Posts for 2022-03

Pawan Jury BhilwaraRj

Fri Mar 04 2022 09:43:51 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Shiv Gupta Varanasi UpcandRrp:

माननीय मतदाताओं में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के वाराणसी शहर दक्षिणी 389 से विधायक पद का राईट टू रिकाल पार्टी उम्मीदवार हूँ। जिसने वोट कपसी पासबुक को अपने एजेंडे में शामिल किया है। यदि आपको वोट वापसी पासबुक मिल जाती है तो आप अपना वोट वापिस ले सकेंगे। यदि कोई नेवा या अधिकारी अपना कार्य सही प्रकार से नहीं कर रहा है तो आप अपना वोट वापिस ले कर किसी अन्य व्यक्ति को व पद देने के लिए अपनी स्वकृति दर्ज करवा सकेंगे। इस तरह में अकेला उम्मीदवार हूँ जो वोट लेने के लिए नहीं बल्कि मैं आपको वोट वापीस दिलाने के लिए मैदान में है।

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Pawan Jury BhilwaraRj

Fri Mar 04 2022 11:02:56 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

एक सम्भावित औचक जायज़ वजह जिसके चलते अमेरिका ने यूक्रेन में सामरिक दख़ल देने से वक्ति तौर पर परहेज़ किया -
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15 जनवरी 2022 को 16 परमाणविक मिसाइलों से लैस एक रशियन पनडुब्बी अमेरिकी तट के निकट अचानक से सतह पर आती है, और “खुद को दिखाने के बाद” फिर से पानी में डुबकी लगाकर लौट जाती है।
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सतह पर आने से पहले तक अमेरिकी बेड़ा इस पनडुब्बी को ट्रेक नही कर पाया था !!!
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लिंक — <https://english.pravda.ru/news/world/150057-russian_submarine/>;
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Pawan Jury BhilwaraRj

Fri Mar 04 2022 17:25:09 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

5-3-22 ; नागरिक कर्तव्य दिवस
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मिनरल रॉयल्टी - धन वापसी पासबुक आने से प्रत्येक नागरिक के बेंक खाते में प्रति माह 1000 से 3000 रू तक प्राप्त होने लगेंगे ।
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अभी नागरिकों के हिस्से का यह पैसा मिनरल के रूप में देशी एवं विदेशी धनिक ओने पोने दामों में लूट ले रहे है।
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यदि आप आपके स्वामित्व के मिनरल की इस लूट को रोकना चाहते है तो कल यानी 5 March 2022 को पीएम को खुला आदेश पत्र भेजे कि धन वापसी पासबुक क़ानून गेजेट में छापें ।
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[खुले आदेश पत्र (पोस्टकार्ड आदि) में सिर्फ़ धनवापसी पासबुक की हेश टेग लिखे, अन्य इबारत न लिखें। ]
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#DhanVapsiPassbook
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#धन_वापसी_पासबुक
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sat Mar 05 2022 19:03:00 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

आज दिनांक 5-3-22 को मैंने पीएम को खुला आदेश पत्र भेजकर #DhanVapsiPassbook क़ानून गेजेट में छापने की माँग की ।
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धन वापसी पासबुक क़ानून आने से खनिजो की लूट बंद होगी और भारत के प्रत्येक नागरिक के खाते में प्रति माह 1000 से 3000 रू तक की धन राशि जमा होगी।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sat Mar 05 2022 21:28:29 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

मान लीजिए कि दो देशों A एवं B में युद्ध हो जाता है, और B के पास 5 SSBN ( Submersible Ship Ballistic Missile Nuclear) है । मान लीजिए कि देश A देश B को पराजित करके B पर पूरी तरह क़ब्ज़ा कर लेता है ।
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अब मान लीजिए कि, देश A देश B की 5 में से 4 सबमरीन को क़ब्ज़े में ले लेता है, या उन्हें मार गिराता है । किंतु यदि A अंतिम पाँचवीं सबमरीन (जो कि समंदर में कहीं ग़ायब है) को ट्रेस नही कर पा रहा है, तो युद्ध ख़त्म नही होगा !!!
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क्योंकि सिर्फ़ 1 SSBN भी देश A को पूरी तरह से तबाह कर सकती है !!!
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चीन की 7 के मुक़ाबले भारत के पास सिर्फ़ एक SSBN है और यह SSBN भी हमने रूस से 10 साल की लीज़ पर ली हुई है। दस साल की लीज़ का भाड़ा है 100 करोड़ डॉलर । 2022 में इस लीज़ की समयावधि ख़त्म हो रही है। भारत ने 2019 में ही लीज़ को 10 साल और बढ़ाने के लिए रिक्वेस्ट भेज दी थी। भाड़ा होगा 200 करोड़ डॉलर ।
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भारत के तीन तरफ़ समंदर है। और एक अन्य रशियन SSN को शामिल करते हुए इन 2 सबमरीन पर भारत की पूरी कोस्ट लाइन को बचाने और चीन से युद्ध होने पर चीन को जवाब देने की ज़िम्मेदारी है !!
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मोतियों की माला : संलग्न चित्र में नारंगी गोले चीन के नेवल बेस को इंगित करते है।
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अधिक जानकारी के लिए राइट टू रिकॉल पार्टी के राष्ट्रीय घोषणा पत्र का अध्याय 22 एवं अध्याय 23 पढ़े ।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Mar 06 2022 09:53:04 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Sandeep Singh:

यह 16 सेकंड का वीडियो पिछले 4 वर्षों के यूक्रेन इतिहास की व्याख्या करता है!

