गोवर्धन सफाई अधिकारी को वोट वापसी के दायरे में लाने के लिए प्रस्तावित क़ानून
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यह प्रस्तावित क़ानून देव भूमि गोवर्धन के रख-रखाव एवं साफ-सफाई को समुचित रूप से प्रबंधित करने के लिए लिखा गया है। राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित होनें के साथ ही यह क़ानून गोवर्धन तहसील में लागू हो जाएगा। इस क़ानून को गोवर्धन नगर पंचायत अपने सदन से स्वीकृत करके मुख्यमंत्री के पास भेज सकते है। मुख्यमंत्री चाहे तो इसे सीधे भी गैजेट में प्रकाशित कर सकते है।
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हम इस क़ानून की मांग खड़ी करने के लिए काम कर रहे है। यदि आप इस क़ानून को लाने में सहयोग करना चाहते है, तो निम्नलिखित कदम उठाएं:
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(A) यदि आप उत्तर प्रदेश में रहते है तो मुख्यमंत्री जी से कहें (पोस्टकार्ड, ट्विटर आदि के माध्यम से) कि - "वोट वापसी गोवर्धन सफाई अधिकारी क़ानून #VvpGso गैजेट में छापें"।
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(B) यदि आप अन्य किसी प्रदेश में रहते है तो प्रधानमंत्री जी से कहें (पोस्टकार्ड, ट्विटर एवं UPI आदि के माध्यम से) कि - "वोट वापसी गोवर्धन सफाई अधिकारी क़ानून #VvpGso गैजेट में छापें"।
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(C) यदि आप गोवर्धन में रहते है तो गोवर्धन के विधायक एवं नगर पंचायत अध्यक्ष से यह क़ानून पास करने को कहें।
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---- क़ानून ड्राफ्ट का प्रारंभ ----
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टिप्पणियाँ इस क़ानून का हिस्सा नहीं है। टिप्पणियाँ सिर्फ पाठकों के स्पष्टीकरण के लिए लिखी गयी है।
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(01) मुख्यमंत्री गोवर्धन तहसील में गोवर्धन सफाई अधिकारी (GSO=Goverdhan Sanitation Officer) पदनाम से एक अधिकारी की नियुक्ति करेंगे। गोवर्धन सफाई अधिकारी का वेतनमान एवं भत्ते आदि तहसीलदार के समकक्ष होगा। यह अधिकारी गोवर्धन में निम्नलिखित कार्यो को निष्पादित करने के लिए जिम्मेदार होगा।
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(1.1) कूड़ा-करकट प्रबंधन
(1.2) जल-कुण्डो की स्वच्छता
(1.3) भंडारा व्युत्पन्न सफाई नियमन
(1.4) वृक्ष चिन्हीकरण एवं गणना
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(02) गोवर्धन सफाई अधिकारी वोट वापसी प्रक्रिया के अधीन रहेगा, ताकि सफाई अधिकारी कुशलता एवं ईमानदारी से कार्य करे। यदि सफाई अधिकारी संतोषप्रद ढंग से कार्य नहीं कर रहा है, तो गोवर्धन तहसील के नागरिक वोट वापसी पासबुक का प्रयोग करके उसे नौकरी से निकालकर किसी अन्य योग्य व्यक्ति को यह नौकरी दे सकेंगे।
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टिप्पणी: यह इस कानून की सबसे महत्त्वपूर्ण धारा है। यदि सफाई अधिकारी को वोट वापसी पासबुक के दायरे में नहीं किया गया तो यह क़ानून जमीनी स्तर पर कोई उल्लेखनीय बदलाव नहीं ला पाएगा। वोट वापसी की प्रक्रिया देखने के लिए कृपया धारा (3) देखें।
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(03) इस क़ानून के गेजेट में छपने के 30 दिनों के भीतर गोवर्धन तहसील के प्रत्येक मतदाता को एक वोट वापसी पासबुक मिलेगी। तब यदि आप गोवर्धन सफाई अधिकारी के काम-काज से संतुष्ट नहीं है, और उसे निकालकर किसी अन्य व्यक्ति को सफाई अधिकारी बनाना चाहते है तो पटवारी कार्यालय में स्वीकृति के रूप में अपनी हाँ दर्ज करवा सकते है।
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आप अपनी हाँ SMS से भी दर्ज करवा सकेंगे। आप किसी भी दिन स्वीकृति दे सकते है, या इसे रद्द कर सकते है। स्वीकृति की एंट्री वोट वापसी पासबुक में आएगी। यह स्वीकृति आपका वोट नही है। बल्कि यह एक सुझाव है।
