और भावनाओं का आकलन करके ऐसा जवाब पेश करेंगे जो प्रश्नकर्ता को सूट हो जाए। इस तरह सभी शाखाओं में आपको अलग अलग संघी से एक ही प्रश्न का अलग अलग जवाब सुनने को मिलेगा !!

शाखा में जाने के बाद -

शाखा में जाने के बाद किया गया प्रश्न : संघ राम मंदिर निर्माण क्यों नहीं करवा रहा है ?

संघीयों द्वारा जवाब :

01) राज्यसभा में बहुमत नहीं है।
02) मामला कोर्ट में है
03) कोंग्रेस इसमें अडंगा लगा रही है
04) देश में दंगे हो जायेंगे। ओवेसी और मुस्लिम देश जाम कर देंगे। क्या तुम चाहते हो कि मोदी साहेब के कार्यकाल में दंगे हो जाए !!
05) हिन्दू ही इसका विरोध कर रहे है। हिन्दुओ में एकता नहीं है , इसीलिए नहीं बन रहा।
06) संविधान में संशोधन करना पड़ेगा। इसके लिए बहुमत नहीं है।
07) अभी विकास जरुरी है। मंदिर बनने से मोदी साहेब के सेकुलर वोट कट जायेंगे। क्या तुम चाहते हो मोदी साहेब के वोट कट जाए !!
08) संघ तो बोल रहा है कि अध्यादेश लाओ। पर मोदी साहेब बोल रहे है अभी रुको !!
09) बीजेपी के ही कुछ सांसद इसका विरोध कर रहे है। तो बिल गिर जाएगा। क्या तुम चाहते हो कि मोदी सरकार गिर जाये !!
10) अरुण जेटली , सुषमा स्वराज , गडकरी और आडवाणी की लोबी के सांसद मंदिर का अध्यादेश नही लाने दे रहे।
11) मंदिर की गुप्त तैयारी चल रही है। पत्थरों की कटवाई हो गयी है। गुम्बज का डिजाइन भी बन गया है। जल्दी ही बन जाएगा।
12) मोदी साहेब ने सुप्रीम कोर्ट जज से बात कर ली है। कोर्ट से ही बनवा देंगे। सरकार को कूदने की जरूरत न है।
13) एक मंदिर के चक्कर में क्या तुम राहुल गांधी को वोट दोगे !!

यदि संघीयों द्वारा यह जवाब फेसबुक पर दिया गया तो कोई न कोई व्यक्ति आकर यह बात बोल देगा कि मंदिर बनाने के लिए राज्यसभा में बहुमत की जरूरत ही नहीं है !!! और संघी सबके सामने एक्सपोज हो जाएगा। या कोई न कोई आकर बोल देगा कि कोर्ट से ही मंदिर बनाना था तो पहले तुमने मंदिर बनाने की सोगने क्यों खायी। कोर्ट को सोगंध खाने देते और उन्हें ही वोट लेने देते। अब हेंड टू हेंड तो वह स्टेंड बदल नहीं सकता !! इसीलिए वह यह जवाब खोबचे में देना पसंद करेगा। क्योंकि वह जानता है कि उसका जवाब भ्रमित करने वाला है और तर्क पूर्ण नहीं है !! तो वह शाखा में बुलाने के बाद यह देखते है कि प्रश्नकर्ता को मुद्दे की कितनी जानकारी है और किस जवाब से इसे बुत्ता दिया जा सकता है। और मान लीजिये कि संघी प्रश्नकर्ता को चरका न भी दे पाते है तो कम से कम वे सबके सामने एक्सपोज होने से तो बच ही जायेंगे। यदि प्रश्नकर्ता ने सार्वजनिक मंच पर संघी को एक्सपोज कर दिया तो वे अपनी फ्रेंड लिस्ट में सबके सामने एक्सपोज हो जायेंगे। इसीलिए वे हमेशा आपको खोबचे में यानी शाखा में बुलाकर जवाब देना पसंद करते है।
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एक सामान्य सिद्धांत यह है कि सार्वजनिक मामलों पर रुख सार्वजनिक रूप से ही व्यक्त किया जाना चाहिए। संघ के कार्यकर्ता मंदिर पर वोट इकट्ठे करने के लिए तो समस्त हिन्दुओ का इस्तेमाल करते है , किन्तु जब इस मुद्दे पर प्रश्न पुछा जाता है तो कहते है कि शाखा में आना , अकेले में बताएँगे !!
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संघी इसी तरीके का इस्तेमाल सभी मुद्दों जैसे बांग्लादेशी घुसपेठियो को खदेड़ना , टू चाइल्ड लॉ लाना , आरक्षण आदि पर करते है। इनमे से किसी भी मुद्दे पर आप उनसे प्रश्न करिए , वे कहेंगे कि शाखा में आइये। फिर सभी शाखाओं में अलग अलग व्यक्तियों को वे अलग अलग जवाब देते है , और इस बात का कभी भी पता नहीं चलता कि उन्होंने किस व्यक्ति को क्या जवाब दिया है।
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मेरी जानकारी में कॉमन नोलेज राजनैतिक , सामाजिक और धार्मिक रूप से सबसे महत्त्वपूर्ण सिद्धांत है। यदि किसी समाज में ऐसी प्रक्रियाएं होगी जिससे नागरिको के बीच कोमन नोलेज बढती है तो वहां गद्दारों , षड्यंत्रकारियो , झूठो , दगाबाजो , चापलूसों और बेईमानो की संख्या घटती चली जाती है। यदि कोमन नोलेज में कमी आती है तो षड्यंत्रकारी लोग विभिन्न व्यक्तियों को लम्बे समय तक भ्रमित करने में कामयाब हो जाते है।
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राईट टू रिकॉल , जूरी सिस्टम एवं जनमत संग्रह की प्रक्रियाएं प्रशासन में सिर्फ इसीलिए सुधार लाती है क्योंकि ये सभी क़ानून नागरिको की कॉमन नोलेज बढाते है। यदि किसी समाज या देश में ऐसी कोई प्रक्रिया लागू है जो जूरी सिस्टम एवं राईट टू रिकॉल से भी ज्यादा तेजी और प्रभावशाली तरीके से कॉमन नोलेज बनाती है तो वह देश उस देश से भी ज्यादा मजबूत हो जाएगा जिस देश में राईट टू रिकॉल , जूरी सिस्टम लागू है। किन्तु अब तक ऐसी कोई प्रक्रिया प्रक्रिया ज्ञात नहीं है जो राईट टू रिकॉल , जूरी सिस्टम से भी अधिक तेजी से कॉमन नोलेज बढ़ाती हो।
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कॉमन नोलेज के बारे में अन्य विवरण के लिए इस एल्बम को फोलो करें और इस एल्बम के अन्य पोस्ट देखें।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Mon Jan 07 2019 19:39:52 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

आरक्षण पर पोस्ट्स की सूची ; एल्बम - आरक्षण एवं दलितों की सहमती से इसका समाधान
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(26) दलितों की सहमति से आरक्षण के समाधान के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/760514727400099>;
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(25) पिछड़ों में भी अति पिछड़ों के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/761243917327180>;
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(24) गैर-हिन्दू धर्मावलम्बियों के आरक्षण लाभो पर रोक के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/761792913938947>;
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(23) मेडिकल कोलिजो में धनिको को दिए जाने वाला आरक्षण जाति आरक्षण से ज्यादा खतरनाक है।
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/781352748649630>;
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(22) सभी आरक्षित वर्गो में 15-20% जातियों का स्तर उठ रहा है :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/790294857755419>;
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(21) यह झूठ है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 50% से अधिक आरक्षण नही दिया जा सकता :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/803542589763979>;
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(20) SC, ST को दिए जा रहे आरक्षण में संपन्न तबके को आरक्षण से वंचित किये जाने का कोई प्रावधान नहीं है :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/803606886424216>;
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(19) पटेलों को आरक्षण दिए जाने के मुद्दे पर खामोश बने रहने वाले राजनेता और कार्यकर्ता धूर्त है :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/803798009738437>;
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(18) जो लोग आरक्षण का विरोध कर रहे है वे भी उतने ही बेईमान है जितने की वे, जो कि आरक्षण मांग रहे है :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/804513956333509>;
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(17) सिर्फ कुछ ही दिनों में बहुराष्ट्रीय कम्पनियो ने आरक्षण के मुद्दे पर एक नए हीरो को खड़ा कर दिया है :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/804756622975909>;
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(16) बहुत से मोदी भक्तो का खुद से ही यह मानना है कि मोदी साहेब आरक्षण ख़त्म कर देंगे :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/804775279640710>;
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(15) उप जातियों को दिए जा रहे आरक्षण लाभो पर रोक लगाने के लिए प्रस्तावित ड्राफ्ट :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/805624222889149>;
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(14) आरक्षण पर मेरा रूख :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/805644249553813>;
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(13) वन रेंक वन पेंशन मुद्दा आरक्षण की तरह संक्रामक हो सकता है !!!
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/809098739208364>;
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(12) आरक्षण पर मोहन भागवत के इन विरोधाभासी बयानों को पढ़िए :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/818163008301937>;
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(11) आरक्षण के मुद्दे पर खामोश बने रहने वाले राजनेता मक्कार है :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/888728761245361>;
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(10) आरक्षण और कन्या भ्रूण हत्या -- क्या इन दोनों का आपस में कोई सरोकार है ?
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/892879334163637>;
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(09) बीजेपी ने भी हरियाणा जाटो को आरक्षण देने का वादा किया था :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/892894157495488>;
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(08) हरियाणा में जाट और गैर जाट समुदायों में हिंसक संघर्ष सामने आया है :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/892880894163481>;
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(08) जाट आंदोलन में 20 लोगो की जान गयी है। इन हत्याओ का दोषी कौन है :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/893190104132560>;
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(07) एससी एसटी एक्ट : समस्या का समाधान करने की जगह वोट बैंक निर्माण -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1583106571807573>;
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(06) मोदी साहेब ने देश के सामने यह झूठ बोला कि वे पिछड़ी जाति के है -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1585559921562238>;
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(05) आरक्षण पर अमित शाह एवं भागवत का ड्रामा -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1586075181510712>;
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(04) Sc / St एक्ट के मुकदमो का निपटान नागरिको की जूरी द्वारा किया जाए -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1735075089944053>;
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(03) अमित शाह आरक्षण विडिओ -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1750355525082676>;
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(02) पहली बार जातीय जनगणना --
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1778822485569313>;
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(01) आरक्षण पर "बोल" -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1161598643958370>;
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Pawan Jury BhilwaraRj

Tue Jan 08 2019 17:11:29 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण ; तकनीकी रूप से इसमें से सामान्य वर्ग के हिन्दुओ को सिर्फ 3.5% आरक्षण मिलेगा !! और पेड मीडिया यह रिपोर्ट नहीं कर रहा है कि शेष आरक्षण किसे जा रहा है !!!
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2011 के सेंसस के अनुसार देश में 83% हिन्दू , 14.5% मुस्लिम और 2.5% ईसाई है। ( 83% में जैन , बौद्ध , और सिक्ख भी शामिल है )
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83% हिन्दुओ में से 51% ओ बी सी , 15% एस सी और 8% एस टी है।
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51+15+8 = 74% को पहले ही आरक्षण दिया जा चुका है, अत: इन्हें इसमें कोटा नहीं मिलेगा।
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तो 26% ( 100% - 74% = 26% ) आबादी आर्थिक आधार पर दिए गए इस आरक्षण के दायरे में आएगी।
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जिस 26% आबादी को 10% आरक्षण मिलेगा उसमे से 14.5 % आबादी यानी कि 55% आबादी मुस्लिम है, और 2.5% यानी 10% आबादी इसाई है !!
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8 लाख से कम आय वाला और 5 बीघा से कम कृषि भूमि धारण करने वाला व्यक्ति ही इस आरक्षण का पात्र होगा। सामान्य वर्ग में से भी एक बड़े वर्ग के पास ( ब्राह्मण , ठाकुर और महाजन ) भूमि होने और समृद्ध होने के कारण उनमे से ज्यादतर इस दायरे से बाहर रहेंगे जबकि मुस्लिम समुदाय का ज्यादातर वर्ग भूमि हीन और निम्न वर्गीय होने के कारण उनमे से ज्यादातर इस दायरे में आ जायेंगे !!
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मुस्लिम समुदाय को मुख्य धारा में लाने के लिए सरकार को उनकी शिक्षा का अच्छा प्रबंधन करना चाहिए , तकनिकी योग्यता बढाने वाली शिक्षा को सुलभ बनाना चाहिए और इस तरह के क़ानून छापने चाहिए जिससे सभी को निजी क्षेत्र में कारोबार करने के बराबर अवसर मिले। किसी तबके को उठाने के लिए सरकारी नौकरियों की रेवड़ी बांटने से किसी भी वर्ग का सर्वांगीण विकास नहीं किया जा सकता।
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बहरहाल न तो मैं आर्थिक आधार पर दिए गए इस आरक्षण का समर्थन करता हूँ न ही विरोध करता हूँ। मेरी तरफ से देश की सभी जातियों को उनके आबादी के अनुपात में 100% आरक्षण भी दे दिया जाये तो भी मुझे कोई ऐतराज नहीं है। मोदी साहेब ने 50% की सीमा तोड़ कर ऐतिहासिक कदम उठाया है और अब यह गाडी वैसे भी रुकने वाली नहीं है। कुछ ही सालो में ये लोग आरक्षण का दायरा 100% तक पहुंचा देंगे। चाहे पीएम मोदी साहेब बने या राहुल या केजरीवाल !! और अभी तो जातीय जनगणना के आंकड़े आने बाकी है। ये आंकड़े सामने आते ही पैन्डोरा बॉक्स खुल जाएगा।

बेरोजगारी की समस्या हल करने के लिए हमें ऐसे क़ानून चाहिए जिससे स्थानीय निर्माण इकाइयों में इजाफा हो और स्वरोजगार बढे। वेल्थ टेक्स , एम आर सी एम , राईट टू रिकॉल एवं जूरी सिस्टम को लागू करके भारत में बड़े पैमाने पर नौकरिया पैदा की जा सकती है। किन्तु सरकार इन कानूनों को छापने के लिए राजी नहीं है। इसकी जगह उनके पास जीएसटी , नोट बंदी और विदेशी निवेश है जिसके कारण बड़े पैमाने पर नौकरिया ख़त्म हो रही है। तो अब वे बैल को दुहने की कोशिश कर रहे है। पूरे देश की बेरोजगारी ख़त्म करने के लिए उनके पास सबसे अच्छा तरीका यही नजर आता है कि आरक्षण को बढाया जाए। ये बात अलग है कि लगातार सरकारी क्षेत्र की सेवाओं का निजिकारण किया जा रहा है , अत: सरकार के पास नौकरिया तो बची ही नहीं है। सिर्फ आरक्षण ही बचा है। यह कुहनी के गुड चिपकाने वाली बात है।
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आरक्षण की समस्या को कम करने के लिए मैंने राईट टू रिकॉल , जूरी सिस्टम , नारको टेस्ट इन पब्लिक समेत कई क़ानून प्रस्तावित किये है। इन कानूनों के आने से सरकारी विभागों से भ्रष्टाचार लगभग गायब हो जायेगा और सरकारी कर्मचारियों के वेतन में भी लगभग 60% से 75% की कटौती हो जायेगी। मतलब तब काम भी करना पड़ेगा और पैसे भी उसी हिसाब से मिलेंगे। इससे आरक्षण के लिए सडको पर उतरने वालो संख्या अपने आप ही कम हो जायेगी।
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राईट टू रिकॉल , जूरी सिस्टम के अलावा दलितों एवं अन्य सभी वर्गों की सहमती से आरक्षण की समस्या को कम करने के लिए मेरे द्वारा प्रस्तावित कानूनों के ड्राफ्ट देखने के लिए यह सूची देखें - <https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1954286854689541>;
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 09 2019 17:46:30 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

राजीव भाई दीक्षित की हत्या की जांच की मांग करने वाले फर्जी राजीव वादियों की पहचान :
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राजीव भाई का फर्जी समर्थक - ये राजिव भाई के मुकदमे की सुनवाई भ्रष्ट जजों से करवाना चाहते है , ताकि आरोपियों का नारको टेस्ट न लिया जा सके। क्योंकि ये लोग अंदरखाने नहीं चाहते कि राजीव भाई की हत्या के आरोपियों के नाम सामने आये और उन्हें सजा हो। तो ये लोग राजीव भाई की हत्या के आरोपियों की ज्यूरी ट्रायल एवं उनके सार्वजनिक नारको टेस्ट का हमेशा विरोध करते है !! विरोध करने का इनका तरीका यह है कि ये लोग जूरी सिस्टम एवं नारको टेस्ट पर हमेशा खामोश रहते है, और जब आप उनसे जूरी ट्रायल और सार्वजनिक नारको टेस्ट के क़ानून ड्राफ्ट्स पर रुख स्पष्ट करने के लिए कहेंगे तो ये कोई जवाब नहीं देंगे , और यदि आप जवाब पाने के लिए इन्हें कुरेदना शुरू करेंगे तो आपको "राजीव भाई अमर रहे" का नारा तीन बार सुनायेंगे और उल्टे आपको राजिव भाई का फर्जी समर्थक कहने लगेंगे !! दरअसल जिस तरह बीजेपी राम मंदिर मुद्दे को उठा कर वोट इकट्ठे करती है लेकिन कभी नहीं चाहती कि राम मंदिर बने, क्योंकि मंदिर बनने से मंदिर बनवाने का हवाला देकर वोट इकट्ठे करने का अवसर हाथ से निकल जायेगा उसी तरह से ये लोग राजीव भाई के हत्यारों को पकड़ने का मुद्दा उठाकर सभी राजीव भाई के समर्थको को इकट्ठा करके अपने संगठन को बड़ा करना चाहते है।
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अपने इस दोहरे चरित्र को कवर करने के लिए ये लोग अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर राजीव भाई का फोटो चिपका लेते है , अपने नाम के आगे पीछे राजीव भाई का नाम जोड़ लेते है , हर तीसरे वाक्य में "राजीव भाई अमर रहे" का नारा लगाते है , किन्तु अपनी जब आप इनकी फेसबुक प्रोफाइल चेक करेंगे तो आपको वहां उस क़ानून के ड्राफ्ट का ड भी नहीं मिलेगा जिसके गेजेट में आने राजीव भाई के हत्यारों का जूरी ट्रायल हो और उनका सार्वजनिक नार्को टेस्ट हो !!
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राजीव भाई का सच्चा समर्थक : राजीव भाई का सच्चा समर्थक आपसे कहेगा कि -