लोगों के दिमाग को वो ही नियंत्रित करता है जो मिडिया को नियंत्रित करता है
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यह वीडियो वोल्डोमोर जेलेंस्की (VZ) के एक टीवी शो से है। उस टीवी शो में वह सभी भ्रष्ट सांसदों को गोली मारता है और यूक्रेन में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार लाता है, जहां हर कोई स्वतंत्र और खुश है।
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समाचार चैनलों, फेसबुक, आदि का उपयोग करके अमेरिकी-ब्रिटिश द्वारा संचालित पेड मीडिया और ऐसे सस्ते टीवी शो का उपयोग करके अमेरिक-ब्रिटिश ने यूक्रेनी लोगों को आश्वस्त किया कि जेलेंस्की सभी भ्रष्टाचार को समाप्त कर सकता है।
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उसी तरह अमेरिकी-ब्रिटिश द्वारा संचालित पेड मीडिया ने हमें आश्वस्त किया कि सोनिया-मोदी-केजरीवाल-राहुल गाँधी-ममता वगैरह महान नेता हैं।
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यूक्रेनी लोगो ने जेलेंस्की को चुनाव जिताया, और भ्रष्टाचार को समाप्त करने के बजाय, जेलेंस्की ने सबसे पहले नाटो सदस्यता के लिए आवेदन किया। उसे करना पड़ा, क्योंकि वह अमेरिकी-ब्रिटिश का कठपुतली था।
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मीडिया पर दिखने वाले भारत के सभी बड़े नेता भी अमेरिकी-ब्रिटिश द्वारा ही खड़े किये गये हैं। और भारत को यूक्रेन की तरह युद्ध में जाने से बचने के लिए हमें भारत में विदेशी मीडिया, सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, गूगल, व्हाट्सप्प, और पेड मीडिया में सभी विदेशी निवेश पर प्रतिबंध लगाना होगा।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Mar 06 2022 09:54:11 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

SantoshKumar VotevapsiCm Jury MuzaffarpurBr:

भारत में हर साल 2015 से 2019 तक मौतें - लगभग 90 लाख से 95 लाख (लगभग 15 लाख अपंजीकृत मौतों सहित) . वर्ष 2021 में मौतों की संख्या = 160 लाख से अधिक पंजीकृत मौतें और संभवत: अन्य 30 लाख अपंजीकृत मौतें !!! .
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और वर्ष 2019 की तुलना में वर्ष 2021 में लगभग 5 गुना से 10 गुना अधिक अस्पताल में भर्ती हुए थे। . और 2019 की तुलना में वर्ष 2021 में पाकिस्तान में अधिक अस्पताल में भर्ती --- लगभग शून्य . और हरियाणा के नूह जिले में अप्रैल -2021 में लगभग शून्य अतिरिक्त अस्पताल में भर्ती हुए थे और गुरुग्राम में अधिक मामलों और मौतों की बाढ़ आ गई थी।
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यदि अस्पताल में अधिक मामलों या 80% अधिक मौतों का कारण वायरस था, तो वायरस को नूह और पाकिस्तान की यात्रा करनी चाहिए थी और वहां भी तबाही मचानी चाहिए थी। आखिरकार, हर हफ्ते हजारों श्रमिक और सामाजिक समारोह में भाग लेने वाले आदि भारत पाकिस्तान आदि के बीच यात्रा करते हैं।
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तो हो सकता है, चिकन टिक्का मसाला खाने की वजह थी?
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अमेरिका में लोग खुले तौर पर वैक्स के खिलाफ भाषण दे सकते हैं क्योंकि जूरी सिस्टम यह सुनिश्चित करता है कि पुलिसकर्मी वैक्स के खिलाफ बोलने वालों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं कर सकते।
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भारत में, बीआरसी को जगाना आदि जूरी का विरोध करते हैं (उनसे पूछें) और इसलिए उनके अंधभगत भी जूरी का विरोध करते हैं (उनसे पूछें)।
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जूरी की अनुपस्थिति को देखते हुए, केवल नकली विपक्ष जिनके पास नेताओं का संरक्षण है, वे सार्वजनिक रूप से वैक्स के खिलाफ बोल सकते हैं।
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इसलिए मैं ज्यादा नहीं बोल सकता। आप तय करें।

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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Mar 06 2022 10:17:39 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Shiv Gupta Varanasi UpcandRrp:

राइट टू रिकॉल पार्टी का प्रचार करने पर कुछ तो हलचल हो रही है दो-तीन दिन पहले का अखबार में यह खबर छपी थी। उधर में हथुआ मार्केट मे अपना पंपलेट बाटा था मुझे समय नहीं मिला इस खबर को मैं फेसबुक पर शेयर करूं ।लेकिन इतना तय है कि आने वाला समय राइट टू रिकॉल पार्टी का है। धीरे-धीरे ही सही आम लेाग रीकॉल का महत्व समझने लगे। वोट वापसी का अधिकार के लिए मन बना चुके हैं ।हो सकता है इस चुनाव में मुझे उतना वोट न प्राप्त हो लेकिन वोट वापसी का महत्व क्या है यह जनता तक मैं पहुंचाने में कामयाब जरूर रहा।बाकी वाराणसी की जनता चाहे किसी को वोट दे।
,मैं शिव प्रसाद गुप्ता
राइट टू रिकॉल पार्टी का प्रत्याशी चुनाव चिन्ह प्रेशर कूकर।
आप लोगों को वोट वापसी पासबुक का अधिकार चाहिए तो मेरा समर्थन कीजिए और प्रेशर कुकर का बटन दबाइए।
नमस्कार
इंकलाब जिंदाबाद ।
भारत माता की जय।

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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Mar 06 2022 18:10:58 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

उत्तर प्रदेश - इस चुनाव में मूल प्रतिद्वंदी अमित शाह और योगी आदित्यनाथ है। यदि अमित शाह जीत जाते है तो अखिलेश मुख्यमंत्री बनेंगे, और अमित शाह हार जाते है तो योगी ।
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यदि अखिलेश मुख्यमंत्री बनते है तो भाजपा की और से पीएम की उम्मीदवारी में अमित शाह का कोई प्रतिद्वंदी नही रहेगा। वरना योगी स्वाभाविक रूप से उनके सबसे निकट प्रतिद्वंदी होकर उभरेंगे॥
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हालाँकि मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री कोई भी बने क़ानून गेजेट में वही आएँगे जो पेड मीडिया के प्रायोजक चाहते है।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Mar 06 2022 20:34:26 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

