Posts for 2020-01

Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Jan 02 2020 09:43:28 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Jury system की माँग उठने के कारण पैड मीडिया ने इसे हाईजेक करने की कोशिश शुरू कर दी है !! इसे jury court तक ले जाना है !!

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Pawan Jury BhilwaraRj

Tue Jan 07 2020 16:41:34 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

वर्ष 2013 / 2014 में राहुल भाई का पोस्ट , जिसमें उन्होंने लिखा था कि -- जब अमेरिका को ईरान का तेल लूटना होगा उसके 6 महीने पहले वह भारत के प्रधानमंत्री को धारा 370, राम जन्मभूमि, यूनिफार्म सिविल कॉड आदि मुद्दों पर कदम उठाने के लिए कहेगा। राम जन्म भूमि एवं धारा 370 पर भारत में हिन्दू-मुस्लिम तनाव नहीं बढ़ने के कारण CAA में NRC को इस तरह मिक्स करके फैलाया गया कि भारतीय मुस्लिमो को सड़को पर ठेला जा सके -- <https://forums.bharat-rakshak.com/viewtopic.php?f=3&t=6805&p=1675856&hilit=Iran&sid=ccfb4158a01be010ba064ced9c20174f#p1675856>;
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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Jan 09 2020 15:59:41 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

यह स्तम्भ CAA (+NRC) से सम्बंधित प्रश्नोंत्तर एवं टिप्पणियों के लिए बनाया गया है।
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CAA (+NRC) का विरोध करने वाला कोई भी नागरिक इस पोस्ट पर अपना प्रश्न रख सकता है या मुझसे मेरे स्टेंड के बारे में स्पष्टीकरण मांग सकता है। या CAA (+NRC) का विरोध करने की अपनी वजह दर्ज कर सकता है।
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यदि किसी व्यक्ति के पास CAA (+NRC) का विरोध करने की वाजिब वजह है तो वह सिलसिलेवार इन्हें रख सकता है। मैं उन पर स्पष्टीकरण दूंगा।
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कमेन्ट करने वाले यूजर से निम्नलिखित नियमों के पालन की अपेक्षा की जाती है :
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(1) हिन्दी भाषा के लिए हिन्दी लिपि और अंग्रेजी भाषा के लिए अंग्रेजी लिपि का प्रयोग करें। रोमन भाषा का प्रयोग नहीं करे ।
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(2) दो पेराग्राफ के बीच '.' चिन्ह का प्रयोग करे ।
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(3) लेखन में अनावश्यक चिन्हों जैसे '.......', '!!!!!!!', '//////', '####', '„„„„„„', '??????' आदि का तथा अनावश्यक 'केपिटल लेटर्स' का प्रयोग नहीं करें ।
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(4) एक बार में एक ही कमेन्ट करे । यदि आपने दो कमेन्ट एक साथ किये है तो,
अ) पहले कमेन्ट को एडिट करें
ब) दुसरे कमेन्ट को कोपी करके पहले वाले कमेन्ट में पेस्ट करे
स) फिर दुसरे कमेन्ट को डिलीट कर दें ।
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(5) कमेन्ट क्रमिक/सिलसिलेवार ढंग से करे, अक्रमिक रूप से नही ।
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क्रमिक कमेन्ट क्या है ?
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मान लीजिये कि -
अ) आपने 'पहला' कमेन्ट किया है,
ब) मैंने 'दूसरा' कमेन्ट किया है,
स) आपने 'तीसरा' कमेन्ट किया है,
द) आपने चौथा कमेन्ट किया है ।
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तो यहाँ पहला, दूसरा और तीसरा क्रमिक जबकि चौथा कमेन्ट अक्रमिक है । अक्रमिक कमेन्ट को बिन्दु 4 में बताये तरीके से संपादित कर पिछले कमेन्ट में जोड़ दें ।
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(6) अपने प्रश्नों तथा टिप्पणियों को डिलीट नहीं करे । ताकि अन्य कार्यकर्ता भी इन्हें पढ़ सके ।
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(9) इस स्तम्भ का लिंक देखने के लिए एल्बम में जाकर 'आपसी संवाद स्तम्भ' या 'two person conversation thread' शीर्षक से एल्बम देखें और फीड व्यू क्लिक करें। इस स्तम्भ का लिंक वहां दर्ज किया गया है ।
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(11) कृपया कमेंट्स के लिए liner कमेंट्स बॉक्स का प्रयोग करें। "reply caption" का इस्तेमाल न करें।
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(12) CAA (+ NRC ) पर मेरे स्टेंड से सम्बंधित लेखो की सूची इस पोस्ट के पहले एवं दुसरे कमेन्ट में देखें.
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Pawan Jury BhilwaraRj

Fri Jan 10 2020 14:22:05 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

CAB और NRC पर लिखे गए जवाबो की सूची.
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(१) नागरिकता संशोधन बिल से मुसलमानों को क्या खतरा है?
<https://www.facebook.com/groups/JuryCourt/permalink/1008394099533667/>;
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(२) भारतीय मुसलमान नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध क्यों कर रहे हैं?
<https://www.facebook.com/groups/JuryCourt/permalink/1011227899250287/>;

(३) नागरिकता संशोधन बिल में मुसलमानों को शामिल क्यों नहीं किया गया है?
<https://www.facebook.com/groups/JuryCourt/permalink/1005456509827426/>;
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(४) देश में बढ़ते हिंसक प्रदर्शन के पीछे किसका हाथ है?
<https://www.facebook.com/groups/JuryCourt/permalink/1016034378769639/>;
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Pawan Jury BhilwaraRj