1) छत्तीसगढ़ राज्य की मतदाता सूचियों में से रेंडमली 500 नागरिको की ज्यूरी का गठन किया जाए, तथा इस ज्यूरी को संदिग्ध व्यक्तियों का नार्को टेस्ट लेने का अधिकार हो। और
2) इस मामले की तहकीकात के लिए राईट टू रिकॉल जांच अधिकारी की नियुक्ति की जाए।
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चूंकि मामला 8 वर्ष पुराना है, अतः भौतिक सबूतों को प्राप्त करने की संभावनाएं लगभग शून्य है। सबूत बरामद करने के लिए यह निहायत ही जरुरी है कि संदिग्धों का जूरी द्वारा सार्वजनिक नार्को टेस्ट लिया जाए। और सबसे महत्त्वपूर्ण पहचान यह कि राजीव भाई का सच्चा समर्थक आपको जूरी सिस्टम एवं सार्वजनिक नार्को टेस्ट का ड्राफ्ट भी देगा।
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"एकतावादी" कार्यकर्ता सबसे अधिक अलगाव वादी होता है , क्योंकि उसकी मंशा लोगो को एक करने की नहीं बल्कि "खुद के निचे" एक करने की होती है। तो राजीव भाई के समर्थको से मेरा आग्रह है कि वे उन लोगो के झांसे में न आए जो राजीव भाई की फोटो और नाम अपनी प्रोफाइल पर चिपका कर और उनके नाम पर नारे लगा रहे है , लेकिन उन कानूनों का विरोध कर रहे है जिनसे राजीव भाई के हत्यारों की पहचान करके उन्हें दंड दिया जा सकता है।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 09 2019 18:30:47 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

इंडेक्स पोस्ट ; एल्बम -- मंदिरों की सरकारी नियंत्रण से मुक्ति
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47) मोदी साहेब "राष्ट्रीय सनातन देवालय प्रबंधक ट्रस्ट" क़ानून के विरोध में क्यों है -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1636104183174478>;
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46) देव नगरी बनारस में सैंकड़ो साल पुराने सैंकड़ो मंदिर "विकास" की चपेट में आ गए है -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1607102016074695>;
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45) आज से नरेश अग्रवाल भी हिंदूवादी हो गए है -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1562967820488115>;
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44) डेविड फड़नवीस मंदिरों की जमीने बेचने का मंसूबा बना रहे है -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1502173399900891>;
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43) जल्दी ही कांग्रेस एवं सपा जैसी सेकुलर पार्टियां एंटी-मुस्लिम हो जायेगी।
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1492262717558626>;
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42) इस्राएल के खिलाफ वोटिंग पर AUDF प्रमुख ने सुषमा स्वराज को ट्वीट किया -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1492253337559564>;
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41) राष्ट्रीय हिन्दू देवालय प्रबंधक ट्रस्ट ( NHDMT ) का अपडेटेड संस्करण :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1428070950644470>;
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40) मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने 3 एंटी हिन्दू ट्वीट किये थे, जिन्हें अब डिलीट कर दिया हैं !
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1412266368891595>;
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39) मेरे एनकाउंटर की साजिश की जा रही है - तोगड़िया
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1511904415594456>;
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38) मोदी साहेब की अल्लाउद्दीन खिलजी को आदरांजली -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1342130432571856>;
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37) केंद्र ने राम मंदिर की सुनवाई को समर्थन देने से इंकार कर दिया है !!
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1290539901064243>;
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36) तो 1952 तक अयोध्या में राम मंदिर का आम सहमती से निर्माण हो चुका होता
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1241096249341942>;
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35) संघ ने राम मंदिर मुद्दे का अपने निजी स्वार्थ के लिए राजनैतिक करण किया -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1240785959372971>;
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34) सिक्ख धर्म के कारण पंजाब में हिन्दू इस्लामिक आतंक से भयग्रस्त नहीं है -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1220671318051102>;
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33) करणी माता मंदिर में अगबत्ती, चुनरी, ध्वजा, श्रृंगार सामग्री, नारियल आदि चढाने पर रोक :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1150972098354358>;
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32) गुजरात सरकार 244 से ज़्यादा मंदिरो को क़ब्ज़े में ले चुकी है :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1140063316111903>;
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31) मंदिरो को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करके हिन्दू श्रद्धालुओ की नियंत्रण में दिया जाना चाहिए :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1082011041917131>;
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30) कौन हिंदूवादी है और कौन फर्जी हिंदूवादी ?
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1081655908619311>;
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29) कोंग्रेस इस बात पर अड़ी हुई है कि, मंदिरो की संपत्ति सरकार का नियंत्रण होना चाहिए :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1080631738721728>;
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28) जयपुर स्टेशन पर "पहले शौचालय फिर देवालय" के पोस्टर :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/1059160827535486>;
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27) मोदी साहेब और प्रवीण भाई तोगडिया अंदर से मिले हुए है :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1006583666126536>;
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26) डॉ भीम राव अम्बेडकर 1936 में 6 करोड़ दलितों के साथ सिक्ख धर्म अपनाने को तैयार थे :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/939034229548147>;
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25) मोदी साहेब विश्व तिरुपति से 7.5 टन स्वर्ण भण्डार खींचने की तैयारी कर रहे है :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/936649136453323>;
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24) गोल्ड मोडेटाइजेशन स्किम के तहत डेढ़ टन सोना और सरकार के नियंत्रण में जा चुका है :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/935919856526251>;
.
23) कैसे सोमनाथ मंदिर को गजनी से बचाया जा सकता था :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/934909246627312>;
.
22) कैसे बीजेपी के नेताओ ने भू माता ब्रिगेड को अप्रत्यक्ष सहयोग किया :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/933377850113785>;
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21) भारत माता की जय :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/928129303971973>;
.
20) राम नवमी पर :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/926663964118507>;
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19) हिन्दू राष्ट्र की स्थापना को लेकर दो अवधारणाएं है। आपको कौनसी चाहिए ?
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/867579503360287>;
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18) बीजेपी के कूदने से राम मंदिर आंदोलन को नुकसान हुआ -- सिंघल
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/842503495867888>;
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17) हिन्दू धर्म का आदर्श और दर्शन उत्क्रुष्ट है, किन्तु प्रशासकीय व्यवस्था में खोट है :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/834866519964919>;
.
16) भारतीय संप्रदाय देवालय प्रबंधक ट्रस्ट' के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/834846793300225>;
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15) क्यों सिक्ख धर्म लगातार संघर्ष करने में सफल रहा :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/832400963544808>;
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14) हिन्दु धर्म में व्याप्त अवैज्ञानिक परम्पराओ का त्याग कर दिया जाना चाहिए -- मोहन भागवत
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/813805038737734>;
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13) किसी भी धर्म के खंडन के लिए विज्ञान सबसे वैज्ञानिक अस्त्र है :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/813563442095227>;
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12) मोहन भागवत द्वारा 'हिन्दू धर्म में व्याप्त अवैज्ञानिक परम्पराओ को त्यागने की सलाह :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/813369475447957>;
.
11) टेम्पल रन !!!
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/808144932637078>;
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10) यह एक भ्रामक धारणा है कि मूर्तिपूजा और बहु-ईश्वर वादी व्यवस्थाएं समाज को कमजोर बना देती है :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/782162165235355>;
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09) अयोध्या में राम मंदिर बन चुका है - शूटर और मंत्री राज्य्वर्धन :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/757230961061809>;
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08) मंदिरो का सोना लूटने के लिए गोल्ड मॉडिटाईजेशन स्कीम :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/754627671322138>;
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07) बीजेपी की राम मंदिर नीति :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/732504336867805>;
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06) तामझाम भारी, धर्मान्तरण जारी :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/668929913225248>;
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05) हिंदूवादी……बहुत ही हिन्दूवादी !!
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/667365566715016>;
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04) धर्म और सभ्यताओ के टकराव का वास्तविक कारण :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/765830543535184>;
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03) राम अब भी वनवास पर :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/641059006012339>;
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02) मंदिरो से सोने की लूट और आरएसएस का आरक्षण पर R टर्न :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/621011301350443>;
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01) सिक्ख धर्म को कमजोर करने का षड्यंत्र :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/590908691027371>;
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 09 2019 21:55:22 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

पिछले 200 सालों में किसी भी देश ने अपनी नौ सेना की ताक़त इतनी तेज़ गति से नही बढ़ायी है जिस गति से चीन बढ़ा रहा है । सिर्फ़ पिछले 5 सालों में ही चीन ने 80 युद्ध पोत जोड़ लिए है — एडमिरल सुनील लाम्बा , भारतीय नौ सेना
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अमेरिका भारत को जल्दी ही अपनी फ़ौजें यहाँ उतारने के लिए बाध्य कर देगा । और फिर अमेरिकी फ़ौजें यहाँ से कभी नही जाएगी । चीन से युद्ध ख़त्म होने के बाद भी नही !!!
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यह ऐसा मुद्दा है जिस पर देश की कोई भी राजनैतिक पार्टी और नेता बात तक नही करना चाहता । सबकी एक ही लाइन है - भारत की सेना और रक्षा व्यवस्था अमेरिका हवाले कर दो , हम आरक्षण, मंदिर , मस्जिद, गाय , गोबर , जाति , धर्म की राजनीति में मशगूल है । उनके पास इसका एक ही जवाब होता है — भारत माता की जय और वन्दे मातरम !!!
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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Jan 10 2019 09:23:36 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

बाबा रामदेव जी पर लिखे गए पोस्ट्स की सूची -
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(07) अब बाबा रामदेव भी मंदिरों के खिलाफ हो गए है।
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/924074437710793>;
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(06) पतंजलि और वालमार्ट के बीच समझौता :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/875704519214452>;
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(05) स्वामी रामदेव की पुत्र जीवक बूटी विवादों में :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/763652007086371>;
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(04) रामदेव जी की आत्मकथा में झूठे एवं मनगढंत प्रसंग -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1546292002155697>;
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(03) स्वामी रामदेव पर बने वृतचित्र से उपजे विवाद का समाधान ;
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1542379052546992>;
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(02) पतंजलि के मामले में एफडीआई संभवत भारत को नुकसान नहीं पहुंचाएगा।
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1506874169430814>;
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(01) बाबा रामदेव - इन्हे भी नॉबेल चाहिए !! शनि देव का मजाक बनाने पर -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1387163494735216>;
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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Jan 10 2019 18:45:48 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

बूजने* है तो हमको मिले हमारा जंगल
आदमी है तो मदारी से छुड़ाया जाए !! ( बूजने - बंदर )
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राम मंदिर का केस अदालत में 1949 में दर्ज हुआ था। पहले अदालत ने 40 साल तक इस मुद्दे को लटकाये रखा। बाद में 1990 में संघियो ने आकर कहा कि -- "अदालत कौन होती है आस्था के मामले में दखल देने वाली, हम क़ानून लाकर मंदिर बना देंगे।" तो उन्होंने इस मुद्दे पर हिन्दुओ को इकट्ठा किया उनसे वोट लिए , तीन बार सरकार बनायी और अब 2019 में यानि 40 साल बाद उनका कहना है कि मामला अदालत में है। हम क़ानून बनाकर कैसे मंदिर बना सकते है !!
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(1) 1990 में संघ ने मंदिर बनाने के लिए हिन्दुओ को इकट्ठा किया और विवादित ढांचा गिरा दिया ( तब मामला कोर्ट में था )
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(2) 1998 , संघ ने मंदिर निर्माण की सौगंध खायी और वाजपेयी ने सरकार बनायी। वाजपेयी ने कहा कि गठबंधन सरकार है और लोकसभा में बहुमत नहीं है। अत: मंदिर नहीं बनेगा। ( तब भी मामला कोर्ट में था )
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(3) 2004 से 2014 तक संघ कहता रहा कि कांग्रेस मंदिर न बनाने दे रही है। हमारी सरकार बने तो मंदिर बने ( तब भी मामला कोर्ट में था )
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(4) 2014 में मोदी साहेब ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनायी और 3 साल बाद संघ के नेता अमित शाह ने कहा कि राज्यसभा में बहुमत नहीं है। ( तब भी मामला कोर्ट में था )
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(5)) 2018, चुनावों के 4 महीने पहले संघ के शीर्ष नेता मोहन भागवत ने संघ के नेता मोदी साहेब कहा से कहा कि अध्यादेश ले आओ ( ( तब भी मामला कोर्ट में था )
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(6) और चुनाव से ३ महीने पहले संघ के नेता और देश के प्रधानमंत्री ने इंटरव्यू में देश के करोडो नागरिको को एक ऐसी बात बतायी जो संघियो को छोड़कर पूरे देश को पता थी !!

उन्होंने बताया कि - मामला कोर्ट में है !!!
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संघ के कार्यकर्ताओ को यह बात पता नहीं थी, क्योंकि मोदी साहेब ने उन्हें यह बात अब जाकर बतायी है। अब तक तो उन्हें यही बताया गया था कि बीजेपी सरकार बनने से मंदिर बन जाएगा।
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इसीलिए मैं संघ के कार्यकर्ताओ के बारे में कहता हूँ कि वे राम मंदिर का निर्माण कभी नहीं चाहते। क्योंकि राम मंदिर का निर्माण होने से उनके हाथ से यह मुद्दा निकल जाएगा , और तब वे मंदिर के नाम पर हिन्दुओ को संगठित करके उनके वोट इकट्ठे नहीं कर पाएंगे।
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संघ के कार्यकर्ताओ को अपने संगठन से प्यार है , मुद्दे से नहीं। और इस मुद्दे से उन्हें प्यार इसीलिए है क्योंकि यह मुद्दा उन्हें अपने संगठन को बड़ा करने का अवसर देता है। मंदिर बनने से यह मुद्दा उनके हाथ से निकल जाएगा और उन्हें घाटा होगा। सभी संगठनों के साथ ऐसा ही होता है। वे खुद के संगठन को बड़ा एवं संगठित बनाये रखने के लिए मुद्दों की अवहेलना करनी शुरू करते है , और धीरे धीरे मुद्दा सिर्फ नारो और बयानों में रह जाता है।
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मैं इसीलिए संगठन में नहीं मानता और एकता का आव्हान करने वाले कार्यकर्ताओ को विभाजनकारी की तरह देखता हूँ. क्योंकि उनका लक्ष्य मुद्दों को उठाकर लोगो को "खुद के निचे" एक करना होता है, ताकि संगठन खड़ा किया जा सके. मैं इसीलिए सिर्फ उस क़ानून ड्राफ्ट में मानता हूँ जिसके गेजेट में आने से अमुक मुद्दा हल होगा.
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संघ के कार्यकर्ताओ को कम से कम अब तो यह बात समझ लेनी चाहिए कि पिछले 40 साल से हिन्दुओ को जगाकर उन्हें "एक" और संगठित करके तीन बार सरकार बनाने से सिर्फ सरकार बनती है , मंदिर नहीं बनता। मंदिर बनाने के लिए सिर्फ ३ पेज का क़ानून चाहिए होता है। और इन तीन पेज के गैजेट में छपने से राम जन्म भूमि पर राम मंदिर का निर्माण हो जाएगा। इसी तरह हिन्दुओ को संगठित और एक करने से या जगाने से न तो बांग्लादेशी घुसपैठिये भागने वाले है , न ही टू चाइल्ड लॉ आने वाला है और न ही भारत में इस्लाम / मिशनरीज के बढ़ते हुए नाजायज गलत प्रभाव में कमी आने वाली है।
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राईट टू रिकॉल उच्चतम न्यायालय मुख्य न्यायाधीश के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट :
<https://www.facebook.com/ProposedLawsHindi/posts/859860420858820>;
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राम मंदिर निर्माण के लिए "राष्ट्रीय हिन्दू देवालय प्रबंधक ट्रस्ट" का प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट :
<https://www.facebook.com/ProposedLawsHindi/posts/838551942989668>;
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sat Jan 12 2019 17:01:20 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