जब अमेरिकी-ब्रिटिश हथियार निर्माता (US-UK wme) इराक, लीबिया और अफगानिस्तान के लोगों को लूट रहे थे और उनकी हत्या कर रहे थे तो यूक्रेन के लोगों ने अमेरिकी-ब्रिटिश हथियार निर्माताओं का समर्थन किया था। यूक्रेन के लोगों ने भी अफगानिस्तान के लोगों को मारने में US-UK wme की सहायता के लिए सैनिक उपलब्ध कराए थे। [अमेरिकी-ब्रिटिश हथियार निर्माता = US-UK weapon manufacturing elite (US-UK wme)]
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बहरहाल, इराक, लीबिया, और अफगानिस्तान के लोगों ने उक्रेन या भारत के लोगों पर भी ऐसा ही किया होता, अगर उन्हें मौका मिलता और फायदा मिलता।
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और आने वाले संभावित भारत बनाम US-UK wme युद्ध में, हम कुछ भी कर लें, यूक्रेन के लोग US-UK wme का ही समर्थन करेंगे।
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यहां तक ​​​​कि अगर हम यूक्रेन में रूस के खिलाफ अपनी सेना भेजते हैं, और फिर पीछे से US-UK wme भारत पर आक्रमण करता है, तो यूक्रेनियन US-UK wme का ही समर्थन करेंगे और अपने सैनिकों को US-UK wme के साथ ही लड़ने के लिए भेजेंगे।
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यूक्रेन ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर ज्यादातर पाकिस्तान का समर्थन किया है। और रूस एकमात्र ऐसा देश है जिसने हमेशा भारत के पक्ष में अपनी वीटो शक्ति का प्रयोग किया है।
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तो दोस्तों, अगर आप मनुष्य की चिंता करना चाहते हैं, तो मेरा अनुरोध है — कृपया केवल भारत के मनुष्यों की चिंता करें। और यदि आप नैतिकता को लागू करना चाहते हैं, तो भारत के आंतरिक मुद्दों पर नैतिकता लागू करें।
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भारत की भ्रष्ट अदालतों को सुधारने, भारत में खनन में किए जा रहे खनिजों की लूट को रोकने और खनिज रॉयल्टी के 130 करोड़ भारतीयों में वितरण, गरीबी, महंगाई कम करने, चीन-अमेरिका से संभावित आक्रमण से बचने के लिए सेना का आधुनिकीकरण स्वदेशी हथियारों से, आदि के लिए जरूरी कानूनों जैसे वोट वापसी पासबुक, धन वापसी पासबुक, जूरी कोर्ट, आदि लागू कराने का प्रयत्न करें। कृपया भारत के बाहर की घटनाओं पर चिंताओं और नैतिकता को बर्बाद न करें।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Mar 06 2022 20:36:22 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Jury Court:

ये यूक्रेन के राष्ट्रपति बोलोदिमिर जेलेसंकी हैं।
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2019 में राष्ट्रपति बनने से पहले ये कॉमेडियन थे, लेकिन US-UK धनिकों ने इसे राष्ट्रपति बनाने के लिये पैड मीडिया के माध्यम से जोर शौर से प्रचार करवाया, इसलिए जनता ने भारी मात्रा में वोट दिए और ये राष्ट्रपति बन गए।
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अब सिंपल सवाल!
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यदि पेड मीडिया का समर्थन नहीं मिलता तो क्या जेलेसंकी यूक्रेन का राष्ट्रपति बन पाता?

जवाब है ,"कभी नहीं!"
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तो जेलेसंकी के नियुक्ति अधिकारी कौन है?
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जाहिर सी बात है," अमेरिकी ब्रिटिश धनिक", जिन्होंने पैड मीडिया को पॉजिटिव कवरेज के लिये पैसा दिया ।
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इसलिए यूक्रेनी राष्ट्रपति अमेरिकी ब्रिटिश धनिकों का पालतू आदमी हो गया।
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अब अमेरिकी ब्रिटिश धनिकों ने अपने पालतू से बोला कि नाटो में शामिल हो जावो।
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उसने कहा ठीक हैं।
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इस पर रूस को सख्त ऐतराज हैं, यूक्रेन के नाटो में शामिल होने को रूस अपनी सुरक्षा के दृष्टि से खतरनाक मानता हैं।
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इसके अलावा भी यूक्रेन में बहुत से खनिज व गेस के भंडार है जिस पर रूस की नजर है।
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इसलिए रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण कर दिया।
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अब यूक्रेन के नागरिकों के पास भी वोट वापस पासबुक नहीं हैं अतः वे अपने राष्ट्रपति को समय से पहले नहीं निकाल सकते हैं, यदि यूक्रेन के नागरिकों के पास वोट वापसी पासबुक होती तो यूक्रेन का राष्ट्रपति राष्ट्र को युद्ध की आग में नहीं झोंकता वो भी गैरो के भरोसे।
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संबंधित पोस्ट के साथ मे जो फ़ोटो देख रहे हैं वो किसी स्टूडियो में शूट करवाया गया है युद्ध हमेशा सैनिक ही लड़ते है और राष्ट्रपति की रक्षा भी सैनिक ही करते हैं।
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वर्तमान में भी पेड मीडिया रूस यूक्रेन युद्ध को लंबा खिंचवाने के लिये यूक्रेनी राष्ट्रपति को पॉजिटिव कवरेज दे रहे है और उसे हीरो की तरह पेश कर रहे हैं।(अर्थात चने के झाड़ पर चढ़ा रहे है।)
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रूस यूक्रेन युद्ध जितना लंबा चलेगा उतना ज्यादा अमेरिका ब्रिटिश धनिकों को फायदा होगा।
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रूस कमजोर हो जाएगा, यूक्रेन बर्बाद हो जाएगा, जिसे अमेरिकी ब्रिटिश धनिक टेकओवर कर लेंगे।
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सबक जो हमें लेना चाहिए:
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1. जब किसी व्यक्ति की पेड मीडिया बहुत ज्यादा प्रसंसा करें तो इसका मतलब यह लेना चाहिए कि वो हमारा आदमी नहीं है बल्कि पैड मीडिया का आदमी हैं।
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2. हमे अपने हथियार स्वयं बनाने चाहिए अर्थार्त हथियार निर्माण में आत्मनिर्भर होना चाहिए इसके लिये जुरीकॉर्ट रिक्तभूमिकर ,WOIC, GUN LAW जैसे कानून आवश्यक हैं।
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वरना हमे भी भविष्य में कोई सनकी प्रधानमंत्री बर्बाद कर सकता हैं !
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Mar 06 2022 21:39:28 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