Fri Jan 10 2020 14:40:17 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

सूचना : मैं राईट टू रिकॉल पार्टी का मेंबर हूँ और 2 बार चुनाव लड़ चुका हूँ। आगे भी लड़ते रहने वाला हूँ। मेरा मुद्दा है - जूरी कोर्ट को गेजेट में छपवाकर प्रत्येक भारतीय को वोट वापसी पासबुक जारी करवाना। बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मालिक इस वोट वापसी पासबुक के सख्त खिलाफ है, और इसीलिए भारत की मुख्यधारा की सभी पार्टियाँ भी इस पासबुक के विरोध में है। और इसीलिए मैं इन सभी पार्टियों का विरोधी हूँ।
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यह सूचना इसीलिए दी जा रही है ताकि नए यूजर्स को कन्फ्यूजन न हो, और उन्हें मेरा राजनैतिक दृष्टिकोण स्पष्ट रहे।
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जब मैं सरकार के किसी फैसले का समर्थन या विरोध करता हूँ, तो यह समर्थन / विरोध अमुक फैसले के सम्बन्ध में होता है। पूरी सरकार के सम्बन्ध में नहीं। और बुनियादी रूप से मेरा मानना है कि पेड मीडिया में नजर आने वाली मुख्यधारा की सभी पार्टियों के सभी नेता अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के पर बुरी तरह से निर्भर है, और वे अमेरिकी हितो के खिलाफ जाने की स्थिति में नहीं है।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sat Jan 11 2020 17:55:11 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

दिल्ली के मतदाताओं के लिए आवश्यक सूचना : कृपया जूरी कोर्ट एवं वोट वापसी पासबुक के मुद्दे पर चुनाव लड़ने का प्रयास करें।
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चुनाव का कार्यक्रम निम्नलिखित है :

फॉर्म भरने की शुरूआती तारीख : 14.01.2020 (Tuesday)

फॉर्म भरने की अंतिम तारीख : 21.01.2020 (Tuesday)

वोटिंग : 08.02.2020 (Saturday)
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जैसा कि आप जानते है कि केजरीवाल नेता नहीं है, बल्कि पॉलिटिकल FDI है। मनोज तिवारी जैसे जमूरे को उतारकर बीजेपी ने केजरीवाल को बाई दे दी है। कार्यकर्ताओं को दिल्ली के मतदाताओ को वोट वापसी पासबुक के बारे में सूचना देने के लिए चुनाव लड़ने का प्रयास करना चाहिए।
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दिल्ली पासबुक का print out यहाँ से डाउनलोड करें - <https://tinyurl.com/DelhiPassbookPrintout>;
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Pawan Jury BhilwaraRj

Sun Jan 12 2020 23:36:43 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

भारत का इतिहास वो नहीं है जो हम परीक्षाओं के लिए पढ़ते और याद करते हैं -- श्री नरेंद्र दामोदर दास जी मोदी

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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 15 2020 21:23:54 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

Pls share on whatsapp
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EVM vote stealing video demo at Jantar Manta --- over 3.50 LAKH views
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IIT delhi से पढ़े हुए सॉफ्टवेयर इंजीनियर राहुल चिमनभाई मेहता ने जंतर मंतर दिल्ली पर वीवीपैट के कागज वोटों की हेरा फेरी के ऊपर डेमो दिया था। बिकाऊ मीडियाकर्मियों ने इसे दिखाने से इनकार कर दिया। स्वतंत्र इंटरनेट चैनल्स इसे दिखाया । अब इस वीडियो के पास 6 लाख से ऊपर व्यूज है!!
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<https://www.youtube.com/watch?v=jnazWH5715Q>;
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Pls share on whatsapp.

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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Jan 16 2020 12:29:48 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

@PMOIndia
, कृपया DSP देविंदर सिंह का जूरी द्वारा सार्वजनिक नार्को लेने के आदेश जारी करें - #NarcoTestInPublic , #JuryTrialOnDspDevinder , #JuryCourt
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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Jan 16 2020 12:36:23 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

DSP देविंदर सिंह आतंकियों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किये गए है। व्यवस्था में बैठे कौन से लोग DSP की इस काम में मदद कर रहे थे, और यह आतंकियों की मदद करने वाला यह आंतरिक प्रशासनिक-राजनैतिक-न्यायिक गठजोड़ सिस्टम में किस सीमा तक फैला हुआ है, इसका पता लगाने के लिए मेरा प्रस्ताव है, कि DSP देविंदर सिंह का नागरिको की जूरी द्वारा सार्वजनिक नार्को टेस्ट लिया जाए। सार्वजनिक नार्को टेस्ट किये बिना इस तरह के मामले को किसी भी तरीके से उधेड़ा नहीं जा सकता।
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सीबीआई सरकार के निचे काम करती है, और नेताओ (सत्ता+ विपक्ष) जजों, उच्च अधिकारीयों आदि के साथ सीबीआई अधिकारीयों के अच्छे सम्बन्ध होते है। अच्छे सम्बन्ध होने की वजह है कि सीबीआई अधिकारियों को पदोन्नति देने, उन्हें नौकरी से निकालने, मैडल देने आदि के अधिकार नेताओ के पास है, और इसमें नागरिको का कोई दखल नहीं है।
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नारको टेस्ट क्या है ?
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नारको टेस्ट पूछताछ की एक सुरक्षित प्रक्रिया है जिसमें डॉक्टर की देख-रेख में थोड़ी सोडियम पेंटाथेनोल नामक दवा दी जाती है। इस दवा के प्रभाव से व्यक्ति के दिमाग की योजना बनाने की क्षमता कुछ समय के लिए समाप्त हो जाती है। इससे व्यक्ति योजना बनाकर पूछे गए प्रश्नों के झूठे जवाब नहीं दे पाता, और सच बोलने लगता है। नारको टेस्ट के दौरान की गयी पूछताछ में आरोपी अपने खिलाफ महत्वपूर्ण सुराग उगल देता है। आरोपी द्वारा दिए गए इन जवाबो का पीछा करके सबूत जुटाये जा सकते है। निचे एक उदारहण से बताया गया है कि, नारको टेस्ट में पूछताछ किस तरह आगे बढती है :
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इंजेक्शन लगाने के बाद आरोपी के सामने निम्न क्रम में प्रश्न रखे जाते है :
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क्या तुम्हारा स्विस बैंक में खाता है ?
यदि आरोपी कहेगा - हाँ

