Posts for 2023-03

Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Mar 02 2023 12:54:11 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

वोट वापसी पासबुक के दायरे में आने के बाद यदि मुख्यमंत्री या कोई मंत्री जन विरोधी फ़ैसला करेगा तो कई विधायक सार्वजनिक रूप से उसका विरोध करने उतर आयेंगे !!
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वे ऐसा क्यों करेंगे ?
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प्रस्तावित वोट वापसी मुख्यमंत्री क़ानून की धारा (4) कहती है कि - कोई भी विधायक यदि मुख्यमंत्री या मंत्री बनना चाहता है तो वह ज़िला कलेक्टर कार्यालय में 10,000 Rs शुल्क के साथ अपनी उम्मीदवारी का नामांकन दाखिल कर सकेगा।
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तथा धारा (5) कहती है कि, नागरिक अपनी वोट वापसी पासबुक का इस्तेमाल करके मुख्यमंत्री या मंत्री पद के किसी भी प्रत्याशी के समर्थन में हाँ दर्ज करवा सकेंगे।
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एवं धारा (6) के अनुसार - यदि किसी प्रत्याशी को मौजूदा मुख्यमंत्री से अधिक स्वीकृतियाँ मिल जाती है तो विधायक सबसे अधिक स्वीकृति पाने वाले विधायक को मुख्यमंत्री / मंत्री नियुक्त कर देंगे।
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मौजूदा व्यवस्था में किसी विधायक को मुख्यमंत्री या मंत्री बनाने में नागरिकों की शून्य (Zero) भूमिका होने के कारण चुनाव जीतने के बाद विधायक जनता की तरफ़ झांकते भी नहीं है।
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कौन विधायक केबिनेट मंत्री या मुख्यमंत्री बनेगा इसका फ़ैसला पेड मीडिया करता है। जिस विधायक को मीडिया में कवरेज मिलता है उसकी हाईट बढ़ती जाती है, और उसके मंत्री / मुख्यमंत्री बनने की संभावना बढ़ जाती है।
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अत: मंत्री / मुख्यमंत्री बनने की मंशा रखने वाले विधायक इस आदर्श को सामने रखकर काम करते है कि वे पेड मीडिया के प्रायोजको की गुड बुक में आ सके। और जनता के पास तो ऐसी कोई बुक नही है !!
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चूँकि मौजूदा व्यवस्था में विधायक मुख्यमंत्री एवं मंत्री बनने और बने रहने के लिए पेड मीडिया पर निर्भर करते है अत: ये हमारे प्रतिनिधि कभी भी जन विरोधी फ़ैसलों के ख़िलाफ़ हमारा प्रतिनिधित्व करने का लोड नहीं लेते।
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वोट वापसी पासबुक आने के बाद यह स्थिति पलट जाएगी।
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यदि स्वास्थ्य मंत्री एवं मुख्यमंत्री वोट वापसी पासबुक के दायरे में होता तो मंत्री बनने की महत्वाकांक्षा रखने वाले विधायको द्वारा बाध्यकारी लॉक डाउन एवं बाध्यकारी टीकाकरण का विरोध करने की संभावना बढ़ जाती।
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इस समय हम स्वस्थ लोगो को कटे हुए पेड़ की तरह गिरते देख रहे है। यह क़ानून हमें ऐसे दृश्य देखने से बचा सकता था।
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दूसरे शब्दों में यह क़ानून प्रत्येक दृष्टिकोण से पेड मीडिया एवं उनके कठपुतली मंत्रियों की शक्ति में कटौती करके नागरिकों एवं कार्यकर्ताओ की शक्ति में इजाफ़ा करता है।
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#VoteVapsiPassbook
#VvpCM
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Mar 05 2023 16:52:28 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

आज प्रधानमंत्री को यह खुला आदेश पत्र भेजा कि , जीएसटी हटाकर रिक्त भूमि कर लागू करें। #CancelGst #EmptyLandTax
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GST हटाओ
रिक्त भूमि कर लाओ

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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Mar 12 2023 22:28:34 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate:

*Warning*: because silicon Valley Bank collapse, many Indian PRIVATE banks may collapse.
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Govt banks will be safe
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*Solution?* My suggestion is: pls take out all money from private banks and deposit in govt banks
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Pls copy paste Shar fwd

