Pawan Jury BhilwaraRj
कुंजी ; #WeaponManufacturing
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हथियारों के निर्माण में "मेड इन इण्डिया मेड बाय इन्डियन्स" नीति लागू करने के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट का सारांश :
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1. यह क़ानून सिर्फ 'सम्पूर्ण रूप से भारतीय नागरिको के स्वामित्व वाली कम्पनियों' ( WOIC = Wholly Owned by Indian Citizens ) पर लागू होगा।
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2. रक्षा मंत्री निम्नलिखित हथियारों की परिभाषाएं प्रकाशित करेंगे एवं इनको दी गयी श्रेणियों में सूचीबद्ध करेंगे -
2.1. श्रेणी प्रथम ; "हथियार जिनके लिए रजिस्ट्रेशन जरुरी नहीं है" - रक्षा मंत्री इनकी सूची जारी करेंगे।
2.2. श्रेणी द्वितीय ; "रजिस्ट्रेशन आवश्यक परंतु लाइसेंस जरूरी नहीं" - (A) छोटी बंदूके (B) मध्यम आकार की बंदूके (C) बड़ी बंदूके (D) होवित्ज़र (E) टेंक (F) कारतूस, गोले एवं उनके प्रकार (G) प्रक्षेपास्त्र (H) लड़ाकू विमान (I) अन्य सैन्य उपकरण तथा उनके प्रकार
2.3. श्रेणी तृतीय ; "जिनके लिए लाइसेंस आवश्यक हो" - (J) आणविक हथियार (K) रासायनिक हथियार (L) जैविक हथियार (M) अन्य श्रेणी के हथियार।
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3. भारत सरकार इंसास राइफल, 303, 202, .22 रिवोल्वर और भारतीय पुलिस द्वारा प्रयोग की जाने वाली सभी बंदूकें, जो "इंसास से कम" स्तर की है, उनके डिजाईन सार्वजनिक करेगी। कोई भी नागरिक इस डिजाईन से, बिना किसी लाइसंस के, केवल पंजीकरण करवाकर, बंदूक या बन्दुक के पुर्जे या बंदूक की गोलियाँ बनाने की फैक्ट्री शुरू कर सकता है। कोई भी नागरिक बुलेट-प्रूफ जैकेट भी बना सकता है।
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4. जिन हथियारों के लिए सिर्फ पंजीकरण अनिवार्य है, ऐसे हथियारों के उत्पादन के लिए रक्षा मंत्री Woic कम्पनियों के लिए आवश्यक निर्देश जारी करेंगे। रक्षा मंत्री निर्देशित करेंगे कि कौनसी जानकारियाँ इन कम्पनियों को प्रकाशित करनी होंगी तथा कौनसी जानकारियाँ कम्पनियां स्वयं के पास गुप्त रख सकेंगी।
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5. गैर Woic कम्पनियों को तीनों श्रेणियों तथा अन्य किसी भी श्रेणी के हथियारों के उत्पादन हेतु पंजीकरण तथा लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
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6. हथियारों का उत्पादन कर रही कंपनियों के बीच कोई विवाद हो या कोई नागरिक या सरकारी अफसर को ये लगता है कि किसी फैक्ट्री का मालिक किसी कानून को तोड़ रहा है, तो मामले का निपटारा जज द्वारा नहीं, बल्कि जिले के मतदाताओं की जूरी द्वारा होगा। ज्यूरी सदस्यों का चयन जिले की वोटर लिस्ट में से 30 और 55 के आयुवर्ग में से किया जाएगा। मामले की अपील राज्य जूरी और राष्ट्रिय जूरी में की जा सकती है।
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यदि आप इस क़ानून का समर्थन करतें है तो प्रधानमंत्री कार्यालय , दिल्ली को एक पोस्टकार्ड भेजें। पोस्टकार्ड पर यह लिखें --- " प्रधानमंत्री जी, इस क़ानून को गैजेट में छापें - <https://newindia.in/WeaponManufacturing> "
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- https://l.facebook.com/l.php?u=https%3A%2F%2Fnewindia.in%2FWeaponManufacturing&h=AUDpR7z4P3EN7u0XZgd1ohryRO6bgWUFpGtKn9qOa6OeHLYXLRrBh5Q_J7lwW_EdeH-EKA2Xmq35R1ERQSGJ7Zx5h-9UjPMmxw-SQyko3QNXwiUD21i6adCPnFifusi2arm1KiAe196iYpjGcWBBbkd4Vm_7JG779LQQhEUX05W5gaG8&s=1
- https://www.facebook.com/hashtag/weaponmanufacturing?__eep__=6