Posts for 2025-12

Pawan Jury BhilwaraRj

Mon Dec 01 2025 05:17:02 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Aditya Prakash Sharma:

जिस देश में वोट वापसी के कानून, जूरी के कानून, रेफरेंडम के कानून नहीं होते वहां की जनता हर समय एलीट के द्वारा पिसती रहती है और बलवा को तैयार रहती है, इसी वजह एलीट हमेशा चौकन्नी रहती है और हर दस साल में कोई न कोई अपना नुमाइंदा नागरिकों को देती रहती है, या कोई न कोई व्यक्ति इस समय को पहचान कर उनका नुमाइंदा बन जाता है और नागरिकों को लगता होता है कि 'वो' उनका है और उसके द्वारा एलीट ये सुनिश्चित करते है कि बलवा कही नया राजनीतिक विकल्प खड़े करने की दिशा में ना चला जाए । एलीट अपने उस नुमांइदे द्वारा लोगो को काबू करवा के रखते है ताकि लोग उसके बताए अनुपयोगी कामों में अपना समय खराब कर देवे ।
मै ज्यादा पुरानी बात तो नहीं करूंगा, इतिहास भरा है ऐसे उदाहरणों से, पर आज के समय में कुछ उदाहरण है जैसे कि सन
2009 तक आते आते कांग्रेस के प्रति भयंकर बलवा की लहर उस समय लोगो में थी, राजीव भाई दीक्षित जो कि पिछले 20 साल से घूम घूम कर स्वदेशी प्रोडक्ट्स को अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित करते थे, उनको स्वामी रामदेव ( उस समय वो स्वामी थे ) का साथ मिला और उन्होंने 2014 में पॉलिटिकल पार्टी बना कर चुनाव लड़ने की घोषणा की इसके साथ ही राइट टू रिकॉल सांसद विधायक, कानून को लागू करने की भी घोषणा की । इस के तुरंत बाद ही उनकी हत्या हो गई ।
अब भारत के लाखों कार्यकर्ता जो उनके भारत स्वाभिमान आंदोलन से जुड़ गए थे, वे लोग दिशाविहीन हो गए, उनको कुछ समझ ही नहीं आया कि क्या करे, अंत में एलीट ने धूर्त केजरीवाल को पैड मीडिया प्रचार दिलवा कर ने इन कार्यकर्ताओं को लपकवा दिया और लाखों कार्यकर्ता फेक पॉलिटिकल अल्टरनेटिव आम आदमी पार्टी को विकल्प मान कर अच्छे कानूनों को लागू करवाने की दिशा में काम करने के बजाय, केजरीवाल की गुलामी में लग गए । वहीं कुछ कार्यकर्ता जो राजनीतिक अल्टरनेटिव की दिशा में काम नहीं करना चाहते थे उन लोगों को रामदेव ने अपने प्रोडक्ट्स का ग्राहक बना कर चिपका लिया और पतंजलि खड़ी कर ली ।
अब 10 साल बीतने के बाद, 2019 में जब दुबारा बलवा के लिए नागरिक तैयार थे, उसी समय एलीट ने EVM के द्वारा दुबारा से मोदी को सत्ता सौंप दी, और सत्ता मिलते ही एलीट ने मोदी द्वारा नागरिकों की जबरन लॉकडाउन और जबरन वैक्सीनेशन के कानून लागू करके लोगो की चमड़ी उधेड़ना शुरू किया ।
फिर इसी दौरान पुनः ऐसे लोग मीडिया और सोशल मीडिया में छाने लगे जो एलीट का नुमांइदा बनने के लिए तड़प रहे थे, उनमें से एक था विषरूप राय चौधरी और एक था देवेंद्र बल्हारा । दोनों ने शुरुआती दौर में इस तरह का अभिनय किया जैसे कि ये जबरन लॉक डाउन और जबरन वैक्सीन के विरोधी है, पर इन्होंने कभी भी कार्यकर्ताओं को ये नहीं कहा कि कार्यकर्ता ये मांग करे प्रधानमंत्री से की प्रधानमंत्री को सभी कार्यकर्ता सार्वजनिक पत्र भेज कर आदेश देवे की बाध्यकारी लॉकडाउन और जबरन वैक्सीन का कानून हटाया जाए ।
बल्कि इन्होंने सिर्फ सुप्रसिद्धि के लिए कार्य किया, अंत में स्वप्रसिद्धि को भुनाते हुए 2, 3 साल में ही, विश्वरूप ने रामदेव के मॉडल पर काम करते हुए नीम हकीम सेंटर HIIMS पूरे भारत में खोल दिए और 1000 करोड़ का धंधा बना लिया । वहीं दूसरी ओर बल्हारा ने जनता सरकार मोर्चा नामका फ्रॉड संगठन जैसे केजरीवाल ने परिवर्तन बनाया था ठीक इसी तर्ज पर JSM बनाया और पूरे देश में इसकी शाखाएं खोल कर लोन अदायगी की फ्रॉड बाजी करके करोड़ों रुपए बनाना शुरू किया ।
हालांकि दोनों के ही करीबियों ने वीडियो जारी करके दोनों की ही फ्राऊडबाजी जनता के सामने रख दी, पर पैड सोशल मीडिया ने इनको इतना फेम दे दिया है कि अब इनको उतना फर्क नहीं पड़ता ।
और इसी तरह से 2024 में ईवीएम हटाओ सेना के राहुल मेहता की बनाई मशीन और पवन जूरी के देश भर में डेमो के प्रदर्शन का पूरा लाभ सुप्रीम कोर्ट के वकील महमूद परचा और भानु प्रताप ने उठाया और दोनों समाजवादी पार्टी से लोकसभा का टिकट लेने पहुंच गए, हालांकि गंभीरता की कमी की वजह से इन लोगों को टिकट भी नहीं मिला और कोई ज्यादा बड़ा लाभ भी नहीं ले पाए, हालांकि प्राचा अभी भी अन्य पार्टियों से चुनाव रद्द करवाने के नाम पर पीटीशन लगाने के धंधे में तो है ।