कैसे सोनिया-मोदी-केजरीवाल द्वारा 10 वीं कक्षा के गणित के पेपर को सरल बनाने के बाद गणित-विज्ञान का स्तर और भी कमजोर हो जायेगा ? और सोनिया-मोदी-केजरीवाल ऐसा इसीलिए कर रहे हैं क्योंकि वे विदेशीयो के एजेंट है !!
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मान लीजिए कि कक्षा 5 में 1 करोड़ छात्र है।
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मान लीजिए कि इन 1 करोड़ छात्रों से कहा जाता है --- अगर तुमने अभी से गणित में अच्छी मेहनत करके गणित का आधार मजबूत नहीं बनाया तो तुम दसवीं कक्षा पास नहीं कर पाओगे और इस वजह से तुम कोलेज में जाने से भी वंचित हो जाओगे। इससे सभी 1 करोड़ छात्र गणित में कठिन अध्ययन करना शुरू करेंगे। और मान लीजिए कि दसवीं कक्षा में 20 लाख छात्र फेल हो जाते है।
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अब दूसरा परिदृश्य लेते है - मान लीजिए इन 1 करोड़ छात्रों को यह बात अच्छी तरह से समझायी जाती है कि "अगर तुम गणित समझ नहीं पा रहे हो तो भी कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। क्योंकि दसवीं कक्षा में आपको दो प्रकार के पेपर दिए जायेंगे। एक पेपर सरल होगा , और एक कठिन। अत: आप सरल पेपर देकर 10 वीं क्लास पास कर सकते है। लेकिन यदि आपको आगे चलकर कोलेज में भी गणित पढनी है तो ही आप अभी गणित में मेहनत करो , ताकि आप गणित के कठिन पेपर को पास कर सको। इसका नतीजा यह होगा कि अब "केवल 50% छात्र ही गणित में अपने आप को खपायेंगे, और गणित न समझने के बावजूद ये सभी छात्र सरल पेपर का चुनाव करके 10 वीं कक्षा को पास कर जायेंगे" !!
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दुसरे शब्दों में, यदि छात्रों को गणित पढने से बचने के लिए आसान पेपर चुनने का विकल्प दे दिया जाता है तो भारत के समस्त छात्रों में एक साथ तेजी से गणित का स्तर गिरना शुरू होगा !!
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भारत में बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का नियंत्रण बढ़ता जा रहा है , और सोनिया-मोदी-केजरीवाल चुनाव जीतने और अपनी राजनीति को जिन्दा रखने के लिए पूरी तरह से बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मालिको पर निर्भर है। और जहाँ जहाँ बहुराष्ट्रीय कम्पनियां जाती है वहां पर वे गणित-विज्ञान का स्तर तोडती है। तो इस तरह सोनिया-मोदी-केजरीवाल के रूप में हमारे पास ऐसे नेता है जो भारत में गणित-विज्ञान का स्तर निरंतर तोड़ रहे है। और इसीलिए ये सभी नेता भारत में राईट टू रिकॉल शिक्षा अधिकारी का क़ानून लाने का विरोध करते है। क्योंकि शिक्षा अधिकारी पर राईट टू रिकॉल आने के बाद वे बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मालिक सोनिया-मोदी-केजरीवाल जैसे बिकाऊ नेताओं के माध्यम से भारत में गणित-विज्ञान का स्तर तोड़ने में सक्षम नहीं रह जायेंगे।

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Pawan Jury BhilwaraRj

Sat Jan 12 2019 20:52:54 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

यदि आप राजीव भाई की हत्या के आरोपियों का ज्यूरी ट्रायल एवं सार्वजनिक नार्को टेस्ट का समर्थन करते है तो इस अर्जी का समर्थन करें - <https://newindia.in/RajivDixitJuryTrial>;
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पीएम को भेजी गयी पिटीशन -- "प्रधानमंत्री महोदय, आजादी बचाओ आंदोलन के प्रणेता राष्ट्रबंधु श्री राजीव जी दीक्षित की रहस्य्मयी परिस्थितियों में हत्या 30 नवम्बर 2010, को भिलाई, छत्तीसगढ़ में कर दी गयी थी। आपसे निवेदन है कि इस प्रकरण का ट्रायल जूरी मंडल द्वारा किये जाने के आदेश जारी करें। छत्तीसगढ़ राज्य की मतदाता सूचियों में से रेंडमली 500 नागरिको की ज्यूरी का गठन किया जाए, तथा इस ज्यूरी को संदिग्ध व्यक्तियों का नार्को टेस्ट लेने का अधिकार हो।"
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#JuryTrialOnRajivBhaiMurder ,
#NarcoTestInPublicOnRajivbhaiMurder , #राजीव_भाई_के_हत्यारो_का_जूरी_द्वारा_नार्को_टेस्ट_किया_जाये ,
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कृपया प्रधानमंत्री को यह ट्वीट भी करे -- "Dear Pm, @pmoindia , please print mentioned law draft in gezette : <https://newindia.in/causes/RajivDixitJuryTrial>; , #JuryTrialOnRajivBhaiMurder , #NarcoTestInPublicOnRajivbhaiMurder , #राजीव_भाई_के_हत्यारो_का_जूरी_द्वारा_नार्को_टेस्ट_किया_जाये ,
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sat Jan 12 2019 23:13:06 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

मोदी साहेब द्वारा लिए गए फैसले के बाद , अब जिन छात्रो को 10 वीं क्लास की गणित समझ नहीं आ रही है उन्हें इसे समझने के लिए मेहनत करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, वे बिना गणित समझे ही गणित की परीक्षा में पास हो सकेंगे !! गणित विषय को समझने से छात्रों में तर्क शक्ति का विकास होता है। छात्रों को पढ़े लिखे खच्चर बनाने के लिए उठाया गया एक और कदम।
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भारत में गणित-विज्ञान का स्तर तोडना बहुराष्ट्रीय कम्पनियो का एजेंडा है , और मीडिया पूरी तरह से बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के नियन्त्रण में होने के कारण वे इस फैसले को "शिक्षा सुधार" के रूप में प्रकाशित करते है !!! छात्रों का तनाव खत्म करने के लिए जल्दी ही वे गणित विषय को पाठ्यक्रम से ही हटा दिये जाने का प्रस्ताव ले आएंगे । ताकि छात्रों के पास इतिहास , समाज शास्त्र और लोक प्रशासन की कितावे भकोसने के अलावा कोई विकल्प न रहे !! नेताओ को अपने भाषण सुनाने के लिए भी ऐसे ही श्रोता चाहिए।
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<http://epaper.patrika.com/c/35737171>;
<https://epaper.bhaskar.com/detail/244281/01120346180119/0/12012019/158/image/>;
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Jan 13 2019 18:48:13 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

अयोध्या में राम जन्म भूमि के बारे में कोंग्रेस द्वारा 1993 में प्रस्तुत अध्यादेश का प्रारूप सामने आया है। कोंग्रेस ने संसद ने यह अध्यादेश पास कराने की कोशिश की थी किन्तु संघ के सांसदों के विरोध के कारण अध्यादेश पास नहीं हो सका था। प्रस्ताव यह था कि - 3 एकड़ विवादित भूमि के आलावा आस पास की 60 एकड़ भूमि को भी अधिगृहित किया जाएगा और इस भूमि पर राम मंदिर, मस्जिद, पुस्तकालय एवं म्यूजीयम बनाया जायेगा.

कोंग्रेस के प्रस्ताव के विवरण यहाँ देखें -- <https://goo.gl/XUdUkM>;
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हमारा प्रस्ताव है कि पीएम "राष्ट्रीय हिन्दू देवालय प्रबंधन ट्रस्ट" नाम से एक ट्रस्ट की स्थापना करेंगे और जनमत संग्रह करवाने के बाद इस भूमि का अधिग्रहण करके भूखंड ट्रस्ट को सौंप देंगे। ट्रस्ट के अध्यक्ष को चुनने एवं नौकरी से निकालने का अधिकार "हिन्दू नागरिको" के पास होगा। इस तरह ट्रस्ट के पास इस भूखंड का स्वामित्व आ जाएगा और तब ट्रस्ट इस पर मंदिर का निर्माण करेगा। हमारे प्रस्ताव में मस्जिद शामिल नहीं है.

हमारा प्रस्ताव - "राष्ट्रीय हिन्दू देवालय प्रबंधक ट्रस्ट" का प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट :
<https://www.facebook.com/ProposedLawsHindi/posts/838551942989668>;
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और संघ का प्रस्ताव क्या है ?

जीरो !! शून्य !! अंडा !! प्रस्ताव की रूपरेखा की जगह उनके पास भाषण है , नारे है , रैलियां है , रथ यात्राएं है और खाने के लिए सौगंधे है !!! संघ के कार्यकर्ताओ को अपना प्रस्ताव सामने रखना चाहिए कि वे वहां कितनी भूमि पर चर्च बनाना चाहते है और मंदिर के लिए हिन्दुओ को कितनी जगह मिलेगी। यदि वे प्रारूप सामने रखे तो बेहतर होगा , वर्ना बाद में वे कहेंगे कि हमने मंदिर बनाने का वादा किया था लेकिन यह वादा तो नहीं किया था न कि वहां पर चर्च नहीं होगा !! और चर्च मंदिर से बड़ा न होगा। राजनीति में सबसे चतुर रणनीति खामोश रहना है। कोंग्रेस के प्रस्ताव में मंदिर और मस्जिद है किन्तु चर्च नहीं है। लेकिन संघ के प्रस्ताव में क्या है , यह किसी को पता नहीं है।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Jan 13 2019 21:00:37 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

पीएम को मेरा ट्विट -- राजीव भाई दीक्षित की हत्या के संदिग्ध आरोपियो का जूरी द्वारा सार्वजनिक नार्को टेस्ट लिए जाने के आदेश जारी करें

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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Jan 13 2019 21:29:51 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

विदेशी कम्पनियों पर रोक लगाने और राजीव भाई की हत्या के संदिग्ध आरोपियों के जूरी द्वारा सार्वजनिक नार्को टेस्ट की मांग को मैंने प्रधानमंत्री की वेबसाईट newindia पर समर्थन दिया.

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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Jan 13 2019 22:36:08 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

सरकार जल्द ही 8 वी क्लास तक फेल न करने की नीति में बदलाव करने वाली है। 10 साल में पूरी नस्ल को तबाह करने के बाद उन्हें यह नजर आया है कि 8 तक फेल न करने की नीति के कारण बच्चे के गणित का स्तर एकदम बर्बाद हो गया है।
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"15 लाख बच्चो पर किये गए सर्वे के बाद यह पाया गया कि 10 वीं क्लास में बच्चे गणित में कक्षा 3 के बच्चो से भी बदतर प्रदर्शन कर रहे है !!"

<https://timesofindia.indiatimes.com/home/education/exams-in-classes-v-viii-to-return-as-no-detention-policy-fails-national-test/articleshow/64346885.cms>;
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लेकिन कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। मोदी साहेब ने इस क़ानून को रद्द करने से पहले ही एक ऐसा क़ानून एडवांस में छाप दिया है जिससे गणित में छात्रों का स्तर बर्बाद होना जारी रहेगा !! मोदी साहेब ने जो क़ानून छापा है उसके अनुसार अब 10 वी क्लास के बच्चे यदि गणित नहीं समझ पा रहे है तो उन्हें टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। अब उनके पास सरल प्रश्न पत्र लेने का विकल्प भी होगा। तो आपको अब गणित में खुद को खपाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आप सरल प्रश्न पात्र हल करके पास हो सकते है !!

पेड मीडिया के अनुसार इससे बच्चों पर पड़ रहा अतिरिक्त दबाव कम होगा , और वे डांस, संगीत, वाद्य यंत्र , क्रिकेट , खेलकूद , अभिनय , कला आदि महत्त्व्पूर्ण गतिविधियों में खुद को इन्वेस्ट कर सकेंगे। और फिर भी उन्हें पढ़ने की लत हो तो समाज शास्त्र , इतिहास एवं लोक प्रशासन की कहानियां पढ़ सकते है।
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पेड मीडिया और बॉलीवुडिया भाँडो को बच्चो पर पड़ रहे दबाव की बेहद चिंता रहती है, और वे हर समय इस फ़िक्र में रहते है कि बच्चो पर पड़ रहे पढाई के तनाव को कैसे कम किया जाए। और उनका मानना है कि शिक्षा का सारा तनाव गणित और विज्ञान की वजह से है।
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आमिर खान इस मामले में विशेषज्ञ है। "तारे जमीन पर" देखकर प्रत्येक अभिभावक को यह लगने लगता है कि यदि उसके बच्चे को किताबें समझ नहीं आ रही है तो बच्चे को चाहे फिल्म वाली दुर्लभ बीमारी भले ही न हो , तब भी उन्हें मासूम बच्चे पर पढ़ने का दबाव नहीं बनाना चाहिए। बच्चे को वो करने दिए जाए जो वो करना चाहता है !! हो सकता है बच्चे में महान पेंटर या कलाकार बनने का गुण छिपा हो !!
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फिर थ्री इडियट में इससे और आग बढ़ते है और "थ्री इडियट" में एक आई आई टीयन को के गले में कैमरा लटका देते है , और उसे बोलते है की गणित समझ नहीं आ रही तो कोई दिक्कत नहीं है , तुम इसमें खुद को खपाने की जगह जंगल में जाकर तस्वीरें उतारो !!
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फिर उन्होंने सोचा कि सिर्फ फोटोग्राफरो और पेंटरो से पूरा नहीं पड़ेगा , कुछ छात्रों को खेलकूद में भी धकेलना चाहिए। अब वे "दंगल" ले आये। तो महिलाओ को सशक्त करने का उन्होंने तरीका निकाला कि उन्हें पहलवान बनाया जाए। जितनी ज्यादा छात्राएं खेलकूद में भाग लेगी उतना ज्यादा महिला सशक्ति करण होगा !! और मेडल जीतने के लिए यदि आप ड्रग नहीं जुटा सको तो कम से कम मांस तो खाना शुरू कर ही देना चाहिए !! और सबसे सस्ता और सबसे ज्यादा प्रोटीन किस मांस में होता है यह जानकारी समय समय पर बीजेपी के सांसद उदित राज अपने ट्वीट द्वारा देते रहते है। और उदित राज के अनुसार यह मांस है - बीफ !! बाकी का काम टीवी पर होने वाली बच्चो की बारामासी डांस एवं गायन प्रतियोगिताओ ने संभाल रखा है। अपनी तरफ से इसमें थोड़ा बहुत योगदान कौन बनेगा करोड़पति भी दे देता है।
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अब 2030 में फिर एक सर्वे किया जाएगा जिसमे यह बात निकल कर सामने आएगी कि 10 वीं में सरल प्रश्न पत्र का विकल्प देने से तो 90% बच्चो ने सरल प्रश्न पत्रों को ही चुना और इस वजह से देश में करोड़ो डिग्री धारी खच्चरो का उत्पादन हो गया है। और फिर वे सुधार के नाम पर फिर नया क़ानून लाएंगे जो भारत में गणित-विज्ञान के स्तर को और भी बदतर बनाएगा।
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इनका इलाज सिर्फ राईट टू रिकॉल , जूरी सिस्टम कानूनों द्वारा ही किया जा सकता है। अन्य कोई विकल्प नहीं। राइट टू रिकॉल , जूरी सिस्टम कानूनों के बिना सोनिया-मोदी-केजरीवाल जैसे लिजलिजे नेताओ के माध्यम से बहुराष्ट्रीय कम्पनियो के मालिक हमारे गणित-विज्ञान के स्तर को इसी तरह से तोड़ते रहेंगे।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 16 2019 16:51:06 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

इंडेक्स पोस्ट ; एल्बम -- "जजों का भ्रष्टाचार एवं प्रस्तावित समाधान जूरी सिस्टम"
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(56) जूरी सिस्टम की कुंजी -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1798665483585013>;
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(55) जूरी मंडल में अनपढ़ लोग क्या फैसला ले पाएंगे ?
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1183949631723271>;
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(54) न्याय में देर है अंधेर नहीं है -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1722864784498417>;
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(53) Sc / St एक्ट के मुकदमो का निपटान नागरिको की जूरी द्वारा किया जाए -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1735075089944053>;
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(50) चिंटू - मास्टर जी, शशिकला को जेल पहुँचने में 25 साल क्यों लगते है -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1192549507529950>;
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(49) अमेरिका की अदालते भारत की तुलना में ज्यादा तेजी से काम करती है -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1616921388426091>;
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(48) भारत की अदालतों की हालत पाकिस्तान जैसी हो चुकी है - राहुल गेंधी -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1626786247439605>;
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(47) क्या सोनिया गाँधी को आज तक किसी अदालत ने भ्रष्टाचार के आरोप में सजा दी है -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1627013194083577>;
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(46) कैलिफोर्नियाँ के नागरिको ने एरोन पर्सकी नामक जज को नौकरी से बाहर कर दिया है -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1646980578753505>;
.
(45) भारत के जज भ्रष्ट एवं निकम्मे ही नहीं है , बहुधा "नाकाबिल" भी होते है -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1603348713116692>;
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(44) सुप्रीम कोर्ट के भ्रष्ट जज दीपक मिश्रा पर महाभियोग का ड्रामा -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1603287916456105>;
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(43) हिन्दू संत मिशनरीज के काम में बाधक होने के कारण जज उन्हें जेल भेज रहे है -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1607114032740160>;
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(42) इसी इंदु मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट के भ्रष्ट जजों ने सुप्रीम कोर्ट का न्यायधीश नियुक्त किया है -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1607695839348646>;
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(41) जस्टिस यू. यू. ललित चिंकारा के शिकार के मामले में सलमान के वकील थे -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1590478581070372>;
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(40) रोज हजारो लोग पीड़ित होते है , जज घूस खाकर इन मामलो को दफन कर देते है -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1602880019830228>;
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(39) सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग - नॉमिनी वारिस नहीं होगा :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1603268776458019>;
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(39) एक मछली ( जज ) पूरे तालाब को गन्दा कर देती है -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1603428286442068>;
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(38) आपत्ति : जज राजनेताओ से ज्यादा भ्रष्ट किस तरह से है ?
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1504342239684007>;
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(37) अंदाजा लगाइये कि, पद्मावती पर रोक के फैसले को किस जज ने रद्द किया -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1509850479133183>;
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(36) पूरा पैसा देने बावजूद भ्रष्ट जजों ने सलमान खान को बरी क्यों नहीं किया है ?
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1588668977917999>;
.
(35) उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश के लिए राईट टू रिकॉल प्रक्रिया -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1457508431034055>;
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(34) उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायधीश पर राईट टू रिकॉल प्रक्रिया
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1457479521036946>;
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(33) सुप्रीम कोर्ट ने भस्म आरती के दौरान शिवलिंग को पूरी तरह ढक देने के आदेश दिए है :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1428563213928577>;
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(32) श्री श्री रविशंकर की संस्था द्वारा निर्मित तीन मंजिला इमारत को गिराने के आदेश
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1429970450454520>;
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(31) मेरी मान्यता है कि 80% से ज्यादा जज पूरी तरह से भ्रष्ट है :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1454616177989947>;
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(30) हाईकोर्ट ने गोधरा के आरोपियों की सजा कम की :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1412525508865681>;
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(29) क्या सुप्रीम कोर्ट के कहने से आप रोहिंग्यो को देश में रखने के लिए राजी है ?
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1418288841622681>;
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(28) मेरे राजनैतिक विश्वास ( जजों के बारे में ) :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1421069548011277>;
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(27) मैग्नाकार्टा ( जूरी सिस्टम ) ने अंग्रेजो को अपने मुल्क के प्रति वफादार बना दिया ( वीडियो ) :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1427591554025743>;
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(26) सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में आतिशबाजी बेचने पर बेन लगाया है -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1411492738968958>;
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(25) सुप्रीम कोर्ट के भ्रष्ट जज ; झूठो ने झूठो से कहा है - "सच बोलो" -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1503316313119933>;
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(24) आतिशबाजी पर प्रतिबंध का फैसला मोदी साहेब और कोर्ट ने मिली भगत से लिया है :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1413656892085876>;
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(23) रोहिंग्यो को देश से बाहर करने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1417295771721988>;
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(22) सुप्रीम कोर्ट की धारा 498A पर गाइड लाइन -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1359542207497345>;
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(21) सबसे जानलेवा भ्रस्टाचार :भारत के जज -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1372991566152409>;
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(20) मुख्य वजह - जिसने श्री गुरु राम रहीम को जेल में पहुंचाया -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1372920752826157>;
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(19) जूरी सिस्टम के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट का "अपडेटेड वर्जन" -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1393197910798441>;
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(18) सिक्ख और यूरोपीय ज्यूरी सिस्टम और राईट टू रिकाल के कारण टिके रहे :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/832403273544577>;
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(17) हाईकोर्ट जज ने घूस खाकर सलमान को रिहा किया :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/849623908489180>;
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(16) चीन में जज अपने पदों से त्याग पत्र क्यों दे रहे है ?
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/950429578408612>;
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(15) कलकत्ता हाईकोर्ट ब्रिटिश साम्राज्ञी के शासनाधिकार में आती है न कि भारत के राष्ट्रपति के :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/966601266791443>;
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(14) भारत में ज्यूरी प्रथा को नानावटी मामले के कारण समाप्त नही किया गया था :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1004988889619347>;
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(13) राइट-टू-रिकॉल जिला प्रधान जज के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/826540930797478>;
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(12) सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि देश में जजो की नियुक्ति 'सिर्फ' हम ही करेंगे :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/826542850797286>;
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(11) कॉल्जियम पर जजो की जीत हुई और मोदी साहेब पिटे हुए नजर आ रहे है :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/827153857402852>;
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(10) याकूब की फांसी का फैसला नागरिको की ज्यूरी द्वारा किया जाना चाहिए :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/788864097898495>;
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(09) ज्यूरी सिस्टम के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/809746209143617>;
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(08) क़ानून बनाने की जगह जज यह जानकारी फैला रहे है कि प्रदुषण बढ़ता जा रहा है :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/822128974572007>;
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(07) सुप्रीम कोर्ट के मुख्य जज ने फैसला दिया है कि डांस बार फिर से खुलने चाहिए :
<https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/826337400817831>;
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(06) जूरी प्रथा पर संक्षिप्त जानकारी :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/660865154031724>;
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(05) पाकिस्तान और भारत की अदालते एक जैसी ही है :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/671853469599559>;
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(04) सुस्त अदालतों पर चिंटू और मास्टर जी की वार्ता
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/782253835226188>;
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(03) क्यों संविधान की व्याख्या का अधिकार नागरिको की ज्यूरी के पास होना चाहिए :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/785217308263174>;
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(02) न्यायपालिका का तोताकरण :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/602830269835213>;
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(01) कैलिफोर्नियाँ के नागरिको ने एरोन पर्सकी नामक भ्रष्ट जज को लात मार कर नौकरी से बाहर कर दिया है।<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1646980578753505>;
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 16 2019 19:09:32 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