तुम्हारा स्विस बैंक एकाउंट नंबर कहाँ लिखा हुआ है।
किताब में

वह किताब कहाँ पड़ी है ?
घर के लॉकर में या मेरी लाइब्रेरी की ऑफिस टेबल में
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अब जांच अधिकारी लाइब्रेरी में जाकर एकाउंट नंबर की तलाश करेंगे। तो इसी तर्ज पर देविंदर सिंह से पुछा जाएगा कि, वह आतंकियों की मदद कब से कर रहा था, किसके आदेश से कर रहा था, उसे इसके लिए कितना पैसा मिला था, इस पैसे को उसने कहाँ रखा, इसमें से कितना पैसा उसने किसी नेता / जज / मंत्री / उच्चाधिकारी को दिया आदि। पैसा कब दिया / लिया गया आदि आदि। और इस तरह उससे पिछले 20 वर्ष की सर्विस के दौरान सभी मामलो पर प्रश्न पूछे जायेंगे।
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अमूमन, नार्को टेस्ट का इंजेक्शन देखने के साथ ही आरोपी अपने सभी गुनाह कबूल करने लगता है, और उसे बहुधा उसे इंजेक्शन देने की जरूरत नहीं पड़ती। क्योंकि उसे यह भय रहता है कि, यदि इंजेक्शन लगाया गया तो उसके मुंह से असीमित सूचनाएं निकल सकती है। जब वह देखता है कि जूरी के सामने मेरा फेयर ट्रायल हो रहा है, और बच निकलने की सम्भावना लगभग शून्य है तो वह पूरे रैकेट को खोलना शुरू कर देता है।
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नारको टेस्ट में आरोपी के बयानों को सबूत नहीं माना जाता है। लेकिन बयानों में दी गयी सूचनाओं के आधार पर सबूत जुटाए जाते है। भारत में सुप्रीम कोर्ट के भ्रष्ट जजों ने नार्को टेस्ट पर बैन लगाया हुआ है। मतलब बैन इस तरह से है कि -- यदि आरोपी खुद नार्को टेस्ट की सहमती देता है, तो ही नार्को टेस्ट होगा, और यदि आरोपी अनुमति देने के बाद अंतिम समय में भी पलट जाता है, तो नार्को टेस्ट नहीं होगा !!
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असल में संगठित अपराध एवं आन्तरिक प्रशासनिक-राजनैतिक-न्यायिक गठजोड़ को जूरी के सामने सार्वजनिक नार्को टेस्ट के बिना खोला ही नहीं जा सकता।
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भारत में मुख्यधारा की सभी पार्टियाँ एवं उनके नेता जूरी ट्रायल के भी खिलाफ है, नार्को टेस्ट के भी खिलाफ है, और सार्वजनिक नार्को टेस्ट के भी खिलाफ है !! उनका स्टेंड रहता है कि, हम बंद कमरे में पूछताछ करके बता देंगे कि आरोपी ने क्या कहा, और क्या सबूत दिए। यदि आरोपी किसी बड़े आदमी के इन्वोल्व होने की बात बताता है और उसके खिलाफ सबूत देता है तो ये लोग अमुक बड़े आदमी का नाम जांच में से बाहर निकालने के एवज में उससे पैसा खींच लेते है, और सबूत नष्ट कर देते है !! पिछले 70 साल से सभी सरकारें इसी तरह से जांचे करती आई है।
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यही वजह है कि आपको मुख्य धारा की किसी भी पार्टी का एक भी कार्यकर्ता सार्वजनिक नार्को टेस्ट के क़ानून का समर्थन करता नहीं दिखेगा। और इसका विरोध करने के लिए वे क्या तरीका इस्तेमाल करते है ? वे "नार्को टेस्ट इन पब्लिक" शब्द पर चुप रहते है। उन्होंने इस बात की पूरी एहतियात रखी हुयी है कि, इस शब्द का प्रयोग नहीं किया जाए। मतलब, वे यह बहस करना ही नही चाहते कि, "नार्को टेस्ट इन पब्लिक" ठीक प्रक्रिया है या गलत है, यह होना चाहिए या नहीं होना चाहिए आदि। वे हमेशा इस लफ्ज पर चुप रहेंगे !! कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखायेंगे।
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अभी DSP देविंदर सिंह के मामले में भी पूरे देश के टीवी चैनल्स और सोशल मीडिया पर आप इसकी बेहद ऊँचे दर्जे की बौद्धिक बहस देखेंगे, लेकिन पेड मीडिया में कोई भी बुद्धिजीवी, राजनेता यह कहता नजर नहीं आएगा कि देविंदर सिंह का सार्वजनिक नार्को टेस्ट लिया जाना चाहिए , ताकि यह बात सामने आ सके कि यह आदमी संदेह के दायरे में आने के बावजूद पिछले 20 साल से सिस्टम में कैसे टिका हुआ था !!
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कृपया इस बात पर ध्यान दें कि मैं यहाँ जज के निर्देशन में बंद कमरे में किये जाने वाले "नार्को टेस्ट के ड्रामे" की बात नहीं कर रहा हूँ। मैं यहाँ नागरिको की जूरी द्वारा सार्वजानिक नार्को टेस्ट की बात कर रहा हूँ। निचे मैंने इसकी प्रक्रिया बतायी है।
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DSP देविंदर सिंह के नार्को टेस्ट के लिए प्रस्तावित गेजेट नोटिफिकेशन
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नारको टेस्ट के लिए जूरी का गठन :
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1. [ प्रधानमंत्री ]
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प्रधानमंत्री इस मामले की सुनवाई हेतु जूरी का गठन करने के लिए एक जूरी प्रशासक की नियुक्ति करेंगे।
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2. [ जूरी प्रशासक ]
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2.1. जूरी प्रशासक एक सार्वजनिक बैठक में दिल्ली राज्य की मतदाता सूचियों में से 25 वर्ष से 55 वर्ष की आयु के 50 मतदाताओं का चुनाव लॉटरी द्वारा करेगा। इन सदस्यों का साक्षात्कार लेने के बाद जूरी प्रशासक किन्ही 20 सदस्यों को निकाल सकता है। इस तरह 30 महाजूरी सदस्य शेष रह जायेंगे।
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2.2 अब यह महाजूरी मंडल मामले की सुनवाई के लिए एक सार्वजनिक बैठक में दिल्ली की मतदाता सूची में से लॉटरी द्वारा 30 नागरिको को चुनेगा और, इसमें से 24 नागरिको की जूरी का गठन करेगा। जूरी सदस्यों की आयु 35 वर्ष से 55 वर्ष के बीच होगी।