रूस पर हमला पहले अमेरिका ने किया, और रूस यूक्रेन पर हमला करके सिर्फ़ अमेरिकी हमले का जवाब दे रहा है।
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यूक्रेन से मास्को की दूरी लगभग 400 km है। यदि यूक्रेन नाटो साइन कर देता तो अमेरिका एक वर्ष के भीतर ही “यूक्रेन की सुरक्षा” का हवाला देकर यूक्रेन में इतना अस्लहा तैनात कर देता कि रूस से फ़ुल स्केल वॉर किया जा सके। और इसके बाद अमेरिका रूस को तोड़ने के लिए यूक्रेन का इस्तेमाल अपने ऊँट की तरह करता।
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अतः अमेरिकी सेनाओं को यूक्रेन में घुसने से रोकने के लिए रूस के पास हमला करने के अलावा अन्य कोई विकल्प नही था।
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अमेरिका का ऊँट नम्बर 2 भारत है ।
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चीन पर हमला करने के लिए अमेरिका निम्नलिखित तैयारी कर चुका है :
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(1) मीडिया में FDI
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ताकि जनता को कंट्रोल करके राजनैतिक नेतृत्व को नियंत्रित किया जा सके।
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(2) डिफ़ेंस में FDI
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ताकि भारत में अमेरिकी कम्पनियाँ युद्ध के लिए हथियारों का उत्पादन कर सके।
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(3) कोमकासा एग्रिमेंट
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ताकि अमेरिकी जनरल भारतीय सेना का अधिकृत रूप से संचालन कर सके, एवं भारतीय ज़मीन पर अपनी सेना उतार सके।
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(4) धारा 370 का निरसन
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ताकि वहाँ पर राष्ट्रपति शासन लगाकर अमेरिकी कश्मीर में निवेश के नाम पर अपने इस्टाब्लिशमेंट खड़ी कर सके। और वहाँ पर अमेरिकीयों एवं सऊदी अरब ने निर्माण शुरू भी कर दिया है।
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अगले चरण में अमेरिकी जिहादियों को अस्लहा और पैसा देकर खुद के ही निर्माण पर आतंकी हमले करवाएगा, या इसी तरह का कोई ड्रामा स्टेज करेगा ।
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इसके बाद अमेरिकी कहेंगे कि हमारे निवेश को आतंकियों से ख़तरा है, और अब हम (अमेरिकी) कश्मीर में आतंकवाद को ख़त्म करने की जंग लड़ेंगे।
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पेड़ मीडिया रिपोर्ट करेगा कि — अब आतंकियों की ख़ैर नही है।
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और फिर अमेरिकी सेनाएँ कश्मीर में आना शुरू करेगी। कश्मीर से CPEC कुछ सौ किलोमीटर की दूरी पर ही है॥
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और इन हालात में चीन को इस बिंदु पर गम्भीरता से विचार करना पड़ेगा कि क्या उसे अमेरिकी सेनाओं के कश्मीर में अड्डा जमाने से पहले ही भारत पर आक्रमण कर देना चाहिए या नही !!!
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यदि चीन भारत पर हमला करता है तो चीन भारत पर सभी तरफ़ से हमला कर सकता है। पाकिस्तानी कश्मीर की तरफ़ से, पूर्वोत्तर से और नेवी के माध्यम से दक्षिण की सभी दिशाओं से॥
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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Mar 10 2022 09:54:46 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Gopal Dhakad ChittorgarhRj:

अपने हक अधिकार के लिए वित्तमंत्री के आवास पर मिलने गये अफीम किसान मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन नई दिल्ली पर गिरफ्तार कर लिए गए हैं

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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Mar 10 2022 10:53:04 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate:

Sikhs can support any non sikh for PM position or any non sikh or any state CM ship. But punjab CM position has special emotion for them ( Raja Ranjit Singh position ).
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But AAP owners want arke to become CM of punjab
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And so AAP owners chose a drunk sikh Bhawant Maan , who can't walk unless he is drunk , as AAP CM candidate
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So once he becomes CM, many many voters wwill demand Maan's replacement in a month.
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That's when AAP owners using paidmediamen will project arke as janta ki pasand.
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AAP owners , who also own rss congress akali SP bsp , and also own soga namo arke, will then be able to position arke as PM candidate in year 2024. In case, people of India don't take namo as good choice by then

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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Mar 10 2022 10:56:48 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate:

