Wed Feb 01 2023 22:57:06 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
धारा 370 के निरसन को 3 साल हो चुके है। वहाँ अब तक चुनाव नहीं हुए है। असामान्य हालात हवाला देकर इतनी लंबी अवधि तक चुनावों को निलंबित नही किया जा सकता।
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जब तक चुनाव नहीं होंगे तब तक हालात सामान्य नहीं होंगे। और यदि आप चुनाव टालेंगे तो हालात और भी बिगड़ते जाएँगे। और फिर आप हालात सामान्य नहीं है बोलकर चुनाव टालते जाएँगे।
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तो आप इसे कब तक टालेंगे - 3 साल, 4 साल, 5, 7, 10 साल !! कब तक। क्योंकि जब तक चुनाव नही होंगे तब तक जन जीवन सामान्य नहीं होगा।
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मुझसे जब यह पूछा जाता है कि — मोदी साहेब के धारा 370 के फ़ैसले पर आपका क्या कहना है, तो मेरा जवाब होता है — कश्मीर में लिया गया फ़ैसला अभी प्रक्रिया धीन है। इसे पूरा हुआ तब माना जाएगा जब वहाँ पर चुनाव होंगे और चुनी हुई सरकार काम करने लगेगी।
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अभी यह काम आधा ही हुआ है, पूरा नहीं। क्योंकि वहाँ के लोग धारा 370 हटाए जाने के एवज़ में अपने वोटिंग राइट्स खो चुके है !!
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चुनाव प्रक्रियाएँ हुकूमत के ख़िलाफ़ बंदूक़ उठा लेने के फ़ैसले के नैतिक आधार को कमजोर कर देती है, और सशस्त्र विरोध को समुदाय का समर्थन नहीं मिल पाता। यदि भारत के शेष राज्यों में भी चुनाव ख़त्म कर दिए जाए तो काफ़ी लोग कोई न कोई हवाला देकर बंदूक़ उठाना शुरू कर देंगे और उन्हें समर्थन भी मिलने लगेगा।
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दूसरे शब्दों में, जाया तौर पर लंबे समय तक चुनाव टालकर हम वहाँ पर मिलीटेंसी के पनपने की एकदम नयी ज़मीन तैयार कर रहे है। मोदी साहेब पर ये ज़िम्मेदारी बनती है कि अपने कार्यकाल के भीतर वहाँ पर चुनाव करवाकर अपने आधे काम को पूरा करे।
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चुनाव कराने से शुरुआती चरण में कुछ डिस्टर्बेंस सामने आ सकता है। किंतु चुनाव नहीं करवाने से जो डिस्टबेंस आएगा, वह ज़्यादा हानिकर होगा।
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Sun Feb 05 2023 14:23:28 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
आज मुख्यमंत्री को आदेश भेजा कि खनिज मुनाफ़ा बँटवारा क़ानून गेजेट में छापें ।
#KhamBa
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Tue Feb 07 2023 10:04:57 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
An old post on — “ढोल गंवार शूद्र पशु नारी सकल ताड़ना के अधिकारी"
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Mon Feb 13 2023 12:38:58 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
फ़ीचर फ़िल्म Company के एक दृश्य में पुलिस वाले एक मुखबिर को उठाकर टार्चर रूम में ले आते है।
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कमिश्नर क़ैदी से कहता है कि दर्द सहने की एक सीमा होती है। थोड़ी देर तू इसे सह लेगा लेकिन अंत में टूट जाएगा। अभी पूरी रात पड़ी है।
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क़ैदी कहता है — साब आप बिना किसी बात के मुझे ऐसे ही नहीं पीट सकते। हमें भी क़ानून का पता है ।
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कमिश्नर जवाब देता है — वो सब तो ठीक है, लेकिन तुझे ये बात कौन बोला कि पुलिस क़ानून के अंदर काम करती है !! हाँय !!!