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2.3. जूरी प्रशासक इन 24 नागरिकों को 12 जूरी सदस्यों के दो समूह में बांटेगा। जिला जूरी प्रशासक एक श्रेणी-1 के अफसर को नारको टेस्ट का प्रभारी नियुक्त करेगा। प्रभारी का चयन करने के लिए पहले उपलब्ध विकल्पों की सूची बनायी जायेगी और तब लॉटरी द्वारा नारको प्रभारी का चयन कर लिया जाएगा। जूरी सदस्य चाहे तो सेवानिवृत जांच अधिकारियों के नाम भी इसमें शामिल कर सकते है, और एक जाचं अधिकारी की जगह 3 का पैनल बना सकते है।
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3. [ नारको जांच के प्रभारी ]
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नारको का इंजेक्शन लगाने से पहले समूह-क के जूरी सदस्य प्रश्न बनायेंगे, और यदि समूह-ख में 7 से अधिक जूरी सदस्य उसको स्वीकृति दे देते है तो फिर नार्को प्रभारी अमुक प्रश्न पूछेगा। नार्को-जांच में प्रश्नों के प्राप्त उत्तर के आधार पर, समूह-क में कोई जूरी सदस्य या जूरी द्वारा निश्चित विशेषज्ञ नया प्रश्न भी बना सकता है और यदि समूह-ख उस प्रश्न को स्वीकृत करता है, तो जांच प्रभारी उस प्रश्न को पूछेगा । कोई भी प्रश्न समूह-ख के बहुमत जूरी सदस्यों की स्वीकृति के बिना नहीं पूछा जायेगा।
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4. [ जूरी सदस्य ]
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जूरी सदस्य ये निर्णय करेंगे कि नार्को जांच निजी हो या सार्वजनिक हो। और यदि जांच सार्वजनिक की जाती है तो जूरी सदस्य यह तय करेंगे कि कौनसे हिस्से छुपाये जाने चाहिए। यदि जांच के दौरान किसी महिला का नाम सामने आता है, और यदि जूरी संदिग्ध / पीड़ित महिला का नाम गुप्त रखना चाहती है, और यदि अमुक महिला का भी पोलीग्राफ, ब्रेन-मैपिंग, नार्को जांच की जाती है तो जूरी सदस्य इसे सार्वजानिक नहीं कर करेंगे।
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4.1. पूरी नार्को जाँच की प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की जायेगी, और जूरी सदस्य इसे सार्वजनिक करने के बारे में तय करेंगे।
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4.2. यदि समूह-क में कोई व्यक्ति अपना स्थान समूह-ख में किसी व्यक्ति से बदलना चाहता है, तो वो ऐसा कर सकता है।
जूरी सदस्यों का बहुमत, जिला जूरी प्रशासक द्वारा बनाये गए विशेषज्ञ दल में से किसी विशेषज्ञ को नार्को जांच के लिए प्रश्न बनाने की स्वीकृति दे सकते हैं।
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4.2.1. प्रश्नों के बनाने का कार्य केवल दोनों समूहों में जूरी सदस्यों द्वारा किया जायेगा और गुप्त रूप से किया जायेगा।
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4.2.2. प्रश्न के बनाने के समय जज, वकील, आदि उपस्थित नहीं हो सकेंगे।
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4.2.3. प्रश्न बनाने का सत्र तब समाप्त होगा जब बहुमत जूरी सदस्य सहमत हों कि प्रश्न बनाने का कार्य अब समाप्त हो चुका है।
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5. [ जूरी सदस्य एवं जांच अधिकारी ]
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5.1. पोलीग्राफ, नार्को जांच और ब्रेन-मैपिंग - तीनों तरह के जांच में प्राप्त उत्तर को सबूत के रूप में नहीं लिया जायेगा |
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5.2. मामले की जांच-पड़ताल करने वाला पुलिस अफसर इस जांच में प्राप्त उत्तर के आधार पर आगे जांच करके और सबूत प्राप्त कर सकता है |
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5.3. जूरी की स्वीकृति से, नार्को जांच प्रभारी जूरी मुकदमा शुरू होने से पहले भी पोलीग्राफ, ब्रेन-मैपिंग या नारको जाँच करवा सकता है | वो जांच की प्रक्रिया भी पिछले धाराओं में बताई गयी प्रक्रिया के सामान होगी |
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5.4. जूरी की स्वीकृति बिना नार्को टेस्ट नहीं किया जा सकेगा। यदि आरोपी अपनी सहमति भी दे दे, तो भी नारको-जांच करवाने के लिए जूरी सदस्यों की स्वीकृति आवश्यक होगी।
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6. [ सभी के लिए निर्देश ]
यदि जूरी तय करती है कि नारको-जांच सार्वजानिक होगा तो मीडिया को लाइव प्रसारण के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
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7. यदि जाँच अधिकारी के बारे में कोई अनियमितता या पक्षपात की शिकायत आती है तो इसकी सुनवाई भी जूरी द्वारा की जायेगी। जूरी सदस्य चाहे तो जांच अधिकारी पर दंड लगा सकते है, या उसे जाँच से हटाकर किसी अन्य जांच अधिकारी को नियुक्त कर सकते है।
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-----नार्को टेस्ट अधिसूचना का समापन----
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इस क़ानून को गेजेट में लाने के लिए आप पीएम को ट्विट भेज सकते है।
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ट्वीट में यह लिखें – प्रधानमन्त्री जी, कृपया DSP देविंदर सिंह का जूरी द्वारा सार्वजनिक नार्को लेने के आदेश जारी करें - #NarcoTestInPublic , JuryTrialOnDspDevinder
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हैश कोड : #NarcoTestInPublic , JuryTrialOnDspDevinder , #JuryCourt
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Pawan Jury BhilwaraRj