तो इस प्रकार से समय समय पर इस तरह के लोग रहेंगे जो एक्टिविज्म दिखा कर धंधा खड़ा कर लेंगे और कार्यकर्ताओं का समय ऊर्जा धन मेहनत सब कुछ अपने स्वार्थ में खर्च करवा लेंगे ।

अब यदि इसके रूट में जाए तो पता चलता है कि ये सब फ्रॉड लोग फेमस क्यों होते है तो उसकी वजह है पैड मीडिया और पैड सोशल मीडिया, तो ये जो दोनों प्रकार के मीडिया है ये एलीट के द्वारा चलाए जा रहे है और एलीट मीडिया चलाने का पैसा, खदानों से निकलने वाले मिनरल से बनाता है और एलीट को खदाने मिल रही है पॉलिटिकल पार्टी बीजेपी कांग्रेस आप जैसी पार्टियों के लीडरों को जितवाने से और जितवाया जा रहा है EVM में काले कांच लगा कर ।

इसलिए सारी समस्या की जड़ EVM है यदि EVM समाप्त होती है तो पैड मीडिया और पैड सोशल मीडिया कमजोर पड़ेगा और इस तरह के फ्रॉड एक्टिविस्ट अन्य कार्यकर्ताओं का दोहन नहीं कर पाएंगे, फलस्वरूप कमिटेड कार्यकर्ता आगे बढ़ पाएंगे ।

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Pawan Jury BhilwaraRj

Tue Dec 02 2025 19:05:21 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Aditya Prakash Sharma:

A secret of Mahatma Bhagat Singh ji | Aditya Prakash Sharma #bhagatsingh #RRP
#CongressParty #samajwadipartyofficial #jansuraj #AapGujarat #RjdBihar #bspmayawati #akhileshyadavsamajwadiparty #RahulGandhi #prashantkishor

