Posts for 2025-04

Pawan Jury BhilwaraRj

Tue Apr 01 2025 04:32:37 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate:

Solution I propose is narcotest in public, usa like right to recall judges and usa like Jury system.
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And NJAC is nonsense. I repeat - NJAC is nonsense.
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Also, over 70% judges in usa are elected. RTR judges law I have been campaigning for partly implements election on judges. But its time we fill all posts of all judges by elections only.

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Pawan Jury BhilwaraRj

Tue Apr 01 2025 15:56:53 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

झगड़े एवं गतिरोध देश की उत्पादकता में कमी लाते है। अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनियां जिस भी देश में जाती है, कानूनों की सहायता से इस तरह की व्यवस्था की रचना करती है कि, व्यक्तियों में आपसी झगड़े, कलह एवं गतिरोध में वृद्धि हो। इसके लिए वे Divide and Rule का इस्तेमाल करते है। इसके 2 रूप है :
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(1) सामुदायिक समूहों के बीच झगड़े
(2) सार्वजनिक मसलो पर व्यक्तिगत झगड़े एवं कलह
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(1) सामुदायिक समूहों के बीच झगड़े : इस नीति में समाज के विभिन्न समूहों में मौजूद विषमता को आधार बनाकर उन्हें पृथक पहचान (Identity) के आधार पर अलग-थलग किया जाता है, और फिर इस विषमता की दरार को चौड़ा किया जाता है।
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उदाहरण के लिए, धर्म के आधार पर (हिन्दू-मुस्लिम संघर्ष), जाति के आधार पर (अगड़ा-पिछड़ा संघर्ष), मूल निवास के आधार पर (आदि किसान-ब्राह्मण,बनिए संघर्ष), क्षेत्र के आधार पर (मराठी-बिहारी संघर्ष), भाषा के आधार पर (उत्तर-दक्षिण संघर्ष), लिंग के आधार पर (महिलावाद-पुरुष संघर्ष) खान-पान (शाकाहार-मांसाहार संघर्ष) के आधार पर आदि आदि।
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प्रत्येक समाज में जाति, धर्म, क्षेत्र, लिंग, नस्ल, भाषा आदि के आधार पर पायी जाने वाली विषमता के आधार पर विभिन्न समुदाय होते है, और ये विविध समुदाय मिलकर ही समाज की रचना करते है। दुनिया में ऐसा कोई समाज नहीं बनाया जा सकता, जिसमें समुदाय न हो। समाज की इकाई समुदाय ही है।
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और 2 समुदाय तभी 2 समुदाय के रूप में अस्तित्व में आते है, जब अमुक 2 समुदायों के मध्य किसी न किसी बिंदु को लेकर विषमता हो। यदि विषमता नहीं है तो समुदाय नहीं बनेगा। और किसी भी समाज में ऐसे दसियों और भारत जैसे समाज में ऐसे सैंकड़ो या छोटे बड़े हजारो तक समुदाय हो सकते है।
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उनकी बुनियादी नीति यह है की, समुदायों के मध्य मौजूद विषमता को चिन्हित करो और इस विषमता की लकीर को चौड़ा एवं गहरा करके इसे खाई में बदल दो। ये खाई खोदने के लिए वे पेड मीडिया एवं कानूनों का इस्तेमाल करते है। 1991 के बाद से भारत में ज्यादातर पार्टियाँ आइडेंटिटी पॉलिटिक्स कर रही है। क्योंकि इसके लिए उन्हें मीडिया कवरेज मिल जाता है।
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यू ट्यूब और फेसबुक आने के बाद इसकी रफ़्तार 10 गुना हो गयी है। और अब लगभग हर समुदाय किसी न किसी समुदाय को देश से खदेड़ने के लिए लट्ठ लिए घूम रहा है। समय गुजरने के साथ समुदायों का यह संघर्ष और भी गहरा और हिंसक होगा।
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यह अमेरिकी कम्पनियों का भारतीय राजनीती में बढ़ते नियंत्रण का परिणाम है। जैसे जैसे FDI बढ़ेगी, यह उसी अनुपात में बढेगा। आने वाले समय में पेड मीडिया के प्रायोजक समुदायों के इस संघर्ष को अलगाववादी आंदोलनों में बदल देंगे।
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(2) सार्वजनिक मसलो पर व्यक्तिगत झगड़े एवं कलह: यह समुदायों या समूहों के संघर्ष से अलग चीज है। यह सार्वजनिक स्थलों एवं सार्वजानिक मसलो से सम्बंधित व्यक्तिगत स्तर पर कलेश है। उन्होंने इस तरह की रचना की है कि, प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी व्यक्ति के जीवन में परेशानी बढ़ाने की छूट है। और जब कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति को परेशान करता है, तो शासन उसे रोकने नहीं आएगा।
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होंकिंग, कान फाड़ू आवाज करने वाले साइलेंसर, सार्वजनिक स्थलों पर बहरा कर देने वाले ध्वनी विस्तारक यंत्र, अनियमित पार्किंग, भूमि अतिक्रमण, झूठे मुकदमें और इस तरह की छोटी छोटी चीजो और हरकतों की काफी लम्बी फेहरिस्त बनाई जा सकती है।
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सार्वजनिक व्यवहार एवं दुर्व्यवहार के बीच कोई सीमा रेखा नहीं है। और न ही इसकी कोई परिभाषा है। सार्वजनिक स्थलों पर 5 लोग शेष 500 लोगों को डिस्टर्ब करके चले जाते है, और उन्हें व्यवस्था कभी रोकने नहीं आती।
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बहुत ही छोटी छोटी और रोजमर्रा की रूटीन चीजो पर सार्वजनिक स्थलों पर इस तरह की कलह चलते रहती है, और लोगो को इरीटेड करते रहती है।
सार्वजनिक स्थलों पर वही लोग डोमिनेट करते है, जिनकी आवाज ऊँची है, और जो दबंग है। आदमी यदि सुबह घर से निकलेगा तो शाम को घर पहुँचने से पहले इस तरह के कई बिन्दुओ पर उसका कई बार खून गरम हो चुका होता है।
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समाधान:
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इस सब को रोकने के लिए हमें मीडिया में FDI रोकनी होगी। प्रस्तावित WOIC क़ानून के गेजेट में आने से संवेदन शील क्षेत्रो में FDI पर रोक आएगी। FDI रोकने के साथ हमें पुलिस एवं अदालतें सुधारने की जरूरत है।
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जब तक पुलिस एवं अदालतें ठीक नहीं होती, तब तक इसे आप रोक नहीं सकते। तो हमारी अनुशंषा है, कि कार्यकर्ताओ को सबसे अधिक भार भारत की पुलिस एवं अदालतों को सुधारने पर देना चाहिए।
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पुलिस एवं अदालतें सुधारने के लिए हमने राष्ट्रिय जूरी कोर्ट क़ानून प्रस्तावित किया है। कृपया इस क़ानून को पढ़ें एवं इसे गेजेट में छपवाने के लिए प्रयास करें।
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#JuryCourt
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Apr 02 2025 02:57:11 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Possible Evm hacking inlcuding hacking of vvpat paper slips !!!
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(1) real evm hacking : pls also see Hariprasad 2010 seven minute evm video aka #Hp2010 at youtu.be/ZlCOj1dElDY . Hp2010 shows how LAKHS of actual evm can be hacked by just 50 men !!! Imo, Hp2010 is the MOST imp document in history of Bharat after 1951.
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(2) vvpat paper slip hacking : now I request you to see the most important post of mine --- #EvmBlackGlass demo at youtu.be/fmLzPdNpxg0 or fb.com/10158274872076922 .