वकील दो तरह के होते है :

1) एक वो जो पान के गल्ले पर भयंकर बहस करते है , सबूत दिखाते है , जबरदस्त दलीले देते लेकिन जज के सामने जाने पर कोने में चुपचाप खड़े हो जाते है।
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2) इस श्रेणी के वकील अपने तर्क अदालत में भी रखते है।

बाद में जब श्रेणी 1 के वकील केस हार जाते है तो उसी पान के गल्ले पर जाकर कहते है कि या तो जज बेवकूफ है या भ्रष्ट है और उसके साथ अन्याय किया गया है , आदि आदि !!
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छात्र भी दो तरीके के होते है :

1) ये घर पर तो खूब कोपियाँ भरते है , लेकिन परीक्षा कक्ष में उत्तर पुस्तिका सामने आने पर उसे घूरते रहते है , और उसे सफाचट छोड़ आते है।
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2) इस श्रेणी के छात्र घर पर कोपियाँ भरने के साथ साथ साथ उत्तर पुस्तिका में भी अपने उत्तर लिखकर आते है।

बाद में जब श्रेणी 1 के छात्र फेल हो जाते है तो पोपाट मचाते है कि मैंने साल भर बहुत मेहनत की है , मुझे सभी प्रश्नों के उत्तर पता थे लेकिन परीक्षक उल्लू था और मेरे साथ चीटिंग हुयी है।
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रोगी भी दो तरह के होते है :

1) जब इन्हें निमोनिया हो जाता है तो अपने सभी रिश्तेदारों और पडौसियो को तो बताते है , किन्तु इस बात का विशेष ध्यान रखते है कि इनके निमोनिया की भनक डॉक्टर न लगे। क्योंकि डॉक्टर की दवाई खाने से निमोनिया के ठीक होने का खतरा बढ़ जाएगा !!
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2) इस श्रेणी के रोगी अपने मर्ज के बारे में परिचितों के अलावा डॉक्टर को भी दिखाते है।

कार्यकर्ता भी दो तरीके के होते है :
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1) ये फेसबुक , व्हाट्स एप आदि पर 24*7 पूरा हल्ला मचाते है और पीएम को उलाहना देने के लिए दिन में दर्जन भर पोस्ट लिखते है कि पी एम यह नहीं कर रहा , वो नहीं कर रहा आदि आदि। लेकिन ये पीएम को कभी नहीं बताते कि उनकी मांग क्या है !! इनका मानना है कि पीएम को 24 घंटे उनकी फेसबुक आई डी पर निगाह रखनी चाहिए कि वे क्या मांग कर रहे है !! या फिर इनकी मान्यता होती है कि प्रधानमंत्री एक जिन्न है और उन्हें सब के मन की बात खुद से ही मालूम हो जाती है।
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2) ये कार्यकर्ता अपनी मांग फेसबुक , व्हाट्स एप लिखने के अलावा पीएम के सम्मुख भी रखते है।

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कहने का मतलब यह है कि यदि आप सरकार से कोई मांग कर रहे है तो कम से कम इसे सरकार के सामने तो रखना ही चाहिए। सरकार के सामने अपनी मांग रखे बिना पूरे भारत में इसके ढोल बजाने का कोई औचित्य नहीं है। अपनी मांग "सीधे" प्रधानमंत्री के सम्मुख रखने के दो तरीके है - a) ऑफ़ लाइन , b) ऑन लाइन। ऑनलाइन तरीको में @pmoindia पर ट्विट करना और पीएम की वेबसाईट newindia पर वोट करना आदि शामिल है। ऑफ़लाइन तरीको में सबसे प्रभावी और सस्ता तरीका है कि प्रधानमंत्री कार्यालय पर पोस्टकार्ड भेजा जाए।
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1) पी एम को पोस्टकार्ड क्यों भेजना चाहिए ?

क्योंकि पोस्टकार्ड भेजना देश के 90 करोड़ नागरिको के दायरे में है। जो लोग इंटरनेट पर नहीं है , जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है , जो दूर दराज इलाको में रहते है , और जो बेहद गरीब है वे भी सिर्फ एक रूपये शुल्क में आप अपनी मांग सीधे पीएम के सम्मुख पहुंचा सकते है।
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2) क्या प्रधानमंत्री इस पर कार्यवाही करेंगे ?

वो पीएम तय करेंगे कि उन्हें आपकी मांग पर विचार करना है या नहीं। लेकिन जब तक आप उन तक अपनी मांग ही नहीं पहुंचाएंगे तब तक आप यह नहीं कह सकते कि पीएम आपकी मांग पूरी नहीं कर रहे है।
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3) मेरी मांग लम्बी है। पोस्ट कार्ड पर नहीं आयेगी।

आप अपनी विस्तृत मांग का पीडीऍफ़ पीएम की वेबसाइट newindia पर रख सकते है , और इसका लिंक पोस्टकार्ड में डाल सकते है।
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4) किसी को पता कैसे लगेगा कि मैंने पीएम को पोस्टकार्ड भेजा है ?

आप पोस्टकार्ड का फोटो खींच कर फेसबुक एल्बम में डाल सकते है। इससे सभी यह देख सकेंगे कि आपने पोस्टकार्ड भेजा है।
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5) फेसबुक में एल्बम बना कर ही क्यों डालना है ?

क्योंकि वक्त के साथ साथ आप फेसबुक पर अन्य पोस्ट भी डालते जायेंगे और पोस्टकार्ड का आपका यह पोस्ट नीचे जाता जाएगा और 2-3 महीने बाद यह गुम जाएगा। तब कोई नया यूजर आपके ये पोस्टकार्ड नहीं देख पायेगा। जब वह इन्हें देख पायेगा तब ही वह भी पोस्टकार्ड भेजने के महत्त्व को समझेगा और पीएम को पोस्टकार्ड भेजेगा।
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सभी कार्यकर्ताओ से मेरा आग्रह है कि अपनी फेसबुक पर , " (A093) सबूत : मैंने प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड भेजकर इन कानूनों की मांग की है " नाम से एक एल्बम बनाए और उसके डिस्क्रिप्शन में इस विवरण को कॉपी करके रखे। यह कुछ सबसे जरुरी एल्बम में से एक है जो प्रत्येक कार्यकर्ता को बनाना चाहिए।
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इसी एल्बम में मैं इस बारे में अन्य विवरण भी रखूँगा कि क्यों हमें पीएम तक अपनी मांग "सीधे" पहुंचानी चाहिए और क्यों पीएम को पोस्टकार्ड भेजकर अपनी मांग रखना सबसे प्रभावी और सबसे महत्त्वपूर्ण गतिविधि है।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 16 2019 20:56:27 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

कपिल सिब्बल का कहना है कि राजद्रोह की धारा 124 A को ख़त्म कर दिया जाना चाहिए। यही कपिल सिब्बल यूपीए-2 के कार्यकाल में 2013 से 2014 तक क़ानून मंत्री रहे थे। तब इन्होने धारा 124A को ख़त्म करने के विरोध किया था !! अब विपक्ष में आ गए तो ख़त्म करने की मांग कर रहे है !!
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संघ भी विपक्ष में रहते हुए इस धारा को ख़त्म करने की मांग करता आया है। जब 2024 में संघ फिर से विपक्ष में आ जायेगा तब संघ के नेता फिर से इस धारा को ख़त्म करने की मांग करना शुरू करेंगे और तब कोंग्रेस इस धारा के पक्ष में आ जायेगी !! सरकार का विरोध करने वालो की मुश्के कसने के लिए अंग्रेजो ने ये धारा जोड़ी थी, अब ये काले अंग्रेज इस धारा को अपने हाथ से निकलने देना नहीं चाहते।
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बहरहाल कन्हैया दोषी है या निर्दोष यह साबित होने में 10-20 साल लग जायेंगे. तब तक वह बीजेपी या कोंग्रेस से विधायक के टिकेट से विधानसभा में जा चुका होगा.
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मेरा प्रस्ताव है कि मुकदमो की सुनवाई जूरी करे . जूरी अपने आप तय कर लेगी कि आरोपी किस धारा में कितना दोषी है और क्या दंड देना चाहिए.
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<https://www.amarujala.com/amp/india-news/kapil-sibal-says-there-is-no-need-for-a-sedition-law-in-today?__twitter_impression=true&fbclid=IwAR3bLvKUSr8MK5o-_GTEmN4-5ZtJLRD8O6UGgypRdumQxrJ7r7XQgracd80>;
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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Jan 17 2019 18:53:44 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

मेरे हिसाब से ईश्वर एक नहीं है। किसी भी व्यवस्था में यदि शीर्ष पद धारण करने वाला सिर्फ एक ही हुआ तो वह सर्वशक्तिमान होने के साथ ही निरंकुश भी हो जाएगा। सिर्फ उसी की पूजा होगी और सब उसी पर निर्भर रहेंगे। निरंकुश शक्ति की कामना रखने वाला एक दम्भी ईश्वर ही "सिर्फ एक ईश्वर होगा और वो ईश्वर भी सिर्फ मैं ही रहूँगा" जैसी व्यवस्था की रचना करेगा। यदि ईश्वर सिर्फ एक होगा तो उसके द्वारा अन्याय करने पर भी उसके अनुयायी इसे अन्याय नहीं कहेंगे बल्कि इसे न्याय कहकर ही पुकारेंगे !! इस तरह मेरे विचार में एकेश्वरवाद तुलनात्मक रूप से एक ज्यादा निरंकुश तंत्र है। और निरंकुश होने की वजह से गुंजाइश होने पर ईश्वर भी भ्रष्ट और उद्दंड हो जाएगा। और उसके अनुयायी उसे भ्रष्ट और उद्दंड कहेंगे भी नहीं। क्योंकि वे जानते है कि इसकी कहीं अपील नहीं है। और यदि ईश्वर भ्रष्ट नहीं भी होता है तो यह ईश्वर पर निर्भर है , व्यवस्थागत नहीं है। क्योंकि वह यदि उद्दंड हो जाता है तो उसे रोकने का कोई उपाय नहीं है।
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हिन्दू धर्म में शीर्ष स्तर पर एक ईश्वर नहीं है। ब्रह्मा , विष्णु और महेश में शक्तियों का बंटवारा होने के कारण शक्ति संतुलन है। इस तरह हिन्दू धर्म में कोई एक ईश्वर नहीं होने के कारण व्यवस्था निरंकुश नहीं है।
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लेकिन भारत के सुप्रीम कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश भगवान से भी ज्यादा मजबूत स्थिति में है, और इसीलिए यह आदमी अनिवार्य रूप से भ्रष्ट और निरंकुश होता है। भारतीय शासन के सबसे शक्तिशाली पद को धारण करने वाला यह आदमी जब तक सुप्रीम कोर्ट का न्यायधीश रहता है , तब तक वह 120 करोड़ नागरिको का भाग्य विधाता है। जो उसकी मर्जी पड़े वो करते रहता है , और उसके अनुयायी उसकी हरकतों को न्यायोचित ठहराते रहते है। क्योंकि वे जानते है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की कहीं पर अपील नहीं है। जो वह करे वही न्याय है। और जब सुप्रीम कोर्ट का मुख्य न्यायधीश रिटायर होता है तो अपने किसी चमचे को अपनी कुर्सी पर बिठा जाता है। और चमचा तय करने के लिए उसने एक कमिटी बना कर रखी है जिसका नाम कोलेजियम रख छोड़ा है !!
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कोई चुनाव नहीं। देश की करोडो नागरिको की कोई राय शुमारी नहीं। कोई तय मापदंड नहीं। यदि आप सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश के चमचे है तो व्यवहारिक रूप से आप सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनने के योग्य है। और कुर्सी पर बैठते ही आप सर्वशक्तिमान हो जायेंगे !!
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दुनिया को चलाने के लिए ईश्वर ने जो भी विधान या सेट अप बनाया हुआ है उसमे दखल देने की न तो मेरी रुचि है और न ही यह मेरा क्षेत्राधिकार है। किन्तु सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भारत की जनता के प्रति जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। इसीलिए मेरा प्रस्ताव है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को चुनने और नौकरी से निकालने का अधिकार भारत के मतदाताओ को दिया जाए। ज्ञातव्य है कि अमेरिका में जजों को नौकरी से निकालने का अधिकार वहां के आम नागरिको के पास है। जजों के भ्रष्टाचार को सिर्फ इसी क़ानून द्वारा ठीक किया जा सकता है।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Fri Jan 18 2019 20:07:45 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

संघ* के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फड़नवीस को एडवांस में धन्यवाद। सुप्रीम कोर्ट के भ्रष्ट जजों ने मुंबई में डांस बार फिर से शुरू कराने का आदेश दिया है, और फड़नवीस जी इस आदेश को पलटने के लिए अध्यादेश लाने पर विचार कर रहे है।
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( यह अंतिम धन्यवाद नहीं है। मैं उन्हें अंतिम धन्यवाद तब दूंगा जब वे यह अध्यादेश ले आयेंगे एवं यह भी सुनिश्चित करेंगे कि मुंबई में कोई डांस बार न खुले। कल डांस बार को खोलने के लिए सुप्रीम कोर्ट का अंतिम आदेश आया है, और फड़नवीस जी ने इसे पलटने के लिए अध्यादेश लाने की बात कही है। यह एक अच्छा फैसला है , और मैं इस फैसले का समर्थन करता हूँ। )
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मेरे द्वारा प्रस्तवित समाधान :
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(1) डांस बार एवं व्यवसायिक वैश्यावृति आदि के मामले की सुनवाई 25-500 नागरिको की जूरी द्वारा की जानी चाहिये। क्योंकि हमारे देश में सबसे ज्यादा भ्रष्ट अगर कोई है तो वह जज ही है।
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(2) यदि मैं जूरी में रहता हूँ तो मैं डांस बार के मालिक पर दंड लगाऊंगा दर्शको और नर्तकियो पर नहीं। और यदि ज्यादातर जूरी सदस्य ऐसा करने लगेंगे तो जल्दी ही सभी डांस बार बंद हो जायेंगे। यदि कमान जजों के हाथ में रही तो वे महिला सशक्तिकरण और दैहिक स्वतंत्रता के नाम पर इन्हें जारी रखवाने का पूरा प्रयास करेंगे।
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(3) व्यावसायिक वैश्यावृति की दशा में यदि मामले में अवयस्क शामिल नहीं है , नग्नता का सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं है , दबाव का इस्तेमाल नहीं किया गया है , हिंसा भी नहीं की गयी है तो मैं दंड के पक्ष में मत नहीं दूंगा। अन्य जूरी सदस्य चाहे तो दंड देने का फैसला ले सकते है। यह व्यक्तिगत राय पर निर्भर है कि प्रत्येक जूरी सदस्य मामले को कैसे देखता है।
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जब सुप्रीम कोर्ट के जजों ने डांस बार को कानूनी घोषित किया तो सोनिया-मोदी-केजरीवाल एवं इनके सभी कार्यकर्ताओ ने इस फैसले का समर्थन किया था, और इनमे से किसी ने भी तब न तो सुप्रीम कोर्ट के भ्रष्ट जजों को नौकरी से निकालने का समर्थन किया और न ही अध्यादेश लाकर इनके फैसले को पलटने का समर्थन किया। तब से यह मामला अधर में लटका हुआ था। और अब सुप्रीम कोर्ट ने डांस बार के लाइसेंस जारी करने के आदेश दिए है और चूंकि चुनाव सिर पर है तो अपना वोट बैंक बचाने के लिए महाराष्ट्र की संघ सरकार के पास अध्यादेश लाने के सिवाय कोई चारा नहीं है।