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Pawan Jury BhilwaraRj

Tue Dec 02 2025 19:08:42 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

NewsGanj Thakurganj - न्यूज़गंज ठाकुरगंज:

#सिलीगुड़ी से आने वाले वाहनों से डेढ़ लाख रुपये एंट्री वसूली का आरोप, ट्रक ड्राइवरों ने उठाई आवाज।
#NewsGanjThakurganj #ManUtd #hardikpandya #animalphotography #बहादुरगंज #nitishkumarcmbihar #biharnewsviral #viralvideoシ #viralvideochallenge #Siliguri #siliguritimes #Rajubista #darjeeling #darjeelingtourism #KishanganjPolice

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Pawan Jury BhilwaraRj

Tue Dec 02 2025 19:09:22 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

सुनील यादव अहीर:

हैदराबाद के software engineer हरी के प्रसाद ने कुछ साल पहले ही चुनाव आयोग की ओरिजिनल evm मशीन से TV पर लाइव मशीन हैक कर के दिखाई थी
आज हरि के प्रसाद चंद्रबाबू नायडू की पार्टी तेलगूदेशम पार्टी में है और नायडू nda गठबंधन में सरकार में है इनको भी evm पर चुप रहने का इनाम मिला

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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Dec 18 2025 06:06:39 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

(1) भ्रष्ट सुप्रीम कोर्ट जजो द्वारा खनन माफिया को अरावली में प्रवेश करने की जो अनुमति दी गयी है, उसके परिणामस्वरूप अगले 50 वर्षों में अरावली के इस पार स्थित राजस्थान के दर्जन भर जिले - भीलवाड़ा, अजमेर, ब्यावर, चित्तौड़, जयपुर, अलवर, कोटा, बूंदी, दौसा आदि रेगिस्तान होना शुरू हो जायेंगे, और अगले 100 वर्षों में रेगिस्तान दिल्ली, मध्यप्रदेश, बिहार एवं उत्तरप्रदेश आदि राज्यों को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लेगा !!
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(2) इसमें कोई अतिशियोक्ति नहीं है, यह भौगोलिक एवं पारिस्थितिकी तंत्र की सच्चाई है !! पूरा उत्तर भारत रेगिस्तान नहीं है, तो इसकी एक मात्र वजह अरावली है। इस बात को समझने के लिए विशेषज्ञ होने की जरूरत नहीं है, जिस भी व्यक्ति ने कक्षा 12 की पाठ्यपुस्तकों में राजस्थान का भूगोल पढ़ा है, या अरावली के इस पार के जिलों से उस पार के जिलों में गया है, या कम से कम अजमेर से कभी पुष्कर भी गया है, तो वह इस बात को समझ सकता है।
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(3) पर्यावरण को तबाह करने वाले ऐसे फैसले निरंतर किए जा रहे है, और आगे भी किए जाते रहेंगे। क्योंकि इसके पीछे पैसा है। अकूत पैसा। माइनिंग माफिया जो पैसा लूटता है, उसमें से एक हिस्सा प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जजों को देता है। और पर्यावरण मंत्री नाम की चिड़िया को तो वे चिल्लर के भाव भी नहीं गिनते। क्योंकि पर्यावरण मंत्री की नौकरी पीएम की कृपा पर रहती है।
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(4) स्थायी समाधान सिर्फ यह है कि, पर्यावरण मंत्री को वोट वापसी पासबुक के दायरे में लाया जाये। इससे पर्यावरण मंत्री की छोटी पीएम एवं खनन माफिया के हाथ से निकल कर नागरिकों के हाथ में आ जाएगी। और तब, सिर्फ तब ही पर्यावरण को तबाह करने वाले ऐसे फैसलों को रोका जा सकता है।
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(5) बड़ी समस्या यह है कि भारत में पर्यावरण वादी जितने भी लीडर-फ़्री लोडर (जग्गी वासुदेव, प्रशांत त्रिपाठी, वन्दना शिवा आदि) है, उन सभी को अपना धंधा चलाने और ख्याति लाभ के लिए यू ट्यूब, फेसबुक, ट्विटर और पेड मीडिया का समर्थन चाहिए और सोशल मीडिया और पेड मीडिया को माइनिंग माफिया स्पॉन्सर करता है। इसलिए ये फ़्री लोडर्स पर्यावरण मंत्री को वोट वापसी के दायरे में लाने की माँग का विरोध करते है, और अपने कार्यकर्ताओं को अराजनैतिक बनाए रखने के भाषण-प्रवचन देकर उन्हें उलझाए रखते है।
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(6) मेरा सुझाव है कि जो कार्यकर्ता पर्यावरण बचाना चाहते है, उन्हें पर्यावरण मंत्री को वोट वापसी पासबुक के दायरे में लाने के कानून की मांग खड़ी करने के लिए काम करना चाहिए। यदि एक बार पर्यावरण मंत्री वोट वापसी पासबुक के दायरे में आ जाता है तो अरावली भी बचेगी, आरे के जंगल भी बचेंगे, गंगा-यमुना भी बचेगी, और उत्तराखंड भी बचेगा। वरना एक एक करके सब कुछ उजड़ेगा। ये लोग पूरा का पूरा पारिस्थितिक तंत्र तबाह कर देंगे। जल, जंगल, जमीन सब कुछ। अभी अरावली निशाने पर है, कल सतपुड़ा और नीलगिरी।
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मैं आज जद पे हूँ तो खुशगुमान न हो,
चिराग सब के बुझेंगे हवा किसी की नहीं!!
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Pawan Jury BhilwaraRj