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(04) गोवर्धन सफाई अधिकारी बनने के इच्छुक व्यक्तियों द्वारा आवेदन करना: 30 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी नागरिक यदि गोवर्धन का सफाई अधिकारी बनना चाहता है तो वह मथुरा कलेक्टर के सामने स्वयं या किसी वकील के माध्यम से एक ऐफिडेविट प्रस्तुत कर सकता है।
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कलेक्टर विधायक के चुनाव में जमा की जाने वाली राशि के बराबर शुल्क लेकर गोवर्धन प्रबंधन अधिकारी पद के लिए उसका आवेदन स्वीकार कर लेगा, और उसके द्वारा प्रस्तुत किये गए एफिडेविट को स्कैन करके मुख्यमंत्री एवं जिला कलेक्टर की वेबसाईट पर रखेगा।
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टिप्पणी : इस धारा में अर्हता से सम्बंधित कोई प्रावधान नहीं किया गया है। आवेदक कोई सेवारत या रिटायर्ड सरकारी अधिकारी भी हो सकता है, या फिर कोई गैर सरकारी अधिकारी भी हो सकता है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि, प्रशासनिक अनुभव रखने वाले समर्पित एवं निपुण व्यक्ति आवेदन कर सकेंगे। आवेदक द्वारा प्रस्तुत किये गए एफिडेविट में आवेदक अपना एजेंडा, योजना वगैरह की रूप-रेखा, वादे आदि प्रस्तुत कर सकता है, ताकि नागरिक इस बारे में सूचित हो सके।
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(05) मतदाताओं द्वारा स्वीकृति दर्ज करना
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(5.1) नागरिक किसी भी दिन अपनी वोट वापसी पासबुक या मतदाता पहचान पत्र के साथ पटवारी कार्यालय में जाकर गोवर्धन सफाई अधिकारी पद के किसी भी प्रत्याशी के समर्थन में अपनी हाँ दर्ज करवा सकेगा। पटवारी अपने कम्प्यूटर एवं वोट वापसी पासबुक में मतदाता की हाँ को दर्ज करके रसीद देगा।
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(5.2) पटवारी मतदाताओं की हाँ को प्रत्याशीयों के नाम एवं मतदाता की पहचान-पत्र संख्या के साथ जिले की वेबसाईट पर भी सार्वजनिक करेगा। मतदाता सफाई अधिकारी पद के प्रत्याशीयों में से अपनी पसंद के अधिकतम 5 व्यक्तियों को स्वीकृत कर सकता है।
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(5.3) स्वीकृति (हाँ) दर्ज करने के लिए मतदाता 3 रू फ़ीस देगा। BPL कार्ड धारक के लिए फ़ीस 1 रु होगी। किन्तु यदि मतदाता स्वीकृति रद्द करवाता है, तो इस पर कोई शुल्क नहीं होगा।
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(5.4) प्रत्येक महीने की 5 तारीख को, कलेक्टर पिछले महीने के अंतिम दिन तक प्राप्त प्रत्येक प्रत्याशियों को मिली स्वीकृतियों की गिनती प्रकाशित करेगा। पटवारी अपने क्षेत्र की स्वीकृतियो का यह प्रकाशन प्रत्येक सोमवार को करेगा।
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टिपण्णी: सफाई अधिकारी ऐसा सिस्टम बना सकता है कि मतदाता प्रत्याशी को -100 से 100 के बीच अंक दे सके। यदि मतदाता सिर्फ हाँ दर्ज करता है तो इसे 100 अंको के बराबर माना जाएगा। यदि मतदाता अपनी स्वीकृति दर्ज नही करता तो शून्य अंक माना जाएगा । किन्तु यदि मतदाता अंक देता है तो दिए अंक ही मान्य होंगे। रेंज वोटिंग की ये प्रक्रिया स्वीकृति प्रणाली से बेहतर है, और ऐरो की व्यर्थ असम्भाव्यता प्रमेय (Arrow’s Useless Impossibility Theorem) से प्रतिरक्षा प्रदान करती है।
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(06) गोवर्धन सफाई अधिकारी की नियुक्ति एवं निष्कासन:
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यदि सफाई अधिकारी पद के किसी प्रत्याशी को गोवर्धन तहसील की मतदाता सूची में दर्ज कुल मतदाताओ (कुल मतदाता, न कि केवल वे जिन्होंने स्वीकृति दर्ज की है) के 35% मतदाताओ की स्वीकृतियां प्राप्त हो जाती है, और यदि यह स्वीकृतियां पदासीन सफाई अधिकारी से 1% अधिक भी है, तो मुख्यमंत्री मौजूदा सफाई अधिकारी को निकाल कर सर्वाधिक स्वीकृति वाले व्यक्ति को सफाई अधिकारी नियुक्त कर सकते है।
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(07) नागरिको के बहुमत द्वारा कानून को अद्यतन करने की प्रक्रिया