तो सबसे पहले तो हमें वोट बैंक पॉलिटिक्स का धन्यवाद करना चाहिए कि चुनावो ने उन पर यह अध्यादेश लाने के लिए दबाव बनाया है , लेकिन चूंकि यह फैसला एक अच्छा फैसला है अत: मोदी साहेब , फड़नवीस जी और संघ के सभी कार्यकर्ता भी इसके लिए धन्यवाद के पात्र है।
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हालांकि ज्यादातर से भी ज्यादा सम्भावना है कि इलेक्शन ख़त्म होने के साथ ही संघ की सरकार डांस बार फिर से शुरु करवाने का फैसला ले लेगी। लेकिन ये सब बाद की बात है। फिलहाल संघ के मंत्रियो ने एक अच्छा फैसला लिया है , और वे धन्यवाद के पात्र है।
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जब फड़नवीस जी यह अध्यादेश ले आयेंगे तो मैं इस मुद्दे पर और भी रखूँगा। संघ के कार्यकर्ताओ को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि फड़नवीस जी जल्दी से जल्दी यह अध्यादेश जारी करे।
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(* मेरी मान्यता है कि संघ एवं बीजेपी में वही अंतर है जो कि गंगाधर एवं शक्तिमान में है। )
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Jan 20 2019 15:59:28 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Reducing Repatriation - विदेशी कम्पनियों को भारत में अर्जित मुनाफे के एवज में भारत सरकार द्वारा डॉलर चुकाने के दायित्व का अंत करने के लिए प्रस्तावित राजपत्र अधिसूचना :
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भारतीय नागरिको ,

जब कोई विदेशी कंपनी भारत में निवेश करती है तो उसे भारत में व्यवसाय करने के लिए भारतीय मुद्रा रुपये की जरूरत होती है। जब विदेशी कम्पनी भारत में आती है तो उसके पास डॉलर होते है , रुपया नहीं होता। अत: विदेशी कम्पनी रिज़र्व बेंक ऑफ़ इण्डिया में डॉलर जमा करके उसी अनुपात में भारतीय मुद्रा अर्थात रुपया प्राप्त कर लेती है, और भारत में इस प्राथमिक पूँजी से व्यापार शुरू करती है।
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रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया दो शर्तो के साथ डॉलर जमा करके रूपये का भुगतान करता है :

1. डॉलर पुनर्भरण नीति (Repatriation ) : इस व्यवस्था के तहत कम्पनी भारत में जितना भी मुनाफा रूपये में कमाएगी उसे रिजर्व बैन्क ऑफ़ इण्डिया में जमा करके डॉलर ले सकती है। उदाहरण के लिए मान लीजिये कि कम्पनी X 100 करोड़ डॉलर की प्राथमिक पूँजी लेकर आती है और ये डॉलर रिजर्व बैंक में जमा करके 100*70 = 7,000 रुपया प्राप्त करती है। मान लीजिये कि अगले दस वर्ष में कम्पनी X यदि भारत में व्यापार करके 35,000 करोड़ रुपया कमाती है तो कम्पनी 35 हजार करोड़ रूपये आर बी आई में जमा करेगी और आर बी आई इसके एवज में 500 करोड़ डॉलर चुकाएगा !!!
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2. अपुनर्भरण नीति : इस व्यवस्था में आर बी आई उतना ही डॉलर चुकाने के लिए दायी होता है जितना डॉलर कम्पनी ने आर बी आई में जमा किया है। उदाहरण के लिए यदि कम्पनी X रिजर्व बैंक में 100 करोड़ डॉलर जमा करती है तो आर बी आई X को रूपये के बदले में अधिकतम 100 करोड़ डॉलर ही चुकाएगा, इससे अधिक नहीं।
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मौजूदा समय में संस्थागत विदेशी निवेश या प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के तहत निवेश करने वाली विदेशी कम्पनियों को उनके द्वारा अर्जित किये गए पूंजीगत तथा अन्य लाभों पर असीमित पुन:भरण का विकल्प दिया गया है। किन्तु ऐसी स्थिति में जबकि हमारे पास डॉलर या विदेशी मुद्रा का पर्याप्त कोष नहीं है, विदेशी मुद्रा की यह कमी हमारे लिए कभी भी गंभीर विदेशी मुद्रा संकट का कारण बन जायेगी तथा हम विदेशी मुद्रा के क़र्ज़ में लगातार डूबते जायेंगे। भारत में विदेशी कम्पनियों की संख्या जितनी अधिक बढ़ेगी और जितना ज्यादा इनका मुनाफा बढेगा हम पर डॉलर चुकाने का बोझ भी उसी अनुपात में बढ़ता जाएगा !!
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इसीलिए यह आवश्यक है कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के जरिये आने वाले निवेश को अपुनर्भरण नीति के अंतर्गत ही स्वीकार किया जाए। अत: रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया या भारत सरकार को विदेशी कम्पनियों द्वारा अर्जित किये गए मुनाफे के बदले में डॉलर के भुगतान का कोई वादा नहीं करना चाहिए, बल्कि यह निर्धारित करना चाहिए कि अमुक कम्पनियां कमाए गए रूपये के एवज में डॉलर खुले बाजार से ख़रीदे।
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यह क़ानून लागू करने से भारतीय अर्थव्यवस्था किसी भी समय खड़े हो सकने वाले इस गंभीर संकट से बच जायेगी ।
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इसके अलावा निजी व्यष्टि को रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की अनुमति से विदेशी बेंको के खाते में डॉलर या विदेशी मुद्रा रखने की छूट दी जानी चाहिए । निर्यात से अर्जित विदेशी मुद्रा को वे विदेशी बेंको के खाते में रख सकेंगे, तथा उस आय पर उन्हें आयकर की सामान्य दरो के अनुसार कर देना होगा।
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यदि आप इस क़ानून का समर्थन करतें है, तो निम्नलिखित कदम उठाये :

(1) प्रधानमंत्री कार्यालय , दिल्ली को एक पोस्टकार्ड भेजें। पोस्टकार्ड पर यह लिखें --- " प्रधानमंत्री महोदय , कृपया इस क़ानून को गैजेट में छापें - <https://newindia.in/Repatriation>; "
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(2) प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर रखें गए इस क़ानून को यहाँ वोट करें -- <https://newindia.in/Repatriation>;
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(3) प्रधानमंत्री को यह ट्वीट करे - " @pmoindia , please print : <https://newindia.in/Repatriation>; , #Repatriation "
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====== ड्राफ्ट का प्रारम्भ=====
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1. [ परिभाषाएं ]

इस अधिनियम में "कंपनी" शब्द किसी भी भारतीय कंपनी या कोई भारतीय गैर सरकारी संस्था जैसे ट्रस्ट आदि या कोई विदेशी कंपनी या विदेशी सरकार या विदेशी गैर सरकारी संस्था जैसे कि कोई विदेशी ट्रस्ट आदि के लिए प्रयुक्त किया गया है।

इस अधिनियम में "भारतीय कंपनी" शब्द किसी भी भारतीय कंपनी या भारतीय गैर सरकारी संस्था जैसे ट्रस्ट आदि के लिए प्रयुक्त किया गया है। इस अधिनियम में "विदेशी कंपनी" शब्द किसी भी विदेशी कंपनी या विदेशी सरकार या विदेशी गैर सरकारी संस्था जैसे कोई ट्रस्ट आदि के लिए प्रयुक्त किया गया है ।
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2. [ सभी के लिए निर्देश ]

भारतीय कम्पनियाँ व भारतीय नागरिक अपने निर्यात व हस्तान्तरण से अर्जित डॉलर असीमित दिनों के लिए भारतीय बैंकों में जमा कर सकेंगे। विदेशी कंपनी एवं विदेशी नागरिक अपने निर्यात व हस्तान्तरण से अर्जित डॉलर भारतीय या विदेशी बैंक में असीमित दिनों तक रख सकेगी। भारतीय नागरिक रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया की अनुमति के बिना विदेशी बैंकों में डॉलर नहीं रख सकेंगे। हालाँकि लौटे हुए अप्रवासी भारतीय विदेशी बैंको में दस वर्ष तक अपने खाते संचालित कर सकेंगे।
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3. [ भारतीय नागरिकों के लिए निर्देश ]

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया व भारतीय बैंक रूपए के बदले डॉलर नहीं देंगे हालाँकि भारत सरकार के आयात की स्थिति में ऐसा किया जा सकेगा।
यदि निजी व्यक्ति कोई आयात करना चाहता है तो उसे उन भारतीय या विदेशी कम्पनियों / नागरिको से, जिनके पास भारतीय या विदेशी बैंकों में डॉलर है, से डॉलर प्राप्त करना होगा।
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4. [ भारतीय नागरिकों के लिए निर्देश ]

कोई भारतीय ( या विदेशी नागरिक ? ) नागरिक अथवा कंपनी जिसने निर्यात अथवा हस्तान्तरण द्वारा डॉलर अर्जित किया है उन्हें रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया में जमा किये गए / बेचे गए डॉलर की मात्रा के अनुपात में 100 % तक की आयकर छूट मिलेगी। मतलब डॉलर देकर जितना रुपया आर बी आई से प्राप्त किया जाएगा वह कर मुक्त होगा।
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5. आयकर की गणना में आयात को कटौती योग्य खर्चो में शामिल नहीं किया जाएगा ।
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6. [ भारतीय नागरिकों के लिए निर्देश ]

कोई भी भारतीय नागरिक या कंपनी जो सोना या चाँदी आयात करती है वह आयातित सोने या चांदी की मात्रा के अनुपात में सोना आयातित अंक अथवा चाँदी आयातित अंक अर्जित करेगी। ये अंक हस्तांतरणीय होंगे। अंकों के खातों की रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा नामित बैंकों द्वारा देखरेख / निगरानी रखी जाएगी ।
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7. [ भारतीय नागरिको के लिए निर्देश ]

कोई भारतीय नागरिक या भारतीय कम्पनी जो कि स्वर्ण या चांदी या मिश्रित गहनों का निर्यात करती है, को उस सीमा तक स्वर्ण या चांदी के निर्यात की अनुमति होगी, जिस सीमा तक उसने स्वर्ण या चांदी के आयात अंक अर्जित किये है या आयात अंको का हस्तांतरण किया है।
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8. [ सभी के लिए निर्देश ]

कोई भी भारतीय नागरिक या कम्पनी एवं विदेशी नागरिक या कंपनी / नागरिक स्वर्ण या चांदी या धातु या धात्विक अयस्क का निर्यात प्रधानमन्त्री कार्यालय या उनके द्वारा नियुक्त अधिकारी की अनुमति बिना नहीं कर सकेगी ।
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9. [ कस्टम बोर्ड चेयरमेन के लिए निर्देश ]

यदि किसी मिश्रित सामग्री का निर्यात किया जाता है, जिसमे कि स्वर्ण या चांदी सम्मिलित है, तो ऐसे स्वर्ण या चांदी की कुल कीमत निर्यातित सामग्री के 1% मूल्य से अधिक की नही हो सकेगी। अन्य सभी धातुओ के लिए निर्यात शुल्क निर्यातित सामग्री के 30% के बराबर होगा ।
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10. [ सभी के लिए निर्देश ]

यदि निर्यातक द्वारा रिज़र्व बेंक ऑफ़ इंडिया को डॉलर बेचे गए है, तब बेचे गए डॉलर की कीमत के 100% की सीमा तक उन्हें आय कर में छूट प्राप्त होगी, अन्य सभी परिस्थितियों में निर्यात द्वारा अर्जित आय पूरी तरह से कर योग्य होगी ।
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11. [ भारतीय नागरिको के लिए निर्देश ]

ऐसी भारतीय कंपनी या नागरिक जो कि विदेशी मुद्रा रखते है, उन्हें महीने की आखिरी तारीख को भारत के बैंको में रखी गयी विदेशी मुद्रा पर 0.5% तथा भारत से बाहर बैंक में रखी गयी विदेशी मुद्रा पर 0.25% की दर से संपत्ति कर का भुगतान करना होगा।
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12. [ भारतीय नागरिको के लिए निर्देश ]

प्राकृतिक संसाधनों पर आयात शुल्क शून्य होगा। जब आयातक प्राकृतिक संसाधन का आयात करेगा तब वह आयात सामग्री का मूल्य , श्रम आदि की घोषणा करेगा।प्राकृतिक संसाधनों के अलावा अन्य सामग्रियों पर आयात शुल्क 30% से 300% तक हो सकेगा। आयात एवं निर्यात शुल्क से प्राप्त कुल राशि का 33% हिस्सा भारत के सभी नागरिको में बराबर विभाजित करके नागरिको के खाते में सीधे जमा किया जाएगा।
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13. [ सभी के लिए निर्देश ]

कोई भी भारतीय नागरिक या कम्पनी जो कि विदेशी मुद्रा रखती है, को रखी गयी विदेशी मुद्रा पर अर्जित किये गए लाभ पर महीने की आखिरी तारीख को 30% पूंजीगत कर का भुगतान करना होगा, जबकि पूंजीगत हानि को आगामी 36 माह तक अग्रेषित किया जा सकेगा ।
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14. [ जिलाधीश के लिए निर्देश ]

यदि कोई नागरिक मतदाता इस क़ानून में संशोधन चाहता है, तो वह वांछित संशोधन के लिए एक शपथपत्र जिलाधीश कार्यालय में दे सकेगा । इस शपथपत्र को जिलाधीश या उसका सहायक प्रति पृष्ठ 20 रू की दर से शुल्क लेकर प्रधानमंत्री की वेबसाईट पर स्कैन कर के डाल देगा ।
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15. [ पटवारी के लिए निर्देश ]

यदि कोई नागरिक मतदाता ऐसे शपथपत्र पर या उसमें वर्णित किसी धारा में बदलाव के लिए हां / ना दर्ज कराता है, तो पटवारी ऐसी राय को 3 रू लेकर दर्ज करेगा तथा इसे प्रधानमन्त्री की वेबसाईट पर डाल देगा। हाँ या ना की संख्या के आधार पर प्रधानमन्त्री / मुख्यमंत्री फैसला लेने के लिए बाध्य नही होंगे।
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======ड्राफ्ट का अंत=====

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Pawan Jury BhilwaraRj

Mon Jan 21 2019 13:05:32 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

2018 की पुरानी खबर : पिछले साल फरवरी में RSS ने मुस्लिम तलाकशुदा महिलाओं को 10 साल तक के लिए 500 रुपया महिना पेंशन देना शुरू किया था। मुख्यधारा के कई बड़े समाचार पत्रों ने इसे छापा था। जैसे की अमूमन होता है संघ के अलग अलग स्वयंसेवक इस खबर के बारे में अलग अलग स्पष्टीकरण दे रहे है।
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राजस्थान पत्रिका - <https://goo.gl/1WzmYr>;
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कुछ स्वंयसेवको का कहना है कि -- " अभी आपने संघ को ठीक से समझा नहीं है। समझने के लिए आप पहले 2-3 साल तक शाखा में आओ , और तब आपको खुद ही यह मालूम हो जाएगा कि यह खबर झूठी है" !!

