> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2019-01-13

Pawan Jury BhilwaraRj

अयोध्या में राम जन्म भूमि के बारे में कोंग्रेस द्वारा 1993 में प्रस्तुत अध्यादेश का प्रारूप सामने आया है। कोंग्रेस ने संसद ने यह अध्यादेश पास कराने की कोशिश की थी किन्तु संघ के सांसदों के विरोध के कारण अध्यादेश पास नहीं हो सका था। प्रस्ताव यह था कि - 3 एकड़ विवादित भूमि के आलावा आस पास की 60 एकड़ भूमि को भी अधिगृहित किया जाएगा और इस भूमि पर राम मंदिर, मस्जिद, पुस्तकालय एवं म्यूजीयम बनाया जायेगा.

कोंग्रेस के प्रस्ताव के विवरण यहाँ देखें -- <https://goo.gl/XUdUkM>;
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हमारा प्रस्ताव है कि पीएम "राष्ट्रीय हिन्दू देवालय प्रबंधन ट्रस्ट" नाम से एक ट्रस्ट की स्थापना करेंगे और जनमत संग्रह करवाने के बाद इस भूमि का अधिग्रहण करके भूखंड ट्रस्ट को सौंप देंगे। ट्रस्ट के अध्यक्ष को चुनने एवं नौकरी से निकालने का अधिकार "हिन्दू नागरिको" के पास होगा। इस तरह ट्रस्ट के पास इस भूखंड का स्वामित्व आ जाएगा और तब ट्रस्ट इस पर मंदिर का निर्माण करेगा। हमारे प्रस्ताव में मस्जिद शामिल नहीं है.

हमारा प्रस्ताव - "राष्ट्रीय हिन्दू देवालय प्रबंधक ट्रस्ट" का प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट :
<https://www.facebook.com/ProposedLawsHindi/posts/838551942989668>;
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और संघ का प्रस्ताव क्या है ?

जीरो !! शून्य !! अंडा !! प्रस्ताव की रूपरेखा की जगह उनके पास भाषण है , नारे है , रैलियां है , रथ यात्राएं है और खाने के लिए सौगंधे है !!! संघ के कार्यकर्ताओ को अपना प्रस्ताव सामने रखना चाहिए कि वे वहां कितनी भूमि पर चर्च बनाना चाहते है और मंदिर के लिए हिन्दुओ को कितनी जगह मिलेगी। यदि वे प्रारूप सामने रखे तो बेहतर होगा , वर्ना बाद में वे कहेंगे कि हमने मंदिर बनाने का वादा किया था लेकिन यह वादा तो नहीं किया था न कि वहां पर चर्च नहीं होगा !! और चर्च मंदिर से बड़ा न होगा। राजनीति में सबसे चतुर रणनीति खामोश रहना है। कोंग्रेस के प्रस्ताव में मंदिर और मस्जिद है किन्तु चर्च नहीं है। लेकिन संघ के प्रस्ताव में क्या है , यह किसी को पता नहीं है।
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