Mon Jan 20 2020 14:13:20 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

मोदी साहेब ने दुबई / UAI की अदालतों को शक्ति दे दी है कि उनके आदेश भारत में लागू किये जा सकेंगे !!
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पीएम को यह ट्विट भेजें :
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PMOIndia , कृपया दुबई / यूएई अदालतों को भारत में NRI / भारतीयों की संपत्ति जब्त करने की शक्ति देने वाली अधिसूचना को तुरन्त रद्द करें।
#NoDubaiCourtInIndia #CancelDubaiCourtJurisdictionInIndia #CancelUaeCourtJurisdictionInIndia
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Pawan Jury BhilwaraRj

Mon Jan 20 2020 14:29:05 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

दुबई के उच्च न्यायालयों के आदेश ( जुर्माना लगाने वाले ) अब भारत में लागू हो जाएंगे !!! यह आदेश मोदी साहेब ने लागू किया है, और संघ के सभी कार्यकर्ता इसका समर्थन कर रहे है !! कोंग्रेस एवं आम आदमी पार्टी के सभी नेता एवं कार्यकर्ता भी इस आदेश के समर्थन में है !!
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सोनिया-मोदी-केजरीवाल और उनके कार्यकर्ता ब्रिटिश-अमेरिकी धनिकों के सामने बिछते ही रहे है। और इनके सभी कार्यकर्ता इनके ऐसे सभी फैसलों का समर्थन करते है !!
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मान लीजिये कि, दुबई में एक अप्रवासी, दुबई की अदालत में कोई वाद दायर करता है। या भारत का एक भारतीय दुबई की अदालत में दुबई की किसी कम्पनी के खिलाफ वाद दायर करता है। और मान लीजिये कि, दुबई कोर्ट उनकी संपत्ति को जब्त करने का आदेश जारी करता है !! तो अभी तक दुबई कोर्ट के ये आदेश सिर्फ दुबई तक ही लागू हो सकते थे।
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लेकिन अब मोदी साहेब ने एक क़ानून छापा है। जो कहता है कि, दुबई कोर्ट भारत में स्थित संपत्ति को जब्त करने के आदेश भी जारी कर सकेगी !! दुबई / यूएई में अदालत उस एनआरआई या गैर-एनआरआई की भारतीय संपत्ति की जब्ती का आदेश दे सकती है! !!
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मोदी साहेब का शुक्रिया कि उन्होंने यह क़ानून छापा। संघ के सभी कार्यकर्ताओ का विशेष रूप से शुक्रिया कि उन्होने इस क़ानून का समर्थन किया !! केजरीवाल जी एवं उनके सभी कार्यकर्ताओ का भी विशेष रूप से शुक्रिया जो इस क़ानून का गले गले पानी तक खड़े होकर समर्थन कर रहे है !!
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समाधान ?
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पीएम को निम्नलिखित ट्वीट भेजें : .
PMOIndia , कृपया दुबई / यूएई अदालतों को भारत में NRI / भारतीयों की संपत्ति जब्त करने की शक्ति देने वाली अधिसूचना को तुरन्त रद्द करें।
#NoDubaiCourtInIndia #CancelDubaiCourtJurisdictionInIndia #CancelUaeCourtJurisdictionInIndia
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मेरा ट्वीट - <https://twitter.com/PawanJury/status/1219260078223548417?fbclid=IwAR0K01TwQNmeJLfWY_H_kYfQi196DsvAJodYwEo5FSLIqFPDEIzk4Guy4bk>;
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यदि ज्यादा से ज्यादा मतदाता इसके विरोध का ट्विट भेजे तो प्रधानमंत्री को यह बकवास रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 22 2020 09:32:53 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