Fri Dec 19 2025 07:05:50 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate:

Russia wants to sell oil to Bharat. But all bharatiya companies except usuk owned reliance and russia owned comoany buys from Saudi Arabia. Most bharatiya companies such as HPCL BPCL buy from Saudi arabia.

Saudies buy finished oil from russia where price is usd 60 for crude plus refining costs.

Bharatiya companies buy crude oil from saudies at usd 85 per barrel. But bharatiya companies such as BPCL HPCL refuse to buyRussian oil at usd 60 from russia !!!

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Saudi Arabia has become one of the largest buyers of Russian fuel oil and vacuum gasoil (VGO) — petroleum products derived from crude — especially in periods of high domestic demand (e.g., summer electricity load). These are refined products, not crude oil.
OilPrice.com

For example, in July 2025, Saudi Arabia imported about 1.1 million metric tons of Russian fuel oil and VGO in that month alone.

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Pawan Jury BhilwaraRj

Fri Dec 19 2025 22:21:16 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Rameshwar Jat Jury BhilwaraRj:

हमारी सरकार, न्यायपालिका व खनिज माफियाओं के साथ गठजोड़ बनाकर अरावली को बर्बाद करने पर तुली हुई है ।

अतः सरकार को आदेश करे कि अरावली के साथ छेड़छाड़ नही करे साथ मे खनिज मुनाफा बटवारा तथा खनिज व पर्यावरण मंत्री को वोट वापसी पासबुक के दायरे में लाने की मांग करे ।

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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Dec 21 2025 10:16:06 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