First posted on FB YT in aug-2019 and then given this EBG demo at Jantar Mantar on 29-dec-2019. The code is demonstrated in my homemade evm and can be ported on ECI evm.
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(3) Now let me say more about Hp2010. Hp2010 is imo the MOST important document published in Bharat after 1951. Here, an IIT engineer Harprasad takes an ACTUAL govt eci evm made by BEL, a PSU which comes under PM, and puts a remote control inside evm. And then he changes votes via remote. And with just 50 men, this can be done in lakhs of evm across Bharat !! The facthiderts and only facthiders didnt publish this video in their sm profiles. !!!
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(4) And Hp2010 is NOT just past. Some 40 crore voters use this old non-vvpat evm for municipal panchayat elections. So they all can be mass rigged by Hariprasad remote method. So vdo is relevant even TODAY. So pls see this 7 minute Hp2010 video

(5) and pls ask all supporters of all "1% or more political celebrities" you follow to put link to Hp2010 vdo in the PINNED post of their FB twi insta profiles. Pls leave out celebrities who are 0% political,
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(A2) Imp posts related to EVM and EVM black glass - <https://www.facebook.com/groups/evmhatao3/>;
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Apr 02 2025 06:48:16 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

सच और सच्चे-अच्छे आदमी के नाम पर सर्कस
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जिस तरह वोटिंग सिस्टम में सही-गलत का कोई महत्त्व नहीं होता बल्कि बहुमत जो कहे वही होता है -चाहे सही हो या ग़लत, ठीक उसी तरह सच और सच्चे आदमी का भी कोई महत्त्व नहीं होता, बल्कि उन क़ानूनों का महत्त्व होता है, जो किसी सच्चे-अच्छे/झूठे व्यक्ति ने प्रस्तावित किए है।
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क्योंकि समाज-देश या आपकी जिंदगी में बदलाव क़ानूनों से ही आएगा। सच या झूठ की जुगाली से नहीं।
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उदाहरण के लिए, GST सच-झूठ का लेखा जोखा नहीं है। यह एक क़ानून है। इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि GST छापने वाला सच्चा आदमी है या झूठा आदमी।
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कार्यकर्ताओं को इस चक्कर में नहीं आना चाहिए कि अमुक कोई नेता, समाज सुधारक, गुरु-गुरायत, यू ट्यूबर आदि सच बोल रहा है या झूठ, या वह अच्छा आदमी है या बुरा। कार्यकर्ताओं को सिर्फ़ यह देखना चाहिए कि वह जिस समस्या को उधेड़ने के लिए सच बोल रहा है, उस समस्या को समाप्त करने के लिए उसने क़ानून कौनसा रखा है।
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वरना आप सच्चे-अच्छे आदमियों से सच सुन सुनकर धोखे खाते रहेंगे। क्योंकि धोखा देने के लिए सच्चा आदमी होना पहली शर्त है। झूठे आदमी लोगो को धोखे नहीं दे पाते।
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तो आइंदा जब भी आपका पाला राजनैतिक-सामाजिक विषयों पर बोलने वाले किसी सच्चे आदमी से पड़े तो आपके मन में इस संदेह के बादल तुरंत घुमड़ने चाहिए कि- अमुक सच्चा-अच्छा आदमी सच बोलने के एवज में आपको कौनसा धोखा देने की कोशिश कर रहा है।
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और वैसे भी राजनीति में सच नाम की वस्तु तो होती भी नहीं है। इसके लिए तथ्य शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। जो लोग अपने वाक्य को देववाणी तुल्य दर्शाना चाहते है, वे ही तथ्यों को सच कहने की धांधली करते है। और “सत्य” शब्द एक बिल्कुल ही अलग चीज है। इतना कि इस पर कुछ भी लिखना समय व्यर्थ करना है।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Apr 03 2025 10:32:48 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