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पेड मीडिया इस तरह की धाँधलियाँ “जागरूकता का अभाव” लेबल के तहत करता है। वे इस तरह का ज्ञान प्रकाशित करते रहते है कि नागरिकों में जागरूकता का अभाव है। यदि लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो जाएँगे तो अपने आप दमन ख़त्म हो जाएगा।
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वे इस बात का उल्लेख करना भूल जाते है कि पुलिस वाले जब आपको रोक कर बात कर रहे होते है तो उसके एक हाथ में लट्ठ होता है और साथ में एक जीप खड़ी होती है जिसमें आपको टांगा टोली करके भरा जा सकता है।
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शासक वर्ग द्वारा दमन की वजह ताक़त का असंतुलन है, क़ानून की जानकारी का अभाव नही।
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एस.पी. को वोट वापसी पासबुक एवं उसके स्टाफ़ को जूरी कोर्ट के दायरे में लाकर इस असंतुलन को संतुलित किया जा सकता है ।
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#VoteVapsiPassbook
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#JuryCourt
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Tue Feb 14 2023 19:24:47 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
पंजाब, महाराष्ट्र, गुजरात समेत भारत के कई राज्यों में मिशनरीज़ सामूहिक धर्मांतरण कर रही है। ईसाई धर्म में प्रतिदिन धर्मांतरित होने वाले लोगो की संख्या हज़ारों में है।
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आप RSS और कथित हिन्दुवादियों की वॉल पर ये खबरें कभी नहीं पायेंगे। RSS के कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर 24*7 घंटे मुस्लिम विरोध का माल इसीलिए सर्कुलेट करते है, ताकि मिशनरीज़ द्वारा चलाए जा रहे धर्मांतरण अभियान को कवर किया जा सके।
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और सरकार क्या कर रही है ?
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इसे समझने के लिए कृपया 9 साल पुराना यह विडियो देखें । जिसमें राहुल भाई ने बताया था कि मोदी साहेब चूँकि FDI के साथ है, अत: वे मिशनरीज़ को 10 साल से अधिक रोक नहीं पायेंगे। 10 साल FDI आने के बाद मिशनरीज़ विस्तार करना शुरू कर देंगे।
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विडियो लिंक — <https://youtu.be/Cr4t-VZSKdM>
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मिशनरीज़ द्वारा किए जा रहे कन्वर्जन के कुछ दृष्टांत आपको इस पेज़ पर मिल जाएँगे — <https://www.facebook.com/noconversion?mibextid=LQQJ4d>
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समाधान :
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(1) Woic क़ानून लाकर FDI को रोका जाए ।
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(2) राष्ट्रीय हिंदू बोर्ड क़ानून गेजेट में छापा जाए।
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उपरोक्त दोनों क़ानून लाए बिना मिशनरीज़ को रोका नही जा सकता। 5 साल के अंदर अंदर धर्मांतरण की लहर सुनामी में बदल जाएगी।
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#HinduBoard
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#VoteVapsiPassbook
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Wed Feb 15 2023 11:57:10 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
Sumit Gurgaon HrActivist:
#DemographyDeterminesDestiny #DDD
How religion-based population imbalance affects the territory of a country.
(examples from last few decades)
1. East Timor
In a UN-supervised referendum held in 1999, 78.5 per cent of the people chose independence from Indonesia. The country was officially recognised by the UN in 2002.
At present, 97.6 percent of the population in East Timor is Catholic, 1.96 percent are Protestant, and less than 1 percent are Muslim.
2. South Sudan
It became independent from the Muslim-dominated north Sudan after a referendum in 2011.
At present the majority population (60 per cent) is Christian while indigenous religions form 33 percent of the population and 6 percent are Muslim.
3. Kosovo
Kosovo is an ethnic Albanian territory that was once part Yugoslavia (comprising Serbia and Montenegro).
In 1998-99, the Kosovo Liberation Army fought against Serbian forces until NATO intervened and forced the latter to withdraw from Kosovo, which ultimately declared independence in 2008.
