Pawan Jury BhilwaraRj
Thu Aug 01 2024 07:29:04 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate:
Thu Aug 01 2024 07:29:04 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate:
Sun Aug 04 2024 15:38:34 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
कोंग्रेस, सपा, बसपा, आम आदमी पार्टी आदि को Evm की वजह से नुकसान होने के बावजूद इन पार्टियों के शीर्ष नेता जैसे राहुल गाँधी, अखिलेश यादव, मायावती और अरविन्द केजरीवाल आदि Evm के काले कांच का समर्थन क्यों करते है ?
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दरअसल, ये पार्टियाँ इन शीर्ष नेताओ की तभी तक है जब तक इन पार्टियों का नियंत्रण इन नेताओ के हाथ में है। इन पार्टियों में मझौले स्तर के ऐसे कई नेता है, जो इन्हें शीर्ष पद से अपदस्थ करके शीर्ष पद पर कब्ज़ा कर सकते है।
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अपनी पार्टी में अपनी बादशाहत कायम रखने के लिए यह जरुरी है कि चुनौती देने वाले या दे सकने वाले नेताओं एवं उनके समर्थक नेताओं को दबा कर रखा जा सके। और इन्हें दबाकर रखने के लिए इन्हें Evm की जरूरत है।
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पेड मीडिया के प्रायोजक Evm का इस्तेमाल करके यह सुनिश्चित करते है कि, मुख्यधारा की पार्टियों के शीर्ष नेताओं को अपनी ही पार्टी के लोकप्रिय एवं जनाधार वाले नेताओं द्वारा चुनौती का सामना न करना पड़े, और इसके एवज में इन पार्टियों के शीर्ष नेता पेड मीडिया के प्रायोजको के एजेंडे के समर्थन में काम करते है।
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वे जानते है, कि यदि वे पेड मीडिया के हितो को चोट पहुँचाने वाले मुद्दों पर काम करेंगे तो पेड मीडिया के प्रायोजक Evm की सहायता से उनकी ही पार्टी के किसी और नेता को उभार कर उन्हें उनकी ही पार्टी से अपदस्थ कर देंगे।
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शीर्ष स्तर के नेताओं को चुनौती देने की कूवत रखने वाले मझौले स्तर के नेता भी जब यह देखते है कि, शीर्ष नेता के खिलाफ जाने वाले नेताओ को Evm का इस्तेमाल करके निपटाया जा रहा है / जा सकता है, तो वे अपनी स्थिति बनाए रखने के लिए शीर्ष नेता के प्रति वफ़ादारी प्रदर्शित करना शुरू कर देते है, और शीर्ष नेता को चुनौती नहीं देते।
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उदाहरण के लिए मान लीजिये कि, कोंग्रेस में अशोक गहलोत / सचिन पायलट ऐसे नेता है जो राहुल गाँधी को चुनौती देना चाहते है, या मान लीजिये कि राहुल गांधी समझते है कि अशोक गहलोत / सचिन पायलट उन्हें चुनौती दे सकते है।
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इस स्थिति में राहुल गांधी पेड मीडिया के प्रायोजको से इन्हें निपटाने को कहेंगे। तब अशोक गहलोत / सचिन पायलट का समर्थन करने वाले विधायक प्रत्याशियों को Evm का इस्तेमाल करके हरा दिया जाएगा, और अशोक गहलोत / सचिन पायलट राहुल गांधी को चुनौती देने की क्षमता खो देंगे।
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तो Evm सबसे मुख्य वजह है कि मुख्य धारा की सभी पार्टियों की शीर्ष पदों पर एक से एक कचरा नेता वर्षो से बैठे हुए है, और उन्हें अपनी पार्टी में काबिल नेताओं से कभी किसी चुनौती का सामना नहीं करना पड़ता।