गोवर्धन सफाई अधिकारी को वोट वापसी के दायरे में लाने के लिए प्रस्तावित क़ानून
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यह प्रस्तावित क़ानून देव भूमि गोवर्धन के रख-रखाव एवं साफ-सफाई को समुचित रूप से प्रबंधित करने के लिए लिखा गया है। राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित होनें के साथ ही यह क़ानून गोवर्धन तहसील में लागू हो जाएगा। इस क़ानून को गोवर्धन नगर पंचायत अपने सदन से स्वीकृत करके मुख्यमंत्री के पास भेज सकते है। मुख्यमंत्री चाहे तो इसे सीधे भी गैजेट में प्रकाशित कर सकते है।
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हम इस क़ानून की मांग खड़ी करने के लिए काम कर रहे है। यदि आप इस क़ानून को लाने में सहयोग करना चाहते है, तो निम्नलिखित कदम उठाएं:
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(A) यदि आप उत्तर प्रदेश में रहते है तो मुख्यमंत्री जी से कहें (पोस्टकार्ड, ट्विटर आदि के माध्यम से) कि - "वोट वापसी गोवर्धन सफाई अधिकारी क़ानून #VvpGso गैजेट में छापें"।
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(B) यदि आप अन्य किसी प्रदेश में रहते है तो प्रधानमंत्री जी से कहें (पोस्टकार्ड, ट्विटर एवं UPI आदि के माध्यम से) कि - "वोट वापसी गोवर्धन सफाई अधिकारी क़ानून #VvpGso गैजेट में छापें"।
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(C) यदि आप गोवर्धन में रहते है तो गोवर्धन के विधायक एवं नगर पंचायत अध्यक्ष से यह क़ानून पास करने को कहें।
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---- क़ानून ड्राफ्ट का प्रारंभ ----
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टिप्पणियाँ इस क़ानून का हिस्सा नहीं है। टिप्पणियाँ सिर्फ पाठकों के स्पष्टीकरण के लिए लिखी गयी है।
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(01) मुख्यमंत्री गोवर्धन तहसील में गोवर्धन सफाई अधिकारी (GSO=Goverdhan Sanitation Officer) पदनाम से एक अधिकारी की नियुक्ति करेंगे। गोवर्धन सफाई अधिकारी का वेतनमान एवं भत्ते आदि तहसीलदार के समकक्ष होगा। यह अधिकारी गोवर्धन में निम्नलिखित कार्यो को निष्पादित करने के लिए जिम्मेदार होगा।
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(1.1) कूड़ा-करकट प्रबंधन
(1.2) जल-कुण्डो की स्वच्छता
(1.3) भंडारा व्युत्पन्न सफाई नियमन
(1.4) वृक्ष चिन्हीकरण एवं गणना
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(02) गोवर्धन सफाई अधिकारी वोट वापसी प्रक्रिया के अधीन रहेगा, ताकि सफाई अधिकारी कुशलता एवं ईमानदारी से कार्य करे। यदि सफाई अधिकारी संतोषप्रद ढंग से कार्य नहीं कर रहा है, तो गोवर्धन तहसील के नागरिक वोट वापसी पासबुक का प्रयोग करके उसे नौकरी से निकालकर किसी अन्य योग्य व्यक्ति को यह नौकरी दे सकेंगे।
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टिप्पणी: यह इस कानून की सबसे महत्त्वपूर्ण धारा है। यदि सफाई अधिकारी को वोट वापसी पासबुक के दायरे में नहीं किया गया तो यह क़ानून जमीनी स्तर पर कोई उल्लेखनीय बदलाव नहीं ला पाएगा। वोट वापसी की प्रक्रिया देखने के लिए कृपया धारा (3) देखें।
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(03) इस क़ानून के गेजेट में छपने के 30 दिनों के भीतर गोवर्धन तहसील के प्रत्येक मतदाता को एक वोट वापसी पासबुक मिलेगी। तब यदि आप गोवर्धन सफाई अधिकारी के काम-काज से संतुष्ट नहीं है, और उसे निकालकर किसी अन्य व्यक्ति को सफाई अधिकारी बनाना चाहते है तो पटवारी कार्यालय में स्वीकृति के रूप में अपनी हाँ दर्ज करवा सकते है।
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आप अपनी हाँ SMS से भी दर्ज करवा सकेंगे। आप किसी भी दिन स्वीकृति दे सकते है, या इसे रद्द कर सकते है। स्वीकृति की एंट्री वोट वापसी पासबुक में आएगी। यह स्वीकृति आपका वोट नही है। बल्कि यह एक सुझाव है।
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(04) गोवर्धन सफाई अधिकारी बनने के इच्छुक व्यक्तियों द्वारा आवेदन करना: 30 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी नागरिक यदि गोवर्धन का सफाई अधिकारी बनना चाहता है तो वह मथुरा कलेक्टर के सामने स्वयं या किसी वकील के माध्यम से एक ऐफिडेविट प्रस्तुत कर सकता है।
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कलेक्टर विधायक के चुनाव में जमा की जाने वाली राशि के बराबर शुल्क‍ लेकर गोवर्धन प्रबंधन अधिकारी पद के लिए उसका आवेदन स्वीकार कर लेगा, और उसके द्वारा प्रस्तुत किये गए एफिडेविट को स्कैन करके मुख्यमंत्री एवं जिला कलेक्टर की वेबसाईट पर रखेगा।
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टिप्पणी : इस धारा में अर्हता से सम्बंधित कोई प्रावधान नहीं किया गया है। आवेदक कोई सेवारत या रिटायर्ड सरकारी अधिकारी भी हो सकता है, या फिर कोई गैर सरकारी अधिकारी भी हो सकता है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि, प्रशासनिक अनुभव रखने वाले समर्पित एवं निपुण व्यक्ति आवेदन कर सकेंगे। आवेदक द्वारा प्रस्तुत किये गए एफिडेविट में आवेदक अपना एजेंडा, योजना वगैरह की रूप-रेखा, वादे आदि प्रस्तुत कर सकता है, ताकि नागरिक इस बारे में सूचित हो सके।
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(05) मतदाताओं द्वारा स्वीकृति दर्ज करना
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(5.1) नागरिक किसी भी दिन अपनी वोट वापसी पासबुक या मतदाता पहचान पत्र के साथ पटवारी कार्यालय में जाकर गोवर्धन सफाई अधिकारी पद के किसी भी प्रत्याशी के समर्थन में अपनी हाँ दर्ज करवा सकेगा। पटवारी अपने कम्प्यूटर एवं वोट वापसी पासबुक में मतदाता की हाँ को दर्ज करके रसीद देगा।
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(5.2) पटवारी मतदाताओं की हाँ को प्रत्याशीयों के नाम एवं मतदाता की पहचान-पत्र संख्या के साथ जिले की वेबसाईट पर भी सार्वजनिक करेगा। मतदाता सफाई अधिकारी पद के प्रत्याशीयों में से अपनी पसंद के अधिकतम 5 व्यक्तियों को स्वीकृत कर सकता है।
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(5.3) स्वीकृति (हाँ) दर्ज करने के लिए मतदाता 3 रू फ़ीस देगा। BPL कार्ड धारक के लिए फ़ीस 1 रु होगी। किन्तु यदि मतदाता स्वीकृति रद्द करवाता है, तो इस पर कोई शुल्क नहीं होगा।
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(5.4) प्रत्येक महीने की 5 तारीख को, कलेक्टर पिछले महीने के अंतिम दिन तक प्राप्त प्रत्येक प्रत्याशियों को मिली स्वीकृतियों की गिनती प्रकाशित करेगा। पटवारी अपने क्षेत्र की स्वीकृतियो का यह प्रकाशन प्रत्येक सोमवार को करेगा।
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टिपण्णी: सफाई अधिकारी ऐसा सिस्टम बना सकता है कि मतदाता प्रत्याशी को -100 से 100 के बीच अंक दे सके। यदि मतदाता सिर्फ हाँ दर्ज करता है तो इसे 100 अंको के बराबर माना जाएगा। यदि मतदाता अपनी स्वीकृति दर्ज नही करता तो शून्य अंक माना जाएगा । किन्तु यदि मतदाता अंक देता है तो दिए अंक ही मान्य होंगे। रेंज वोटिंग की ये प्रक्रिया स्वीकृति प्रणाली से बेहतर है, और ऐरो की व्यर्थ असम्भाव्यता प्रमेय (Arrow’s Useless Impossibility Theorem) से प्रतिरक्षा प्रदान करती है।
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(06) गोवर्धन सफाई अधिकारी की नियुक्ति एवं निष्कासन:
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यदि सफाई अधिकारी पद के किसी प्रत्याशी को गोवर्धन तहसील की मतदाता सूची में दर्ज कुल मतदाताओ (कुल मतदाता, न कि केवल वे जिन्होंने स्वीकृति दर्ज की है) के 35% मतदाताओ की स्वीकृतियां प्राप्त हो जाती है, और यदि यह स्वीकृतियां पदासीन सफाई अधिकारी से 1% अधिक भी है, तो मुख्यमंत्री मौजूदा सफाई अधिकारी को निकाल कर सर्वाधिक स्वीकृति वाले व्यक्ति को सफाई अधिकारी नियुक्त कर सकते है।
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(07) नागरिको के बहुमत द्वारा कानून को अद्यतन करने की प्रक्रिया
