Posts for 2024-09







Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Sep 05 2024 21:35:44 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Ashok Jain VotevapsiCm:

आज नागरिक कर्तव्य दिवस 05/09/2024 गुरूवार भीलवाड़ा, राजस्थान से मैं अशोक कुमार जैन ।
भीलवाड़ा शहर में निजी कम्पनी सिक्योर का अनुबंध रद्द करने और AVNNL का राष्ट्रीकरण करने लिये हमारे विधायक जी को ऑपन लेटर भेजकर मांग करी।

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Pawan Jury BhilwaraRj

Fri Sep 13 2024 09:33:43 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

वक़्फ़ बोर्ड भारत सरकार के अधीन आता है और सरकार इसमें जो भी संशोधन करना हो कर सकती है। पर मोदी साहेब ने पिछले १० साल से इसमें कोई संशोधन नहीं किया। और अब वे इस मुद्दे को सड़को पर ला रहे है। जो काम संसद में क़ानून बनाकर कर सकते थे, उस विषय को सड़को पर लाकर गर्म किया जा रहा है, ताकि हिन्दू-मुस्लिम दंगो की जमीन तैयार की जा सके।
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लोग मरेंगे तो वोट भी बढ़ेंगे। और यदि हिन्दू मरा तो वोट और भी ज्यादा बढ़ेगा।
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जिन्दा हिन्दू लाख का, मर गया तो 10 लाख का -- यही इनकी खुराक है।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Sep 18 2024 18:53:58 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

एक देश एक चुनाव (यानी कि मतदाताओं के अधिकारों में कटौती) क़ानून का समर्थन एक प्रकार का देशद्रोह है। जो भी कार्यकर्ता-नेता अपने निहित एवं दलगत स्वार्थों के चलते इस क़ानून का विरोध नहीं करता वह क्षम्य नहीं है । #NoOneNationOneElection

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Pawan Jury BhilwaraRj

Fri Sep 20 2024 19:40:58 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

भारत में पिछले 10 वर्षों से घी बनाने वाली ज़्यादातर ‘बड़ी’ (लगभग सभी बड़ी) कंपनियाँ मांस मिश्रित आयातित चर्बी के पैकेट्स से ही घी बना रही है। बड़ी कंपनियों द्वारा पैकेट में बेचे जाने वाला सभी देशी घी इसी चर्बी से बनता है। दरअसल, बड़े पैमाने पर पैकेट बंद घी बिना चर्बी के नहीं बनाया जा सकता।
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और ये सब देश में इसीलिये हो रहा है, क्योंकि मोदी साहेब की सरकार ने इसे क़ानूनी रूप से वैध किया हुआ है !! जो चाहे मिलाकर आप देशी के नाम पर बेच सकते है। भारत में कोई भी क़ानून आपको ऐसा करने से नहीं रोकता।
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और स्वास्थ्य मंत्री को वोट वापसी पासबुक के दायरे में लाये बिना यह सब रुकेगा नहीं।
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अभी मिशनरीज़ द्वारा संचालित मीडिया इस मुद्दे को ऐसे कोण से उछाल रहा है, ताकि हिंदुओ की आस्था का मजाक उड़ाया जा सके।
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#VoteVapsiPassbook
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Sep 25 2024 22:07:58 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Facebook removed my post about secure, which explain— With help of paid media, how bjp+cong leaders high jacked movement.

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Pawan Jury BhilwaraRj

Mon Sep 30 2024 17:08:31 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Aditya Prakash Sharma:

लोकसभा चुनाव 2024 में VVPAT symbol loading की मीटिंग का अनुभव -

लोकसभा चुनाव के दौरान सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट जो मीटिंग रही, वो रही चुनाव आयोग के सिंबल लोडिंग के समय की मीटिंग । उस मीटिंग में देखा कि वहां पर BEL का एक इंजीनियर आया था । उसके पास में एक appratus था जिसका नाम था सिंबल लोडिंग यूनिट, तो मैंने उस इंजीनियर से पूछा कि इसमें सिंबल जो लोड करते हैं तो वह कहां से करते हैं तो उसने बताया कि उसके उसको चुनाव आयोग के द्वारा एक लैपटॉप मिलता है और उस लैपटॉप में एक सॉफ्टवेयर होता है उस सॉफ्टवेयर में फॉर्म 7 यानी फाइनल उम्मीदवारों की एंट्री करने पर एक फाइल जनरेट होती है जिसे सिंबल लोडिंग फाइल कहते हैं । इस फ़ाइल को सिंबल लोडिंग यूनिट में केबल द्वारा डाउनलोड कर दिया जाता है और फिर वो इंजीनयर चुनाव आयोग के सेंटर पर जहा सभी vvpat रखी होती है, वहां इस सिंबल लोडिंग यूनिट को लाकर के एक-एक वीवीपेट में वह सिंबल लोडिंग करना शुरू करता है । उस इंजीनियर के बताए अनुसार यह लैपटॉप से जो सिंबल लोडिंग फाइल जेनरेशन का काम होता है यह उसके रिटर्निंग अफसर के ऑफिस में होता है, तो उसको मैंने उससे पूछा कि भाई है वो लैपटॉप जो है हमको दिखा सकते हो क्या, तो उसने कहा कि नही, हम यहां सिर्फ ये सिंबल लोडिंग यूनिट ही लाते है । फिर वो इंजीनियर सिंबल लोडिंग यूनिट से एक एक करके vvpat को कनेक्ट करने शुरू करता है और प्रत्येक VVPAT कनेक्ट होते ही हो वह आटोमेटिक खुद को चेक करना शुरू करता था । मैने देखा कि VVPAT सेल्फ एवोल्यूशन के दौरान बहुत सी पर्चियां जेनरेट कर रहा था । तो मैंने उन पर्चियों में देखा की इस VVPAT में कई सेंसर लगे हुए हैं और वो प्रत्येक सेंसर को चेक करता है फिर वह सेंसर को चेक करने के बाद में उसकी स्लिप को जनरेट करता है कि अमुक सेंसर ओके है या नहीं है फिर वह टोटल जितने भी जो सेंसर होते हैं उनके उनके बारे में एक फाइनल जेनरेशन निकाल करके दे देता है, एक पर्ची के रूप में । और यह प्रक्रिया कई बार होता है, यदि कोई सेंसर काम नहीं करता है तो vvpat फिर वापस से रिबूट होता है, उसके बाद आटोमेटिक वो सिंबल ले लेता है । इस दौरान जितनी भी जो पर्चियां निकलती है, तो सीक्रेसी का लेवल ये है कि चुनाव आयोग का, कि, उन पर्चियों को सीधे कचरे के डिब्बे में नहीं डालते, पहले उनको पूरी तरह स्क्रैप करते हैं, बिल्कुल पूरी तरह से बारीक कटाई कर देते है, एक एक पर्ची की, एक मशीन रहती है स्क्रेपर मशीन, उसका उपयोग करते है । तो किस लेवल पर काम कर रहे हैं, की किसी के पास कोई इनफार्मेशन नहीं होना चाहिए की, इस मशीन में कौन कौन से सेंसर है, किसी को पता नहीं लगना चाहिए ।

मैने वहा खुला हुआ VVPAT भी देखा तो उसमें एक जो नीले कलर का जो हुड है उसके ऊपर एक ब्लैक ग्लास वहां पर और फिर अंदर जो प्रिंटर की कवरिंग है उसके ऊपर भी एक ब्लैक ग्लास है तो वह काफी ज्यादा ब्लैक है ।

इंजीनियर से और अधिक पूछने पर उसने कहा कि उसको इससे अधिक नही पता ।

तो ब्लैक ग्लास के वजह से EVM में धांधली होने की संभावना है । इसलिए हमारी मांग है वोटर्स को बैलट पेपर का ऑप्शन भी दिया जाए ।

सभी चुनाव लड़ने वाले साथियो को इस तरह की मीटिंग में जरूर जाना चहिये ।

नोट - ये सभी फोटो उस मीटिंग के दौरान मैंने अपने फोन से लिये है ।

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