और कुछ का कहना है कि -- "संघ का मूल सिद्धांत ही यही है कि मुस्लिम भी हमारे भाई है और इसीलिए जो सच्चा हिन्दू है वह ऐसा ही करेगा। तुमने अभी हिंदुत्व को ठीक से समझा नहीं है , इसीलिए कन्फ्यूज हो रहे हो। और यह समझने के लिए आपको शाखा में आकर तृतीय वर्ष करना पड़ेगा" !!
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संघ के स्वयंसेवको से आग्रह है कि इस खबर की पुष्टि करें। जब तक इसका खंडन नहीं आता तब तक मीडिया द्वारा प्रकाशित तथ्य को सही मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
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चूंकि यह खबर अख़बार में है और सार्वजनिक हो चुकी है , अत: किसी को शाखा में बुलाकर उसके कान में इसका स्पष्टिकरण देने में कोई सार नहीं है। उन्हें इसकी पुष्टि सार्वजनिक रूप से करनी चाहिए।
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मेरे मत में यदि संघ मुस्लिम तलाकशुदा महिलाओं को पेंशन देना चाहता है तो उन्हें इसके लिए क़ानून लाना चाहिये। वो खुद सरकार में है , आसानी से क़ानून ला सकते है। शेष, संघ किनसे चंदा लेता है और किन्हें बांटता है इस बारे में मुझे कोई सरोकार नहीं है। ये उनका निजी मामला है।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Mon Jan 21 2019 19:08:41 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

सबूत - पी एम को लिखी गयी सभी चिट्ठियाँ पढ़ी जाती है ।
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यदि प्रधानमंत्री कार्यालय को पोस्ट कार्ड भेजा जाए तो क्या उन्हें कोई पढ़ता है ? जवाब है - हाँ । प्रधानमंत्री कार्यालय में एक पूरे विभाग का यही काम है । वे आने वाली सभी डाक पढ़ते है और पी एम को इसकी रिपोर्ट करते है ।
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हाल ही में एक दम्पत्ति ने पी एम को चिट्ठी भेजी कि यदि अमुक दिवस तक राम मंदिर निर्माण न हुआ तो वे आत्म हत्या कर लेंगे । प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा उसे गिरफ़्तार करने के आदेश दिए गए और उसे गिरफ़्तार किया गया । बहरहाल, यदि दम्पत्ति ने आत्मदाह की धमकी न दी होती तो उन्हें गिरफ़्तार नही किया जाता ।

ख़बर का लिंक -

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Pawan Jury BhilwaraRj

Tue Jan 22 2019 08:38:25 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

#LeaveWTO
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यदि आप मानते है कि भारत को WTO एग्रीमेन्ट से बाहर निकल जाना चाहिए तो निम्नलिखित कदम उठाए :
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(1) प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर रखी गयी इस अर्जी पर वोट करें - <https://newindia.in/causes/LeaveWTO>;
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(2) प्रधानमंत्री को यह ट्वीट करें - " @pmoindia , please print - <https://newindia.in/causes/LeaveWTO>; , #LeaveWTO

(3) प्रधानमंत्री कार्यालय , दिल्ली के पते पर एक पोस्ट कार्ड भेजे। पोस्टकार्ड में यह लिखें : प्रधानमंत्री महोदय , इस क़ानून को गैजेट में छापें - Newindia.in/LeaveWTO
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( उल्लेखनीय है कि , WTO एग्रीमेंट से बाहर होने के लिए संसद से कोई क़ानून पास करने की जरूरत नहीं है। भारत के प्रधानमंत्री यदि केबिनेट के अनुमोदन द्वारा WTO एग्रीमेन्ट को रद्द कर सकते है। )
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Pawan Jury BhilwaraRj

Tue Jan 22 2019 19:02:24 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

नमस्कार Rdx Kishan Jury ,
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यह स्तम्भ आपके प्रश्न तथा टिप्पणियों के लिए बनाया गया है।
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सभी के लिए सूचना ,
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यह पोस्ट सिर्फ़ rdx kishan jury के प्रश्न और टिप्पणियों के लिए है। अन्य के प्रश्न और टिप्पणियाँ डिलीट कर दी जायेगी।
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प्रश्नकर्ता से निम्नलिखित नियमों के पालन की अपेक्षा की जाती है :
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(1) हिन्दी भाषा के लिए हिन्दी लिपि और अंग्रेजी भाषा के लिए अंग्रेजी लिपि का प्रयोग करें। रोमन भाषा का प्रयोग नहीं करे ।
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(2) दो पेराग्राफ के बीच '.' चिन्ह का प्रयोग करे ।
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(3) लेखन में अनावश्यक चिन्हों जैसे '.......', '!!!!!!!', '//////', '####', '„„„„„„', '??????' आदि का तथा अनावश्यक 'केपिटल लेटर्स' का प्रयोग नहीं करें ।
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(4) एक बार में एक ही कमेन्ट करे । यदि आपने दो कमेन्ट एक साथ किये है तो,
अ) पहले कमेन्ट को एडिट करें
ब) दुसरे कमेन्ट को कोपी करके पहले वाले कमेन्ट में पेस्ट करे
स) फिर दुसरे कमेन्ट को डिलीट कर दें ।
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(5) कमेन्ट क्रमिक/सिलसिलेवार ढंग से करे, अक्रमिक रूप से नही ।
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क्रमिक कमेन्ट क्या है ?
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मान लीजिये कि -
अ) आपने 'पहला' कमेन्ट किया है,
ब) मैंने 'दूसरा' कमेन्ट किया है,
स) आपने 'तीसरा' कमेन्ट किया है,
द) आपने चौथा कमेन्ट किया है ।
तो यहाँ पहला, दूसरा और तीसरा क्रमिक जबकि चौथा कमेन्ट अक्रमिक है । अक्रमिक कमेन्ट को बिन्दु 4 में बताये तरीके से संपादित कर पिछले कमेन्ट में जोड़ दें ।
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(6) अपने प्रश्नों तथा टिप्पणियों को डिलीट नहीं करे । ताकि अन्य कार्यकर्ता भी इन्हें पढ़ सके ।
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(7) कृपया मेरी फेसबुक प्रोफाइल के एल्बम सेक्शन में जाए तथा प्रस्तावित क़ानून ड्राफ्ट्स से सम्बंधित एल्बम देखें। यदि आप इन कानूनों का समर्थन करते है तो अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर भी एल्बम बनाकर इन क़ानून ड्राफ्ट्स को एल्बम में रखें। आप जिन कानूनों का समर्थन करते है उनकी मांग पीएम से करने के लिए उन्हें पोस्टकार्ड भेजें , ट्विट करें एवं newindia पर रखे गए ड्राफ्ट को वोट करें। प्रधानमंत्री को सीधे अपनी मांग भेजना हमारे अभियान का केंद्र बिन्दु है ।
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(8) राईट टू रिकॉल आन्दोलन से संबधित कुछ महत्त्वपूर्ण आलेख नोट्स सेक्शन में रखे गए है। कृपया नोट्स सेक्शन भी देखें।
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(9) इस स्तम्भ का लिंक देखने के लिए 'two person conversation thread' शीर्षक से बनाये गए एल्बम को देखें । इस स्तम्भ का लिंक वहां दर्ज किया गया है ।
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(10) हम देश में व्यवस्था परिवर्तन के लिए आवश्यक जूरी सिस्टम / राईट टू रिकाल कानूनों का मुक्त रूप से प्रचार करते है ताकि करोड़ो नागरिको की सहमति से इन कानूनों को गेजेट में प्रकाशित कराया जा सके । आप से अपेक्षा की जाती है कि प्रश्न / कमेंट्स पठनीय भाषा में रखें ।
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(11) कृपया कमेंट्स के लिए liner कमेंट्स बॉक्स का प्रयोग करें। "reply caption" का इस्तेमाल न करें।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 23 2019 06:03:37 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

आज 23 जनवरी के राष्ट्रीय पिता सुभाषचंद्र बोस की जयंती के अवसर पर राईट टू रिकॉल कार्यकर्ता धीरज बताड़े द्वारा प्रस्तावित #ddmrcam क़ानून की जानकारी देने के लिए पर्चे वितरित किए गए। नागरिकों से आग्रह किया गया कि इस क़ानून को गेजेट में छापने के लिए पी एम को पोस्टकार्ड भेजे ।
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Dhiraj Batade Ahmednagar LscandidateRrp:

आज दिनांक 23 जानेवारी राष्ट्रपिता सुभाषचंद्र बोस यांच्या जयंतीनिमित्त राईट टू रिकॉल ग्रुप च्या वतीने #DDMRCAM या सगळ्यात महत्वाच्या कायद्याची माहिती पॉम्प्लेट द्वारे नागरिकांपर्यंत पोहोचवण्याचा प्रयत्न केला गेला.

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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 23 2019 14:27:23 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

मोदी साहेब द्वारा राजीव भाई की हत्या की जांच पुन: किये जाने का आदेश :
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जांच के आदेश इस मामले को रफा दफा करने के लिए दिए गए है , ताकि यदि कोई सबूत बच गए तो उन्हें नष्ट किया जा सके।

यदि मोदी साहेब की मंशा दोषियों को पकड़ने की होती तो वे इसके लिए जूरी ट्रायल और सार्वजनिक नार्को टेस्ट के आदेश देते। किन्तु चूंकि उन्हें मामला रफा दफा करना है , अत: उन्होंने जाँच जज के हाथ में सौंपी है। जांच अधिकारी बचे खुचे सबूत भी ढूंढ कर नष्ट कर देगा और जज घूस खाकर मामला रफा कर देगा।

खबर का लिंक - <https://goo.gl/Se26sY>;
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राजीव भाई के काफी समर्थक उनकी हत्या की जांच पुन: करवाने की मांग कर रहे थे। अब लोकसभा चुनाव में उनके वोट खींचने के लिए मोदी साहेब ने जांच के आदेश जारी किये है। इससे उन्हें वोट मिल जाएंगे और जांच अगले 10 साल तक चलती रहेगी !! दस साल बाद पुलिस मामले में ऍफ़ आर लगा देगी। या हो सकता है कि चुनाव खत्म होते ही जांच अधिकारी मामले में ऍफ़ आर लगा दे, ताकि 2024 में तीसरी बार फिर से जांच के आदेश दिए जा सके।
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मेरा प्रस्ताव है कि -

१) छत्तीसगढ़ राज्य की मतदाता सूचियों में से रेंडमली 500 नागरिको की ज्यूरी का गठन किया जाए, तथा इस ज्यूरी को संदिग्ध व्यक्तियों का नार्को टेस्ट लेने का अधिकार हो।
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२) इस मामले की तहकीकात के लिए राईट टू रिकॉल जांच अधिकारी की नियुक्ति की जाए।
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चूंकि मामला 8 साल पुराना है, अतः भौतिक सबूतों को प्राप्त करने की संभावनाएं लगभग शून्य है। सबूत बरामद करने के लिए यह निहायत ही जरुरी है कि संदिग्धों का सार्वजनिक नार्को टेस्ट लिया जाए।
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यदि आप राजिव भाई के संदिग्ध हत्यारो का जूरी द्वारा नारको टेस्ट चाहते है तो इस अर्जी पर वोट करें - <https://newindia.in/causes/rajivdixitjurytrial/>;
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यदि आप इस मामले की जांच भ्रष्ट जजों द्वारा करवाने का समर्थन करते है उपरोक्त अर्जी पर वोट न करें।
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#JuryTrialOnRajivBhaiMurder ,
#NarcoTestInPublicOnRajivbhaiMurder ,
#राजीव_भाई_के_हत्यारो_का_जूरी_द्वारा_नार्को_टेस्ट_किया_जाये ,
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 23 2019 15:00:59 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

#RajivDixitJuryTrial
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राजीव भाई के संदिग्ध हत्यारों को चिन्हित करने और नागरिको की जूरी द्वारा उनका सार्वजनिक नारको टेस्ट लिए जाने की मांग का पोस्टकार्ड आज पीएम को भेजा गया।
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यदि आप भी इस मांग का समर्थन करते है तो प्रधानमंत्री कार्यालय को यह पोस्टकार्ड भेजें और इसे पोस्टकार्ड की फोटो अपने फेसबुक एल्बम पर रखे :
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1) पोस्टकार्ड में यह लिखें : " प्रधानमंत्री महोदय , इस क़ानून को गेजेट में छापें - <https://newindia.in/RajivDixitJuryTrial>;
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2) पीएम की वेबसाईट पर रखी गयी इस अर्जी को भी वोट करें - <https://newindia.in/causes/rajivdixitjurytrial>;
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3) प्रधानमंत्री को यह ट्वीट भी करे -- " Dear Pm, @pmoindia , please print : <https://newindia.in/causes/RajivDixitJuryTrial>; , #JuryTrialOnRajivBhaiMurder
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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Jan 24 2019 10:45:56 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

evm पर लिखे गए पोस्ट्स की सूची , एल्बम - वोटिंग मेथड्स , नोटा, राईट टू रिकॉल , राईट टू रेजेक्ट्स :
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(12) अमेरिका के DefCon में EVM को हैक करने की चुनौती रखी गयी।
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1351156528335913>;
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(11) Evm पर रोक क्यों लगनी चाहिये ? ( पेम्पलेट )
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1431858696932362>;
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(10) रूस भी ईवीएम हटाकर बैलेट पेपर ला रहा है !
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1570973633020867>;
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(09) 2 मिनिट का मौन जो कहते है कि EVM के कारण बूथ लूटना आसान नहीं रहा गया है !
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1574273092690921>;
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(08) मुख्य चुनाव आयुक्त का कहना है -- बैलेट पर लौटना मतलब बूथ केप्चरिंग :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1774507272667501>;
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(07) तरीका जानने का कि EVM के साथ छेड़छाड़ की गयी थी या नहीं।
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1285890034862563>;
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(06) EVM कैसे हेक की जा सकती है -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1285879531530280>;
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(05) EVM - नेताओ व उनके अंध भगतो द्वारा समर्थन एवं विरोध की नौटंकी -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1274778769307023>;
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(04) EVM को हैक करने की चुनाव आयोग की चुनौती -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1274665329318367>;
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(03) क्या टीवी को दो रिमोट द्वारा ऑपरेट किया जा सकता है ?
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1270626663055567>;
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(02) इवीएम पर केजरीवाल, मायावती, बीजेपी और कांग्रेस की नौटंकी -
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1221469537971280>;
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(01) ईवीएम पर नूरा कुश्ती :
<https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/622257684559138>;
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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Jan 24 2019 10:59:33 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

#LeaveWTO
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मैंने प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड भेजा है कि WTO एग्रीमेंट रद्द करें। यदि आप मानते है कि भारत को WTO एग्रीमेन्ट से बाहर निकल जाना चाहिए तो प्रधानमंत्री कार्यालय को यह पोस्टकार्ड भेजें और इस पोस्टकार्ड की फोटो अपने फेसबुक एल्बम पर रखे :

1) पोस्टकार्ड में यह लिखें : " प्रधानमंत्री महोदय , इस क़ानून को गेजेट में छापें - <https://newindia.in/LeaveWTO>;
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2) पीएम की वेबसाईट पर रखी गयी इस अर्जी को भी वोट करें - <https://newindia.in/causes/LeaveWTO>;
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3) प्रधानमंत्री को यह ट्वीट भी करे -- " Dear Pm, @pmoindia , please print : <https://newindia.in/causes/LeaveWTO>; , #LeaveWTO
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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Jan 24 2019 11:41:39 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

#Repatriation
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मैंने प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड भेजा है कि विदेशी कम्पनियों को अर्जित मुनाफे के एवज में भारत सरकार द्वारा असीमित डॉलर चुकाने के वादे को सीमित किया जाना चाहिए। यदि आप भी इस मांग का समर्थन करते है तो, प्रधानमंत्री कार्यालय को यह पोस्टकार्ड भेजें और इस पोस्टकार्ड की फोटो अपने फेसबुक एल्बम पर रखे :

1) पोस्टकार्ड में यह लिखें : " प्रधानमंत्री महोदय , इस क़ानून को गेजेट में छापें - <https://newindia.in/Repatriation>;
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2) पीएम की वेबसाईट पर रखी गयी इस अर्जी को भी वोट करें - <https://newindia.in/causes/Repatriation>;
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3) प्रधानमंत्री को यह ट्वीट भी करे -- " Dear Pm, @pmoindia , please print : <https://newindia.in/causes/Repatriation>; , #Repatriation
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sat Jan 26 2019 19:07:52 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

यदि आप खनिज संपदा की लूट रोकने के लिए प्रस्तावित क़ानून ड्राफ्ट MRCM का समर्थन करते है तो पीएम को पोस्टकार्ड भेजे . पोस्टकार्ड में यह लिखे - " प्रधानमंत्री जी , इस क़ानून को गेजेट में छापें - newindia.in/Minerals3
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इस क़ानून को पीएम की वेबसाईट पर वोट करने के लिए इस लिंक पर जाये - newindia.in/causes/Minerals3
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Rameshwar Jat Jury BhilwaraRj:

MRCM कानून को गजेट में छपवाने के लिए आज प्रधानमंत्री जी को पोस्ट कार्ड भेजा ।
सभी भारतीय मतदाताओं को भी अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए जो भी सरकार से मांग हो उसका पोस्टकार्ड भेज कर मांग करनी चाहिए ।
क्योकि जनता की आवाज को प्रधानमंत्री तक पंहुचाने के लिए (जब तक टीसीपी कानून नही मिल जाता) इससे अच्छा और कोई तरीका नही है ।
जो लोग ट्विटर चलाते है @PMOindia को ट्वीट करके भी इस कानून की मांग चाहिए ।

सरकारी वेबसाइट पर इस कानून का लिंक इस प्रकार से है newindia.in/minerals3 जिस पर नागरिकों को वोट करके सहमति भी दर्ज करनी चाहिए ।

वेल्थ टेक्स पार्टी

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Pawan Jury BhilwaraRj

Sat Jan 26 2019 20:05:06 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

A030 कुंजिया : प्रस्तावित क़ानून ड्राफ्ट्स के सारांश
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इस एल्बम में प्रस्तावित क़ानून ड्राफ्ट्स की कुंजियाँ रखी गयी है। कुंजिया पूर्ण ड्राफ्ट नहीं है। किन्तु ये ड्राफ्ट का सारांश है। किसी ड्राफ्ट की कुंजी को पढ़कर पाठक यह समझ सकता है कि ड्राफ्ट किस तरह काम करेगा और इससे व्यवस्था में क्या परिवर्तन आएंगे। सभी कुंजिया एक पेज की है , एवं फेसबुक कमेंट में पोस्ट की जा सकती है। कुंजियों के अंत में गैजेट में प्रकाशित होने के लिए पूर्ण ड्राफ्ट का लिंक भी दिया हुआ है। सभी कार्यकर्ताओ से मेरा आग्रह है कि वे अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर " A030 Summaries of Law Drafts" नाम से इस तरह का एल्बम बनाये एवं इस एल्बम में उन कानूनों के सारांश रखें जिनका वे समर्थन करते है। इससे नवागुंतक पाठको को सुविधा होगी एवं ड्राफ्ट पढ़ने की दर बढ़ेगी।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sat Jan 26 2019 20:07:29 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