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(7.1) यदि कोई मतदाता इस कानून में कोई परिवर्तन चाहता है तो वह कलेक्टर कार्यालय में एक एफिडेविट जमा करवा सकेगा। जिला कलेक्टर 20 रूपए प्रति पृष्ठ की दर से शुल्क लेकर एफिडेविट को मतदाता के वोटर आई.डी नंबर के साथ जिले / मुख्यमंत्री की वेबसाइट पर स्कैन करके रखेगा।
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(7.2) यदि कोई मतदाता धारा (7.1) के तहत प्रस्तुत किसी एफिडेविट पर अपना समर्थन दर्ज कराना चाहे तो वह पटवारी कार्यालय में 3 रू शुल्क देकर अपनी हां/ना दर्ज करवा सकता है। पटवारी इसे दर्ज करेगा और मतदाता की हाँ/ना को मतदाता के वोटर आई.डी. नम्बर के साथ मुख्यमंत्री/जिले की वेबसाईट पर सार्वजनिक करेगा।
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टिपण्णी: यह धारा इस क़ानून की दूसरी सबसे महत्त्वपूर्ण धारा है। यह धारा इस कानून को अद्यतन एवं बेहतर बनाने का काम करेगी। उदाहरण के लिए, मान लीजिये कि इस क़ानून के पास होने के बाद किसी व्यक्ति को लगता है कि, सफाई अधिकारी के क्षेत्राधिकार या वेतन में कटौती या बढ़ोतरी की जानी चाहिए, या इसी तरह का कोई परिवर्तन यदि वह इस क़ानून में चाहता है तो वह इसे एक शपथपत्र पर लिखकर कलेक्टर कार्यालय में दे सकेगा। और यदि गोवर्धन तहसील के नागरिको का बहुमत इस शपथपत्र पर हाँ दर्ज करवा देता है, तो अमुक धाराएं इस क़ानून में जोड़ दी जाएगी।
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(08) कूड़ा-करकट प्रबंधन
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(8.1) सफाई अधिकारी क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में गीले / सूखे कचरे के लिए कचरा पात्र एवं चलित/अचलित मूत्रालय-शौचालय कियोस्क स्थापित करेगा, तथा इस तरह की व्यवस्था की रचना करेगा कि, क्षेत्र पूरी तरह से साफ़ रहे।
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(8.2) सफाई अधिकारी क्षेत्र के समस्त आवारा कुत्तो का अनिवार्य रूप से बंध्यकरण एवं टीकाकरण करेगा, ताकि इनकी बढ़ती आबादी पर रोक लगाई जा सके।
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(8.3) गोवर्धन सफाई अधिकारी परिक्रमा मार्ग पर एवं मुख्य स्थानों पर CCTV कैमरों की स्थापना करेगा।
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(8.4) सफाई अधिकारी गोवर्धन में बायो डिग्रिएबल वस्तुओं (कैरी बैग्स, पत्तल-दोने आदि) को प्रोत्साहन देगा, एवं पॉलीथिन आदि के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
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टिपण्णी: पॉलीथिन आदि के इस्तेमाल को निर्बंधित करने के क़ानून पहले से बने हुए है। वोट वापसी प्रक्रिया यह सुनिश्चित करेगी कि गोवर्धन सफाई अधिकारी इनमें से व्यवहारिक नियमों को धरातल पर लागू करे। नगर पंचायत या मुख्यमंत्री कुत्तो एवं बंदरों को खाद्य वस्तुएं डालने वालो को जुर्माने से दण्डित करने का कानून बना सकते है।
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(09) वृक्षों का सरंक्षण
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(9.1) मुख्यमंत्री गोवर्धन सफाई अधिकारी को वृक्ष सरंक्षण के लिए सक्षम अधिकारी (Competent Authority) के रूप में नियुक्त करेंगे, ताकि सफाई अधिकारी वृक्ष संरक्षण के प्रावधान गोवर्धन तहसील में धरातल पर लागू कर सके।
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(9.2) सफाई अधिकारी गोवर्धन तहसील के वन क्षेत्रो के अतिरिक्त सभी वृक्षों की गणना करके उन्हें उनकी आयु, स्थिति आदि के अनुसार वर्गीकृत करेगा, और इसका डेटा वेबसाइट पर सार्वजानिक करेगा। सभी वृक्षों को चिन्हित करके उन्हें एक पहचान संख्या दी जायेगी, तथा वृक्षों पर इन्हे अंकित किया जाएगा।
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(9.3) सफाई अधिकारी गोवर्धन तहसील को हरित बनाने, मौजूदा वृक्षों को सरंक्षित करने, बड़े पैमाने पर नए वृक्ष लगाने एवं खरपतवार (गाजर-घास, झाड़ी वाले अंग्रेजी बबूल आदि) का उन्मूलन करने हेतु कदम उठाएगा।