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Evm आने से पहले ऐसा नहीं था। तब शीर्ष पद पर बैठे नेता को अपनी ही पार्टी के नेताओं से निरंतर चुनौती मिलती रहती थी, और कमजोर प्रदर्शन करने पर यह चुनौती द्विगुणित हो जाती थी। इंदिरा गाँधी जी को अपनी ही पार्टी में मोरार देसाई , के. कामराज आदि नेताओं से निरंतर चुनौती का सामना करना पड़ा और उन्हें 2 बार अपनी ही पार्टी से निकाला गया। इंदिरा जी को नयी पार्टी बनानी पड़ी और वे सिर्फ चुनाव जीत कर ही फिर से पार्टी पर कब्ज़ा कर पायी।
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410 सीट जीतने वाले राजीव गाँधी को भी वीपी सिंह के नेतृत्व में चुनौती का सामना करना पड़ा। सोनिया गाँधी को भी शरद पवार, नारयण दत्त तिवारी, पूर्णो संगमा आदि की चुनौती का सामना करना पड़ा था।
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और ऐसा सिर्फ कोंग्रेस में ही नहीं है, बल्कि पार्टी के शीर्ष पद को कब्जाने की आंतरिक राजनीति हर समय सभी पार्टियों में कमोबेश मौजूद रही है। किन्तु Evm आने के बाद स्थिति बदल गयी, और शीर्ष पद पर बैठे नेताओ ने पार्टी में अपनी सर्वोच्चता बनाए रखने और चुनौती देने वालो को निपटाने के लिए Evm का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
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यदि Evm के अंधे काले कांच को पारदर्शी सफ़ेद कांच से बदल दिया जाता है तो कुछ ही समय में लगभग सभी पार्टियों के शीर्ष स्थानों पर काबिज नेता उनकी ही पार्टियों के जनाधार वाले ज्यादा काबिल नेताओं द्वारा बदल दिए जायेंगे। और इसीलिए भारत की सभी मुख्य पार्टियों के शीर्ष नेता Evm के काले कांच का समर्थन कर रहे है !!
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यदि आप Evm के काले कांच का विरोध करते है और Evm के काले कांच को पारदर्शी बनाना चाहते है तो निम्न कदम उठाए :
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(1) प्रधानमंत्री एवं चुनाव आयोग को एक खुला निर्देश पत्र भेजें कि -- Evm के काले अंधे कांच को बदल कर इसे पारदर्शी किया जाए।
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(2) आगामी विधानसभा चुनावों (हरियाणा, झारखण्ड, दिल्ली, महाराष्ट्र) में Evm के काले कांच को पारदर्शी बनाने के मुद्दे पर चुनाव लड़ें।
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#EvmBlackGlass
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Mon Aug 05 2024 14:07:55 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
#CancelUkrainVisit
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रूस हमारा मित्र देश है, और यूक्रेन से हमारा कोई लेना देना नहीं रहा है। भारत के प्रधानमंत्री को यूक्रेन दौरा रद्द करना चाहिए। इस तरह की हरकत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रूस को बुरा दिखाती है।
Mon Aug 05 2024 21:32:14 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
यदि भारत के नागरिको के बहुमत को वोट चोरी में Evm के काले कांच की भूमिका के बारे में मालूम हो जाता है तो सांसदों के पास सिर्फ 2 विकल्प बचेंगे --
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(1) Evm को समाप्त करने के लिए क़ानून पास करें या
(2) बांग्लादेश जैसे हालात का सामना करें !!