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(7.1) यदि कोई मतदाता इस कानून में कोई परिवर्तन चाहता है तो वह कलेक्टर कार्यालय में एक एफिडेविट जमा करवा सकेगा। जिला कलेक्टर 20 रूपए प्रति पृष्ठ की दर से शुल्क लेकर एफिडेविट को मतदाता के वोटर आई.डी नंबर के साथ जिले / मुख्यमंत्री की वेबसाइट पर स्कैन करके रखेगा।
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(7.2) यदि कोई मतदाता धारा (7.1) के तहत प्रस्तुत किसी एफिडेविट पर अपना समर्थन दर्ज कराना चाहे तो वह पटवारी कार्यालय में 3 रू शुल्क देकर अपनी हां/ना दर्ज करवा सकता है। पटवारी इसे दर्ज करेगा और मतदाता की हाँ/ना को मतदाता के वोटर आई.डी. नम्बर के साथ मुख्यमंत्री/जिले की वेबसाईट पर सार्वजनिक करेगा।
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टिपण्णी: यह धारा इस क़ानून की दूसरी सबसे महत्त्वपूर्ण धारा है। यह धारा इस कानून को अद्यतन एवं बेहतर बनाने का काम करेगी। उदाहरण के लिए, मान लीजिये कि इस क़ानून के पास होने के बाद किसी व्यक्ति को लगता है कि, सफाई अधिकारी के क्षेत्राधिकार या वेतन में कटौती या बढ़ोतरी की जानी चाहिए, या इसी तरह का कोई परिवर्तन यदि वह इस क़ानून में चाहता है तो वह इसे एक शपथपत्र पर लिखकर कलेक्टर कार्यालय में दे सकेगा। और यदि गोवर्धन तहसील के नागरिको का बहुमत इस शपथपत्र पर हाँ दर्ज करवा देता है, तो अमुक धाराएं इस क़ानून में जोड़ दी जाएगी।
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(08) कूड़ा-करकट प्रबंधन
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(8.1) सफाई अधिकारी क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में गीले / सूखे कचरे के लिए कचरा पात्र एवं चलित/अचलित मूत्रालय-शौचालय कियोस्क स्थापित करेगा, तथा इस तरह की व्यवस्था की रचना करेगा कि, क्षेत्र पूरी तरह से साफ़ रहे।
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(8.2) सफाई अधिकारी क्षेत्र के समस्त आवारा कुत्तो का अनिवार्य रूप से बंध्यकरण एवं टीकाकरण करेगा, ताकि इनकी बढ़ती आबादी पर रोक लगाई जा सके।
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(8.3) गोवर्धन सफाई अधिकारी परिक्रमा मार्ग पर एवं मुख्य स्थानों पर CCTV कैमरों की स्थापना करेगा।
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(8.4) सफाई अधिकारी गोवर्धन में बायो डिग्रिएबल वस्तुओं (कैरी बैग्स, पत्तल-दोने आदि) को प्रोत्साहन देगा, एवं पॉलीथिन आदि के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
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टिपण्णी: पॉलीथिन आदि के इस्तेमाल को निर्बंधित करने के क़ानून पहले से बने हुए है। वोट वापसी प्रक्रिया यह सुनिश्चित करेगी कि गोवर्धन सफाई अधिकारी इनमें से व्यवहारिक नियमों को धरातल पर लागू करे। नगर पंचायत या मुख्यमंत्री कुत्तो एवं बंदरों को खाद्य वस्तुएं डालने वालो को जुर्माने से दण्डित करने का कानून बना सकते है।
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(09) वृक्षों का सरंक्षण
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(9.1) मुख्यमंत्री गोवर्धन सफाई अधिकारी को वृक्ष सरंक्षण के लिए सक्षम अधिकारी (Competent Authority) के रूप में नियुक्त करेंगे, ताकि सफाई अधिकारी वृक्ष संरक्षण के प्रावधान गोवर्धन तहसील में धरातल पर लागू कर सके।
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(9.2) सफाई अधिकारी गोवर्धन तहसील के वन क्षेत्रो के अतिरिक्त सभी वृक्षों की गणना करके उन्हें उनकी आयु, स्थिति आदि के अनुसार वर्गीकृत करेगा, और इसका डेटा वेबसाइट पर सार्वजानिक करेगा। सभी वृक्षों को चिन्हित करके उन्हें एक पहचान संख्या दी जायेगी, तथा वृक्षों पर इन्हे अंकित किया जाएगा।
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(9.3) सफाई अधिकारी गोवर्धन तहसील को हरित बनाने, मौजूदा वृक्षों को सरंक्षित करने, बड़े पैमाने पर नए वृक्ष लगाने एवं खरपतवार (गाजर-घास, झाड़ी वाले अंग्रेजी बबूल आदि) का उन्मूलन करने हेतु कदम उठाएगा।
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टिप्पणी: मुख्यमंत्री सफाई अधिकारी को उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1976 की धारा (3.3) के तहत भी सक्षम अधिकारी नियुक्त कर सकते है। गोवर्धन सफाई अधिकारी का वोट वापसी की प्रक्रिया के अधीन होना यह सुनिश्चित करेगा की, वह इसे धरातल पर लागू करे। यदि वह इस दिशा में संतोषप्रद नतीजे नहीं देता है, तो नागरिक वोट वापसी पासबुक का इस्तेमाल करके उसे नौकरी से निकाल सकेंगे। नौकरी से निकाले जाने का यह भय उसे कार्यकुशलता से कार्य करने के लिए बाध्य करेगा।
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(10) जल कुंडो की स्वच्छता : राधा कुंड, श्याम कुंड, ललिता कुंड आदि को शामिल करते हुए सफाई अधिकारी धार्मिक महत्त्व के अन्य सभी मुख्य जल कुंडो के स्वच्छ प्रबंधन की व्यवस्था करेगा, और इस तरह के प्राकृतिक जलीय पारिस्थितिकी तंत्र रचना करेगा कि, कुण्ड निरंतर स्वच्छ बने रहे।
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(11) भंडारा व्युत्पन्न सफाई नियमन
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(11.1) सफाई अधिकारी भंडारे के लिए पर्याप्त एवं उचित स्थानों का निर्धारण करेगा। भंडारा आयोजक भंडारे की पूर्व सूचना सफाई अधिकारी को देगा। यदि भंडारा चिन्हित स्थान के अतिरिक्त किसी अन्य सार्वजानिक स्थान पर किया जा रहा है तो भंडारा आयोजक को अनुमति लेनी होगी।
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(11.2) सफाई अधिकारी अनुमति की प्रक्रिया को जितना हो सके सरल एवं आसान रखेगा, ताकि भंडारा करने वालो को समय एवं श्रम की हानि न हो।
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(11.3) भंडारे में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओ (खाद्य सामग्री और पत्तल-दोने वगैरह) का निस्तारण करने की जिम्मेदारी भंडारा आयोजक की होगी।
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(11.4) बिना पूर्व सूचना के या बिना अनुमति लिए भंडारा करने एवं भंडारा में इस्तेमाल की गयी सामग्री का निस्तारण नहीं करने से आयोजक पर निम्नलिखित दरों से आर्थिक दंड देय होगा:
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(11.4.1) प्रथम उलंघन पर: 500 रू से 5,000 रू तक
(11.4.2) द्वितीय उलंघन पर: 1,000 रू से 10,000 रू तक
(11.4.3) तृतीय उलंघन पर: 2,000 रू से 25,000 रू तक
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(12) यदि मौजूदा स्टॉफ पर्याप्त कार्य निष्पादन के लिए पर्याप्त नहीं है, तो सफाई अधिकारी नगर पंचायत अध्यक्ष या मुख्यमंत्री से अपना स्टाफ बढ़ाने के लिए कह सकता है। सफाई अधिकारी कार्याधिक्य की विशेष परिस्थितयों में स्वयंसेवको (Volunteer) आदि का भी सहयोग ले सकेगा।
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(13) बजटींग
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(13.1) नगर पंचायत एवं मुख्यमंत्री सफाई व्यवस्था के लिए सफाई बजट अलॉट करेंगे। सफाई अधिकारी विशेष व्यय की स्थिति में प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा ताकि नगर पंचायत या मुख्यमंत्री इसे स्वीकृत कर सके।
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(13.2) सफाई अधिकारी नागरिको से सफाई के लिए आवश्यक उपकरण (मशीनरी, कचरा-पात्र आदि) या इनके क्रय के लिए दान के रूप में धन ग्रहण कर सकेगा।
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(13.3) सफाई अधिकारी यदि दान ग्रहण करता है तो यह सिर्फ भौतिक वस्तुओं के क्रय में ही व्यय होगा, अन्य किसी सेवा-श्रम आदि की मद में नहीं। दान प्राप्त करने एवं दान को व्यय करने की प्रक्रिया को सफाई अधिकारी पूरी तरह से पारदर्शी रखेगा।
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---क़ानून ड्राफ्ट का समापन ---
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Pawan Jury BhilwaraRj