#NoMiningInArawaliRange,
#DeclareArawaliRangeAsForest
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(1) अरावली सिर्फ एक पहाड़ नहीं है. यह एक प्राकृतिक भू-पर्यावरणीय दीवार है. असल में अरावली के लिए सही शब्द “अरावली रेंज” है, सिर्फ अरावली नहीं. और अरावली रेंज ऊँचे पहाड़, कई मध्यम आकार के पहाड़ और हज़ारों पहाड़ियों, टीलों, घाटियों और पठारों का एक नेटवर्क है –
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(a) ऊँचे पहाड़(100 मीटर से ऊँचे). अरावली का लगभग 8-10% हिस्सा
(b) मध्यम आकार की पहाड़ियां (30 मीटर से 100 मीटर) यह अरावली का लगभग 50% हिस्सा है
(c) छोटे पहाड़ी टीले (10 मीटर से 30 मीटर) यह अरावली का लगभग 35% हिस्सा है
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मतलब यदि आप 100 मीटर से कम ऊंचाई की पहाडियों को हटा देंगे तो 90% अरावली रेंज गायब हो जायेगी.
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(2) अरावली के पहाड़ नंगे पहाड़ नहीं है, 80% पहाड़ो में घनी वनस्पति, पेड़, पौधे आदि है, और ज्यादातर पहाड़ों की तलहटी में घने जंगल है. 10 अभ्यारण्य अरावली रेंज में आते है, और अभ्यारण्यों के अलावा इतने ही जंगल और है, जो सरंक्षित क्षेत्र में नहीं आते. 10 से ज्यादा छोटी बड़ी नदियाँ अरावली रेंज में बहती है. और ये सब 100 मीटर से ऊँचे पहाड़ो पर स्थित नहीं है. यह सब छोटी पहाड़ियों और घाटियों में स्थित है. अरावली का ज्यादातर हिस्सा अवैध एवं वैध खनन द्वारा पहले ही बर्बाद हो चुका है. शेष जो बचा है, वह भी इस नयी परिभाषा से नष्ट हो जाएगा.
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(3) छोटी पहाडियों का यह हिस्सा ही रेगिस्तान के विस्तार को रोकने का काम करता है. अत: रेगिस्तान का विस्तार रोकने वाली बाधा ख़त्म होने के बाद पहले राजस्थान के पूर्वी जिले और बाद में उत्तर भारत के राज्यों में रगिस्तान फैलना शुरू हो जाएगा.
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(4) यदि आप अरावली रेंज को बचाना चाहते है तो मेरे आपसे 2 प्रश्न है-
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(4.1) क्या आप प्रधानमंत्री को सार्वजनिक रूप से कह सकते है कि वे अरावली रेंज को “नो माइनिंग जोन” एवं “वन क्षेत्र” घोषित करें ? (पोस्टकार्ड लिखकर या ट्विट द्वारा)
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(4.2) क्या आप अपने समर्थको एवं अन्य नागरिकों से यह सार्वजानिक अपील कर सकते है कि, अरावली रेंज को बचाने कि मंशा रखने वाले नागरिक प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड या ट्विट करें ?
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(5) अरावली रेंज को बचाने की मंशा रखने वाले कार्यकर्ताओ से मेरा आग्रह है कि वे पीएम को पोस्टकार्ड या ट्विट भेजें.
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पोस्टकार्ड या ट्विट में क्या लिखना है ?
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पोस्टकार्ड या ट्विट में यह दोनों हेश लिखे-
#NoMiningInArawaliRange,
#DeclareArawaliRangeAsForest
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Dec 21 2025 11:19:24 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

