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Pawan Jury BhilwaraRj

Fri Apr 02 2021 22:06:37 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

क्या गिलगित बालतिस्तान भविष्य में पाकिस्तान का हिस्सा नहीं रहेगा?
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दिसम्बर 2020 में इमरान खान ने गिलगित बाल्टिस्तान का विलय पाकिस्तान में करने की सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी। मार्च 2021 में गिलगित बाल्टिस्तान की विधानसभा ने इस सम्बन्ध में बिल पास करके केंद्र सरकार को भेजा है।
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अब इमरान खान संविधान संशोधन द्वारा गिलगित बाल्टिस्तान को पाकिस्तान का पांचवा राज्य घोषित करेंगे और यदि यह संशोधन को जाता है, गिलगित बाल्टिस्तान पाकिस्तान का कानूनी रूप से हिस्सा हो जाएगा।
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Gilgit-Baltistan house passes joint resolution for interim provincial status for region - Times of India
<https://timesofindia.indiatimes.com/.../arti.../81418389.cms>;
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कश्मीर के मामले में यह काफी बड़ा और बुनियादी बदलाव है।
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गिलगित बाल्टिस्तान के बारे में पाकिस्तान द्वारा उठाया गया यह कदम उतना ही बड़ा है और इससे ठीक वैसा ही प्रभाव आएगा है जैसा प्रभाव भारत सरकार द्वारा धारा 370 को निरसित करने से आया है।
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भारत के पेड मीडिया एवं राजनैतिक आई टी सेल्स ने यह प्रकरण पूरी तरह से गायब कर दिया है या इसे अंडर रिपोर्ट किया है !!!
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उल्लेखनीय है कि, जब कश्मीर पर पाकिस्तान ने हमला किया था और भारत ने पाकिस्तान को खदेड़ा था तो युद्ध विराम के दौरान आधे कश्मीर पर भारत का नियंत्रण स्थापित हो गया और आधे कश्मीर पर पाकिस्तान ने सामरिक रूप से कब्ज़ा बनाए रखा।
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जिस आधे कश्मीर पर पाकिस्तान ने कब्ज़ा कर लिया था यही गिलगित बाल्टिस्तान है। इसे पाक अधिकृत कश्मीर भी कहा जाता है। कश्मीर को लेकर 1947 से भारत-पाक में लड़ाई इस बात की है कि, पाकिस्तान ने अवैध रूप से कश्मीर के आधे हिस्से (गिलगित बाल्टिस्तान) पर जबरन कब्ज़ा किया हुआ है, और पाकिस्तान को यह हिस्सा खाली कर देना चाहिए।
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और पाकिस्तानी के संविधान एवं कानून के अनुसार भी कश्मीर का यह हिस्सा पाकिस्तान का अंग नहीं है।
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किन्तु यदि यह संविधान संशोधन हो जाता है तो गिलगित बाल्टिस्तान पाकिस्तान का कानूनी रूप से पांचवा राज्य बन जाएगा और गिलगित बाल्टिस्तान के सांसदों को पाकिस्तान की संसद में प्रतिनिधित्व मिलेगा।
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सबसे पहले 1972 में शिमला समझौते के दौरान इस बिंदु पर रजामंदी बनाने की बात शुरू हुयी थी कि कश्मीर को यथा स्थिति में आधा-आधा बाँट लिया जाए।
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मतलब जो आधा कश्मीर भारत के पास है वह भारत का अंग बने, जिस आधे कश्मीर (गिलगित बाल्टिस्तान) पर पाकिस्तान का अवैध कब्ज़ा है भारत उस हिस्से पर अपना दावा छोड़ दे, और नियंत्रण रेखा (LOC) को अंतराष्ट्रीय सीमा मान लिया जाए। लेकिन बात नहीं बनी।
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इसके बाद से लगातार इस फार्मूले पर सुगबुगाहट चलती रही।
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माना जाता है कि, आगरा शिखर वार्ता (मुशर्रफ और वाजपेयी) के दौरान इस फार्मूले पर लगभग रजामंदी बन चुकी थी, लेकिन एन मौके पर फिर से बात टूट गयी।
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असल में, कोई भी प्रधानमंत्री इस फार्मूले पर पहल नहीं करना चाहता था। क्योंकि इस फार्मूले को सब के सामने स्वीकारने का मतलब है कि समझौता होने के साथ ही अगले दिन भारत-पाकिस्तान का नक्शा बदल जाएगा। और अवाम को यह साफ़ नज़र आने लगेगा कि हम आधा कश्मीर गँवा चुके है। और इसकी गाज उस सरकार पर गिरेगी जो यह समझौता करेगी।
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अब शायद आज के 5-10 साल बाद यह जानकारी सामने आए कि 2018 में भारत एवं पाकिस्तान की सरकारों ने इस फार्मूले को अनाधिकृत रूप से लागू करना तय किया था।
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सब कुछ तय हो जाने के बाद पहले चरण में भारत ने धारा 370 को निरस्त किया और पाकिस्तान की सरकार ने जबानी विरोध जताने का ड्रामा किया।
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और पाकिस्तान सरकार ने अपनी अवाम से यह बात छिपा ली कि, उन्हें यह जानकारी पहले से थी कि भारत 370 ख़त्म करके कश्मीर का विलय भारत में करेगा।
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और फिर पाकिस्तान (गिलगित बाल्टिस्तान) का विलय पाकिस्तान में करेगा और यह बात भारत सरकार को पहले से पता थी।
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बहरहाल, कुछ ही हफ्तों में मालूम हो जाएगा कि मोदी साहेब पाकिस्तान को यह संविधान संशोधन करने से रोकने के लिए कोई वास्तविक कदम उठाते है, या रस्मी विरोध दर्ज करवा कर कश्मीर (गिलगित बाल्टिस्तान) का विलय कानूनी रूप से पाकिस्तान में होने देते है।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Apr 04 2021 19:27:05 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