Fri Apr 04 2025 08:33:45 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

YT FB owners and TV channel owners take Raj Thakare videos of his activists beating non Marathi people to all unemployed Marathi.
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And they run a whisper campaign that if all in MH are forced to speak Marathi, and non marathies are expelled, then Marathi will get more jobs.
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So this is how YT Fb owners and TV channel owners are adding fuel to fire.
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Solution I propose is to have 100% made in Bharat, 100% made by Bharatiya and 100% owned by Bharatia tv channels and sm.
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Pawan Jury BhilwaraRj

Fri Apr 04 2025 16:53:50 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate:

mexico in 1780. USA was smaller, and less richer. USA adopted a highly democratic framework with JurySys, recall, open votibng, referendum and multielection. Mexico had adopted a far far less democratic admin system. Imo, that was the reason why USA grew stronger and expanded taking away land from mexico.

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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Apr 06 2025 11:22:34 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

वृन्दावन सफाई अधिकारी को वोट वापसी के दायरे में लाने के लिए प्रस्तावित क़ानून
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यह प्रस्तावित क़ानून देव भूमि वृन्दावन के रख-रखाव एवं साफ-सफाई को समुचित रूप से प्रबंधित करने के लिए लिखा गया है। राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित होनें के साथ ही यह क़ानून वृन्दावन में लागू हो जाएगा।
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इस क़ानून को मथुरा के मेयर वृन्दावन में लागू कर सकते है।
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गोवर्धन नगर पंचायत चाहे तो इस क़ानून में प्रयुक्त शब्द "वृन्दावन" की जगह "गोवर्धन" लिखकर इसे गोवर्धन तहसील में भी लागू कर सकते है।
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मुख्यमंत्री चाहे तो इस कानून को सीधे गैजेट में प्रकाशित करके वृन्दावन या गोवर्धन में अथवा दोनों जगह लागू कर सकते है।
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हम इस क़ानून की मांग खड़ी करने के लिए काम कर रहे है। यदि आप इस क़ानून को लाने में सहयोग करना चाहते है, तो निम्नलिखित कदम उठाएं:
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(A) यदि आप उत्तर प्रदेश में रहते है तो मुख्यमंत्री जी से कहें (पोस्टकार्ड, ट्विटर आदि के माध्यम से) कि - "वोट वापसी वृन्दावन सफाई अधिकारी क़ानून गैजेट में छापें"।
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(B) यदि आप अन्य किसी प्रदेश में रहते है तो प्रधानमंत्री जी से कहें (पोस्टकार्ड, ट्विटर एवं UPI आदि के माध्यम से) कि - "वोट वापसी वृन्दावन सफाई अधिकारी क़ानून गैजेट में छापें"।
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(C) यदि आप वृन्दावन में रहते है तो वृन्दावन के विधायक एवं मथुरा के मेयर से (पोस्टकार्ड, ट्विटर आदि के माध्यम से) यह क़ानून पास करने को कहें।
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----क़ानून ड्राफ्ट का प्रारंभ----
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टिप्पणियाँ इस क़ानून का हिस्सा नहीं है। टिप्पणियाँ सिर्फ पाठकों के स्पष्टीकरण के लिए लिखी गयी है।
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(01) मथुरा के मेयर मथुरा नगर निगम के अंतर्गत आने वाले वृंदावन क्षेत्र के लिए वृन्दावन सफाई अधिकारी (VSO=Vrundavan Sanitation Officer) पदनाम से एक अधिकारी की नियुक्ति करेंगे। वृन्दावन सफाई अधिकारी का वेतनमान एवं भत्ते आदि तहसीलदार के समकक्ष होगा। यह अधिकारी वृन्दावन में निम्नलिखित कार्यो को निष्पादित करने के लिए जिम्मेदार होगा।
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(1.1) कूड़ा-करकट प्रबंधन
(1.2) भंडारा व्युत्पन्न सफाई नियमन
(1.4) वृक्ष चिन्हीकरण एवं गणना
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(02) वृन्दावन सफाई अधिकारी वोट वापसी प्रक्रिया के अधीन रहेगा। यदि सफाई अधिकारी संतोषप्रद कार्य नहीं कर रहा है, तो वृन्दावन के नागरिक वोट वापसी पासबुक का प्रयोग करके उसे नौकरी से निकालकर किसी अन्य योग्य व्यक्ति को यह नौकरी दे सकेंगे।
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टिप्पणी: यह इस कानून की सबसे महत्त्वपूर्ण धारा है। यदि सफाई अधिकारी को वोट वापसी पासबुक के दायरे में नहीं किया गया तो यह क़ानून जमीनी स्तर पर कोई उल्लेखनीय बदलाव नहीं ला पाएगा। वोट वापसी की प्रक्रिया देखने के लिए कृपया धारा (3) देखें।
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(03) इस क़ानून के गेजेट में छपने के 30 दिनों के भीतर वृन्दावन के प्रत्येक मतदाता को एक वोट वापसी पासबुक मिलेगी। तब यदि आप वृन्दावन सफाई अधिकारी के काम-काज से संतुष्ट नहीं है, और उसे निकालकर किसी अन्य व्यक्ति को सफाई अधिकारी बनाना चाहते है तो पटवारी कार्यालय में स्वीकृति के रूप में अपनी हाँ दर्ज करवा सकते है।
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आप अपनी हाँ SMS से भी दर्ज करवा सकेंगे। आप किसी भी दिन स्वीकृति दे सकते है, या इसे रद्द कर सकते है। स्वीकृति की एंट्री वोट वापसी पासबुक में आएगी। यह स्वीकृति आपका वोट नही है। बल्कि यह एक सुझाव है।
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(04) वृन्दावन सफाई अधिकारी बनने के इच्छुक व्यक्तियों द्वारा आवेदन करना:
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30 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी नागरिक यदि वृन्दावन का सफाई अधिकारी बनना चाहता है तो वह मथुरा कलेक्टर के सामने स्वयं या किसी वकील के माध्यम से एक ऐफिडेविट प्रस्तुत कर सकता है। कलेक्टर विधायक के चुनाव में जमा की जाने वाली राशि के बराबर शुल्क‍ लेकर वृन्दावन प्रबंधन अधिकारी पद के लिए उसका आवेदन स्वीकार कर लेगा, और उसके द्वारा प्रस्तुत किये गए एफिडेविट को स्कैन करके मेयर एवं कलेक्टर की वेबसाईट पर सार्वजनिक करेगा।
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टिप्पणी : इस धारा में अर्हता से सम्बंधित कोई प्रावधान नहीं किया गया है। आवेदक कोई सेवारत या रिटायर्ड सरकारी अधिकारी भी हो सकता है, या फिर कोई गैर सरकारी अधिकारी भी हो सकता है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि, प्रशासनिक अनुभव रखने वाले समर्पित एवं निपुण व्यक्ति आवेदन कर सकेंगे।
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(05) मतदाताओं द्वारा स्वीकृति दर्ज करना:
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(5.1) नागरिक किसी भी दिन अपनी वोट वापसी पासबुक या मतदाता पहचान पत्र के साथ पटवारी कार्यालय में जाकर वृन्दावन सफाई अधिकारी पद के किसी भी प्रत्याशी के समर्थन में अपनी हाँ दर्ज करवा सकेगा। पटवारी अपने कम्प्यूटर एवं वोट वापसी पासबुक में मतदाता की हाँ को दर्ज करके रसीद देगा।
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(5.2) पटवारी मतदाताओं की हाँ को प्रत्याशीयों के नाम एवं मतदाता की पहचान-पत्र संख्या के साथ मेयर एवं कलेक्टर की वेबसाईट पर भी सार्वजनिक करेगा। मतदाता सफाई अधिकारी पद के प्रत्याशीयों में से अपनी पसंद के अधिकतम 5 व्यक्तियों को स्वीकृत कर सकता है।
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(5.3) स्वीकृति (हाँ) दर्ज करने के लिए मतदाता 3 रू फ़ीस देगा। BPL कार्ड धारक के लिए फ़ीस 1 रु होगी। किन्तु यदि मतदाता स्वीकृति रद्द करवाता है, तो इस पर कोई शुल्क नहीं होगा।
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(5.4) प्रत्येक महीने की 5 तारीख को, मेयर एवं कलेक्टर पिछले महीने के अंतिम दिन तक प्राप्त प्रत्येक प्रत्याशियों को मिली स्वीकृतियों की गिनती प्रकाशित करेगा। पटवारी अपने क्षेत्र की स्वीकृतियो का यह प्रकाशन प्रत्येक सोमवार को करेगा।
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टिपण्णी: सफाई अधिकारी ऐसा सिस्टम बना सकता है कि मतदाता प्रत्याशी को -100 से 100 के बीच अंक दे सके। यदि मतदाता सिर्फ हाँ दर्ज करता है तो इसे 100 अंको के बराबर माना जाएगा। यदि मतदाता अपनी स्वीकृति दर्ज नही करता तो शून्य अंक माना जाएगा । किन्तु यदि मतदाता अंक देता है तो दिए अंक ही मान्य होंगे। रेंज वोटिंग की ये प्रक्रिया स्वीकृति प्रणाली से बेहतर है, और ऐरो की व्यर्थ असम्भाव्यता प्रमेय (Arrow’s Useless Impossibility Theorem) से प्रतिरक्षा प्रदान करती है।