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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Mar 12 2023 22:29:54 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate:

Most Indian private banks may collapse becuz silicon Valley collapse.Move all your deposit over rs 5 lakh to PSU bank.RTR Rbi guv

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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Mar 12 2023 22:30:16 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate:

USA silicon Valley scam-85% depositors lost. It can happen in India. hdfc etc may die. Solution:right to recall over RBI governr

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Pawan Jury BhilwaraRj

Mon Mar 13 2023 12:06:16 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

10 मार्च को अमेरिका का 16वां सबसे बड़ा बैंक - Silicon Valley डूब गया था
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आज अमेरिका का 30वां सबसे बड़ा बैंक - Signature Bank डूब गया।
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बैंक के डूबने से बेंक मालिक माफिया को फ़ायदा होता है। अत: इस बहाने का इस्तेमाल करके कई अमेरिकी बैंक ख़ुद को डूबो सकते है और इससे भारत के ज्यादातर निजी बैंक भी डूब जाएंगे।
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एहतियात के लिए कृपया अपने 5 लाख रुपये से ऊपर की धनराशी को PSU यानी सरकारी बैंकों में ट्रांसफर करें।
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भारत के लिए समाधान : रिज़र्व बैंक के गवर्नर को वोट वापसी पासबुक के दायरे में लाया जाए।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sat Mar 18 2023 11:23:36 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Mar 19 2023 10:29:53 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Learn from Home - जो कार्यकर्ता सॉफ़्टवेयर बनाना सीखना चाहते है उनके लिए।
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पात्रता - 12th पास
अवधि - 6 माह
शुल्क - निःशुल्क
रिक्तियाँ - 15
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कोर्स - No Code / Low Code Or Finance and accounting

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यह कोर्स आपको शुरुआती चरण में जॉब या work from home के माध्यम से 25,000 से 50,000 Rs मासिक आय का अवसर प्रदान कर सकता है।
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अधिक जानकारी के लिए कमेंट में दिये गए व्हाट्स एप ग्रुप को जॉइन करें।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Mar 22 2023 12:38:14 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

23 मार्च शहीद दिवस : इसी दिन गोरो द्वारा अहिंसामूर्ति महात्मा भगत सिंह जी, अहिंसामूर्ति महात्मा शिवराम राजगुरु जी एवं अहिंसामूर्ति महात्मा सुखदेव जी थापर को फाँसी दी गयी थी।
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कार्यकर्ताओ से आग्रह है कि यदि पीएम से आपकी कोई भी माँग है तो इस उपलक्ष्य पर उन्हें खुला आदेश पत्र भेजे।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Mar 22 2023 21:26:44 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