5 अप्रेल 2021 : आज नागरिक कर्तव्य दिवस है। यदि आपकी मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री से कोई माँग है तो Cm/Pm को चिट्ठी भेजे।
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मैं आज लॉकडाउन पूर्णतया समाप्त करने का निर्देश देने के लिए पोस्टकार्ड लिखूंगा। आप भी यदि लॉकडाउन ख़त्म करना चाहते है तो पीएम / सीएम को इस बारे में चिट्ठी भेजे।
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#EndLockDownTotally
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#लॉक_डाउन_पूर्णतया_समाप्त_करें
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Apr 04 2021 20:16:06 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

राजस्थान विधानसभा उप चुनाव :
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राजसमन्द एवं सहाडा विधानसभा में राईट टू रिकॉल पार्टी के प्रत्याशी वोट वापसी पासबुक की जानकारी मतदाताओ तक पहुँचाने के लिए चुनाव लड़ रहे है।
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(a) हितेश जी शाक्य - राजसमन्द विधानसभा से प्रत्याशी है।
(b) ईश्वर जी चौधरी - सहाड़ा विधानसभा से प्रत्याशी है।
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प्रचार के लिए कार्यकर्ता निम्नलिखित कदम उठा सकते है :
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(1) यदि उपरोक्त विधानसभा में निवास करने वाले मतदाता आपसे फेसबुक पर जुड़े हुए है तो उन्हें इस बारे में सूचित करें।
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(2) यदि आप उपरोक्त विधानसभा में निवास करते है तो अपने व्हाट्स ग्रुप में जुड़े हुए स्थानीय मतदाताओ को इस बारे में सूचित करें।
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(3) #RajasthanByElection , #RajasthanByelection2021 , #उपचुनाव हेश को क्लिक करें। इस हेश को क्लिक करके आप उपरोक्त विधानसभा चुनावों से सम्बंधित विविध पोस्ट्स तक पहुँच सकते है, और अमुक ग्रुप्स / पेज / चेनल आदि के सदस्यों को इस बारे में सूचित कर सकते है।
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(4) अन्य किन्ही निरापद तरीको का इस्तेमाल जिसे उचित समझते है।
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#JuryCourt , #VoteVapsiPassbook
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Pawan Jury BhilwaraRj

Mon Apr 05 2021 19:04:39 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Rameshwar Jat Jury BhilwaraRj:

आज नागरिक कर्तव्य दिवस पर मुख्यमंत्री महोदय को पोस्टकार्ड लिखकर लोक डाउन पूर्णतया खत्म करने की मांग करी ।
मेरा मानना है कि राज्य, जिले के छोटे छोटे व्यापारियों को लोक डाउन खत्म कर रहा है , लोक डाउन से कोरोना का कोई लेना देना नही है ।

अतः जिम्मेदार नागरिको को लोक डाउन खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री को चिट्टी लिखकर मांग करनी चाहिए ।
#EndLockDownTotally

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Pawan Jury BhilwaraRj

Mon Apr 05 2021 20:05:16 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

5 अप्रेल 2021 :नागरिक कर्तव्य दिवस ।
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मैंने आज लॉकडाउन पूर्णतया समाप्त करने का निर्देश देने के लिए मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड भेजा है।
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#EndLockDownTotally
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#लॉक_डाउन_पूर्णतया_समाप्त_करें
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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Apr 08 2021 20:41:33 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Apr 08 2021 20:43:22 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