Fake opposition, be mahaduratma Gandhi awaken BRC etc are always 1% real. Eg a fake gold biscuit will be also 5% real gold on top.
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Reality is that over 60% of Indian adult population got forcedvax and thise who just got chicken tikka masala bill , got due to people like we and not BRC awaken. Awaken only created a fake scare of scanning machine
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Every daciot knows that he cant rob people using same trick. The lockdown robbery lasted for 2 years and forcedvax robbery lasted for 1 year. When end had to be called, govt and HCjs gave some relief , so that fake opposition like awaken BRC can claim credit.
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Reality is --- usukwme won with flying colors and we ALL antiforcedvax people have been defeated decisively. We accept that we have lost round-1. but shameless awaken, instead of telling truth that we have all lost, want to create a mirage of victory by showing some two bit judgment that is worth less than garbage paper on street.
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As of now, schools across India including Mumbai are forcing vax and mask on children.
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So folks ---- look at usa.. there is zero forcevax in usa because usa policemen have 40 lakh guns, usa military soldiers have 40 lakh guns and people have 40 crore guns, and of poorest 2 crore families in usa , more than 1 crore families own gun. That's why lockdown never came in usa and mild restrictions also ended in apr-2020, and completely ended in oct-2020. And another reason is right to recall district police commissioner.
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People in usa didn't escape miseries due ti some 2 bit nonsense PIL and some 2 bit high court judgment
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Compare awakeb BRC with mahaduratma Gandhi. Afghan got freedom in 1919 because they didn't listen to any gandhi nonsense and took up guns and bombs And we got freedom in 1947 that too after ww2 weakened usuk, because mahaduratma Gandhi worked to keep away youth from guns and bombs by giving charkha and Bhajans. So duratama gandhi gave 30 years to British.
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Same way, solution to lockdown and forcedvax was to andolan and contest election to bring laws for mass weaponization and RTR district police chief . This would have ensured end to miseries in weeks . but awaken BRC worked to ensure that activists stay away from election process using PIL nonsense. And this enabled usukwme to forcevax over 60% of Indian adults, some 70% children and also wreck and the whole economy and privatize and foreignize many PSUs and private companies.
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So look at the facts that awaken BRC support Mauritius treaty and oppose ending FDI in media, hospital, pharma, mining. This proves that they are 95% fake . And just as mahaduratma Gandhi was 5% real, they may be some 1% to 2% real to fool you.

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Pawan Jury BhilwaraRj

Fri Mar 11 2022 12:40:25 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

15 second का यह विडियो देखें, और आप समझ सकते है कि मुख्यमंत्री पर वोट वापसी क़ानून आने से क्या बदलाव आएगा॥
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यदि पंजाब में #VvpCm का क़ानून होगा तो पंजाब के मतदाता “सार्वजनिक रूप से नशेबाज़ी का प्रदर्शन” करने वाले इस आदमी को वोट वापसी पासबुक का प्रयोग करके निकाल कर आम आदमी पार्टी के ही किसी अन्य विधायक को मुख्यमंत्री बनाने के लिए स्वीकृति दर्ज करवा देते।
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और इस प्रक्रिया के दौरान न तो फिर से चुनाव होते तो और न ही सरकार गिरती।
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सिक्खों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का यह मिशनरीज़ एवं पेड मीडिया के प्रायोजकों का अपना तरीक़ा है।
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वोट वापसी मुख्यमंत्री के प्रस्तावित क़ानून में सिर्फ़ 6 धाराएँ है, और इसे मुख्यमंत्री द्वारा सीधे गेजेट में छापा जा सकता है। पूरा ड्राफ़्ट पढ़ने के लिए मेरी प्रोफ़ायल पिक्चर को क्लिक करके डिसक्रिप्शन देखे।
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(*) मुझे किसी के पीने न पीने से कोई समस्या नही है। किंतु “पीने का सार्वजनिक प्रदर्शन” करने वाले पियक्कड़ का मुख्यमंत्री जैसे गरिमामय पद पर आसीन होने से ऐतराज है।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sat Mar 12 2022 07:27:23 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Jury Court:

नीचे उत्तरप्रदेश चुनाव में 3 विधानसभा के 3 उम्मीदवारों को प्राप्त मतों की जानकारी है। जिसमे हम सबसे कम वोट पाने वाली पार्टियों की तुलना देखते हैं।
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1) विधानसभा क्षेत्र वाराणसी दक्षिण
राइट टू रिकॉल पार्टी :-149 (0.08%)
आम आदमी पार्टी :- 922 (0.47%)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस:- 2166(1.11%)
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2) विधानसभा क्षेत्र मेहनौन
राइट टू रिकॉल पार्टी :- 551(0.26%)
आम आदमी पार्टी :- 583(0.27%)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस:- 5499(2.56%)
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3) विधानसभा क्षेत्र फामफाउ
राइट टू रिकॉल पार्टी :- 307(0.15%)
आम आदमी पार्टी :- 465 (0.22%)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस:-2319(1.13%)
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ये तीन यादृच्छिक रूप से चयनित विधानसभाओ का अवलोकन हैं।
इसमे आप देख रहे है कि कांग्रेस व आम आदमी पार्टी को भी ज्यादा वोट नहीं मिले हैं, जबकि ये पार्टियां पेड मीडिया पार्टियां हैं, इनके पास पैसा का समंदर है और भयंकर प्रचार तंत्र व अनुभव भी हैं।
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जबकि राइट टू रिकॉल पार्टी के उम्मीदवारो के सामने कई चुनोतियाँ रहती हैं।
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1. राइट टू रिकॉल पार्टी के उम्मीदवार सीमित संसाधनों के साथ चुनाव लड़ती है,ये चुनाव प्रचार में सिर्फ 10 से 14 हजार तक खर्च कर पाते हैं।
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2. राइट टू रिकॉल पार्टी आइडेंटिटी पॉलिटिक्स नहीं खेलती है अर्थात धर्म, जाति, क्षेत्र, लिंग, व्यवसाय, आदि के आधार पर वोट नहीं मांगते हैं, हमारा सिर्फ यह है कि यह ड्राफ्ट है अच्छा लगे तो प्रचार करो व ठीक लगे तो वोट दो, बस .. इसके अलावा कुछ नहीं।
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3. राइट टू रिकॉल पार्टी पेड मीडिया के खिलाफ कार्य करती हैं तो RRP के उम्मीदवारों को पेड मीडिया का सहयोग नहीं मिलता है और न ही हम पेड मीडिया के सहयोग की अपेक्षा करते हैं।
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4. राइट टू रिकॉल पार्टी द्वारा प्रस्तावित ड्राफ्ट आम आदमी के लिये पढ़ने में बोरिंग है ज्यादातर लोग पढ़ने व समझने की तकलीफ नहीं लेना चाहते हैं,और हमारे पास ड्राफ्ट के अलावा कोई मसाला नहीं है|
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हमारे मानने में राइट टू रिकॉल पार्टी के उम्मीदवारों को मिले वोटों का वास्तविक मूल्य उनके 100 गुणे के बराबर हैं, यदि आपको एक वोट भी मिला है तो इसका मतलब हैं कि आपने एक व्यक्ति को तो इन कानून ड्राफ्ट के महत्व से परिचित करा दिया।
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नोट:- भारत में फ्लैट वोटिंग सिस्टम होने के कारण हमारा काम बेहद मुश्किल हो जाता हैं, क्योंकि वोटर उसी को वोट देते हैं जो जीतने की स्थिति में हो, वरना वे वोट खराब करना नहीं चाहते है इसलिए छोटी पार्टियों को ज्यादा वोट नहीं मिलते हैं। जब आप आइडेंटिटी पॉलिटिक्स नहीं करते है तो आपके पास एक ही विकल्प रहता है वोटर को कॉन्विस करो कि इन ड्राफ्ट के अलावा दूसरा कोई सॉल्यूशन नहीं है और यह बेहद मुश्किल और टाइम खपाऊँ काम है।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Mon Mar 14 2022 12:53:05 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Aditya Prakash Sharma:

कश्मीर फाइल्स मूवी में वो महत्वपूर्ण तथ्य जो छुपाए गए
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कश्मीर के हिंदुओं के नरसंहार पर बनी फिल्म कश्मीर फाइल्स में फ़िल्म निर्माताओं ने कुछ तथ्य छुपा लिए है जो कि निम्न प्रकार है

1) यह फ़िल्म दिखाती है कि कश्मीर में धर्मांतरण इस्लामिक ताकतों ने किया जो कि सही है पर इस तथ्य को छुपाती है कश्मीर को भारत से अलग करने का प्लान अंग्रेजो का था जिन्होंने ही भारत से जाते जाते यहां के सभी राजाओं को कहा था कि या तो वो भारत मे रहे या पाकिस्तान में या स्वतंत्र रहे और अंग्रेजो ने विशेष रूप से कश्मीर के राजा को आंतरिक सपोर्ट दिया कि वो खुद को स्वतंत्र घोषित करे ताकि बाद में पुनः अंग्रेज कश्मीर में अपना सैनिक अड्डा बना कर चीन पाकिस्तान और भारत पर नियंत्रण रख सके ।

2) यह फ़िल्म दिखाती है की पाकिस्तान ने कश्मीर के जिहादियों को हथियार पहुचाए जबकि इस तथ्य को छुपाती है कि पाकिस्तान को हथियार और डॉलर सप्लाई करने वाले तो अमेरिका ब्रिटेन के धनिक थे(क्योकि पाकिस्तान तो शुरू से ही भूखा नंगा देश रहा है वो खुद को नही सम्भाल सका कश्मीर को क्या संभालेगा) तो इस घटना के पीछे तो अमेरिकी ब्रिटिश धनिक थे । खुद राजीव दीक्षित जी ने इस बात को कहा था ।

इस वीडियो को 4 मिनिट से देखना शुरू करे जिसमे राजीव भाई कहते है कि किस तरह शुरू से ही अमेरिकी ब्रिटिश वर्ग चीन को साधने हेतु कश्मीर को भारत से अलग करवाने में लगे है
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<https://youtu.be/cUntMIZRN9k>;

IIT दिल्ली के सॉफ्टवेयर इंजीनियर राहुल मेहता भी अपने वीडियो में कई बार ये बता चुके है कि कश्मीर की समस्या पैदा करने के पीछे अमेरिका ब्रिटेन है और पाकिस्तान तो उनका प्यादा है सिर्फ ।
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<https://youtu.be/Cr4t-VZSKdM>;

3) यह फ़िल्म दिखाती है कि तत्कालीन वी पी सिंह सरकार ने कोई एक्शन नही लिय्या जबकि उस सरकार को बीजेपी के 80 से ज्यादा सांसदों ने तथा लेफ्ट पार्टियों ने भी समर्थन दिया हुआ था ।
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<https://theprint.in/theprint-profile/vp-singh-the-poet-pm-who-took-bjp-support-but-later-called-the-party-a-disease/326478/>;

मतलब की तत्कालीन सभी पार्टियों के नेताओ को इस नरसंहार की जानकारी शुरू से थी परंतु अमेरिकी ब्रिटिश धनिकों के द्वारा किये जाने वाले इस नरसंहार को रोकने हेतु किसी भी नेता ने अपना मुह नही खोला और आज भी किसी नेता की हिम्मत नही होती कि अमिरिकी ब्रिटिश धनिकों के खिलाफ एक शब्द भी बोले ।

4) यह फ़िल्म अंत मे यह भी नही दिखाती की इस तरह की समस्या यानी धार्मिक हिंसा से बचने हेतु और विशेष रूप से हिंदुओ को बचाने हेतु कौनसा तरीका या कानून होना चाहिए । तो मेरे विचार में भारत की जनता को विदेशी आक्रमण और धार्मिक हिंसा से बचाने हेतु प्रत्येक सज्जन नागरिक के पास हथियार रखने का अधिकार होना चाहिए, ताकि शक्ति संतुलन हो और शांति स्थापित हो सके ।
(सज्जन नागरिकों को बंदूक रखने के अधिकार के कानून का ड्राफ्ट पढ़ने हेतु क्लिक करे)
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www.Tinyurl.com/GunLawIndia

तो आखिर क्यो इस फ़िल्म के निर्माताओं ने इन तथ्यों को छुपाया ?