पड़पड़गंज विधानसभा (दिल्ली) से राईट टू रिकॉल पार्टी के प्रत्याशी - राकेश जी सूरी
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राकेश जी सूरी पड़पड़गंज विधानसभा से एक मात्र उम्मीदवार है जो नागरिको को वोट वापिस लेने का अधिकार दिलाने के लिए चुनाव लड़ रहे है।
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अन्य सभी पार्टियों के उम्मीदवार वोट लेने के लिए मैदान में है, और उनका मानना है कि दिल्ली राज्य के नागरिको के पास अपना वोट वापिस लेने का अधिकार कतई नहीं होना चाहिए !!
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 22 2020 10:04:00 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

नई दिल्ली विधानसभा से राईट टू रिकॉल पार्टी के प्रत्याशी - अजेय भाई
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अजेय भाई नई दिल्ली विधानसभा से एक मात्र उम्मीदवार है जो नागरिको को वोट वापिस लेने का अधिकार दिलाने के लिए चुनाव लड़ रहे है।
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अन्य सभी पार्टियों के उम्मीदवार वोट लेने के लिए मैदान में है, और उनका मानना है कि दिल्ली राज्य के नागरिको के पास अपना वोट वापिस लेने का अधिकार कतई नहीं होना चाहिए !!
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 22 2020 10:18:28 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

टीवी पर बैठकर डायलोग मारने से नहीं होता है। जूरी कोर्ट क़ानून गेजेट में छाप दो। उससे सीबीआई निदेशक वोट वापसी के दायरे में आ जाएगा, और दुसरे दिन ही वो अपने आप ही छापा मार देगा !! अगले दिन इसीलिए नहीं मार पायेगा क्योंकि मैडम सोनिया का रिमांड लेने में व्यस्त रहेगा। तीसरे दिन केजरीवाल जी के यहाँ भी विजिट हो जायेगी !!

<https://aajtak.intoday.in/story/prime-minister-narendra-modi-exclusive-interview-varanasi-on-aajtak-with-anjana-om-kashyap-1-1079139.html?fbclid=IwAR1zwKcsK4WrrdLwcE4bgux9cVFb5GhenMElMaPrxZAUsWfXIsA2Tpbvj_w>;
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जूरी कोर्ट क़ानून छापने के लिए आपको चिट्ठी भेजे हुए 4 महीने निकल गए !! प्रिंटर को बोलो गेजेट में छाप दे उसे। घंटे भर का काम है।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 22 2020 16:10:34 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

घोंडा ( दिल्ली ) विधानसभा से राईट टू रिकॉल पार्टी के प्रत्याशी - डॉ तेजपाल कटेवा
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डॉ तेजपाल कटेवा घोंडा विधानसभा से एक मात्र उम्मीदवार है जो नागरिको को वोट वापिस लेने का अधिकार दिलाने के लिए चुनाव लड़ रहे है।
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अन्य सभी पार्टियों के उम्मीदवार वोट लेने के लिए मैदान में है, और उनका मानना है कि दिल्ली राज्य के नागरिको के पास अपना वोट वापिस लेने का अधिकार कतई नहीं होना चाहिए !!
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 22 2020 16:14:12 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

लक्ष्मी नगर ( दिल्ली ) विधानसभा से राईट टू रिकॉल पार्टी की प्रत्याशी - सुश्री अणिमा ओझा
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अणिमा ओझा लक्ष्मी नगर विधानसभा से एक मात्र उम्मीदवार है जो नागरिको को वोट वापिस लेने का अधिकार दिलाने के लिए चुनाव लड़ रही है।
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अन्य सभी पार्टियों के उम्मीदवार वोट लेने के लिए मैदान में है, और उनका मानना है कि दिल्ली राज्य के नागरिको के पास अपना वोट वापिस लेने का अधिकार कतई नहीं होना चाहिए !!
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Pawan Jury BhilwaraRj

Wed Jan 22 2020 18:31:16 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

रिकॉलिस्ट से अनुरोध , पटपड़गंज से राकेश जी सूरी का नामांकन पत्र पास हो गया है।

यदि आप चुनाव वोट वापसी पासबुक की प्रिंटिंग हेतु योगदान देने के इच्‍छुक है तो निचे दिए गए खाते में योगदान राशी भेजें।

नाम:- Rakesh Suri
बैंक का नाम:- Canara Bank
ब्रांच:- East Patel Nagar
IFSC code CNRB0002010
बैंक खाता नम्बर:- 2010-1010-29034

राकेश सूरी
9560354335
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पटपड़गंज विधानसभा सीट से राईट टू रिकॉल पार्टी के उम्मीदवार
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Rakesh Suri Ghaziabad UpActivist:

रिकॉलिस्ट से अनुरोध,

मेरा नामांकन पत्र पास हो गया है ।

यदि आप चुनाव Rtr पैम्फलेट प्रिंटिंग हेतु योगदान देने के इच्‍छुक है तो मेरे चुनावी बैंक खाते मे योगदान राशी भेजें । यह मेरा (उम्मीदवार) का चुनाव बैंक खाता हैं।

नाम:- Rakesh Suri
बैंक का नाम:- Canara Bank
ब्रांच:- East Patel Nagar
IFSC code CNRB0002010
बैंक खाता नम्बर:- 2010-1010-29034

राकेश सूरी
9560354335

मैं राकेश सूरी दिल्ली से पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र से राइट टू रिकॉल, ज्‍यूरी कोर्ट, टी0सी0पी, अदालतों में मुकदमें की कार्यवायी आडियो/विडियों रिकार्डिग के अदंर हो जैसे मुददों पर विधानसभा चुनाव लड़ रहा हूं |

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Pawan Jury BhilwaraRj

Mon Jan 27 2020 11:12:18 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

जिंदा हाथी लाख का, मरा सवा लाख का !!
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यदि "हाथी" को हिन्दू शब्द से बदल दिया जाए तो कई राजनेता अपना झुण्ड बड़ा करने के लिए इस फार्मूले का इस्तेमाल करते है।
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1990, कश्मीर में जब हिंदुओं का नरसंहार शुरू हुआ तो पीएम कौन था ?
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संसद में पीएम को 273 सांसदों का समर्थन चाहिए। क्या उनकी पार्टी में 273 सांसद थे ? यदि नहीं, तो कौनसी राजनीतिक पार्टियाँ उन्हें समर्थन दे रही थी ?
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यदि पीएम ने सेना भेज दी होती, और आतंकवादियों को मार गिराया होता तो सिर्फ हफ्ते से पहले ही हिंदुओं का नरसंहार रुक गया होता।
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और यदि सांसदों ने समर्थन वापस लेने की धमकी दी होती, तो पीएम या तो पीएम सेना भेजता या फिर पीएम निकाल दिया जाता।
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तो सांसदों ने समर्थन वापस क्यों नहीं लिया, या समर्थन वापस लेने की धमकी क्यों नहीं दी ?
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दरअसल, वे जानते थे यदि हाथी मर जाते है तो इनकी कीमत बढ़ जायेगी।
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आज भी कई राजनेता "जिंदा हाथी लाख का, मरा सवा लाख का" फार्मूले का इस्तेमाल कर रहे है।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Jan 30 2020 21:01:29 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

राईट टू रिकॉल पार्टी की मांग है कि, जामिया में फायरिंग करने वाले युवक का जूरी के सामने सार्वजनिक नार्को टेस्ट लिया जाए, ताकि यह बात खुल सके कि इस ड्रामे का स्टेज किसने तैयार किया था -- छद्म राष्ट्रवादियों ने या छद्म सेकुलर वादियों ने !!
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पीएम को यह ट्वीट करें : @PMOindia , प्रधानमंत्री जी, शाहीनबाग के शूटर का जूरी के सामने सार्वजनिक नार्को टेस्ट के आदेश जारी करें - #NarcoTestJamiyaShooter , #JuryTrialOnJamiyaShooter
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राईट टू रिकॉल पार्टी Vs पेड मीडिया पार्टी
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पेड मीडिया द्वारा स्पोंसर की गयी सभी राजनैतिक पार्टियाँ एवं उनके कार्यकर्ता आरोपी का सार्वजानिक नार्को टेस्ट लेने का विरोध कर रहे है। उनका कहना है कि सुनवाई तो जज ही करेगा !!
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शाहीन बाग़ में प्रदर्शन कर रहे और उनका समर्थन कर रहे कार्यकर्ताओ को भी यह आदमी इतना अजीज है कि वे भी गोली चलाने वाले इस बन्दे का सार्वजानिक नार्को टेस्ट नहीं चाहते। वे पूरी दुनिया को यह दिखाना चाहते है कि देखो भारत में हम मुस्लिमो पर गोलियां चलायी जा रही है !!
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जिस तरीके का फोटो आया है, साफ़ नजर आता है कि यह ड्रामा स्टेज किया गया था। इस फोटो को अब अंतराष्ट्रीय मीडिया में छापा जायेगा ताकि यह साबित किया जा सके कि हिन्दू और मुसलमानो के बीच भारत में तनाव बढ़ रहा है।
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Pawan Jury BhilwaraRj

Thu Jan 30 2020 22:29:49 GMT+0000 (Coordinated Universal Time)