#NoMiningInArawaliRange,
#DeclareArawaliRangeAsForest
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(1) अरावली की पुरानी परिभाषा में ऊंचाई को आधार नहीं बनाया गया था. अरावली रेंज का चिन्हीकरण भूमि की चट्टानी संरचना एवं 4 डिग्री ढाल के आधार पर होता था .इस आधार पर 20 से 30 मीटर ऊँची पहाड़ियां, और पहाडियों के मध्य में स्थित घाटियाँ एवं इनमें स्थित वनस्पति एवं जंगलात भी अरावली रेंज में आता था.
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(2) 2024 में मोदी साहेब ने अरावली के लिए एक “विशेषग्य कमेटी” (पर्यावरण मंत्रालय के अधीन) का गठन किया और इसी कमिटी ने सुप्रीम कोर्ट में जाकर यह कहा है कि- अरावली की परिभाषा बदलना जरुरी है. नयी परिभाषा में सिर्फ 100 मीटर ऊँचे पहाड़ ही अरावली में माने जाने चाहिए !! और सुप्रीम कोर्ट ने इस कमिटी द्वारा बताई परिभाषा को स्वीकृति दे दी !!
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दुसरे शब्दों में यह मोदी साहेब का फैसला है कि, अरावली रेंज में 100 मीटर से ऊँचे पहाड़ो को छोड़कर शेष क्षेत्र में माइनिंग माफिया को माइनिंग करने की अनुमति दी जानी चाहिए. यह फैसला सुप्रीम कोर्ट ने खुद से नहीं किया है. यह फैसला प्रधानमंत्री ने किया है. सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ इसे माना है.
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(3) पर चूंकि अरावली बचाओ या पर्यावरण पर काम करने वाले ज्यादातर नेता-कार्यकर्त्ता मोदी साहेब और उनकी शक्तिशाली आईटी सेल ने टकराव को टालना चाहते है, अत: वे इस मुद्दे पर मोदी साहेब को साइड में रखना चाहते है.
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और इसी वजह से अरावली बचाओ का आन्दोलन चलाने वाले नेता प्रधानमंत्री को चिट्टी या ट्विट भेजने का विरोध कर रहे है. उनका कहना है कि – हमें इसमें प्रधानमंत्री को नहीं घसीटना चाहिए !! जबकि सच यह है कि, सिर्फ प्रधानमंत्री ही इस फैसले को पलट सकते है, अन्य कोई नहीं.
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(4) यदि आप अरावली रेंज को बचाना चाहते है तो मेरे आपसे 2 प्रश्न है-
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(4.1) क्या आप प्रधानमंत्री को सार्वजनिक रूप से कह सकते है कि वे अरावली रेंज को “नो माइनिंग जोन” एवं “वन क्षेत्र” घोषित करें ? (पोस्टकार्ड लिखकर या ट्विट द्वारा)
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(4.2) क्या आप अपने समर्थको एवं अन्य नागरिकों से यह सार्वजानिक अपील कर सकते है कि, अरावली रेंज को बचाने कि मंशा रखने वाले नागरिक प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड या ट्विट करें ?
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(5) अरावली रेंज को बचाने की मंशा रखने वाले कार्यकर्ताओ से मेरा आग्रह है कि वे पीएम को पोस्टकार्ड या ट्विट भेजें.
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पोस्टकार्ड या ट्विट में क्या लिखना है ?
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पोस्टकार्ड या ट्विट में यह हेश लिखे-
#NoMiningInArawaliRange
#DeclareArawaliRangeAsForest
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Dec 21 2025 22:35:05 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Rahul Tiwari Jury:

आज बिहार के सीतामढ़ी जिले में मेरे द्वारा EVM के काले काँच और लाइट सेंसर का डेमो दिया गया.
#EvmBlackGlass
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यह डेमो बिहार के ढाका विधानसभा AIMIM कैंडिडेट - श्री Rana Ranjit जी, के, बिहार डिजिटल फैक्ट्री प्रोग्राम में दिया गया.
#BiharDigitalFactory
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इस डेमो में मैंने दिखाया कि किस तरीके से EVM में लगे काले काँच और लाइट सेंसर द्वारा 30% से अधिक वोटों की चोरी किया जा सकता है.
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यह डेमो मशीन का आविष्कार श्री राहुल मेहता जी द्वारा किया गया है.
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भारत के प्रकार की समस्याओं का जड़ EVM और उसमें लगा हुआ काला काँच और लाइट सेंसर है, फिर समस्या चाहे हमारी सदियों पुरानी अरावली पर्वतमाला के नष्ट होने से अनाजों और जमीनों का संकट हो — या नेता मंत्री जज और जिला अधिकारियों द्वारा किया गया भ्रष्टाचार हो!!