क्योकि फ़िल्म निर्माताओं को फ़िल्म दिखा कर मुनाफा कमाना होता है और कोई भी निर्माता फ़िल्म सिर्फ पैसा कमाने के लिए बनाता है और वो घाटा नही खाना चाहता है ।
चूंकि फ़िल्म निर्माताओं को यह जानकारी है कि अभी भारत का सम्पूर्ण मीडिया यानी कि अखबार, मनोरंजन चेनल, न्यूज़ चैनल सहित सोशल मीडिया के मालिक अमिरिकी ब्रिटिश धनिक है अतः फ़िल्म निर्माता उनसे कोई पंगा मोल नही लेना चाहते थे अतः उन्होंने उपरोक्त तथ्यों को फ़िल्म में नही दिखाया ।

समाधान = प्रस्तवित जूरी कोर्ट कानून लागू हो ताकि फ़िल्म निर्माता अधूरे तथ्य न दिखाए और उनमें सजा का डर हो ।
#dhanvapasipassbook #TheKashmirFiles #VvpCM #RRP #JuryCourt #ADITYAPRAKASH

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Pawan Jury BhilwaraRj

Mon Mar 14 2022 15:28:47 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Amit Kumar Swain:

Movies give disclaimer that they don't care about historical , fact wise or even scientific accuracy .They use poetic freedom to vilify or glorify according to their choice for the sake of entertainment . On the other hand we have documentaries which claim to atleast present the facts available openly .But still people want to learn history through movies .

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Pawan Jury BhilwaraRj

Tue Mar 15 2022 07:18:51 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Kapil Bishnoi:

Mahatma Lala Lajpat Rai ji was in the USA from 1915 to 1920. During his stay, he studied the USA administration and wrote a book
The United States of America: A Hindu’s Impression, 1916.
In his book, the following are his mentions about democratic procedures followed in the USA
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1. Recall and Referendum (Page 32)
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"The American government, state as well as national, is growing more and more democratic; many states have accepted the initiative, the referendum, and the recall, and the nation seems determined to drive business-control out of politics."
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2. Jury Trials (Page 14)
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"The constitution drawn up for the new government was submitted to the various states for ratification and accepted with amendments guaranteeing free speech, a free press, immunity from arbitrary arrest, and the right to be tried by a jury of one's peers after a public hearing of witness on both sides."
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It is crystal clear that Mahatma Lala Lajpat Rai ji knew about the democratic procedures of the USA and mentioned those in his book too.
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Link to the book:

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Pawan Jury BhilwaraRj

Tue Mar 15 2022 14:17:08 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

सुहेल देव पाठक:

EVM में कैसे वोटों की फ़ेरबदल किया जा सकता है इसकी जानकारी देते हुए IIT सॉफ्टवेयर इंजीनियर राहुल चिमन भाई मेहता #EVMHatao #VoteVapsiPassbook
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व्यवस्था परिवर्तन के लिये कृपया मेरे फेसबुक से जुड़े- Like/Follow-👍🏼👍 सुहेल देव पाठक

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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Mar 16 2022 14:18:17 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

SantoshKumar VotevapsiCm Jury MuzaffarpurBr:

आजकल संधियों का हर हीरो एक बीफ प्रेमी है नीचे विवेक अग्निहोत्री का ट्वीट है जिसमें वह बर्गर किंग में मिलने वाले रसीले( उसके अनुसार) बीफ बर्गर के बारे में बता रहा है।

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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Mar 16 2022 14:32:43 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Kistura Ram Choudhary:

सभी निरपराध वयस्क नागरिकों को बन्दुक रखना अनिवार्य करने का कानून लागू हो । कश्मीर फाइल्स से यही ज्ञान मिला है । #GunLawIndia

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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Mar 16 2022 16:25:16 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Shiju P Joy:

पानी बचाना है तो साल में 364 दिन बचायें…पर होली अवश्य मनायें…बदलना है तो अपना व्यवहार बदलिये… त्योहार नहीं….!!

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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Mar 16 2022 19:29:03 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

क्विज़ ;
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कार्यकर्ताओ की इस माँग पर कि — प्रत्येक निरपराध वयस्क भारतीय को क़ानूनन बंदूक़ रखने का अधिकार होना चाहिए— पेड मीडिया का तर्क था कि यदि भारतीय नागरिकों को बंदूक़ रखने का अधिकार दिया गया तो वे एक दूसरे को मार देंगे और देश ख़त्म हो जाएगा।
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अंततोगत्वा, किसी एक ज़िले में प्रयोग करने के लिए केंद्र सरकार ने 1963 में यह क़ानून छापा कि — कर्नाटक के कूर्म ज़िले के प्रत्येक नागरिक को क़ानूनन बंदूक़ रखने का अधिकार होगा।
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इस तरह कूर्ग के सभी नागरिकों के पास क़ानूनन बंदूके आ गयी।
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इसका क्या नतीजा आया ?
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(A) एक वर्ष के भीतर ही कूर्ग के सभी निवासियों ने एक दूसरे को मार दिया। आज यह ज़िला उजाड़ है। अब वहाँ कोई नही रहता।
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(B) वहाँ की 50% जनता निरंतर चलने वाले गेंगवार में मर चुकी है। वहाँ रंगदारी, फिरौती, रहजनी आदि अपराध अपने चरम पर है, और डाकुओं/ लुटेरों के कई गेंग सक्रिय है।
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(C) स्ट्रीट क्राइम, बलात्कार, महिलाओं के प्रति अपराध, गन क्राइम आदि में कूर्ग भारत में पहले स्थान पर है। वहाँ लॉ एंड ऑर्डर फेल हो चुका है, और पिछले 20 साल से कूर्ग में मार्शल लॉ लाग़ू है। वहाँ पिछले 20 साल से इलेक्शन वगेरह नही हुए है।
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(D) …. ?
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यदि आपको सही उत्तर नही पता तो गूगल करे।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Mar 16 2022 20:14:21 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Rakesh Suri Ghaziabad UpActivist:

कश्मीर में जो घटना हुई थी उसका मुख्य कारण यह था कि कश्मीरी पंडित हथियार विहीन थे, अगर कश्मीरी पंडितों के पास हथियार होते तो उनका इतने बड़े पैमाने पर नरसंहार ना हुआ होता और ना ही उन्हें पलायन करना पड़ता, और ना ही इतनी बड़ी घटना होने वाली थी ।

इसलिए हमें #GunLawIndia कानून की जरूरत हैं

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Pawan Jury BhilwaraRj

Fri Mar 18 2022 07:06:00 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate:

SERIOUS: Indian judge Dalveer Bhandari voted against Russia in World Court. PM behind this? imo, it damages Indo-Russia relations.