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(06) वृन्दावन सफाई अधिकारी की नियुक्ति एवं निष्कासन:
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यदि सफाई अधिकारी पद के किसी प्रत्याशी को वृन्दावन की मतदाता सूची में दर्ज कुल मतदाताओ (कुल मतदाता, न कि केवल वे जिन्होंने स्वीकृति दर्ज की है) के 35% मतदाताओ की स्वीकृतियां प्राप्त हो जाती है, और यदि यह स्वीकृतियां पदासीन सफाई अधिकारी से 1% अधिक भी है, तो मेयर मौजूदा सफाई अधिकारी को निकाल कर सर्वाधिक स्वीकृति वाले व्यक्ति को सफाई अधिकारी नियुक्त कर सकते है।
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(07) नागरिको के बहुमत द्वारा कानून को अद्यतन करने की प्रक्रिया:
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(7.1) यदि कोई मतदाता इस कानून में कोई परिवर्तन चाहता है तो वह कलेक्टर कार्यालय में एक एफिडेविट जमा करवा सकेगा। जिला कलेक्टर 20 रूपए प्रति पृष्ठ की दर से शुल्क लेकर एफिडेविट को मतदाता के वोटर आई.डी नंबर के साथ मेयर एवं कलेक्टर की वेबसाइट पर स्कैन करके रखेगा।
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(7.2) यदि कोई मतदाता धारा (7.1) के तहत प्रस्तुत किसी एफिडेविट पर अपना समर्थन दर्ज कराना चाहे तो वह पटवारी कार्यालय में 3 रू शुल्क देकर अपनी हां/ना दर्ज करवा सकता है। पटवारी इसे दर्ज करेगा और मतदाता की हाँ/ना को मतदाता के वोटर आई.डी. नम्बर के साथ मेयर एवं कलेक्टर की वेबसाईट पर सार्वजनिक करेगा।
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टिपण्णी: यह इस क़ानून की दूसरी सबसे महत्त्वपूर्ण धारा है। यह धारा इस कानून को अद्यतन एवं बेहतर बनाने का काम करेगी।
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उदाहरण के लिए, मान लीजिये कि इस क़ानून के पास होने के बाद किसी व्यक्ति को लगता है कि, सफाई अधिकारी के क्षेत्राधिकार या वेतन में कटौती या बढ़ोतरी की जानी चाहिए, या इसी तरह का कोई परिवर्तन यदि वह इस क़ानून में चाहता है तो वह इसे एक शपथपत्र पर लिखकर कलेक्टर कार्यालय में दे सकेगा। और यदि वृन्दावन के नागरिको का बहुमत इस शपथपत्र पर हाँ दर्ज करवा देता है, तो अमुक धाराएं इस क़ानून में जोड़ दी जाएगी।
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(08) कूड़ा-करकट प्रबंधन:
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(8.1) सफाई अधिकारी क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में गीले / सूखे कचरे के लिए कचरा पात्र एवं चलित/अचलित मूत्रालय-शौचालय कियोस्क स्थापित करेगा, तथा इस तरह की व्यवस्था की रचना करेगा कि, क्षेत्र पूरी तरह से साफ़ रहे।
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(8.2) सफाई अधिकारी क्षेत्र के समस्त आवारा कुत्तो का अनिवार्य रूप से बंध्यकरण एवं टीकाकरण करेगा, ताकि इनकी बढ़ती आबादी पर रोक लगाई जा सके। सफाई अधिकारी बंदरो की आबादी को कम करने के लिए भी वांछित प्रयास (इन्हें पकड़ कर दूर-दराज वन क्षेत्र में स्थानांतरित करना आदि) करेगा।
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(8.3) सफाई अधिकारी वृन्दावन के मुख्य स्थानों पर CCTV कैमरों की स्थापना करेगा।
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(8.4) सफाई अधिकारी वृन्दावन में बायो डिग्रिएबल वस्तुओं (कैरी बैग्स, पत्तल-दोने आदि) को प्रोत्साहन देगा, एवं पॉलीथिन के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
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टिपण्णी: पॉलीथिन आदि को निर्बंधित करने के क़ानून पहले से बने हुए है। वोट वापसी प्रक्रिया यह सुनिश्चित करेगी कि सफाई अधिकारी इनमें से व्यवहारिक नियमों को धरातल पर लागू करे। मेयर या मुख्यमंत्री कुत्तो एवं बंदरों को खाद्य वस्तुएं डालने वालो को जुर्माने से दण्डित करने का कानून बना सकते है।
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(09) वृक्षों का सरंक्षण:
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(9.1) मेयर वृन्दावन सफाई अधिकारी को वृक्ष सरंक्षण के लिए सक्षम अधिकारी (Competent Authority) के रूप में नियुक्त करेंगे, ताकि सफाई अधिकारी वृक्ष संरक्षण के प्रावधान वृन्दावन में धरातल पर लागू कर सके।
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(9.2) सफाई अधिकारी वृन्दावन के वन क्षेत्रो के अतिरिक्त सभी वृक्षों की गणना करके उन्हें उनकी आयु, स्थिति आदि के अनुसार वर्गीकृत करेगा, और इसका डेटा वेबसाइट पर सार्वजानिक करेगा। सभी वृक्षों को चिन्हित करके उन्हें एक पहचान संख्या दी जायेगी, तथा वृक्षों पर इन्हे अंकित किया जाएगा।
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(9.3) सफाई अधिकारी वृन्दावन को हरित बनाने, मौजूदा वृक्षों को सरंक्षित करने, बड़े पैमाने पर नए वृक्ष लगाने एवं खरपतवार (गाजर-घास, झाड़ी वाले अंग्रेजी बबूल आदि) का उन्मूलन करने हेतु कदम उठाएगा।
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टिप्पणी: मेयर या मुख्यमंत्री सफाई अधिकारी को उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1976 की धारा (3.3) के तहत भी सक्षम अधिकारी नियुक्त कर सकते है। वृन्दावन सफाई अधिकारी का वोट वापसी की प्रक्रिया के अधीन होना यह सुनिश्चित करेगा की, वह इसे धरातल पर लागू करे।
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यदि वह इस दिशा में संतोषप्रद नतीजे नहीं देता है, तो नागरिक वोट वापसी पासबुक का इस्तेमाल करके उसे नौकरी से निकाल सकेंगे। नौकरी से निकाले जाने का यह भय उसे कार्यकुशलता से कार्य करने के लिए बाध्य करेगा।
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(10) भंडारा व्युत्पन्न सफाई नियमन:
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(10.1) सफाई अधिकारी भंडारे के लिए पर्याप्त एवं उचित स्थानों का निर्धारण करेगा। भंडारा आयोजक भंडारे की पूर्व सूचना सफाई अधिकारी को देगा। यदि भंडारा चिन्हित स्थान के अतिरिक्त किसी अन्य सार्वजानिक स्थान पर किया जा रहा है तो भंडारा आयोजक को अनुमति लेनी होगी।
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(10.2) सफाई अधिकारी अनुमति की प्रक्रिया को जितना हो सके सरल एवं आसान रखेगा, ताकि भंडारा करने वालो को समय एवं श्रम की हानि न हो।
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(10.3) भंडारे में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओ (खाद्य सामग्री और पत्तल-दोने वगैरह) का निस्तारण करने की जिम्मेदारी भंडारा आयोजक की होगी।
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(10.4) बिना पूर्व सूचना के या बिना अनुमति लिए भंडारा करने एवं भंडारा में इस्तेमाल की गयी सामग्री का निस्तारण नहीं करने से आयोजक पर निम्नलिखित दरों से आर्थिक दंड देय होगा:
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(10.4.1) प्रथम उलंघन पर: 500 रू से 5,000 रू तक
(10.4.2) द्वितीय उलंघन पर: 1,000 रू से 10,000 रू तक
(10.4.3) तृतीय उलंघन पर: 2,000 रू से 25,000 रू तक
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(11) यदि मौजूदा स्टॉफ कार्य निष्पादन के लिए पर्याप्त नहीं है, तो सफाई अधिकारी मेयर या मुख्यमंत्री से अपना स्टाफ बढ़ाने के लिए कह सकता है। सफाई अधिकारी कार्याधिक्य की विशेष परिस्थितयों में स्वयंसेवको (Volunteer) आदि का भी सहयोग ले सकेगा।
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(12) बजटींग:
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(12.1) मेयर सफाई व्यवस्था के लिए सफाई बजट अलॉट करेंगे। सफाई अधिकारी विशेष व्यय की स्थिति में प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा ताकि मेयर या मुख्यमंत्री इसे स्वीकृत कर सके।
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(12.2) सफाई अधिकारी नागरिको से सफाई के लिए आवश्यक उपकरण (मशीनरी, कचरा-पात्र आदि) या इनके क्रय के लिए दान के रूप में धन ग्रहण कर सकेगा।
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(12.3) सफाई अधिकारी यदि दान ग्रहण करता है तो यह सिर्फ भौतिक वस्तुओं के क्रय में ही व्यय होगा, अन्य किसी सेवा-श्रम आदि की मद में नहीं। दान प्राप्त करने एवं दान को व्यय करने की प्रक्रिया को सफाई अधिकारी पूरी तरह से पारदर्शी रखेगा।
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---क़ानून ड्राफ्ट का समापन---