कुंजी ; #WeaponManufacturing
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हथियारों के निर्माण में "मेड इन इण्डिया मेड बाय इन्डियन्स" नीति लागू करने के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट का सारांश :
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1. यह क़ानून सिर्फ 'सम्पूर्ण रूप से भारतीय नागरिको के स्वामित्व वाली कम्पनियों' ( WOIC = Wholly Owned by Indian Citizens ) पर लागू होगा।
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2. रक्षा मंत्री निम्नलिखित हथियारों की परिभाषाएं प्रकाशित करेंगे एवं इनको दी गयी श्रेणियों में सूचीबद्ध करेंगे -
2.1. श्रेणी प्रथम ; "हथियार जिनके लिए रजिस्ट्रेशन जरुरी नहीं है" - रक्षा मंत्री इनकी सूची जारी करेंगे।
2.2. श्रेणी द्वितीय ; "रजिस्ट्रेशन आवश्यक परंतु लाइसेंस जरूरी नहीं" - (A) छोटी बंदूके (B) मध्यम आकार की बंदूके (C) बड़ी बंदूके (D) होवित्ज़र (E) टेंक (F) कारतूस, गोले एवं उनके प्रकार (G) प्रक्षेपास्त्र (H) लड़ाकू विमान (I) अन्य सैन्य उपकरण तथा उनके प्रकार
2.3. श्रेणी तृतीय ; "जिनके लिए लाइसेंस आवश्यक हो" - (J) आणविक हथियार (K) रासायनिक हथियार (L) जैविक हथियार (M) अन्य श्रेणी के हथियार।
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3. भारत सरकार इंसास राइफल, 303, 202, .22 रिवोल्वर और भारतीय पुलिस द्वारा प्रयोग की जाने वाली सभी बंदूकें, जो "इंसास से कम" स्तर की है, उनके डिजाईन सार्वजनिक करेगी। कोई भी नागरिक इस डिजाईन से, बिना किसी लाइसंस के, केवल पंजीकरण करवाकर, बंदूक या बन्दुक के पुर्जे या बंदूक की गोलियाँ बनाने की फैक्ट्री शुरू कर सकता है। कोई भी नागरिक बुलेट-प्रूफ जैकेट भी बना सकता है।
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4. जिन हथियारों के लिए सिर्फ पंजीकरण अनिवार्य है, ऐसे हथियारों के उत्पादन के लिए रक्षा मंत्री Woic कम्पनियों के लिए आवश्यक निर्देश जारी करेंगे। रक्षा मंत्री निर्देशित करेंगे कि कौनसी जानकारियाँ इन कम्पनियों को प्रकाशित करनी होंगी तथा कौनसी जानकारियाँ कम्पनियां स्वयं के पास गुप्त रख सकेंगी।
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5. गैर Woic कम्पनियों को तीनों श्रेणियों तथा अन्य किसी भी श्रेणी के हथियारों के उत्पादन हेतु पंजीकरण तथा लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
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6. हथियारों का उत्पादन कर रही कंपनियों के बीच कोई विवाद हो या कोई नागरिक या सरकारी अफसर को ये लगता है कि किसी फैक्ट्री का मालिक किसी कानून को तोड़ रहा है, तो मामले का निपटारा जज द्वारा नहीं, बल्कि जिले के मतदाताओं की जूरी द्वारा होगा। ज्यूरी सदस्यों का चयन जिले की वोटर लिस्ट में से 30 और 55 के आयुवर्ग में से किया जाएगा। मामले की अपील राज्य जूरी और राष्ट्रिय जूरी में की जा सकती है।
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यदि आप इस क़ानून का समर्थन करतें है तो प्रधानमंत्री कार्यालय , दिल्ली को एक पोस्टकार्ड भेजें। पोस्टकार्ड पर यह लिखें --- " प्रधानमंत्री जी, इस क़ानून को गैजेट में छापें - <https://newindia.in/WeaponManufacturing>; "
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Jan 27 2019 11:25:53 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

कुंजी ; #RightToBearGun5
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हथियारबंद नागरिक समाज - बन्दुक रखना अनिवार्य करने के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट का सारांश :
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कृपया ध्यान दें – यह क़ानून देशव्यापी जनमत संग्रह के बाद ही लागू होगा । यदि देश के कुल मतदाताओं के 51% नागरिक इस क़ानून पर हाँ दर्ज करते है , तो प्रधानमंत्री इसे गेजेट में प्रकाशित करेंगे , अन्यथा नहीं करेंगे। जनमत संग्रह की प्रक्रिया के लिए पूरा ड्राफ्ट देखें।
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1. प्रधानमंत्री प्रत्येक जिले में एक जिला हथियार अधिकारी की नियुक्ति करेंगे। प्रधानमन्त्री जिला हथियार अधिकारी पर राईट टू रिकॉल प्रक्रियाए गेजेट में प्रकाशित करेंगे।
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2. रक्षा मंत्री इन श्रेणियों में हथियारों की एक सूची प्रकाशित करेंगे - (A) छोटी बंदूके (B) मध्यम आकार की बंदूके (C) बड़ी बंदूके (D) होवित्ज़र (E) टेंक (F) कारतूस, गोले एवं उनके प्रकार (G) प्रक्षेपास्त्र (H) लड़ाकू विमान (I) अन्य सैन्य उपकरण तथा उनके प्रकार।
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3. कोई भी नागरिक जिसकी उम्र 22 वर्ष से अधिक तथा कुल संपत्ति 10 लाख से अधिक हो ( इस संपत्ति में एक घर जिसकी कीमत 1 करोड़ तथा फर्नीचर जिसकी कीमत 10 लाख हो, को शामिल नहीं किया जाएगा ), उस नागरिक के लिए एक छोटी बन्दूक तथा 100 कारतूस अपने घर पर रखना अनिवार्य होगा। यदि संपत्ति 20 लाख से अधिक है तो मध्यम आकार की बन्दुक एवं सम्पत्ति 30 लाख से अधिक होने पर बड़ी बन्दुक रखना अनिवार्य होगा।
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4. 22 वर्ष से अधिक उम्र का कोई भी नागरिक छोटी, मध्यम या बड़े आकार की कोई भी दो बन्दूक अपने घर पर रख सकेगा , जिन्हें पुलिस प्रमुख कार्यालय में रजिस्टर कराना आवश्यक होगा।। दो से अधिक बन्दुक रखने के लिए उसे पुलिस प्रमुख से लाइसेंस लेना होगा।
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5. जिला हथियार अधिकारी, जिला पुलिस कमिश्नर या कोई भी नागरिक, किसी भी व्यक्ति के हथियार रखने को प्रतिबंधित करने के लिए जिला महा-जूरी मंडल से ज्यूरी ट्रायल के लिए निवेदन कर सकेगा। जूरी मामला सुनकर तय करेगी कि आरोपी को हथियार रखने की अनुमति दी जाए या नहीं, या उसे कितनी अवधि के लिए प्रतिबंधित किया जाए।
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6. यदि कोई नागरिक या जिला हथियार अधिकारी महा-जूरी मंडल से शिकायत करता है कि, कोई व्यक्ति निर्धारित नियमों के अनुसार बंदूक या कारतूस अपने घर पर नहीं रख रहा है तो जूरी मंडल मामला सुनकर ऐसे व्यक्ति पर उसकी संपत्ति के 5% के अनुपात तक जुर्माना ( इस संपत्ति में 1 करोड़ का घर तथा 10 लाख तक का फर्नीचर शामिल नहीं किया जाएगा ) और / या 2 माह के कारावास की सजा सुना सकेंगे। अपवादित मामलों को छोड़कर, प्रथम अपराध के लिए यह जुर्माना 2% तक, द्वितीय अपराध के लिए 4% तक तथा तीसरे तथा अन्य अपराधों के लिए यह जुर्माना 5% तक हो सकेगा। प्रथम अपराध कारावास द्वारा दंडनीय नहीं हो सकेगा।
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7. जिला हथियार अधिकारी प्रतिदिन महा-जूरी मंडल की उपस्थिति में मतदाता सूची से 0.01% वयस्क नागरिको का चयन लॉटरी से करेगा। जिला हथियार अधिकारी या उसके कर्मचारी लॉटरी से चुने हुए नागरिकों के यहाँ जाकर ये सुनिश्चित करेगा कि वे नागरिक निर्धारित नियम के अनुसार बन्दूक तथा कारतूस रख रहे है या नहीं।
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यदि आप इस क़ानून का समर्थन करतें है तो प्रधानमंत्री कार्यालय , दिल्ली को एक पोस्टकार्ड भेजें। पोस्टकार्ड पर यह लिखें --- " प्रधानमंत्री जी, इस क़ानून को गैजेट में छापें - <https://newindia.in/causes/RightToBearGun5>;
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Pawan Jury BhilwaraRj

Mon Jan 28 2019 09:11:37 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

सबूत : 1977 के आम चुनाव में जनता पार्टी ने जिस मेनिफेस्टो पर चुनाव लड़ा था उसमे राईट टू रिकॉल की मांग शामिल थी। सुब्रह्मनियम स्वामी इस बात को लगातार छिपाते आ रहे है कि 1977 के मेनिफेस्टो में राईट टू रिकॉल की मांग शामिल थी। इस लिंक पर दिए गए पीडीऍफ़ के पेज नंबर 2 पर बिंदु 8 देखें - <https://goo.gl/r8GuF2>;
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हिन्दी अनुवाद - " तारकुंडे समिति सहित विभिन्न समितियों द्वारा दिए गए सुझावों पर सावधानी पूर्वक विचार करने के बाद और विशेष रूप से, भटक चुके विधायकों को वापस बुलाने, और चुनाव की लागत को कम करने , व मतदान की उम्र 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष करने के प्रस्तावों को शामिल करते हुए चुनावी सुधार किये जायेंगे।"
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"introduce electoral reforms after a careful consideration of suggestions made by various committees, including the Tarkunde Committee and, in particular, consider proposals for recall of errant legislators and for reducing election costs as well as the voting age from 21 to 18."
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हिन्दी अनुवाद - " तारकुंडे समिति सहित विभिन्न समितियों द्वारा दिए गए सुझावों पर सावधानी पूर्वक विचार करने के बाद और विशेष रूप से, भटक चुके विधायकों को वापस बुलाने, और चुनाव की लागत को कम करने , व मतदान की उम्र 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष करने के प्रस्तावों को शामिल करते हुए चुनावी सुधार किये जायेंगे।"
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उल्लेखनीय है कि सुब्रह्मनियम ने अब यह कहना शुरू कर दिया है कि "राईट टू रिकॉल नॉन सेन्स ( बकवास ) है" !!! और जब उनसे कहा जाता है कि वे 1977 का मेनिफेस्टो सार्वजनिक करें , तो वे इसे सार्वजनिक करने से इनकार कर देते है।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Mon Jan 28 2019 11:40:20 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

स्वतंत्रता सैनानी को श्रद्धांजली

Ishwar Choudhary BhilwaraRj:

महाराणा प्रताप सिंह जी मेवाड़ की पुण्यतिथि पर उनको नमन हैं।
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Born
9 May 1540
Kumbhalgarh Fort, Mewar, Rajasthan
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Died
29 January 1597 (aged 56)
Chavand, Mewar, Rajasthan
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महाराणा प्रताप के जीवन से हमे यह प्रेरणा मिलती है की किस प्रकार स्वछंद लडाई / इंडिपेंडेंट एक्टिविज्म अर्थात की गुर्रिला आन्दोलन सफल होता है।महाराणा प्रताप ने सभी जातियों और धर्मो को युद्ध में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त हथियारों की एहमियत के विषय में भी प्रेरणा मिलती है। यदि महाराणा प्रताप और मेवाड़ के नागरिकों के पास उच्च तकनिकी हथियार होते तो मेवाड़ को आज़ादी के लिए इतने वर्ष संगर्ष नहीं करना पड़ता। यह महाराणा प्रताप के संघर्ष की सबसे बड़ी कमजोरी रही। जिसको वो पूरे जीवन पूर्ति नहीं कर पाये।
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किन्तु महाराणा प्रताप को भी संसाधन मिले उनसे उन्होंने सभी जातियों धर्मो को साथ लेकर मेवाड़ को जज़िया कर मुक्त रखना, स्त्रियों का अपहरण रोकना, मंदिरों की रक्षा और अकबर की गुलामी से आजाद रखने के लिए पूरी ईमानदारी और निष्ठा से अपना कर्म किया।
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देशभर के बड़े बड़े बुद्धिजीवियों ने उनको पराजय स्वीकार करने और जिद्द त्यागने की सलाह दी और बहुत समझाया की अकबर को हराना नामुमकिन है किन्तु महाराणा प्रताप हमेशा संभावनाओं और परिस्थितियों को पुर्णतः त्यागने का आग्रह करते थे और केवल उचित कर्म और नैतिक धर्म को निभाना ही सच्ची विजय मानते थे। प्रताप का यही नारा था की मिटटी महादेव एकलिंगनाथ की हैं और हम सब उनके चाकर हैं - सो जो द्रड़ रखे धरम ने तिहि रखे करतार , जो इण वचण रो जाप करे वो मेवाड़ी सरदार।
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मेरा सभी से निवेदन है की प्रताप जयंती केवल घर पे ही मनाएँ अपने परिवार के पड़ोस के वृद्ध और बुढे लोगों से आशीर्वाद लेवें। एक दिन टीवी न देखते हुए क्रिकेट न खेलते हुए बुक्स पढ़ें और माँ बाप के साथ टाइम बिताएँ। किन्तु वाहनरैली प्रदर्शन भाषण में भागीदार हुये तो थोड़ी सम्भावना है की किसी पार्टी या राजनैतिक समूह के कुचक्र में जाने अनजाने में हिस्सेदार बन सकते हैं। अतः एक दिन खुद को समय देवें परिवार और भाइयों को टाइम देवें। और महाराणा प्रताप के दुखी जीवन की कल्पना करें और अपने इष्ट से प्रार्थना करें की भारत को कभी एसे बुरे दिन कभी नहीं देखने पढ़ें।
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जो लोग महाराणा प्रताप के जीवन से हथियारों की अहमियत के बारे में प्रेरणा लेते हैं वो भारत के सभी पढ़े लिखे, आर्थिक रूप से सम्पन्न और एक निश्चित आयु सीमा के नागरिकों को हथियार रखने के अधिकार के ड्राफ्ट की माँग अपने निकटवर्ती सांसद और विधायक से करें।
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ड्राफ्ट का लिंक और जानकारी >>>
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हथियारबंद नागरिक अधिनियम का ड्राफ्ट ---------
सभी नागरिको को शस्त्र विद्या के अनिवार्य प्रशिक्षण और हथियार रखने की छूट - <https://web.Facebook.com/ishwar.jury/posts/1804965023069291>;
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यहाँ ध्यान देने योग्य बात ये है की आरएसएस, विहिप, बीजेपी, कांग्रेस, आप, बीएसटी, क्षत्रिय संगठन (सभी) आदि दुसरे सभी संघटन नागरिकों को शक्तिशाली बनाने के पूर्ण विरोधी हैं और इन सभी गुटों के अंध समर्थक इस माँग का पूर्ण विरोध करते हैं। अतः इन सभी संगठनो का त्याग करें और अकेले ही घर में जयंती मनाएँ।

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Pawan Jury BhilwaraRj

Tue Jan 29 2019 19:29:48 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

#Minerals3

देश के प्राकृतिक संसाधनों को नागरिको की सम्पत्ति घोषित करने के लिए प्रस्तावित "असली धन वापसी" क़ानून ड्राफ्ट का सारांश : इस क़ानून का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक संपदा की लूट रोकना एवं नागरिको को सामाजिक सुरक्षा देना है।
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(1) इस कानून के गेजेट में छपने के बाद केंद्र सरकार के अधीन भारत के सभी प्राकृतिक संसाधनों जैसे खनिज सम्पदाएं, स्पेक्ट्रम, सरकारी भूमि , जंगल , पहाड़ आदि के मालिक भारत के नागरिक होंगे, सरकार नहीं। सरकार इन प्राकृतिक संसाधनों की ट्रस्टी रहेगी, तथा नागरिको की मंशा के अनुरूप इनका प्रबंधन करेगी। जल संसाधनों पर यह क़ानून लागू नही होगा।
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(2) यह क़ानून भारत की प्राकृतिक संपदाओ को बेचने पर सख्त रूप से प्रतिबन्ध लगाता है। प्राकृतिक सम्पदाएँ सिर्फ लीज एवं किराए पर दी जा सकेगी। लीज एवं किराए पर देने की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से नीलामी द्वारा होगी एवं यह नीलामीयां 100% पारदर्शी होंगी। नीलामी की प्रक्रिया का विस्तृत ब्यौरा ड्राफ्ट में दिया गया है।
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(3) प्रधानमंत्री एक राष्ट्रीय भूमि किराया अधिकारी = NLRO नियुक्त करेंगे। NLRO को नौकरी से निकालने का अधिकार भारत के मतदाताओं के पास होगा। यदि खनिज संपदाओ की नीलामी या भूमि के किराये के बारे में किसी घपले की शिकायत आती है तो मामले की सुनवाई 25 से 55 वर्ष के आम नागरिको की ज्यूरी करेगी। ज्यूरी के गठन की प्रक्रिया ड्राफ्ट में दी गयी है।
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(4) रोयल्टी एवं किराए से प्राप्त राशि को एक खाते में जमा किया जाएगा। NLRO इसमें से 33% राशी सेना को एवं शेष 66% राशि सभी भारतीयों में "बराबर" वितरित करेगा। 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति को 33% अधिक , एवं 75 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को 66% अधिक राशि मिलेगी। इसके अलावा राशि की मात्रा पुत्र, पुत्रियों की संख्या, शारीरिक या मानसिक विकलांगता आदि तत्वों पर भी निर्भर करेगी। अधिक संतान होने पर मिलने वाला पैसा क्रमश: कम होता चला जायेगा।
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इस क़ानून के गेजेट में आने से निम्न परिवर्तन आयेंगे।
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A) देशी, विदेशी धनिकों द्वारा सरकार से गठजोड़ बनाकर प्राकृतिक संसाधनों की जो लूट की जा रही है, उस पर पूरी तरह लगाम लगेगी। उदाहरण के लिए पिछले 70 सालो से टाटा समूह झारखण्ड में 1 रू सालाना रोयल्टी की दर पर कोयला खोद रहा है। जब भारतीय नागरिक खनिज संपदा के मालिक घोषित हो जायेंगे तो टाटा को बाजार भाव से रोयल्टी चुकानी होगी। इस तरह प्रत्येक खनिज में हो रहा खरबों रूपये का घपला रूक जाएगा।
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B) सेना का बजट बढ़ने से भारतीय सेना की शक्ति बढ़ेगी, तथा नागरिको को सामाजिक सुरक्षा प्राप्त होगी।
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C) धन के समान वितरण से निम्न एवं मध्य वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ेगी, इससे वस्तुओ की मांग बढ़ेगी व मांग बढ़ने से स्थानीय निर्माण इकाइयों में वृद्धि होगी। स्थानीय निर्माण बढ़ाने के लिए एक अतिरिक्त प्रस्ताव आयात शुल्क बढ़ाकर 100% करने का है।
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D) बेकार पड़ी जमीनो के बाजार में आने से जमीनों की कीमतों में कमी आएगी जिससे आवास की समस्या हल होगी एवं निर्माण इकाइयां की लागत में कमी आएगी। निर्माण इकाइयाँ बढ़ने से बेरोजगारी कम होगी , आयात घटेगा , निर्यात बढेगा , गरीबी कम होगी एवं लागत कम होने से महंगाई में भी कमी आएगी।

