Pawan Jury BhilwaraRj
Amit Upadhyay RrpMhulhasnagar MhUlhasnagar:
गायों द्वारा खाए जाने वाले बालू और मिट्टी से दूध में पोषण स्तर कैसे बढ़ता है?
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सभी शाकाहारी जानवर, चाहे गाय हों या हाथी, बालू मिट्टी खाते हैं!!! और उनके पत्तों के सामान्य आहार में भी गंदगी होती है, और जब गाय घास खाती है, तो जो जड़ें खाती हैं उसमें बहुत मिट्टी और रेत होती है।
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पौधों में मस्तिष्क, तंत्रिकाएं, हृदय नहीं होते हैं, और इसलिए उनके पास तंत्रिकाओं और हृदयों में एक रासायनिक और "विद्युत" प्रणाली को बनाए रखने के लिए आवश्यक खनिज नहीं होते हैं। दूसरे शब्दों में, बड़ी संख्या में खनिज पौधों में मौजूद नहीं होते हैं। और इसीलिए सभी शाकाहारी जानवर मिट्टी और रेत खाते हैं।
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और गाय के पाचन तंत्र को मिट्टी में हर मिलीग्राम खनिज लेने के लिए डिज़ाइन किया गया है जो वह खाती है !!! गाय जब खाना खाती है तो वह पेट में जाता है और फिर मुंह में वापस आ जाता है, जहां गाय उसे फिर से एक घंटे तक चबाती है, और वापस पेट में भेजती है!!! हमारे पास ऐसा पाचन तंत्र नहीं है।
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अब हम मनुष्य मिट्टी को पचा नहीं सकते। और मिट्टी में बहुत अधिक कीटाणु होते हैं जो हमें मार डालेंगे।
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तो एक तरीका है --- हम गाय को मिट्टी खाने देते हैं, या मिट्टी के साथ भोजन करते हैं और हम उसका दूध पीते हैं। या, दूसरा तरीका मांस है, जो की कहीं अधिक महंगा है। इसलिए जो मनुष्य मांस नहीं खाते, वे सब दूध पीते रहे हैं।
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तो क्यों कुछ पोषण विशेषज्ञ साल 2012 के बाद देसी गाय के जैविक दूध समेत गाय के दूध के खिलाफ कुतर्क देना शुरू कर देते हैं? उदाहरण के लिए एक प्रसिद्ध कुतर्क विश्वरूप राय चौधरी कुतर्क देते हैं कि "हाथी को सभी कैल्शियम हरी पत्तियों से मिलता है !!"।
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क्योंकि रॉथ्सचाइल्ड, रॉकफेलर यूट्यूब एवं फेसबुक के माध्यम से पोषण विशेषज्ञों को बढ़ावा देता है जो दूध के खिलाफ कुतर्क देते हैं, और एक मिथक बनाते हैं कि "दूध आपको मार देगा" !!! तो इन न्यूट्रीशनिस्ट्स ने देखा कि देसी ऑर्गेनिक गाय के दूध समेत गाय के दूध के बदले कुतर्क दें तो यूट्यूब एवं फेसबुक के जरिए रॉकफेलर उनकी वीडियो को बढ़ा देगा. और इसलिए इन पोषण विशेषज्ञों ने गाय के दूध के खिलाफ कुतर्क देना शुरू कर दिया, जिसमें देसी गाय का जैविक दूध भी शामिल है।