In Kosovo, 95.6 percent of the population is Muslim, 2.2 per cent are Roman Catholic, and 1.4 per cent Serbian Orthodox.
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Common pattern -
Demographic disbalance especially in border areas
Involvement of external forces like UN and NATO
Use of force and/or referendum in that area.
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Separatist movements in India also have religion as 1 of the many important factors
<https://en.m.wikipedia.org/wiki/Separatist_movements_of_India>
Solution : #HinduBoardRRP
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Sat Feb 18 2023 15:34:26 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
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Mon Feb 20 2023 20:43:52 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
यदि भारत के स्वतंत्र कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर ऐसा नेटवर्क बना लें कि ज़रूरत पड़ने पर वे सभी आपस में संप्रेषण स्थापित कर सके तो पेड मीडिया के प्रायोजक भ्रम फैलाने की क्षमता नियंत्रण खो देंगे।
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स्वतंत्र कार्यकर्ताओ से यहाँ आशय उन कार्यकर्ताओ से है जो पेड मीडिया की चपेट से बाहर है, और अपने अपने तरीक़े से छोटे छोटे समूहों में सोशल मीडिया पर गतिविधियाँ वगेरह करते है, और आपस में सूचनाओं का आदान प्रदान करते है।
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ज़्यादातर मामलों में स्वतंत्र कार्यकर्ता अनपेड एक्टिविस्ट है, और अपनी सामाजिक राजनैतिक सक्रियता के एवज़ में कोई भुगतान प्राप्त नहीं करते।
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फ़ेसबुक पर मौजूद ये 4-5 लाख कार्यकर्ता जो कि सैंकड़ों छोटे छोटे समूहों 1a, 1b, 1c …. 1n आदि से संबद्ध है। कई समूहों में विभाजित इस एक्टिविस्ट सर्किट में प्रवेश करने और बने रहने के लिए — ताकि ज़रूरत होने पर अन्य समूहों के स्वतंत्र कार्यकर्ताओ के साथ आप संपर्क बना सके— अपने फ़ेसबुक नाम के साथ अपने जिले का नाम एवं राज्य का RTO कोड जोड़े।
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उदाहरण के लिए मैं भीलवाड़ा जिले से हूँ जो की राजस्थान राज्य में है। अत: मैंने अपने फ़ेसबुक नाम के साथ BhilwaraRj जोड़ा है। इसी तरह आप भी अपने जिले का नाम एवं राज्य का कोड जोड़े।
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(*) अपडेट - पूर्व में विधानसभा का नाम जोड़ने का प्रावधान रखा गया था, जिसे अब ज़िले से बदल दिया गया है। अत: अब से अपने ज़िले का नाम जोड़े विधानसभा का नही।
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Wed Feb 22 2023 20:55:33 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
AI response on #JuryCourt
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Thu Feb 23 2023 22:08:46 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
“GST Paid to Govt” नाम से एक गुल्लक बनाए। जब भी आप कोई सामान ख़रीदे और यदि आपने :
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(1) अमुक वस्तु की ख़रीद का बिल लिया है तो गुल्लक में बिल की फ़ोटो कॉपी डालें।
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(2) यदि आपने बिल नहीं लिया है तो एक पर्ची पर ये दो मदे लिखें - जितने रू का सामान ख़रीदा है वह राशि और अमुक राशि की 20% (या अमुक सामान पर जो भी GST की दर है) राशि। अब अमुक पर्ची को गुल्लक में डाल दें।
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हर महीने ये गुल्लक खोलें और सरकार को आपके द्वारा अदा की गई राशि का योगफल निकालें।
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2-3 महीने के आँकड़े देखने के बाद आपको समझ आएगा कि क्यों पेड मीडिया और बीजेपी की आईटी सेल ने “कारोबारी चोर है इसीलिए GST का विरोध कर रहे है” नुमा खबरों की बारिश करके आपका ध्यान बँटा दिया था !!