यदि आप इस प्रस्ताव का समर्थन करते है तो पीएम को यह पोस्टकार्ड भेजें – प्रधानमंत्री जी , कृपया इस क़ानून को गेजेट में छापें : Newindia.in/causes/minerals3
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 30 2019 08:52:22 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

कुंजी : #RtrScCj
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उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायधीश पर राईट टू रिकॉल प्रक्रिया का सारांश :

यह क़ानून गेजेट में आने के बाद भारत के नागरिको को ऐसी प्रक्रिया मिल जायेगी जिससे वे बहुमत का प्रदर्शन करके प्रधानमंत्री को यह बता सके कि क्या भारत के मुख्य न्यायधीश की नौकरी चालू रखनी चाहिये या उसे नौकरी से निकाल दिया जाना चाहिये। भारतीय नागरिक पीएम को यह भी बता सकेंगे नागरिको का बहुमत किस व्यक्ति को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश के पद पर नियुक्त करने की मांग कर रहा है।
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[ टिप्पणी : इस क़ानून को देश में लागू करने के लिए किसी तरह के संविधान संशोधन की जरूरत नहीं है । यह कानूनी ड्राफ्ट प्रधानमंत्री द्वारा राजपत्र अधिसूचना के रूप में छापा जा सकता है। इसे लोकसभा या राज्यसभा से अनुमति की आवश्यकता भी नहीं है । ]
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(1) यदि 30 वर्ष से ऊपर की आयु का कोई भारतीय नागरिक राष्ट्रीय स्वीकृत जूरिस्ट (NRJ) बनना चाहता है, तो वह जिला कलेक्टर के सामने प्रस्तुत होकर शपथपत्र दे सकेगा। सांसद के चुनाव में जमा होने वाली राशि के बराबर शुल्क लेकर कलेक्टर उसे एक विशिष्ट सीरियल नंबर जारी करेगा और उसका शपथपत्र NRJ पद के लिए प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर रखेगा।
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(2) मतदाता अपने पटवारी कार्यालय में किसी भी दिन जाकर अपनी पसंद के अधिकतम 5 व्यक्तियों को NRJ के रूप में अनुमोदित कर सकेंगे। अनुमोदन SMS एवं ATM द्वारा भी दर्ज किये जा सकेंगे। नागरिक किसी भी दिन अपना अनुमोदन रद्द भी कर सकेंगे। कलेक्टर प्रत्येक महीने विभिन्न NRJ को प्राप्त अनुमोदनो की गिनती प्रकाशित करेंगे।
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(3) यदि किसी प्रत्याशी को 15 करोड़ से अधिक अनुमोदन प्राप्त हो जाते है तो प्रधानमंत्री उसे NRJ के रूप में नियुक्त कर सकते है।
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(4) यदि किसी NRJ को 45 करोड़ से अधिक अनुमोदन प्राप्त होते हैं और उसके अनुमोदन पदासीन मुख्य न्यायधीश के अनुमोदनों से 1 करोड़ अधिक भी है तो प्रधानमंत्री सबसे अधिक अनुमोदन पाने वाले NRJ का नाम भारत के उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और उच्चतम न्यायालय के प्रत्येक न्यायाधीश के पास भेजकर पूछेंगे कि क्या उस नए व्यक्ति को भारत के उच्चतम न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करना संवैधानिक रूप से उचित होगा।
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(5) यदि उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायधीश और उच्चतम न्यायालय के प्रत्येक न्यायधीश 7 दिनों के अन्दर ये सिफारिश करते है कि अधिकतम अनुमोदित NRJ को ही मुख्य न्यायधीश नियुक्त किया जाना चाहिए और पदासीन मुख्य न्यायधीश को अपना पद त्याग देना चाहिए, केवल तब ही प्रधानमंत्री उस NRJ को नए ScCj के रूप में नियुक्त कर सकते है।
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(6) हालाँकि यदि उच्चतम न्यायालय का कोई न्यायाधीश इसका विरोध करता है या 7 दिनों के अन्दर कोई उत्तर नहीं देता है, तब प्रधानमंत्री अपनी सिफारिश रद्द कर सकते है, या अपना पद त्याग सकते है और नया लोकसभा चुनाव घोषित कर सकते है, या प्रधानमंत्री और लोकसभा सांसद आपातकाल घोषित कर सकते है। क्योंकि भारत के महान संविधान के अनुसार, आपातकाल के दौरान उच्चतम न्यायालय न्यायाधीशों को शामिल करते हुए सभी भारतीय नागरिकों के मूल अधिकार अस्थायी रूप से निरस्त हो जाते है। इस सम्बन्ध में प्रधानमंत्री और लोकसभा सांसदों का निर्णय अंतिम माना जायेगा।
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यदि आप इस क़ानून का समर्थन करते है तो कृपया प्रधानमंत्री कार्यालय को पोस्टकार्ड भेजें : प्रधानमंत्री जी , कृपया इस क़ानून को गेजेट में छापे - <https://newindia.in/causes/RtrScCj>;
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 30 2019 17:16:55 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

#CancelMauritiusTreaty
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मॉरिशस रुट और सेज को दी जा रही कर राहतो की समाप्ति के लिए प्रस्तावित प्रक्रिया :
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सभी नागरिक मतदाताओं ,
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यदि आप एक भारतीय नागरिक है तथा आपकी भारत में कोई कंपनी है, तो मारीशस रूट जैसे मौजूदा कानूनों के अनुसार आपको विदेशी कंपनियों की तुलना में 30% अधिक टैक्स देना पड़ता है। इस मौजूदा कर व्यवस्था के कारण विदेशी कंपनियों की तुलना में स्वदेशी कंपनियों का माल महंगा हो जाता है और स्वदेशी कम्पनियों को नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अलावा इस व्यवस्था के कारण भारत सरकार को राजस्व की भी हानि होती है। विदेशी कम्पनियाँ इस रूट का प्रयोग टैक्स बचाने के लिए करती है जिससे स्वदेशी कंपनियों और देश, दोनों को ही घाटा उठाना पड़ता है।
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समाधान
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(1) विशेष आर्थिक जोन (SEZ) को दिए जाने वाले सभी लाभ को रोका जाये।
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(2) भारत में काम कर रही सभी कंपनियों को भारत सरकार को समान कर देने सम्बन्धी नियम को लागू किया जाए।
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(3) सभी भारतीय कम्पनिया जो भारत के बाहर काम कर रही है और अमुक देश में जो भी टैक्स देती है, यदि भारत से बाहर दिया गया ऐसा टैक्स उससे ज्यादा है, जितना भारतीय कंपनियों को भारत में देना होता है, तो उन भारतीय कंपनियों को कोई भी टैक्स नहीं देना होगा। लेकिन यदि चुकाये गए ऐसे टैक्स की दर भारत में लागू टैक्स से कम है तो अमुक कम्पनी को टैक्स में इस अंतर की दर के अनुसार करो का भुगतान भारत सरकार को करना होगा।
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यदि आप मॉरीशस रूट बंद करवाकर सभी भारतीय तथा विदेशी कम्पनियों को भारत में समान कर के दायरे में लाना चाहते है तो निम्नलिखित कदम उठाये :

(1) प्रधानमंत्री कार्यालय को पोस्टकार्ड भेजें। पोस्टकार्ड में यह लिखें - प्रधानमंत्री जी , कृपया इस कानून को गेजेट में छापें : newindia.in/CancelMauritiusTreaty
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(2) पीएम को यह ट्विट भेजें - @pmoindia , please print : newindia.in/Causes/CancelMauritiusTreaty , #CancelMauritiusTreaty
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(3) पीएम की वेबसाईट पर इस अर्जी को वोट करें : newindia.in/Causes/CancelMauritiusTreaty

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मॉरिशस रुट और सेज (SEZ) को दी जा रही कर राहतो की समाप्ति के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट :
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=========ड्राफ्ट का प्रारम्भ=====
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[ प्रधानमंत्री के लिए निर्देश ]

आयकर अधिनियम 1961 में निम्न धारा को जोड़ें जो भाग 90AA कहलाएगी :
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“भारत में कार्यशील कोई भी कम्पनी, चाहे वो भारत में हो, चाहे विशेष आर्थिक जोन (सेज) में हो या विशेष आर्थिक जोन के बाहर हो, चाहे वे मॉरीशस या सिंगापुर या किसी अन्य देश में हो, ऐसी सभी कम्पनियों पर करो की समान दरें लागू होगी। दूसरे शब्दों में, सभी तरह की आय जैसे अल्पकालीन / दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ, तथा अन्य लाभ आदि पर टैक्स की दरें एक सामान्य भारतीय कंपनी के बराबर ही होंगी। आयकर अधिनियम में मौजूद कोई भी धारा जो इस धारा के विरुद्ध आशय प्रकट करती है, वह धारा अमान्य और हटायी गयी मानी जायेगी।”
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[ मौजूदा आयकर अधिनियम में 90AA खण्ड उपलब्ध नहीं है। उपरोक्त धारा से आयकर अधिनियम में यह भाग जुड़ जायेगा। मंत्रिमंडल इस धारा को अध्यादेश द्वारा सीधे पारित कर सकता है और जब ये मंत्रिमंडल द्वारा पारित हो जाएगा, तो इसे 6 महीनों के भीतर संसद में पारित करना होगा ]
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=======ड्राफ्ट की समाप्ति=======
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 30 2019 17:32:33 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

राजीव भाई दीक्षित मोरिशस रूट बंद करवाने के लिए हाई कोर्ट गए थे। हाई कोर्ट ने राजीव भाई के पक्ष में फैसला दिया और मोरिशस रूट को बंद करने के आदेश दिए। किन्तु सुप्रीम कोर्ट के भ्रष्ट जजों ने हाई कोर्ट के फैसले को पलट दिया।
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क्या है सेज और मोरिशस रूट ?
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यदि आप एक भारतीय नागरिक है तथा आपकी भारत में कोई कंपनी है, तो मारीशस रूट जैसे मौजूदा कानूनों के अनुसार आपको विदेशी कंपनियों की तुलना में 30% अधिक टैक्स देना पड़ता है। इस मौजूदा कर व्यवस्था के कारण विदेशी कंपनियों की तुलना में स्वदेशी कंपनियों का माल महंगा हो जाता है और स्वदेशी कम्पनियों को नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अलावा इस व्यवस्था के कारण भारत सरकार को राजस्व की भी हानि होती है। विदेशी कम्पनियाँ इस रूट का प्रयोग टैक्स बचाने के लिए करती है जिससे स्वदेशी कंपनियों और देश, दोनों को ही घाटा उठाना पड़ता है।
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यदि आप मॉरीशस रूट बंद करवाकर सभी भारतीय तथा विदेशी कम्पनियों को भारत में समान कर के दायरे में लाना चाहते है तो निम्नलिखित कदम उठाये :

(1) प्रधानमंत्री कार्यालय को पोस्टकार्ड भेजें। पोस्टकार्ड में यह लिखें - प्रधानमंत्री जी , कृपया इस कानून को गेजेट में छापें : newindia.in/CancelMauritiusTreaty
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(2) पीएम को यह ट्विट भेजें - @pmoindia , please print : newindia.in/Causes/CancelMauritiusTreaty , #CancelMauritiusTreaty
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(3) पीएम की वेबसाईट पर इस अर्जी को वोट करें : newindia.in/Causes/CancelMauritiusTreaty
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(*) यदि आप विदेशियों को लाभ देने वाले इस रूट को जारी रखना चाहते है तो कृपया उपरोक्त कदम न उठाये
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मोरिशस रूट को ख़त्म करने के लिए आयकर अधिनियम में यह धारा जोड़ी जाएगी :
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“भारत में कार्यशील कोई भी कम्पनी, चाहे वो भारत में हो, चाहे विशेष आर्थिक जोन (सेज) में हो या विशेष आर्थिक जोन के बाहर हो, चाहे वे मॉरीशस या सिंगापुर या किसी अन्य देश में हो, ऐसी सभी कम्पनियों पर करो की समान दरें लागू होगी। दूसरे शब्दों में, सभी तरह की आय जैसे अल्पकालीन / दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ, तथा अन्य लाभ आदि पर टैक्स की दरें एक सामान्य भारतीय कंपनी के बराबर ही होंगी। आयकर अधिनियम में मौजूद कोई भी धारा जो इस धारा के विरुद्ध आशय प्रकट करती है, वह धारा अमान्य और हटायी गयी मानी जायेगी।”
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यदि प्रधानमंत्री इस धारा को आयकर अधिनियम में जोड़ दे तो मोरिशस रूट बंद हो जाएगा।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Jan 31 2019 20:29:52 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

#JurySys3 : जूरी सिस्टम की कुंजी
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यह कानून पारित होने के बाद हत्या, अपहरण, बलात्कार, मारपीट जैसे अपराधिक मामलो में सजा सुनाने का अधिकार जज की जगह नागरिको की जूरी के पास रहेगा। जूरी का चयन जिले की मतदाता सूचियों में से रेंडमली किया जाएगा, जिनका आयु वर्ग 25 से 55 वर्ष के बीच होगा व जूरी मंडल में 15 से 1500 तक जूरी सदस्य हो सकेंगे।

( इस कानूनी ड्राफ्ट को संसद से पास करके लागू किया जा सकता है। इसके लिए संविधान संशोधन की जरुरत नहीं है। )
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1) यदि आपका नाम वोटर लिस्ट में है तो इस कानून के पारित होने पर आपको जूरी ड्यूटी के लिए बुलाया जा सकता है। जूरी ड्यूटी में आपको आरोपी, पीड़ित, गवाहों और दोनों पक्षों के वकीलों द्वारा प्रस्तुत तथ्य और बहस सुननी होगी और सजा / जुर्माना या रिहाई तय करनी होगी।
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2) प्रत्येक जिले में एक जूरी प्रशासक होगा, जिसकी नियुक्ति मुख्यमंत्री करेंगे। राईट टू रिकॉल प्रक्रिया का प्रयोग करके मतदाता उसे किसी भी दिन बदल सकेंगे।
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3) प्रत्येक जिले में एक 30 सदस्यीय महा जूरी मंडल होगा। प्रथम महाजूरी मंडल का गठन करने के लिए जूरी प्रशासक एक सार्वजनिक बैठक बुलाएगा और मतदाता सूची से 25 वर्ष और 55 वर्ष की आयु के मध्य के 50 मतदाताओं को रेंडमली चुनेगा। जूरी प्रशासक इनमे से किन्ही 20 सदस्यों को निकाल सकता है। शेष 30 मतदाता महा-जूरी मंडल के सदस्य होंगे। इनमे से हर 10 दिन में 10 सदस्य सेवानिवृत होंगे और नए 10 सदस्यो का चयन मतदाता सूची में से रेंडमली कर लिया जाएगा। इस तरह यह महा जूरी मंडल निरंतर काम करता रहेगा। महा जूरी सदस्य को प्रति उपस्थिति 500 रूपये एवं यात्रा व्यय मिलेगा।
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4) कोई भी वादी अपने मामले की शिकायत महा जूरी मंडल के सदस्यों को लिख कर दे सकते है। यदि महा जूरी मंडल मामले को निराधार पाते है तो शिकायत खारिज कर सकते है , अथवा इस मामले की सुनवाई के लिए एक नए जूरी मंडल के गठन का आदेश दे सकते है।
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5) मामले की जटिलता एवं आरोपी की हैसियत के अनुसार महा जूरी मंडल तय करेगा कि 15-1500 के बीच में कितने सदस्यों की जूरी बुलानी चाहिए। तब जूरी प्रशासक मतदाता सूची से रेंडमली सदस्यों का चयन करते हुए जूरी मंडल का गठन करेगा और मामला इन्हें सौंप देगा।
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6) तब यह जूरी मंडल दोनों पक्षों एवं गवाहों को सुनकर इस मामले में फैसला देगा। प्रत्येक जूरी सदस्य अपना फैसला बंद लिफ़ाफ़े में ट्रायल एडमिनिस्ट्रेटर को देंगे। दो तिहाई सदस्यों द्वारा मंजूर किये गये निर्णय को जूरी का फैसला माना जाएगा। किन्तु मृत्यु दंड में 75% सदस्यों के अनुमोदन की जरूरत होगी। प्रत्येक मामले की सुनवाई के लिए अलग से जूरी मंडल होगा। पक्षकार चाहे तो जूरी मंडल के फैसले की अपील हायर जूरी में कर सकते है।
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7) यदि किसी जिले में तहसील स्तर के न्यायालय हैं तो जूरी प्रशासक तहसील स्तर पर भी महा जूरी मंडल का गठन कर सकता है।
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यदि आप इस क़ानून का समर्थन करते है तो प्रधानमंत्री कार्यालय , दिल्ली को एक पोस्टकार्ड भेजें। पोस्टकार्ड पर यह लिखें --- " प्रधानमंत्री महोदय , कृपया इस क़ानून को गैजेट में छापें - <https://newindia.in/causes/JurySys3>;
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