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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Apr 10 2025 17:34:28 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

डेयरी कॉर्पोरेशन (अमूल, सरस आदि) दही जमाने के लिए जिस कल्चर का इस्तेमाल करते है, उस कल्चर के बैक्टीरिया को लैब में मॉडिफ़ाइड किया गया है, और उसकी ग्रोथ को नियंत्रित करने -ताकि दही की शेल्फ लाइफ़ और मीठापन बढ़े- के लिए इस कल्चर में और भी अन्य अनावश्यक बैक्टीरिया मिलाए गए है, और यह उस बैक्टीरिया से भिन्न है जो वास्तविक दही जमाने में सदियों से इस्तेमाल होता आया है।
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इस दही में B12 न्यूनतम मात्रा में है, और इसकी कमी पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
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शहरों में यह प्राकृतिक बैक्टीरिया अब लुप्त हो चुका है, और कल्चर वाले बैक्टीरिया से जामन लेने के कारण अब यदि आप घर पर भी दही जमा रहे है, तब भी 99% संभावना है कि आप मॉडिफ़ाइड बैक्टीरिया वाले दही/छाछ का इस्तेमाल कर रहे है, जिसमें B12 समेत कई आवश्यक तत्व नहीं है ।
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B12 की कमी से प्रतिरोधक क्षमता गिरती है, और कई प्रकार के रोग होने की संभावना बढ़ जाती है ।
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स्वास्थ्य मंत्री को वोट वापसी के दायरे में लाने के सिवाय इस प्रक्रिया को रोकने का कोई उपाय नहीं है। क्योंकि मौजूदा स्थिति में स्वास्थ्य मंत्री फार्मा कंपनियों के लिए काम करता है, नागरिक हितो के लिए नहीं ।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Fri Apr 11 2025 15:28:02 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

मथुरा-वृन्दावन में बंदरो की वजह से स्थानीय निवासियों को आर्थिक, शारीरिक एवं मानसिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बंदरो की आबादी बढ़ती जा रही है, बढ़ती जा रही है, और बढ़ती ही जाएगी। अभी इनकी अनुमानित आबादी 1.25 से 1.50 लाख है।
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आबादी बढ़ने के अनुपात में ही स्थानीय निवासियों को होने वाला नुकसान (परेशानी नहीं, नुकसान) बढ़ेगा।
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हमनें वृन्दावन में सफाई व्यवस्था को समुचित रूप से प्रबंधित करने के लिए "वोट वापसी वृन्दावन सफाई अधिकारी" का क़ानून प्रस्तावित किया है।
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यदि उपरोक्त क़ानून गैजेट में आ जाता है तो, सफाई अधिकारी बंदरो को खाने पीने की वस्तुएं डालने पर प्रतिबन्ध लगाने से लेकर बंदरो को पकड़ कर वन क्षेत्रो में छोड़ने के कार्य को धरातल पर लागू कर सकेगा।
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योगी आदित्यनाथ जी के पास इस समस्या से निपटने के अलग तरीके है। उन्होंने इसके लिए निम्न लिखित सुझाव दिए है :
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(1) बंदरो से दोस्ती कर लो। फिर वे आपको नुकसान नहीं देंगे !!
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(2) हनुमान चालीसा का पाठ करो !!
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उन्होंने ये नुस्खा क्यों सुझाया। क्या वे वाकई ऐसा मानते है, या उनकी मंशा कुछ और है।
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शहरो में बंदरो की आबादी बढ़ने से अमेरिकी धनिकों को किस तरह लाभ होता है ?
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sat Apr 12 2025 04:58:29 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

चराग सब के बुझेंगे हवा किसी की नहीं!!
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प्रत्येक खाद्य पदार्थ में निर्धारित सीमा से 100 गुना अधिक मात्रा में कैंसर कारक केमिकल मिलाए जा रहे है। और इसे कवर देने के लिए तंबाकू पर लिख छोड़ा है कि, तंबाकू से कैंसर होता है!!
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आपके शरीर में चारों तरफ़ से जहर डालने के लिए सिर्फ एक आदमी ज़िम्मेदार है- स्वास्थ्य मंत्री। यदि इस आदमी को वोट वापसी पासबुक के दायरे में नहीं लाया गया तो यह रुकेगा नहीं।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sat Apr 12 2025 14:09:45 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