सहाड़ा विधानसभा के हमीरगढ़ में राईट टू रिकॉल पार्टी प्रत्याशी ईश्वर जी चौधरी का चुनाव प्रचार :
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#rajasthanbyelection2021 , #ByElection , #उपचुनाव
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#VoteVapsiPassbook #JuryCourt

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Pawan Jury BhilwaraRj

Fri Apr 09 2021 17:54:16 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

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Pawan Jury BhilwaraRj

Fri Apr 09 2021 19:05:53 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

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Pawan Jury BhilwaraRj

Sat Apr 10 2021 18:38:42 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Kushagra Yadav Salonup:

The absence of the Jury system and Empty Land tax is responsible for bad engineering and science in India.

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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Apr 14 2021 18:20:53 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

पूरे देश की पुलिस का यही हाल है। एसपी को वोट वापसी पासबुक के दायरे लाए बिना स्थिति में सुधार आना सम्भव नही है।
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#VoteVapsiPassbook , #JuryCourt

कपिल देव:

जोगी बाबा की पुलिस गस्त पर थी! धूप तेज थी और कुछ महिलाएं व युवतियां खेत काट रही थीं!

सहृदय पुलिसवालों से उनकी दुर्दशा देखी नहीं गयी! उन्होंने मदद करनी चाही! बोला- आपलोग हंसिया हमें दे दो और जाओ छांव में बैठो!

महिलाएं नहीं मानी! उनको जबर्दस्ती मनाया गया! तभी किसी ने वीडियो बना लिया!

बस इतनी सी बात है!

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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Apr 14 2021 18:31:17 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

भारत की किसी भी राजनैतिक पार्टी के मैनिफ़ेस्टो में आपको पुलिस एवं अदालतें सुधारने के बारे में एक लफ़्ज़ भी नही मिलेगा। और अपराधियों को इतना हौंसला सिर्फ़ तब होता है जब उन्हें पैसे की ताक़त पर पूरा भरोसा होता है। वे जानते है, पुलिस एवं जजों को पैसा देकर हम मामला रफ़ा दफ़ा करवा लेंगे ।
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जज एवं एसपी को जूरी कोर्ट के दायरे में लाए बिना स्थिति सुधरने वाली नही है। #JuryCourt , #VoteVapsiPassbook

Manoj Kumar Yadav:

“मत मारो मेरे बेटे को , ये बेहोश हो गया है “ बेख़ौफ़ बदमाशों के आगे गुहार लगा रहा ये पिता , मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के शहर जोधपुर राजस्थान का है ।
तोड़फोड़ का पैटर्न देखने के बाद कुछ और बताने की जरूरत नहीं है

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Pawan Jury BhilwaraRj

Fri Apr 23 2021 18:05:03 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Ishwar Choudhary BhilwaraRj:

देश के कोने कोने से लोक डाउन के विरोध में किए जाए रहे आंदोलन का नतीजा है कि प्रधानमंत्री जी को यह स्टेटमेंट देना पड़ा ।
अगर कुछ और लोगो का साथ मिलता तो आज देश लोक डाउन फ्री हो सकता है । बीमारी का लोक डाउन से कोई सम्बन्ध नही है , लोक डाउन देश मे छोटे छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ रहा है ।

अतः जिम्मेदार लोगों द्वारा लोक डाउन को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को #लोक_डाउन_पूर्णतया_खत्म_करे #EndLockDownTotally का ट्वीट कर, चिट्टी लिखकर मांग करे ।

<https://twitter.com/PMOIndia/status/1384530706194305028?s=19>;

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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Apr 25 2021 06:22:21 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

TN Sharma VotevapsiCm:

अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया राज्य के मौजूदा गवर्नर(मुख्यमंत्री) गैविन नेवसोम ढाई वर्ष के कार्यकाल के बाद ही जनता द्वारा नौकरी से हटाए जा रहे हैं। वहां मुख्यमंत्री का कार्यकाल 4 वर्ष का होता है।

गैविन के खिलाफ माहौल तब बना जब राज्य में को रोना की संख्या घटने लगी थी लेकिन फिर भी उन्होंने लॉकडाउन के नियमो में कोई ढील नहीं दी। इससे वहां के छोटे-मध्यम व्यवसायी उनसे नाराज हो गए और उनके खिलाफ रिकॉल इलेक्शन की कानूनी कार्रवाही चालू कर दी।