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निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव किसी भी देश का अंतिम सेफ्टी वॉल्व है। देश के हालात कितने भी खराब क्यों न हो जाए, नागरिको का बहुमत जब तक यह विश्वास करता है कि चुनाव निष्पक्ष रूप से सम्पन्न हो रहे है, तब तक लोगो का असंतोष धरनो, प्रदर्शनों के रूप में निकलता रहता है, किन्तु सरकार को किसी निर्णायक विद्रोह का सामना तब भी नहीं करना पड़ता।
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किन्तु नागरिको का भरोसा यदि मतदान प्रक्रिया से उठ जाए तो बवाल का संकट आसन्न हो जाता है। मतदान प्रक्रिया धांधली का शुबहा अवाम को बल प्रयोग की नैतिक प्रेरणा दे देता है।
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जनवरी 2024 में बांग्लादेश में सिर्फ 40% लोगो ने वोट किया था !! वहां की मुख्य विपक्षी पार्टी ने चुनावों में हिस्सा ही नहीं लिया। यह बात बांग्लादेश की अवाम की कॉमन नॉलेज में थी कि शेख हसीना ने चुनावों में धांधली करके सदारत हासिल की है (300 में से 210 सीट)।
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शेख हसीना के खिलाफ बेरोजगार छात्रो द्वारा चलाई जा रही तहरीक के पक्ष में जन समर्थन बढ़ता गया, और जब आंदोलन को दबाने के लिए शेख हसीना ने फ़ौज से मुताबिला किया तो जनरल वकार उज जमान ने गोली चलाने से इनकार कर दिया। और एक बार यदि फ़ौज प्रधानमंत्री के आदेश मानने से इनकार कर दे तो मुल्क छोड़कर जाने के सिवाय नेता के पास कोई रास्ता नहीं रहता।
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यद्यपि चीन भी शेख हसीना से नाराज था, और उन्हें निष्कासित करना चाहता था। शेख हसीना के रिश्ते चीन से इस हद तक ख़राब हो चुके थे, कि पिछले महीने शेख हसीना को चीन के दौरे से बीच में ही लौट आना पड़ा था। इस बात की पूरी सम्भावना है कि चीन ने जनरल को हाथ खींच लेने के लिए कहा हो।
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अब इससे बांग्लादेश में किस तरह का बदलाव आएगा ?
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इससे बदलाव कुछ भी नहीं होगा। बस इतनी सा है कि, जिस नेत्री को अवाम वोट करके निकालना चाहती थी, उसे निकालने के लिए उन्हें फौजदारी तरीके का इस्तेमाल करना पड़ा। यह किसी दोषपूर्ण मीनार को गिराने की कार्यवाही करने की तरह है। किन्तु मीनार को गिराना एक अलग बात है, और गिराकर उसकी जगह एक नयी दोष रहित मीनार खड़ी करना बिलकुल अलग बात है।
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कोरोना काल (सही शब्दों में जबरिया लॉकडाउन एवं जबरिया वैक्सीनेशन काल, जिसका कोरोना से कोई लेना देना नहीं था) के बाद से बांग्लादेश की आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। और इसके अलावा भी उनके अपने कई मसाइल है। किन्तु निजाम सुधारने के लिए आईन सुधारने होते है। विद्रोहियों के पास सुधार लाने के लिए आवश्यक कानूनों का कोई समुच्चय नहीं है।
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बेंडी पिस्तौल नुमा ऐसे विद्रोह कई मुल्को में होते आए है, जिसके नतीजे में पब्लिक को संतोष हो जाता है कि, हमने शासक को गिरा दिया, और फिर वैसा ही दूसरा शासक आकर वैसा ही शासन फिर से नाफ़िज कर देता है।
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बहरहाल, बांग्लादेश का आगे क्या बनेगा, वो उनका मामला है, हमें उससे ज्यादा ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। हमें भारत के बारे में देखना है।
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भारत के नागरिको को लगता है कि चुनावो में धांधली नहीं हो रही है, क्योंकि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि Evm का काला कांच किस तरह वोटो में हेराफेरी करता है।
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यदि भारत के नागरिको के बहुमत को जानकारी हो जाए कि, काला कांच उनके वोट चुरा रहा है तो सांसदों को Evm हटाकर बेलेट पेपर लाने का कानून पास करना पड़ेगा। क्योंकि तब यदि वे ऐसा नहीं करते है, तो उन्हें उसी तरह के विद्रोह का सामना करना पड़ सकता है, जैसा बांग्लादेश में शेख हसीना ने किया है।
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क्या काले कांच की जानकारी इतनी महत्त्वपूर्ण है ?