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#CancelGst
#EmptyLandTax
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Thu Feb 23 2023 22:16:08 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
Don’t know exact information place and date of video. But it’s happening on ground. And RSS’s main task is — NOT talk about it. They will keep shouting Hindu-Muslim to cover missionaries attempt to conversion.
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Solution is to print proposed law draft of #HinduBoard
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comedy show :
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Fri Feb 24 2023 22:58:22 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
NaMo ने बिजली पैदा करने वाली कंपनियां को बिजली के लिए प्रति यूनिट 50 रुपये तक चार्ज करने की अनुमति दी !! (24-फरवरी-2023)
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कोयला संयंत्रों की लागत 2 रुपये प्रति यूनिट से लेकर 3 रुपये प्रति यूनिट अधिक से अधिक है। और सोलर की लागत अब कम है। इसके बावजूद, NaMo ने एक राजपत्र अधिसूचना प्रकाशित की जिसमें बिजली पैदा करने वाली कंपनियां को 50 रुपये प्रति यूनिट के रूप में उच्च शुल्क वसुलने की अनुमति दी गई !!! पहले यह सीमा 12 रुपये थी। अब नरेंद्र मोदी ने सीलिंग बढ़ाकर 50 रुपये कर दी है।
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तो बिजली पैदा करने वाली कंपनियों को केवल यह दिखाने की जरूरत है कि खर्च बढ़ गया है !!!
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और आयातित कोयले का उपयोग करने वाली बिजली कंपनी अब आधिकारिक तौर पर अधिक शुल्क ले सकती है !!! स्थानीय कोयले का उपयोग करने वाली कंपनी अधिक से अधिक 3 रुपये से 5 रुपये ही चार्ज कर सकती है क्योंकि उन्हें 300 रुपये प्रति टन से 2000 रुपये प्रति टन की दर से कोयला मिलता है।
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और अब कोयला का बड़ा निर्यातक कौन है? गौतम अड़ानी !!
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भारत के पास इतना कोयला है जो 200 साल तक चलेगा, और 300 रुपये प्रति टन में खोदा जा सकता है !!! लेकिन इसके बजाय, बिजली कंपनियां, अडानी की कंपनी से 10000 रुपये प्रति टन से 20000 रुपये प्रति टन कोयले का आयात करेगी। और वो आस्ट्रेलिया की कंपनी जिससे अडानी कोयला मंगाएगा उसका मालिक मात्र Rothschild का मुखौटा है। ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया आदि में कोयले की खदानों का असली मालिक Rothschild है।
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इस कोयले को गुणवत्ता के आधार पर अच्छा कोयला मानकर जबरदस्ती मंगाया जाता है और वह भी कई गुना उसी कीमत पर क्योंकि रोशन के पास मौजूद हथियारों की शक्ति के आगे भारतीयों को यह रकम चुकाने के अलावा कोई चारा नहीं।
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राहुल मेहता जी की पोस्ट से
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नीचे के लिंक में आप देख सकते हैं कि स्पष्ट रूप से बताया गया है कि 1 टन कोयले को खोजने मैं सरकारी कंपनी को 1000 रुपए का खर्च आता है और प्राइवेट कंपनी को अधिक से अधिक ₹800 का खर्च आता है।
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कोयले को खुद के सीधे-सीधे इस्तेमाल में लाया जा सकता है तो 10,000 से लेकर 20,000 प्रति टन तक कोयला बाहर से मंगाने की आवश्यकता क्या है ?
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प्रधानमंत्री को वोट वापसी पासबुक के दायरे में लाकर इस गड़बड़ झाले को रोका जा सकता।
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#VoteVapsiPassbook Over Pm
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Sat Feb 25 2023 13:02:16 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
Senioriit Baba:
Visited Gandhi Museum (Delhi) today. I learned that for hundreds of years Rothschild has been extremely smart to pick perfect people and put huge huge amount of resources to place them. A hundred years later someone may learn this again while visiting Modi Museum.
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