Pawan Jury BhilwaraRj
इस IAS अधिकारी को सिर्फ़ ससपेंड करने से कोई बदलाव नही आएगा। नागरिकों की जूरी के सामने इसके ख़िलाफ़ मुक़दमे की सुनवाई होनी चाहिए, ताकि जूरी बहुमत के आधार पर यह तय कर सके कि इसे कितने महीने के लिए सलाखों के पीछे भेजना चाहिए और इस पर इसकी कुल सम्पत्ति का कितना प्रतिशत आर्थिक दंड लगाना चाहिए।
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इस तरह की घटनाएँ सैंकड़ों की संख्या में रोज़ घटित होती है, किंतु उनका विडियो साक्ष्य नही होने के कारण नागरिक ख़ून का घूँट पीकर रह जाते है।
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जूरी कोर्ट आने के अगले दिन ही राजवर्ग के इस व्यवहार में तत्काल परिवर्तन आएगा और वे प्रजा को भेड़-बकरा समझना छोड़ देंगे।
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कृपया इस बात को नोट करे कि सोनिया-मोदी-केजरीवाल के सभी अंधभगत राजवर्ग को प्रजा के अधीन किए जाने के ख़िलाफ़ है और इसीलिए वे जूरी कोर्ट क़ानून का विरोध करते है !!!
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#JuryCourt
Aditi Kumari:
पुरानी हिंदी फिल्मों में जैसे शादी के समय गुंडे लूटने चले आते थे उसी प्रकार का मंजर हमें रोना काल में दिख रहा है लेकिन यह गुंडे नहीं पब्लिक सर्वेंट हैं जो रोना की आड़ में सर्वेसर्वा हो गए हैं अभी और बहुत कुछ देखना बाकी है.