Pawan Jury BhilwaraRj
क्विज़ ;
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कार्यकर्ताओ की इस माँग पर कि — प्रत्येक निरपराध वयस्क भारतीय को क़ानूनन बंदूक़ रखने का अधिकार होना चाहिए— पेड मीडिया का तर्क था कि यदि भारतीय नागरिकों को बंदूक़ रखने का अधिकार दिया गया तो वे एक दूसरे को मार देंगे और देश ख़त्म हो जाएगा।
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अंततोगत्वा, किसी एक ज़िले में प्रयोग करने के लिए केंद्र सरकार ने 1963 में यह क़ानून छापा कि — कर्नाटक के कूर्म ज़िले के प्रत्येक नागरिक को क़ानूनन बंदूक़ रखने का अधिकार होगा।
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इस तरह कूर्ग के सभी नागरिकों के पास क़ानूनन बंदूके आ गयी।
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इसका क्या नतीजा आया ?
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(A) एक वर्ष के भीतर ही कूर्ग के सभी निवासियों ने एक दूसरे को मार दिया। आज यह ज़िला उजाड़ है। अब वहाँ कोई नही रहता।
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(B) वहाँ की 50% जनता निरंतर चलने वाले गेंगवार में मर चुकी है। वहाँ रंगदारी, फिरौती, रहजनी आदि अपराध अपने चरम पर है, और डाकुओं/ लुटेरों के कई गेंग सक्रिय है।
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(C) स्ट्रीट क्राइम, बलात्कार, महिलाओं के प्रति अपराध, गन क्राइम आदि में कूर्ग भारत में पहले स्थान पर है। वहाँ लॉ एंड ऑर्डर फेल हो चुका है, और पिछले 20 साल से कूर्ग में मार्शल लॉ लाग़ू है। वहाँ पिछले 20 साल से इलेक्शन वगेरह नही हुए है।
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(D) …. ?
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यदि आपको सही उत्तर नही पता तो गूगल करे।
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