Pawan Jury BhilwaraRj
मथुरा-वृन्दावन में बंदरो की वजह से स्थानीय निवासियों को आर्थिक, शारीरिक एवं मानसिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बंदरो की आबादी बढ़ती जा रही है, बढ़ती जा रही है, और बढ़ती ही जाएगी। अभी इनकी अनुमानित आबादी 1.25 से 1.50 लाख है।
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आबादी बढ़ने के अनुपात में ही स्थानीय निवासियों को होने वाला नुकसान (परेशानी नहीं, नुकसान) बढ़ेगा।
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हमनें वृन्दावन में सफाई व्यवस्था को समुचित रूप से प्रबंधित करने के लिए "वोट वापसी वृन्दावन सफाई अधिकारी" का क़ानून प्रस्तावित किया है।
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यदि उपरोक्त क़ानून गैजेट में आ जाता है तो, सफाई अधिकारी बंदरो को खाने पीने की वस्तुएं डालने पर प्रतिबन्ध लगाने से लेकर बंदरो को पकड़ कर वन क्षेत्रो में छोड़ने के कार्य को धरातल पर लागू कर सकेगा।
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योगी आदित्यनाथ जी के पास इस समस्या से निपटने के अलग तरीके है। उन्होंने इसके लिए निम्न लिखित सुझाव दिए है :
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(1) बंदरो से दोस्ती कर लो। फिर वे आपको नुकसान नहीं देंगे !!
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(2) हनुमान चालीसा का पाठ करो !!
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उन्होंने ये नुस्खा क्यों सुझाया। क्या वे वाकई ऐसा मानते है, या उनकी मंशा कुछ और है।
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शहरो में बंदरो की आबादी बढ़ने से अमेरिकी धनिकों को किस तरह लाभ होता है ?
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