यदि किसी व्यक्ति न्यायालय द्वारा फांसी की सजा दी जा चुकी हो किन्तु सरकार उसे टॉर्चर करने के लिए जिन्दा रखना चाहती हो तो सरकार अमुक व्यक्ति को फांसी देने का नाटक करेगी। और जब इस तरह का ड्रामा स्टेज किया जाएगा तो परिवारजनों को शव नहीं दिया जा सकता !! क्योंकि शव देने के लिए वास्तव में फांसी देना जरुरी हो जाता है।
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अहिंसामूर्ती महात्मा भगत सिंह जी का शव उनके परिवार को कभी भी नहीं दिया गया था, न ही कानूनन उनका कोई पोस्टमार्टम किया गया और न ही कभी किसी ने उनका शव देखा !!
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Operation Trojan Horse: Secret mission under which Bhagat Singh was allegedly shot dead
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(A)
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(1) कोर्ट द्वारा उनकी फांसी का दिन 24 मार्च तय किया गया था, किन्तु बिना किसी को बताए 23 मार्च को फांसी दे दी गयी।
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(2) फांसी सुबह की जगह अँधेरे में रात 7:30 बजे दी गयी।
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(3) फांसी के दौरान कानूनन मजिस्ट्रेट का उपस्थित होना आवश्यक था, किन्तु उन्हें फांसी देने के दौरान मजिस्ट्रेट मौजूद नहीं था।
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(4) फांसी के बाद जेल कर्मियों ने जेल की पिछली दीवार में एक बड़ा छेद किया और वहां से वे शव को पुलिस वेन में डाल कर ले गए।
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(5) लोगो के समूह ने लगभग 20 किमी तक उनका पीछा किया, और जब समूह वहां (सतलज नदी के किनारे) पहुंचा तो जेल कर्मी बोरी में से निकाले गए किसी शव के टुकड़ो को मिट्टी का तेल डालकर जलाने की कोशिश कर रहे थे। वस्तुत: जेलकर्मी वहां से भाग निकले।
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(6) लोगो ने वहां जो शव के जो टुकड़े देखें उनमें चेहरा एवं धड़ वगेरह नहीं था। सिर्फ हाथ पैर के कुछ अधजले टुकड़े थे।
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(7) लोगो ने इन क्षत विक्षत टुकड़ो को अहिंसामूर्ती महात्मा भगत सिंह जी का शव समझकर विधिवत दाह संस्कार कर दिया।
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ऊपर जो विवरण दिए गए है यह सभी तथ्य रिकॉर्ड पर है।
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(B)
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एक आदमी था - दलीप सिंह इलाहाबादी, जो कि जवाहर लाल के घर आनंद भवन में माली का काम करता था। यह आदमी गोरो का जासूस (an Intelligence Bureau Agent of British-India) एवं उनका वफादार था। इस आदमी के पोते कुलवंत सिंह कूनेर ने दलीप सिंह इलाहबादी द्वारा लिखे गए नोट्स के हवाले से जो पुस्तक Some Hidden Facts: Martyrdom of Shaheed Bhagat Singh लिखी है उसमें यह दावा किया गया है कि -
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(1) अहिंसामूर्ती महात्मा भगत सिंह जी कि हत्या “ओपरेशन ट्रोजन हॉर्स” के तहत कि गयी थी। और उन्हें फांसी द्वारा नहीं, बल्कि बंदूक की गोली द्वारा मारा गया था।
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(2) सांडर्स के परिवार जनों ने लार्ड इरविन से भगत सिंह जी की जान का सौदा किया था। समझौते के तहत गवर्नर जनरल ने सांडर्स के परिवार को यह अनुमति दी थी कि वे भगत सिंह जी को खुद अपने हाथो से गोली मार सकते है।
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(3) समझौते के तहत 23 मार्च 1931 को सांडर्स के परिवार जनों को जेल में बुलाया गया और उन्होंने अपने हाथों से भगत सिंह जी को गोली मारी थी।
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<https://www.indiatvnews.com/news/india/mystery-unresolved-was-bhagat-singh-shot-dead-or-hanged-48861.html>;
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(C)
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हमें लगता है कि दलीप सिंह इलाहबादी का वर्जन पूरी घटनाओं का खुलासा नहीं करता।
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दरअसल सांडर्स परिवार ब्रिटेन का काफी समृद्ध एवं प्रभावशाली परिवार था। और वे अपना बदला लेने के लिए ब्रिटिश अधिकारियों को काफी मोटी कीमत चुकाने को तैयार थे। एक प्रबल सम्भावना यह है कि उनकी एवं ब्रिटिश अधिकारीयों कि मंशा उन्हें जिन्दा रखने की रही हो, ताकि भगत सिंह जी को वर्षो तक यातनाएं दी जा सके। जैसा कि उन्होंने राष्ट्रपिता अहिंसामूर्ती महात्मा सुभाष चन्द्र बोस के साथ किया था।
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तो उन्होंने किसी अन्य कैदी के शव को क्षत-विक्षत करके यह भुलावा दिया कि यह भगत सिंह जी का शव है, और अगले दिन पेड मीडिया को यह रिपोर्ट कर दिया गया की भगत सिंह जी को फांसी दे दी गयी है।
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यदि गोरो को धांधली नहीं करनी होती तो भगत सिंह जी के परिवार के सीमित सदस्यों उपस्थिति में प्रशासन परिसर में उनका दाह संस्कार किया जा सकता था।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sat Mar 25 2023 13:01:39 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

अहिंसामूर्ती महात्मा भगत सिंह जी से प्रेरित होकर, अहिंसामूर्ती महात्मा हरी जी तलवार ने 1930 में पंजाब सरकार के गवर्नर ज्योफ्री पर गोली चलाई !!

Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate:

Inspired by Bhagat Singh, Hari Talwar shot at Punjab Gov Geofrey in 1930
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So many wanted to torture Bhagatji for years, not hang

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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Mar 26 2023 13:56:07 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate:

As per this gentleman, so called milk intolerance is due to genetice and other "modification" in grains and vegetables. These GMO etc are weakening digestive system
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<https://www.youtube.com/watch?v=JJN92RU8EJM>;
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So BRC blames milk !!! Where as this guy says that problem is due to toxins in food. I tend to agree with this guy

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Pawan Jury BhilwaraRj

Mon Mar 27 2023 08:26:48 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Amit Upadhyay RrpMhulhasnagar MhUlhasnagar:

गायों द्वारा खाए जाने वाले बालू और मिट्टी से दूध में पोषण स्तर कैसे बढ़ता है?
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सभी शाकाहारी जानवर, चाहे गाय हों या हाथी, बालू मिट्टी खाते हैं!!! और उनके पत्तों के सामान्य आहार में भी गंदगी होती है, और जब गाय घास खाती है, तो जो जड़ें खाती हैं उसमें बहुत मिट्टी और रेत होती है।
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पौधों में मस्तिष्क, तंत्रिकाएं, हृदय नहीं होते हैं, और इसलिए उनके पास तंत्रिकाओं और हृदयों में एक रासायनिक और "विद्युत" प्रणाली को बनाए रखने के लिए आवश्यक खनिज नहीं होते हैं। दूसरे शब्दों में, बड़ी संख्या में खनिज पौधों में मौजूद नहीं होते हैं। और इसीलिए सभी शाकाहारी जानवर मिट्टी और रेत खाते हैं।
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और गाय के पाचन तंत्र को मिट्टी में हर मिलीग्राम खनिज लेने के लिए डिज़ाइन किया गया है जो वह खाती है !!! गाय जब खाना खाती है तो वह पेट में जाता है और फिर मुंह में वापस आ जाता है, जहां गाय उसे फिर से एक घंटे तक चबाती है, और वापस पेट में भेजती है!!! हमारे पास ऐसा पाचन तंत्र नहीं है।
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अब हम मनुष्य मिट्टी को पचा नहीं सकते। और मिट्टी में बहुत अधिक कीटाणु होते हैं जो हमें मार डालेंगे।
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तो एक तरीका है --- हम गाय को मिट्टी खाने देते हैं, या मिट्टी के साथ भोजन करते हैं और हम उसका दूध पीते हैं। या, दूसरा तरीका मांस है, जो की कहीं अधिक महंगा है। इसलिए जो मनुष्य मांस नहीं खाते, वे सब दूध पीते रहे हैं।
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तो क्यों कुछ पोषण विशेषज्ञ साल 2012 के बाद देसी गाय के जैविक दूध समेत गाय के दूध के खिलाफ कुतर्क देना शुरू कर देते हैं? उदाहरण के लिए एक प्रसिद्ध कुतर्क विश्वरूप राय चौधरी कुतर्क देते हैं कि "हाथी को सभी कैल्शियम हरी पत्तियों से मिलता है !!"।
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क्योंकि रॉथ्सचाइल्ड, रॉकफेलर यूट्यूब एवं फेसबुक के माध्यम से पोषण विशेषज्ञों को बढ़ावा देता है जो दूध के खिलाफ कुतर्क देते हैं, और एक मिथक बनाते हैं कि "दूध आपको मार देगा" !!! तो इन न्यूट्रीशनिस्ट्स ने देखा कि देसी ऑर्गेनिक गाय के दूध समेत गाय के दूध के बदले कुतर्क दें तो यूट्यूब एवं फेसबुक के जरिए रॉकफेलर उनकी वीडियो को बढ़ा देगा. और इसलिए इन पोषण विशेषज्ञों ने गाय के दूध के खिलाफ कुतर्क देना शुरू कर दिया, जिसमें देसी गाय का जैविक दूध भी शामिल है।

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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Mar 29 2023 11:57:29 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

श्री नीलबड़ बालाजी धाम:

History ki ek speciality hai history kabhi change nhi hoti hai jai Shree Ram 🚩

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