अमेरिका के इतिहास में यह चौथी बार है जब किसी मुख्यमंत्री को कार्यकाल पूरा होने से पहले उसकी नौकरी से हटाया गया। क्यूंकि वहां ऐसे नियम है जिसके तहत जनता सरकारी अधिकारी, नेता, पुलिस, जज, आदि को किसी भी दिन नौकरी से हटा सकती है इसलिए वहां का सरकारी वर्ग जनता के खिलाफ काम करने से डरता है।

<https://ktla.com/news/california/california-recall-election-process-and-effort-to-remove-gov-gavin-newsom-explained/>;

भारत के सभी बड़ी पार्टियों के नेता इस तरह के कानून का विरोध करते है यहां तक कि वो इस रिकॉल अर्थात वोटवापसी कानून का नाम तक सुनने को तैयार नही है
क्योकि वे जानते है कि इससे वो जनता के अधीन हो जाएंगे

भारत मे सिर्फ एक मात्र राइट टू रिकॉल पार्टी के कार्यकर्ता इस तरह के कानून #JuryCourt को लागु करवाने हेतु कोशिश कर रहे है
और लगातार CM को निर्देश स्वरूप पत्र भेज रहे है ।
आप भी भेजे ।

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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Apr 25 2021 10:17:20 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

लोग ज्यादा किससे मर रहे हैं ? क्रोना से या लोकडाउन से ? कैसे जाने ? उपाय ?
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कृपया पीएम को निम्नलिखित ट्वीट करें :
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(1) लॉकडाउन पर रायशुमारी करने के लिए एक SMS सर्वर स्थापित करें - #OpenSmsVoteOnLockDown

(2) सभी मृतकों की पंजीकरण सूची एवं वोटर आई डी नंबर सार्वजनिक करें - #PublishVoterIdNameOfAllDead , #PublicDeathRegistry
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(3) क्रोना का टीका लेने के बाद मरे हुए लोगो की पंजीकरण सूची एवं वोटर आई डी नंबर सार्वजनिक करें - #PublishNamesOfAllWhoDiedAfterDose
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(i) यदि टीका लेने के बाद मरने वाले लोगो के आंकड़े सार्वजनिक कर दिए जाते है तो यह जानकारी मिल सकेगी कि टीका लेने के बाद वायरस से मरने वालो की दर क्या है। और तब इन आंकड़ो के आधार पर व्यक्ति तय कर सकता है कि उसे टीका लेना है या नहीं।
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कृपया इस बात पर ध्यान दें कि -- क्रोना टीके के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता सरकार से यह आंकड़े सार्वजनिक करने का ट्विट करने से मना कर रहे है। उनका कहना है कि, उन्हें आंकड़ो की जरूरत नहीं है, और बस उनकी इस बात को मान लिया जाना चाहिए कि, क्रोना का टीका क्रोना से ज्यादा लोगो को मार रहा है !! और सभी को उनकी बात इसीलिए मान लेनी चाहिए क्योंकि उनकी बुद्धिमता का स्तर अन्य नागरिको (जिन्हें वे भेड़ बकरों की गिनती में रखते है) की तुलना में काफी उच्च है !!!
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(ii) यदि प्रधानमन्त्री लॉकडाउन पर रायशुमारी करने के लिए एक SMS सर्वर बना देते है तो प्रत्येक नागरिक Yes/No का SMS भेजकर यह बता सकेगा कि वह अपने जिले / राज्य / देश में लॉकडाउन चाहता है या नहीं चाहता है। इससे यह बात निकलकर सामने आएगी कि नागरिको का बहुमत लॉकडाउन चाहता है या नहीं।
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कृपया इस बात पर ध्यान दें कि -- क्रोना को फर्जी महामारी बताने का अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता सरकार से ऐसे SMS सर्वर की स्थापना करने की मांग करने का विरोध कर रहे है। उनका कहना है कि, उन्हें इस बारे में शेष नागरिको (जिन्हें वे अजागरूक या सोया हुआ मानते है) की राय जानने की कोई आवश्यकता नहीं है, और पूरे देश के नागरिको एवं पीएम को उनकी बात बिना किसी ना नुकुर के मान लेनी चाहिए !!
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हमारे विचार में, कार्यकर्ताओं में लोकतांत्रिक दृष्टिकोण की कमी होना और खुद के अलावा शेष नागरिको को "भेड़ बकरा" मानकर चलना एक बड़ी वजह है कि, हमें लॉकडाउन भुगतना पड़ा और आगे भी हमें लॉकडाउन फिर से झेलना पड़ेगा।
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लोकतांत्रिक दृष्टिकोण की कमी होने की वजह से ही ऐसे कार्यकर्ता बिश्‍वरूप रॉय जैसे छोटे गांधी जैसे लोगों का अनुसरण करते है। और विश्वरूप चौधरी जैसे लोग कभी भी कार्यकर्ताओं को यह सूचना नहीं देते कि, उन्हें किसी विषय पर पीएम से जनमत संग्रह / रायशुमारी करने की प्रक्रिया की मांग करनी चाहिए। यदि किसी विषय पर बहुमत व्यक्त हो जाता है, तो लोकमत पीएम पर अपना फैसला वापिस लेने का वांछित दबाव बना सकता है।
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किन्तु लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का विरोध करने वाले छोटे गांधी / छोटे अन्ना तर्क देते है कि - "क्रोना के कारण किसी की मृत्यु नहीं हुई, और नारियल पानी क्रोना के सभी मामलों को ठीक कर सकता है"
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और इनका मानना है कि, इनके इस दावे एवं इस तरह के सभी दावो को सच मान लिया जाना चाहिए। भारत में हम रिकालिस्ट्स एवं मात्र समूह है जो किसी विषय पर "पहले" नागरिको की रायशुमारी / जनमत संग्रह / वोट वापसी प्रक्रियाओ की मांग करते है और इसके साथ ही अमुक विषय पर अपना व्यक्तिगत स्टेंड सामने रखते है।
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इन गांधियों / अन्नाओ और हमारे बीच यह मुख्य अंतर है !!
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इस सम्बन्ध में वीडियो इस लिंक पर देखें - <https://www.youtube.com/watch?v=dbd6f5XuUmo>;
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Apr 25 2021 10:44:45 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

