Pawan Jury BhilwaraRj
यदि जामिया में शूटिंग करने वाले युवक का जूरी के सामने सार्वजनिक नार्को टेस्ट लिया जाए तो यह बात खुल जायेगी कि इस ड्रामे का स्टेज किसने तैयार किया था -- छद्म राष्ट्रवादियों ने या छद्म सेकुलर वादियों ने !! क्योंकि इस तरह के ड्रामे से दोनों पक्षों को फायदा है।
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साथ ही शरजिल इमाम एवं के लिए भी मेरा यही प्रस्ताव है। जूरी उसका भी नार्को टेस्ट लेगी।
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( मुझे पता नहीं है कि उसने क्या कहा है, न ही मैंने उसकी वीडियो सुनी है। वजह यह है कि मैं वीडियो वगेरह सुनता नहीं हूँ। पर उस पर कुछ उकसाऊ कहने का आरोप है। अत: इसे भी जूरी के सामने पेश किया जाए। )
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CAA का जो भी अब रस्मी विरोध हो रहा है, उसका उद्देश्य अंतराष्ट्रीय है। जिस तरीके का फोटो आया है, साफ़ नजर आता है कि यह ड्रामा स्टेज किया गया था। इस फोटो को अब अंतराष्ट्रीय पेड मीडिया में सर्कुलेट किया जायेगा ताकि यह साबित किया जा सके कि हिन्दू और मुसलमानो के बीच भारत में तनाव बढ़ रहा है।
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जूरी द्वारा सार्वजनिक नार्को बिना इस तरह के ड्रामो की असलियत सामने कभी नहीं आती है। कुल मिलाकर मामला रफा दफा कर दिया जाता है। अभी तो कन्हैया कुमार के मामले का क्या हुआ यह भी कुछ पता नहीं चल रहा है। और ऐसे दर्जनों मामले है, जिन्हें पेड मीडिया के प्रयोजको द्वारा नैरेटिव खड़ा करने के लिए उछाला जाता है, और फिर गायब कर दिया जाता है। पेड मीडिया में जो भी मामले रिपोर्ट होता है, वह स्क्रिप्टेड होता है। कभी इधर वाला ध्रुव स्क्रिप्ट लिखता है, कभी उधर वाला। बस उतना ही फर्क है। और दोनों ध्रुवो के स्पोंसर बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मालिक है !!
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अनुराग ठाकुर पर भी इसी तरह की बयानबाजी करने का आरोप है, अत: उसका भी जूरी ट्रायल हो, ताकि यह पूरा ड्रामा सामने आ सके। वर्ना अभी तो यह शुरुआत है। पेड मीडिया के स्पोंसर एक्शन-रिएक्शन के सिद्धांत पर इस अलाव में इंधन डालते जायेंगे।
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यदि आप इन आरोपियों का सार्वजनिक नार्को टेस्ट चाहते है तो पीएम को यह ट्विट कर सकते है :
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@PMOindia , प्रधानमंत्री जी, जामिया के शूटर एवं शरजिल इमाम का जूरी के सामने सार्वजनिक नार्को टेस्ट के आदेश जारी करें - #NarcoTestJamiyaShooter , #JuryTrialOnJamiyaShooter
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पेड मीडिया द्वारा स्पोंसर की गयी सभी राजनैतिक पार्टियाँ एवं उनके कार्यकर्ता शरजिल इमाम एवं शूटर गोपाल का सार्वजानिक नार्को टेस्ट लेने का विरोध कर रहे है। उनका कहना है कि सुनवाई तो जज ही करेगा !!
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कई लोगो को इस तरह के सर्कस में रोमांच मिलता है, अत: वे नार्को टेस्ट के प्रस्ताव को सिरे से ही खारिज कर देते है। शाहीन बाग़ में प्रदर्शन कर रहे और उनका समर्थन कर रहे कार्यकर्ताओ को यह आदमी इतना अजीज है कि वे भी गोली चलाने वाले इस बन्दे का सार्वजानिक नार्को टेस्ट नहीं चाहते !!
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वे पूरी दुनिया को यह दिखाना चाहते है कि देखो भारत में हम मुस्लिमो पर गोलियां चलायी जा रही है !! और CAA का समर्थन करने वाले कार्यकर्ता भी शरजिल इमाम का जूरी के सामने नार्को टेस्ट नहीं चाहते।
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तस्कीन करने के लिए आप इन दोनों ध्रुवो के नेताओं एवं कार्यकर्ताओ से पूछ सकते है कि वे प्रधानमंत्री को शरजिल इमाम / गोपाल का जूरी द्वारा सार्वजनिक नार्को टेस्ट लिए जाने की मांग करने का ट्विट कर सकते है क्या ? वे या तो साफ़ मना कर देंगे या फिर अभी "राईट टाइम" नहीं आया, पीएम को ट्विट भेजने से कुछ नहीं होता है, या इसी टाइप का कोई बहाना बनाकर इस मांग को रफा दफा कर देंगे !!
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जूरी का गठन :
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(1) जूरी का गठन मेरठ / दिल्ली राज्य की मतदाता सूचियों से लोटरी द्वारा किया जाएगा।
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(2) जूरी सदस्यों का आयु वर्ग 25 से 55 वर्ष होगा।
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(3) जूरी का आकार 30 से 50 नागरिक होगा।
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(4) सुनवाई रोजाना होगी और 11 बजे से सांय 4 बजे तक सुनवाई चलेगी।
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(5) जूरी बहुमत द्वारा लाइ डिक्टेटर टेस्ट का फैसला करेगी और यदि उन्हें किसी साजिश का अंदेशा होता है तो 3/4 के बहुमत से वे नार्को टेस्ट के आदेश जारी कर सकते है।
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(6) सुनवाई के दौरान जज उपस्थित रहेगा। जूरी अपना निर्णय जज को सुनाएगी, और अंतिम फैसला देने का अधिकार जज के पास ही होगा।
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(7) जज चाहे तो जूरी के फैसले में संशोधन कर सकता है, और फैसले को पूरी तरह से पलट सकता है।
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एक बार इस तरह से जूरी ट्रायल हो गया तो अगले दिन से इस तरह के मामलो में 90% तक की गिरावट आ जायेगी।
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