पेड मीडिया राजनैतिक विमर्श को पटरी से उतारकर रखने के लिए अस्पष्ट (Vague) एवं अनेकार्थी शब्दों का इस्तेमाल करता है। उन्होंने अस्पष्ट एवं कई अर्थो वाले शब्दों से पुस्तकों एवं अखबारों को पाट रखा है। बार बार पढ़ते-सुनते रहने से ये शब्द अब लोगो के जबान/ अवचेतन पर कब्ज़ा कर चुके है।
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पेड मीडिया के नेरेटिव का शिकार होने से बचने के लिए अस्पष्ट एवं अनेकार्थी शब्दों का इस्तेमाल करने से परहेज करना चाहिए। निचे पेड मिडिया द्वारा गढ़े गए कुछ शब्द और इनके प्रतिस्थापक शब्द दिए गए है।
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(1) 'सच' की जगह 'तथ्य' (Fact) शब्द का इस्तेमाल करें। और "सत्य" शब्द का इस्तेमाल तो किसी भी स्थिति में करने से बचना चाहिए। (सत्य शब्द का इस्तेमाल अमूमन फ्रॉड लोग ही करते है।)
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(2) 'लोकतंत्र' की जगह 'वोटिंग' शब्द का इस्तेमाल करे। उदाहरण के लिए - भारत एक लोकतान्त्रिक देश है, की जगह भारत में वोट देने का क़ानून है आदि कहे। लोकतंत्र खतरे में है की जगह वोट का कानून खतरे में है आदि कहे। क्योंकि लोकतंत्र के नाम पर भारत में जो भी है वह वोट का क़ानून ही है। मतलब, जब तक वोट का क़ानून चालू है, तब तक लोकतंत्र कभी खतरे में नहीं आता।
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(3) संविधान का अर्थ करते समय 'संविधान' की जगह 'सुप्रीम कोर्ट जज' शब्द का इस्तेमाल करें। उदाहरण के लिए, संविधान के अनुसार... की जगह सुप्रीम कोर्ट जज के अनुसार.... कहे।
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(4) 'कठोर क़ानून'' की जगह अन्यायपूर्ण क़ानून / न्यायपूर्ण क़ानून टर्म का इस्तेमाल करें।
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(5) 'मुद्दा उठाना' की जगह 'माँग करना' टर्म का प्रयोग करें। असल में मुद्दा जनता में उठाया जाता है, और मांग सरकार से की जाती है। यह बहुत बड़ा सर्कस है। भारत में लाखों यु ट्यूबर/ ब्लोगर, लेखक आदि रोज "मुद्दे उठाने" का धंधा करते है, लेकिन मांग कभी नहीं करते। क्योंकि व्यू काउंट जनता देती है, सरकार नहीं। तो मुद्दा उठाना एक प्रकार का व्यू काउंट या पाठक वर्ग या लोगो को अपने साथ जोड़ने एवं जोड़े रखने का कारोबार है।
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(6) 'वैक्सीनेशन' की जगह 'बाध्यकारी वैक्सीनेशन' शब्ब्द का इस्तेमाल करे।
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(7) जहाँ आवश्यक हो वहां 'कोरोना' की जगह 'लॉकडाउन' शब्द का इस्तेमाल करे। उदाहरण के लिए, कोरोना के कारण धंधे चौपट हो गए या कोरोना की वजह से अमुक बदलाव आ गया कहने की जगह, लॉकडाउन के कारण धंधे चौपट हो गए या अमुक बदलाव आ गया कहें।
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(8) व्यवस्था (System) की जगह क़ानून शब्द का इस्तेमाल करें। उदाहरण के लिए भारत का ट्रेफिक सिस्टम ख़राब है की जगह, भारत में ट्रेफिक के क़ानून खराब है कहें।
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अपूर्ण ; इस सूची में आगे और भी शब्द जोड़े जायेंगे।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Apr 13 2025 09:56:44 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

समाधान - स्वास्थ्य मंत्री को वोट वापसी पासबुक के दायरे में लाया जाए।
#votevapsipasbook

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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Apr 13 2025 12:01:53 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

हम रिकालिस्ट्स सभी 95 करोड़ भारतीय मतदाताओं के "कॉमन नॉलेज" में निम्नलिखित वाक्य जोड़ना चाहते है:
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(1) अमेरिका में 75% से अधिक न्यायाधीश सीधे नागरिकों द्वारा चुने जाते हैं। और इनमें से अधिकांश पर वोट वापसी प्रक्रियाएं है। (सरल भाषा में कहें तो नागरिक जजों को किसी भी समय लात मारकर नौकरी से निकाल सकते है।)
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(2) अमेरिका के 90% से अधिक जिला पुलिस प्रमुख उर्फ मतदाताओं द्वारा चुने जाते हैं, और वोट वापसी के अधीन होने के कारण इन्हें भी नागरिक किसी भी दिन नौकरी से निकाल सकते है।
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(3) संयुक्त राज्य अमेरिका में 90% से अधिक जिला लोक अभियोजक सीधे मतदाताओं द्वारा चुने जाते है, और इनमें से अधिकांश भी वोट वापसी की प्रक्रिया के अधीन है।
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(4) अमेरिका में अधिकतर राज्यों में मुकदमों को सुनने एवं दंड देने की शक्ति नागरिक समूह यानी जूरी के पास है, जजों के पास नहीं।
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इन वाक्यों को भारतीयों की कॉमन नॉलेज में जोड़ना इसीलिए मुश्किल हो गया है, क्योंकि पेड मीडिया के प्रायोजक उपरोक्त वाक्यों को भारतीयों की नॉलेज में भी नहीं आने देना चाहते, कॉमन नॉलेज तो दूर की बात है। और पेड मीडिया के प्रायोजक इन सूचनाओं को छिपाए रखने के लिए काफी पैसा बहाते है।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Apr 24 2025 04:35:12 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Yaxit Patel:

*हर निरपराध नागरिकों के बंदूक रखने से सच्चे लोकतंत्र का निर्माण होता है , बेहिसाब जाने बचती है और एक खुशहाल समाज का निर्माण होता है👇*

*How Weaponization of commons is the Mother of democracy, A Biggest life saver in the history of mankind & a creator of a Happiest society* 👇

<https://youtu.be/EMg0AF_B_es>;

<https://youtu.be/NuOlHwrOsCo>;

<https://youtu.be/KtA3SbYzvbg>;

<https://youtu.be/T_zT8I6svvU>;

<https://youtu.be/mDJbS1SKORc>;

<https://youtu.be/sgaclfeIs6M>;

<https://youtu.be/iWTR74KilSA>;

<https://youtu.be/_G91voVaur4>;

<https://youtu.be/Ahpp4vH64fY>;

<https://youtu.be/l0AsGnTd6zI>;

<https://youtu.be/zLJk0Ncll-A>;

<https://youtu.be/FeuL1qFFmJY>;

<https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=10158054638036922&id=704201921>;

tinyurl.com/manifesto00

rahulmehta.com/301.htm

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Pawan Jury BhilwaraRj

Mon Apr 28 2025 17:48:36 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Yaxit Patel:

#EvmVoteTheft demonstration via #EvmBlackGlass #EvmLightSensor by Evm Hatao Sena @ Jantar Mantar, New Delhi 27 / 4 / 2025

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