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हाँ। क्योंकि, जनवरी से अप्रेल तक उत्तर भारत के सिर्फ 2 करोड़ लोगो द्वारा इंटरनेट पर काले कांच का डेमो देख लेने की वजह से पेड मीडिया के प्रायोजको को Evm बचाने के लिए बीजेपी की सीटो में 100 से 125 सीटों की कटौती करनी पड़ी थी।
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वे जान चुके थे, कि यदि बीजेपी को 300 से अधिक सीट दी गयी तो Evm हटवाने के लिए लोग बड़े पैमाने पर सड़को पर आ सकते है। और यदि Evm उनके हाथ से निकल गयी तो सभी पार्टियों के शीश नेताओं की चोटियाँ उनके हाथ से निकल जायेगी।
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यदि आप Evm के काले कांच का विरोध करते है और Evm के काले कांच को पारदर्शी बनाना चाहते है तो निम्न कदम उठाए :
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(1) प्रधानमंत्री एवं चुनाव आयोग को एक खुला निर्देश पत्र भेजें कि -- Evm के काले अंधे कांच को बदल कर इसे पारदर्शी किया जाए।
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(2) आगामी विधानसभा चुनावों (हरियाणा, झारखण्ड, दिल्ली, महाराष्ट्र) में Evm के काले कांच को पारदर्शी बनाने के मुद्दे पर चुनाव लड़ें।
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#EvmBlackGlass
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Tue Aug 06 2024 19:42:39 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate:
clause-04 of Indian Coniange Act 1906 , as drafted in year 1906, says Re 1 = yyy gm of silver = xxx mg of gold. And this clause-04 was repealed in year 1974. You all see latest version of Indian Coinage Act 1906. the clause-04 had been repealed. In fact, you can download all Coinage Acts latest version PDFs. And then search on word gold and silver in these PDFs. You will not find any clause with that word, except repealed clauses !!!
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so Re 1 = xxxx mg of gold is just a hoax.
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We at RRP have proposed laws such as Right to Recall RBI Governor and RTR SBI Chairman. These laws will reduce interest rates and will also reduce loan burden. These laws will decrease nefarious incomes of ta bi am ad etc which they get via loan maafi.
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To sabotage our RTR RBI Governor movement, some people are creating timewaste hoax that Re 1 = 777 mg of gold can be used to for karja maafi and karjaa adayegi nonsense !!!
That organzation will always shout about coinage act 1906 and never give clause# of coinage act !!! Why do they hide clause number? And they never mentions the fact that coinage act 1906 clauses which mention gold or silver were all repealed in 1947 , 1974 etc !! So these people are fooling others by 50000 year old technieque of fact hiding,.
Wed Aug 14 2024 10:11:53 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
विधायक महोदय,
#ExpelSecure
बिजली कंपनी सिक्योर का ठेका निरस्त करे।”
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यदि आप भीलवाड़ा शहर के है तो विधायक महोदय को कल 15 August को एक खुला निर्देश पत्र भेजे।
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समय : 5 pm
स्थान : मुख्य डाकघर
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Wed Aug 14 2024 21:51:32 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
#ExpelSecure
Thu Aug 15 2024 16:15:30 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
#ExpelSecure
Fri Aug 16 2024 12:06:03 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
यदि आप भीलवाड़ा से है तो भीलवाड़ा के विधायक अशोक जी कोठारी को ट्वीट करें कि सिक्योर कंपनी का ठेका रद्द करके AVVNL का राष्ट्रीयकरण करे.
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Fri Aug 16 2024 20:23:44 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
#ExpelSecure
Tue Aug 20 2024 08:28:51 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
भीलवाड़ा ; सिक्योर का ठेका केंसिल करने और AVVNL का राष्ट्रीयकरण करने का निर्देश भेजने के लिए आज शाम 5 बजे मुख्य डाकघर पहुँचे #ExpelSecure
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समय : 5 pm
स्थान : मुख्य डाकघर, भीलवाड़ा
Tue Aug 20 2024 14:56:03 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)
#ExpelSecure
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विधायक महोदय, सिक्योर का ठेका केंसिल करके AVVNL का राष्ट्रीयकरण करें।
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