(1) क्रोना के टीके पर मेरा स्टेंड :
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जिसे यह टीका लेना है, वह टीका ले, जिसे टीका नहीं लेना है वह न ले।
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जहाँ तक मेरी बात है, मैं यह टीका नहीं लूँगा। क्योंकि मुझे यह टीका लेने की कोई वजह नजर नहीं आती।
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टीके के बारे में पीएम से मेरी मांग है कि, टीकाकरण अनिवार्य नहीं किया जाना चाहिए। ताकि व्यक्ति को अपना विकल्प चुनने की स्वतंत्रता रहे। और इस बारे में मैंने पीएम को कई हफ्तों पहले ट्विट भेज दिया था।
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(2) क्रोना पर मेरा स्टेंड :
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क्रोना पर मेरा कोई स्टेंड नहीं है। जो इसे महामारी मानता है माने, जो इसे साधारण बीमारी मानता है माने। मुझे इस बारे में किसी की मान्यता से कोई दिक्कत नहीं है।
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(3) लॉकडाउन पर मेरा स्टेंड :
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लॉकडाउन पर मेरा स्टेंड है कि -- क्रोना संक्रमण को रोकने का लॉकडाउन से कोई लेना देना नहीं है। अत: सरकार को लॉकडाउन पूर्णतया समाप्त कर देना चाहिए। और इस बारे में अपने मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री को मैं कई बार ट्विट एवं पोस्टकार्ड भेज चुका हूँ।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Apr 28 2021 10:14:17 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

समाधान - जूरी कोर्ट !!
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जूरी कोर्ट आने के बाद इस तरह के मामलों में आरोपी पुलिस वालों को नागरिकों के जूरी मंडल के समक्ष पेश किया जाएगा, और जूरी बहुमत से यह फ़ैसला देगी कि इन पुलिस वालों को क्या सज़ा देनी चाहिए।
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जूरी कोर्ट न होने की वजह से इस तरह की सैंकड़ों घटनाएँ रोज होती है, लेकिन जज+उच्चाधिकारीयों से साँठ गाँठ होने के कारण राजकिय कर्मचारियों पर कोई कार्यवाही नही होती।
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इस बात पर ध्यान दें कि — सोनिया-मोदी-केजरीवाल सभी समर्थक एवं अन्ध्भगत जूरी कोर्ट के विरोधी है और मौजूदा जज सिस्टम को जारी रखना चाहते है।
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#JuryCourt

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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Apr 28 2021 12:54:40 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