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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Mar 20 2022 10:18:05 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Vinod Prajapat:

When all the Indians were against dawood agent MF hussain on his insult of hindu goddesses, this fraud person was supporting him. He was getting money from saudi Islamists for this support.

Now islamists have no money and western lobbies paying him more, suddenly he becomes hinduwadi.

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Pawan Jury BhilwaraRj

Tue Mar 22 2022 15:47:40 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Amit Kumar Swain:

राइट टू रिकॉल पार्टी के सभी ड्राफ्ट्स में नागरिकों के बहुमत को सिद्ध करने की व्यवस्था की गई है पर बहुमत के अनुसार प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री , जज आदि उसे माने ये बाध्यकारी नही किया गया है ।
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इसके कारण को समझने के लिए हमे सत्ता के स्रोत को समझना होगा । एक समय मे लोग राजा को ईश्वर का प्रतिनिधि मानते थे अर्थात राजा जो कहे वो ईश्वर के वाक्य हैं और समाज के बने रहने के लिए इस ईश्वरीय आदेश का पालन ज़रूरी है , जबतक ये मान्यता लोगों में बनी रही राजाओं का शासन चलता रहा । उस व्यवस्था में राजा ही सत्ता का स्रोत था ।
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पर अभी वैसा नही हैं प्रधानमंत्री , मुख्यमंत्री आदि सिर्फ सामयिक रूप से पद भार लेते हैं क्यों कि उन्हें जनता ने उन्हें प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से ये काम दिया है वो भी सामयिक । आजका पूरा सरकारी तंत्र एक व्यवस्था से उत्पन्न होती है जिसका आधार लोगों द्वारा दिए गए वोट हैं । आज सत्ता का स्रोत है नागरिकों का बहुमत ।
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सारे कानून और सरकारी अधिकारियों द्वारा लिए गए सारे सारे कदम सिर्फ इसलिये सर्वमान्य हैं क्यों की प्रचलित व्यवस्था ये धारणा को स्थापित करती है कि ये सब मे बहुमत का समर्थन है। या फिर इन मामलों में बहुमत कुछ और चाहता है ये सिद्ध करने के लिए कोई और तात्कालिक विकल्प उपलब्ध नही जिसलिये मौजूदा अधिकारी जो कर रहे हैं वही सर्व मान्य हैं ।
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तो अगर ऐसी स्थिति में अगर एक प्रक्रिया बनाई जाती है जिसमे किसी मामले में बहुमत को सिद्ध किया जाता है तो प्रक्रिया अनुसार उसे मानना अधिकारी के लिए बाध्यकारी किया जाता है या नही उसकी कोई अहमियत नही ।
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ये पढ़ने के बाद भी हो सकता है कि ये बिंदु समझ मे ना आये । तो आपको एक प्रश्न का उत्तर खोजना चाहिए ।
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भारत के प्रधानमंत्री कभी भी इमरजेंसी लागू करके पूरी विपक्ष को अरेस्ट करा सकते है और चुनावों को अनिश्चित काल के लिए निरस्त कर सकते है और हर विरोध को दबाने के लिए सेना का उपयोग कर सकते है , और ये सब वे लिखित कानूनों के अनुसार ही कर सकते हैं , सेनानायक कानूनी रूप से उनका आदेश मानने के लिए बाध्य होंगे । तो इसके बावजूद कितने प्रधानमंत्रियों ने ये जुर्रत की , क्यों नही की ?
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अगर आप मानते हैं कि कोई ऐसा प्रधानमंत्री , मुख्यमंत्री , जज या अधिकारी ऐसा होगा जो स्थापित बहुमत के बिरुद्ध जाने की जुर्रत कर सकता है , तो उसको आप कानून में कुछ भी लिख कर रोक नही सकते ।ईसलिये बाध्यकारी लिखा हो या नही लिखा हो उसका कोई मतलब ही नही ।
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अभी कुछ लोग ये तर्क दे सकते हैं कि बातको इतना घुमाने की क्या जरूरत बाध्यकारी लिख देने में क्या समस्या है ?
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समस्या सिर्फ इतनी है कि अगर ड्राफ़्ट में इसे बाध्यकारी लिख दी जाए तो हमे कुछ लंबे कानूनी तर्कों का सामना करना पड़ सकता है जिसे में लाभ नही देखता ।और बाध्यकारी नही लिखने से व्यवहारिक रूप से कोई नुकसान नही है ।

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Pawan Jury BhilwaraRj

Tue Mar 29 2022 15:24:06 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate:

**I am sorry to ask you to see this SICK 6 minute video --- but its important !!!**

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This vdo proves power of usukwme. usukwme using weapons take over mineral mines. And using profits from minerals, usukwme buy paidmediamen. And using paidmediamen, they can make a cheap person, though cunning shrewd person, like Volodymyr Zelensky as President !!!

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Solution?

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Solutions I propose are --- DhanVapsi and RTR PM = President

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Because DhanVapsi will vastly reduce profits of elitemen. And so they ill not have much to pay paidmediamen.

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And using paidmediamen, it is possible for elitemen to fool people with small amount using a few crores per day. But money need to fool people, after a person comes into power , is now ten times.

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In absence of RTR, elitemen have to spend money some money before election, and not much money after election ends.

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But RTR will force elitemen to keep spending billions of rupees every month even after election ends. And they will run out of money. And then recall will restore sanity

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So RTR drains the money out of moneybags

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Pawan Jury BhilwaraRj

Tue Mar 29 2022 15:26:04 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Vibhor Bhardwaj Sharma VrindavanUp:

Kejriwal will be way more communal & dangerous for the harmony of the nation than BJP or Congress could ever be, if comes to power.

He is better trained by US-UKWME!

Mark my words, you'll see it within 5 years of Punjab!

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