यदि जामिया में शूटिंग करने वाले युवक का जूरी के सामने सार्वजनिक नार्को टेस्ट लिया जाए तो यह बात खुल जायेगी कि इस ड्रामे का स्टेज किसने तैयार किया था -- छद्म राष्ट्रवादियों ने या छद्म सेकुलर वादियों ने !! क्योंकि इस तरह के ड्रामे से दोनों पक्षों को फायदा है।
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साथ ही शरजिल इमाम एवं के लिए भी मेरा यही प्रस्ताव है। जूरी उसका भी नार्को टेस्ट लेगी।
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( मुझे पता नहीं है कि उसने क्या कहा है, न ही मैंने उसकी वीडियो सुनी है। वजह यह है कि मैं वीडियो वगेरह सुनता नहीं हूँ। पर उस पर कुछ उकसाऊ कहने का आरोप है। अत: इसे भी जूरी के सामने पेश किया जाए। )
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CAA का जो भी अब रस्मी विरोध हो रहा है, उसका उद्देश्य अंतराष्ट्रीय है। जिस तरीके का फोटो आया है, साफ़ नजर आता है कि यह ड्रामा स्टेज किया गया था। इस फोटो को अब अंतराष्ट्रीय पेड मीडिया में सर्कुलेट किया जायेगा ताकि यह साबित किया जा सके कि हिन्दू और मुसलमानो के बीच भारत में तनाव बढ़ रहा है।
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जूरी द्वारा सार्वजनिक नार्को बिना इस तरह के ड्रामो की असलियत सामने कभी नहीं आती है। कुल मिलाकर मामला रफा दफा कर दिया जाता है। अभी तो कन्हैया कुमार के मामले का क्या हुआ यह भी कुछ पता नहीं चल रहा है। और ऐसे दर्जनों मामले है, जिन्हें पेड मीडिया के प्रयोजको द्वारा नैरेटिव खड़ा करने के लिए उछाला जाता है, और फिर गायब कर दिया जाता है। पेड मीडिया में जो भी मामले रिपोर्ट होता है, वह स्क्रिप्टेड होता है। कभी इधर वाला ध्रुव स्क्रिप्ट लिखता है, कभी उधर वाला। बस उतना ही फर्क है। और दोनों ध्रुवो के स्पोंसर बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मालिक है !!
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अनुराग ठाकुर पर भी इसी तरह की बयानबाजी करने का आरोप है, अत: उसका भी जूरी ट्रायल हो, ताकि यह पूरा ड्रामा सामने आ सके। वर्ना अभी तो यह शुरुआत है। पेड मीडिया के स्पोंसर एक्शन-रिएक्शन के सिद्धांत पर इस अलाव में इंधन डालते जायेंगे।
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यदि आप इन आरोपियों का सार्वजनिक नार्को टेस्ट चाहते है तो पीएम को यह ट्विट कर सकते है :
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@PMOindia , प्रधानमंत्री जी, जामिया के शूटर एवं शरजिल इमाम का जूरी के सामने सार्वजनिक नार्को टेस्ट के आदेश जारी करें - #NarcoTestJamiyaShooter , #JuryTrialOnJamiyaShooter
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पेड मीडिया द्वारा स्पोंसर की गयी सभी राजनैतिक पार्टियाँ एवं उनके कार्यकर्ता शरजिल इमाम एवं शूटर गोपाल का सार्वजानिक नार्को टेस्ट लेने का विरोध कर रहे है। उनका कहना है कि सुनवाई तो जज ही करेगा !!
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कई लोगो को इस तरह के सर्कस में रोमांच मिलता है, अत: वे नार्को टेस्ट के प्रस्ताव को सिरे से ही खारिज कर देते है। शाहीन बाग़ में प्रदर्शन कर रहे और उनका समर्थन कर रहे कार्यकर्ताओ को यह आदमी इतना अजीज है कि वे भी गोली चलाने वाले इस बन्दे का सार्वजानिक नार्को टेस्ट नहीं चाहते !!
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वे पूरी दुनिया को यह दिखाना चाहते है कि देखो भारत में हम मुस्लिमो पर गोलियां चलायी जा रही है !! और CAA का समर्थन करने वाले कार्यकर्ता भी शरजिल इमाम का जूरी के सामने नार्को टेस्ट नहीं चाहते।
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तस्कीन करने के लिए आप इन दोनों ध्रुवो के नेताओं एवं कार्यकर्ताओ से पूछ सकते है कि वे प्रधानमंत्री को शरजिल इमाम / गोपाल का जूरी द्वारा सार्वजनिक नार्को टेस्ट लिए जाने की मांग करने का ट्विट कर सकते है क्या ? वे या तो साफ़ मना कर देंगे या फिर अभी "राईट टाइम" नहीं आया, पीएम को ट्विट भेजने से कुछ नहीं होता है, या इसी टाइप का कोई बहाना बनाकर इस मांग को रफा दफा कर देंगे !!
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जूरी का गठन :
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(1) जूरी का गठन मेरठ / दिल्ली राज्य की मतदाता सूचियों से लोटरी द्वारा किया जाएगा।
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(2) जूरी सदस्यों का आयु वर्ग 25 से 55 वर्ष होगा।
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(3) जूरी का आकार 30 से 50 नागरिक होगा।
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(4) सुनवाई रोजाना होगी और 11 बजे से सांय 4 बजे तक सुनवाई चलेगी।
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(5) जूरी बहुमत द्वारा लाइ डिक्टेटर टेस्ट का फैसला करेगी और यदि उन्हें किसी साजिश का अंदेशा होता है तो 3/4 के बहुमत से वे नार्को टेस्ट के आदेश जारी कर सकते है।
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(6) सुनवाई के दौरान जज उपस्थित रहेगा। जूरी अपना निर्णय जज को सुनाएगी, और अंतिम फैसला देने का अधिकार जज के पास ही होगा।
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(7) जज चाहे तो जूरी के फैसले में संशोधन कर सकता है, और फैसले को पूरी तरह से पलट सकता है।
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एक बार इस तरह से जूरी ट्रायल हो गया तो अगले दिन से इस तरह के मामलो में 90% तक की गिरावट आ जायेगी।
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