इस IAS अधिकारी को सिर्फ़ ससपेंड करने से कोई बदलाव नही आएगा। नागरिकों की जूरी के सामने इसके ख़िलाफ़ मुक़दमे की सुनवाई होनी चाहिए, ताकि जूरी बहुमत के आधार पर यह तय कर सके कि इसे कितने महीने के लिए सलाखों के पीछे भेजना चाहिए और इस पर इसकी कुल सम्पत्ति का कितना प्रतिशत आर्थिक दंड लगाना चाहिए।
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इस तरह की घटनाएँ सैंकड़ों की संख्या में रोज़ घटित होती है, किंतु उनका विडियो साक्ष्य नही होने के कारण नागरिक ख़ून का घूँट पीकर रह जाते है।
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जूरी कोर्ट आने के अगले दिन ही राजवर्ग के इस व्यवहार में तत्काल परिवर्तन आएगा और वे प्रजा को भेड़-बकरा समझना छोड़ देंगे।
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कृपया इस बात को नोट करे कि सोनिया-मोदी-केजरीवाल के सभी अंधभगत राजवर्ग को प्रजा के अधीन किए जाने के ख़िलाफ़ है और इसीलिए वे जूरी कोर्ट क़ानून का विरोध करते है !!!
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#JuryCourt

Aditi Kumari:

पुरानी हिंदी फिल्मों में जैसे शादी के समय गुंडे लूटने चले आते थे उसी प्रकार का मंजर हमें रोना काल में दिख रहा है लेकिन यह गुंडे नहीं पब्लिक सर्वेंट हैं जो रोना की आड़ में सर्वेसर्वा हो गए हैं अभी और बहुत कुछ देखना बाकी है.

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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Apr 28 2021 18:12:32 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Sandeep Singh:

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अमरीका का लोकडाउन भारत के लोकडाउन में अंतर-----
मीडियाकर्मियों और सोनिया-मोदी-केजरीवाल और इनके कार्यकर्ताओं ने अमेरिका और भारत के लॉकडाउन के अंतर के बारे में बहुत सी जानकारियाँ छुपाएँ रखी। ये रहे कुछ अंतर। ये रहे कुछ बिंदु जो वे छिपा रहे हैं।
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(1) अमेरिका में कोई जबरदस्ती चिकित्सा नहीं की गई।
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(1.01) अमेरिका में किसी भी तरह की जबरदस्ती टेस्टिंग नहीं की गई. अगर कोई नागरिक टेस्टिंग के लिए मना करता है तो उसे घर में रहने का ऑर्डर दिया गया. और अगर वह उस आर्डर को नहीं मानता तो उस पर कानूनी कार्रवाई की गई. लेकिन कोई भी जबरदस्ती की टेस्टिंग नहीं हुई। जबकि भारत में सारी पार्टियां वह सोनिया गांधी हो नरेंद्र मोदी, अरविंद केजरीवाल कांग्रेस rss. सबने जबरदस्ती टेस्टिंग रखी।
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(1.02) अमेरिका में किसी भी तरह का अस्पताल में जाकर इलाज कराना कानूनी तरीके से बाध्य नहीं था. अगर उसे corona पॉजिटिव पाया जाता है तो वह या तो हॉस्पिटल में जा सकता है या तो घर पर रह सकता है। पर भारत में कानून छापे गए हैं उसमें या तो मरीज को खुद उठकर अस्पताल जाना होगा और या फिर पुलिस उसे खींचकर लेकर जाएगी. या फिर निजी अस्पतालों में उसका इलाज होगा जहां उसे ₹100000 देना पड़ सकता है।
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(1.03) एक बार मरीज अस्पताल में पहुंच गया तो अमेरिका में उस पर कोई जबरदस्ती औषधि नहीं दी गई जबकि भारत में पुलिसके द्वारा जबरदस्ती मरीजों को दवाई लेने के लिए बाध्य किया गया। और मरीज के खिलाफ केस फाइल किया जा सकता है अगर उसने दी गई दवाई को लेने से इनकार किया। हाइड्रो क्लोरो क्वीन जो पेशेंट किसी भी तरह का करोना के लक्षण नहीं दिखा रहे थे उसे भी जबरदस्ती दी गई !!!
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(1.04) अमरीका में शव परीवारजनो को वापिस किये गए । और उन्हें पोस्टमॉर्टेम कराने की छूट थी। लेकिन भारत में सोनिया-मोदी-केजरीवाल ने कानून बनाये की कोरोना मृत व्यक्ति का शव परीवारजनो को न दिया जाय। और पोस्टमॉर्टेम भी नहीं होगा।
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(2) भारत के तुलना में अमेरिका में लॉक डाउन नहीं के बराबर था।
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(2.01) लॉक डाउन के सारे दिनों में शहर की मेट्रो चालू थी और शहर के अंदर की बस भी चालू थी। अमेरिका की मेट्रो ट्रेन मात्र 1 दिन के लिए बंद थी वह भी रखरखाव इत्यादि के लिए उस दिन भी शहर के अंदर की सारी बसें चालू थी।
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(2.02) शहर के अंदर की सारी बसें और ट्रेनें चालू थी पर बारम्बारता कम थी।
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(2.03) अमेरिका के अंदर की सारी फ्लाइट है चालू थी यानी आप हवाई जहाज से पूरे अमेरिका में कहीं भी आ जा सकते थे।
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(2.04) निजी कार पर कोई भी रोक-टोक नहीं थी पर उसमें 3 लोग से ज्यादा नहीं आ जा सकते थे पर अगर वह एक घर की कार है यानी उस में बैठने वाले सारे सदस्य एक ही परिवार के हैं तो अधिक लोग भी जा सकते थे।
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(2.05) आगे, अमेरिका में होटल्स खुले हुए थे। और सभी प्राइवेट टैक्सियां, साधारण टैक्सियां, उबेर इत्यादि, सभी दिन चालू थीं। जबकि भारत मे लगभग सभी होटल्स भी बंद थे और सभी टैक्सियां भी बंद थीं!!!
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(2.06) अमेरिका में mask पहनने की कोई जबरदस्ती नहीं थी जहां पर सोशल डिस्टेंसिंग रख पाना कठिन हो जाता है वहीं पर मास्क पहनने की जबरदस्ती की गई थी तात्पर्य किसी भी प्रकार के पार्क या सड़क पर चलने के लिए या गलियों में आपको mask की आवश्यकता नहीं थी।
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(2.07) अमेरिका में ऐसा कोई भी कानून नहीं बनाया गया था कि किसी भी प्रकार के आपको आपको अपने मोबाइल में इंस्टॉल करना है और उसी के द्वारा आप फ्लाइट या अन्य तरह की यात्रा कर सकते हैं। भारत में आरोग्य सेतु को आवश्यक सरकार कानूनी तौर से बना रही है।
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(2.08) आवश्यक सेवाएं जैसे खाना शराब दवाए गाड़ियों की मरम्मत और हर तरह की मरम्मत तो एक भी दिन के लिए बंद नहीं किया गया था आवश्यक दुकानों के बाहर शुरुआती दिनों में कुछ लाइने लगी थी पर धीरे-धीरे वह भी समाप्त हो गई। दुकानों के अंदर ज्यादा ग्राहकों को एक समय में आने से रोका गया था यह सत्य है।
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(2.09) होटलों से होम डिलीवरी 1 दिन के लिए भी बंद नहीं थी आप कभी भी होम डिलीवरी मंगा सकते थे। बहुत सारे होटल जो बंद थे उसका कारण यह था कि ग्राहकों की कमी जिसकी वजह से उन्हें बंद रखना पड़ रहा था।
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(2.10) जिस प्रकार भारत में सोनिया गांधी अरविंद केजरीवाल नरेंद्र मोदी और r.s.s. कांग्रेस के वर्करों ने यह कानून बनाया है कि ट्रेन और फ्लाइटों में अगर आप को यात्रा करनी है तो आपको आपके मोबाइल में कंपलसरी ऐप इंस्टॉल करना होगा उस प्रकार का कोई भी कानून अमेरिका में नहीं है।
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तात्पर्य भारत जैसा तालाबंदी यूएसए में भी नहीं थी। इससे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि भारत की जनता को मूर्ख बनाने के लिए और उन्हें इस बात का विश्वास दिलाने के लिए कि अमेरिका में भी लॉक डाउन है यह सारी चीजें की गई पर धरातल पर अगर देखें तो अमेरिका में कोई भी तालाबंदी नहीं थी यानी लॉक डाउन नहीं था।
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पेड मीडियाकर्मियों और सोनिया-मोदी-केजरीवाल और इनके कार्यकर्ताओं ने अमेरिका और भारत के लॉकडाउन के अंतर के बारे ye जानकारियाँ छुपाएँ रखी।

विदेशी बिकी हुई निजी मीडिया का खबरे छुपाना समझ में आता है पर भारत सरकार द्वारा प्रायोजित दूरदर्शन ने भी इस प्रकार की कोई समाचार नहीं दिए। इस प्रकार यह समझा जा सकता है कि सारी पार्टियां सारी पार्टियां या संगठन आरएसएस आप अरविंद केजरीवाल नरेंद्र मोदी हर कोई एक समान विचार रखता है उनके में जनता के प्रति कोई आदर भाव उनके कष्ट के प्रति कोई सहानुभूति नहीं है सारी पार्टियां एक तरह का ही व्यवहार कर रहे हैं।
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समाधान - राइट टू रिकॉल दूरदर्शन चेयरमैन।

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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Apr 29 2021 18:35:44 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