#EvmHataoSena

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Pawan Jury BhilwaraRj

Mon Dec 22 2025 14:08:37 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Aditya Prakash Sharma:

अरावली पर्वत माला के फैसले पर क्या बोले स्वामी समाधानचार्य!
#swamisamadhanacharya #RRP
#CongressParty #samajwadipartyofficial #jansuraj #AapGujarat #RjdBihar #bspmayawati #akhileshyadavsamajwadiparty #RahulGandhi #prashantkishor

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Pawan Jury BhilwaraRj

Tue Dec 23 2025 10:36:29 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

आज दिनांक 23-12-2025 को विश्वबन्धु सिंह जी राठौर एवं नारायण जी भदाला द्वारा सूचना केंद्र (भीलवाड़ा) पर अरावली रेंज को बचाने के लिए प्रदर्शन किया गया और नागरिको से अपील की गयी कि - पीएम को खुला निर्देश पत्र भेजकर उनसे "पूरी अरावली रेंज को माइनिंग प्रतिबंधित सरंक्षित वन क्षेत्र" घोषित करने को कहें।
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#NoMiningInAravaliRange
#DeclareAravaliRangeAsForest
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Pawan Jury BhilwaraRj

Tue Dec 23 2025 10:53:46 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

अरावली बचाने के लिए काम कर रहे सभी नेताओ, कार्यकर्ताओ, आंदोलनकारियों से आग्रह है कि वे निम्नलिखित 2 कार्य अनिवार्य रूप से करें :
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(1) प्रधानमंत्री को खुला पत्र (पोस्टकार्ड) लिखकर उनसे "पूरी अरावली रेंज को माइनिंग प्रतिबंधित सरंक्षित वन क्षेत्र" घोषित करने को कहें।
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आप पोस्टकार्ड में सिर्फ यह हेश भी लिखकर भेज सकते है - #NoMiningInAravaliRange , #DeclareAravaliRangeAsForest
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(2) आपने जो पत्र भेजा है, उसका फोटो अपने सोशल मिडिया एकाउंट पर रखें।
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जरुरी बात:
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सभी कार्यकर्ता इस बात पर ध्यान दें कि यदि अमुक नेता/ कार्यकर्ता पीएम को पत्र लिखने से आनाकानी कर रहा है तो यह स्पष्ट है कि, अमुक व्यक्ति की रुचि अरावली बचाने में नहीं है, बल्कि वह इस मुद्दे का इस्तेमाल सिर्फ खुद की ख्याति बढ़ाने में करना चाहता है, और इसीलिए वह सिर्फ ऐसे ड्रामाई तरीको का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे आंदोलन खुद पर केंद्रित रहे, ताकि मुद्दा आगे बढे न बढ़े पर अमुक व्यक्ति के फोटो, वीडियो आदि का सर्कुलेशन बढ़े।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Tue Dec 23 2025 14:02:02 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Aditya Prakash Sharma:

अरावली पर्वत माला के फैसले पर मोदी को क्या बोले स्वामी समाधानचार्य!
#swamisamadhanacharya #RRP
#CongressParty #AravaliBachao #aravalihills #samajwadipartyofficial #jansuraj #AapGujarat #RjdBihar #bspmayawati #akhileshyadavsamajwadiparty #RahulGandhi #prashantkishor

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Pawan Jury BhilwaraRj

Sat Dec 27 2025 06:37:54 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Priyanshu Chauhan Dehradun UkActivist:

उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय मंत्री श्री Dev Chand Uttarakhandi जी “EVM काला काँच” का डेमो समझाते हुए कि कैसे सॉफ्टवेर और काले काँच के ज़रिए एक ही पर्ची दो वोटर्स को दिखाई जा सकती है |
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मशीन के खोजकर्ता - श्री Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate , IIT दिल्ली
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Ban #EvmBlackGlass
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Give Ballot paper option to voter
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100% vvpat count is useless

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Pawan Jury BhilwaraRj

Mon Dec 29 2025 07:42:29 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Rameshwar Jat Jury BhilwaraRj:

आज नरेश मीणा के कार्यक्रम में evm हटाओ सेना के कार्यकर्ताओं ने वीवीपीएट के काले कांच द्वारा कागज के वोट कैसे बदले जा सकते है का डेमो दिखाकर बताया ।

अतः जिम्मेदार नागरिकों से अपील करता हूँ कि evm को हटाने व बैलेट पेपर से चुनाव करवाने की सरकार से मांग करे ।

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