> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2019-01-09

Pawan Jury BhilwaraRj

राजीव भाई दीक्षित की हत्या की जांच की मांग करने वाले फर्जी राजीव वादियों की पहचान :
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राजीव भाई का फर्जी समर्थक - ये राजिव भाई के मुकदमे की सुनवाई भ्रष्ट जजों से करवाना चाहते है , ताकि आरोपियों का नारको टेस्ट न लिया जा सके। क्योंकि ये लोग अंदरखाने नहीं चाहते कि राजीव भाई की हत्या के आरोपियों के नाम सामने आये और उन्हें सजा हो। तो ये लोग राजीव भाई की हत्या के आरोपियों की ज्यूरी ट्रायल एवं उनके सार्वजनिक नारको टेस्ट का हमेशा विरोध करते है !! विरोध करने का इनका तरीका यह है कि ये लोग जूरी सिस्टम एवं नारको टेस्ट पर हमेशा खामोश रहते है, और जब आप उनसे जूरी ट्रायल और सार्वजनिक नारको टेस्ट के क़ानून ड्राफ्ट्स पर रुख स्पष्ट करने के लिए कहेंगे तो ये कोई जवाब नहीं देंगे , और यदि आप जवाब पाने के लिए इन्हें कुरेदना शुरू करेंगे तो आपको "राजीव भाई अमर रहे" का नारा तीन बार सुनायेंगे और उल्टे आपको राजिव भाई का फर्जी समर्थक कहने लगेंगे !! दरअसल जिस तरह बीजेपी राम मंदिर मुद्दे को उठा कर वोट इकट्ठे करती है लेकिन कभी नहीं चाहती कि राम मंदिर बने, क्योंकि मंदिर बनने से मंदिर बनवाने का हवाला देकर वोट इकट्ठे करने का अवसर हाथ से निकल जायेगा उसी तरह से ये लोग राजीव भाई के हत्यारों को पकड़ने का मुद्दा उठाकर सभी राजीव भाई के समर्थको को इकट्ठा करके अपने संगठन को बड़ा करना चाहते है।
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अपने इस दोहरे चरित्र को कवर करने के लिए ये लोग अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर राजीव भाई का फोटो चिपका लेते है , अपने नाम के आगे पीछे राजीव भाई का नाम जोड़ लेते है , हर तीसरे वाक्य में "राजीव भाई अमर रहे" का नारा लगाते है , किन्तु अपनी जब आप इनकी फेसबुक प्रोफाइल चेक करेंगे तो आपको वहां उस क़ानून के ड्राफ्ट का ड भी नहीं मिलेगा जिसके गेजेट में आने राजीव भाई के हत्यारों का जूरी ट्रायल हो और उनका सार्वजनिक नार्को टेस्ट हो !!
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राजीव भाई का सच्चा समर्थक : राजीव भाई का सच्चा समर्थक आपसे कहेगा कि -

1) छत्तीसगढ़ राज्य की मतदाता सूचियों में से रेंडमली 500 नागरिको की ज्यूरी का गठन किया जाए, तथा इस ज्यूरी को संदिग्ध व्यक्तियों का नार्को टेस्ट लेने का अधिकार हो। और
2) इस मामले की तहकीकात के लिए राईट टू रिकॉल जांच अधिकारी की नियुक्ति की जाए।
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चूंकि मामला 8 वर्ष पुराना है, अतः भौतिक सबूतों को प्राप्त करने की संभावनाएं लगभग शून्य है। सबूत बरामद करने के लिए यह निहायत ही जरुरी है कि संदिग्धों का जूरी द्वारा सार्वजनिक नार्को टेस्ट लिया जाए। और सबसे महत्त्वपूर्ण पहचान यह कि राजीव भाई का सच्चा समर्थक आपको जूरी सिस्टम एवं सार्वजनिक नार्को टेस्ट का ड्राफ्ट भी देगा।
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"एकतावादी" कार्यकर्ता सबसे अधिक अलगाव वादी होता है , क्योंकि उसकी मंशा लोगो को एक करने की नहीं बल्कि "खुद के निचे" एक करने की होती है। तो राजीव भाई के समर्थको से मेरा आग्रह है कि वे उन लोगो के झांसे में न आए जो राजीव भाई की फोटो और नाम अपनी प्रोफाइल पर चिपका कर और उनके नाम पर नारे लगा रहे है , लेकिन उन कानूनों का विरोध कर रहे है जिनसे राजीव भाई के हत्यारों की पहचान करके उन्हें दंड दिया जा सकता है।
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