इस तरह की घटनाएँ सैंकड़ों की संख्या में होती है, जब पुलिस नागरिकों के साथ जानवरो जैसा सलूक करती है। किंतु सभी घटनाओं के विडियो/ साक्ष्य उपलब्ध नही होते।
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समाधान - पुलिस प्रमुख एवं उसके स्टाफ़ को वोट वापसी पासबुक एवं जूरी मंडल के दायरे में लाने के लिए प्रस्तावित क़ानून गेजेट में छापा जाए।
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#JuryCourt

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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Apr 29 2021 19:20:45 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

भारत में आज भी सबसे बड़ी समस्या पुलिस द्वारा उत्पीड़न एवं अदालतों का भ्रष्टाचार ही है।
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समाधान : पुलिस प्रमुख एवं उनके स्टाफ़ को वोट वापसी एवं जूरी मंडल के दायरे में लाने के लिए जूरी कोर्ट क़ानून गेजेट में छापा जाए।
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#JuryCourt

गाँव गगसीना:

चालान महंगा करके सरकार ने पुलिस को गुंडा बना दिया है। एक मासूम बच्चे के सामने उसके पिता को मारते हैं, इस मैसेज को थोड़ा अन्य ग्रुपों में भेजना चाहिए जिससे प्रशासन जागे। 👇

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Pawan Jury BhilwaraRj

Fri Apr 30 2021 11:03:44 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

केरल राज्य में ऑक्सीजन की कमी नही हुयी, और केरल अन्य राज्यों को भी आक्सिजन सप्लाई कर रहा है। इससे यह सिद्ध होता है कि अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री पिछले 1 वर्ष से सो रहे थे, या फिर उन्होंने अपना सारा समय इस मद में निवेश किया कि इस संकट से अतिरिक्त पैसा कैसे बनाया जा सकता है।
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<https://www.ndtv.com/kerala-news/kerala-state-with-surplus-oxygen-amid-mounting-covid-crisis-2421039>;
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यहाँ ऑक्सीजन एवं अन्य चिकित्सीय सुविधाओं की कमी होने के लिए पूर्ण रूप से आपके राज्य के मुख्यमंत्री जिम्मेदार है। उन्होंने पूरा एक वर्ष बर्बाद किया, और एहतियातन कदम नहीं उठाए।
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जब पिछले वर्ष भारत में लॉकडाउन डाला गया था तो सोनिया-मोदी-केजरीवाल के अंध भगतो ने यह तर्क दिया था कि - कुछ समयावधि का लॉकडाउन इसीलिए जरुरी है, ताकि सरकारें (केंद्र एवं राज्य सरकार) वांछित चिकित्सीय सुविधाओं का इंतजाम कर सके।
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तो - "चिकित्सीय व्यवस्थाओ का इंतजाम करने के लिए लॉकडाउन जरुरी है" का तर्क देकर पहले उन्होंने लॉकडाउन द्वारा लोगो को आर्थिक रूप से बर्बाद किया, और अब चिकित्सीय सुविधाओं के अभाव में लोग इधर उधर भटक रहे है एवं ऊँचे दाम चुका रहे है !!
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यदि भारत में जूरी कोर्ट क़ानून लागू होता तो नागरिक मुख्यमंत्री, मंत्री एवं सम्बंधित अधिकारियों पर मुकदमा चला सकते थे, और मुकदमें की सुनवाई नागरिको की जूरी करती न कि जज। और जूरी के सामने पेश किये जाने का भय होने के कारण नेता एवं अधिकारी इस तरह की लापरवाही करने की हिम्मत नहीं दिखाते। किन्तु भारत में जज सिस्टम होने के कारण राजवर्ग पर प्रजा द्वारा न तो मुकदमा चलाया जा सकता है, और न ही नागरिको की जूरी उन्हें दण्डित कर सकती है।
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इस तरह राजवर्ग का प्रजा के अधीन न होना सबसे बड़ी वजह है कि, राजवर्ग (नेता+अधिकारी+जज) के भ्रष्टाचार एवं निकम्मेपन को प्रजा को भुगतना पड़ता है, और मौजूदा स्थिति में भी भुगतना पड़ रहा है।
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और कृपया इस बात को नोट करे कि सोनिया-मोदी-केजरीवाल के सभी अंधभगत राजवर्ग को प्रजा के अधीन किए जाने के ख़िलाफ़ है और इसीलिए वे जूरी कोर्ट क़ानून का विरोध करते है !!! उनका कहना है कि राजवर्ग यदि कोई अपराध करे तब भी मुकदमें की सुनवाई राजवर्ग ही करेगा प्रजा नहीं।
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राजा को प्रजा के अधीन होना चाहिए। वर्ना वो प्रजा को लूट लेगा और राज्य का विनाश होगा !!
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#JuryCourt , #VoteVapsiPassbook , #VoteVapsi
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