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टिप्पणी: मुख्यमंत्री सफाई अधिकारी को उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1976 की धारा (3.3) के तहत भी सक्षम अधिकारी नियुक्त कर सकते है। गोवर्धन सफाई अधिकारी का वोट वापसी की प्रक्रिया के अधीन होना यह सुनिश्चित करेगा की, वह इसे धरातल पर लागू करे। यदि वह इस दिशा में संतोषप्रद नतीजे नहीं देता है, तो नागरिक वोट वापसी पासबुक का इस्तेमाल करके उसे नौकरी से निकाल सकेंगे। नौकरी से निकाले जाने का यह भय उसे कार्यकुशलता से कार्य करने के लिए बाध्य करेगा।
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(10) जल कुंडो की स्वच्छता : राधा कुंड, श्याम कुंड, ललिता कुंड आदि को शामिल करते हुए सफाई अधिकारी धार्मिक महत्त्व के अन्य सभी मुख्य जल कुंडो के स्वच्छ प्रबंधन की व्यवस्था करेगा, और इस तरह के प्राकृतिक जलीय पारिस्थितिकी तंत्र रचना करेगा कि, कुण्ड निरंतर स्वच्छ बने रहे।
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(11) भंडारा व्युत्पन्न सफाई नियमन
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(11.1) सफाई अधिकारी भंडारे के लिए पर्याप्त एवं उचित स्थानों का निर्धारण करेगा। भंडारा आयोजक भंडारे की पूर्व सूचना सफाई अधिकारी को देगा। यदि भंडारा चिन्हित स्थान के अतिरिक्त किसी अन्य सार्वजानिक स्थान पर किया जा रहा है तो भंडारा आयोजक को अनुमति लेनी होगी।
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(11.2) सफाई अधिकारी अनुमति की प्रक्रिया को जितना हो सके सरल एवं आसान रखेगा, ताकि भंडारा करने वालो को समय एवं श्रम की हानि न हो।
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(11.3) भंडारे में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओ (खाद्य सामग्री और पत्तल-दोने वगैरह) का निस्तारण करने की जिम्मेदारी भंडारा आयोजक की होगी।
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(11.4) बिना पूर्व सूचना के या बिना अनुमति लिए भंडारा करने एवं भंडारा में इस्तेमाल की गयी सामग्री का निस्तारण नहीं करने से आयोजक पर निम्नलिखित दरों से आर्थिक दंड देय होगा:
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(11.4.1) प्रथम उलंघन पर: 500 रू से 5,000 रू तक
(11.4.2) द्वितीय उलंघन पर: 1,000 रू से 10,000 रू तक
(11.4.3) तृतीय उलंघन पर: 2,000 रू से 25,000 रू तक
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(12) यदि मौजूदा स्टॉफ पर्याप्त कार्य निष्पादन के लिए पर्याप्त नहीं है, तो सफाई अधिकारी नगर पंचायत अध्यक्ष या मुख्यमंत्री से अपना स्टाफ बढ़ाने के लिए कह सकता है। सफाई अधिकारी कार्याधिक्य की विशेष परिस्थितयों में स्वयंसेवको (Volunteer) आदि का भी सहयोग ले सकेगा।
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(13) बजटींग
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(13.1) नगर पंचायत एवं मुख्यमंत्री सफाई व्यवस्था के लिए सफाई बजट अलॉट करेंगे। सफाई अधिकारी विशेष व्यय की स्थिति में प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा ताकि नगर पंचायत या मुख्यमंत्री इसे स्वीकृत कर सके।
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(13.2) सफाई अधिकारी नागरिको से सफाई के लिए आवश्यक उपकरण (मशीनरी, कचरा-पात्र आदि) या इनके क्रय के लिए दान के रूप में धन ग्रहण कर सकेगा।
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(13.3) सफाई अधिकारी यदि दान ग्रहण करता है तो यह सिर्फ भौतिक वस्तुओं के क्रय में ही व्यय होगा, अन्य किसी सेवा-श्रम आदि की मद में नहीं। दान प्राप्त करने एवं दान को व्यय करने की प्रक्रिया को सफाई अधिकारी पूरी तरह से पारदर्शी रखेगा।
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---क़ानून ड्राफ्ट का समापन ---
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