> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2019-01-27

Pawan Jury BhilwaraRj

कुंजी ; #RightToBearGun5
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हथियारबंद नागरिक समाज - बन्दुक रखना अनिवार्य करने के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट का सारांश :
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कृपया ध्यान दें – यह क़ानून देशव्यापी जनमत संग्रह के बाद ही लागू होगा । यदि देश के कुल मतदाताओं के 51% नागरिक इस क़ानून पर हाँ दर्ज करते है , तो प्रधानमंत्री इसे गेजेट में प्रकाशित करेंगे , अन्यथा नहीं करेंगे। जनमत संग्रह की प्रक्रिया के लिए पूरा ड्राफ्ट देखें।
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1. प्रधानमंत्री प्रत्येक जिले में एक जिला हथियार अधिकारी की नियुक्ति करेंगे। प्रधानमन्त्री जिला हथियार अधिकारी पर राईट टू रिकॉल प्रक्रियाए गेजेट में प्रकाशित करेंगे।
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2. रक्षा मंत्री इन श्रेणियों में हथियारों की एक सूची प्रकाशित करेंगे - (A) छोटी बंदूके (B) मध्यम आकार की बंदूके (C) बड़ी बंदूके (D) होवित्ज़र (E) टेंक (F) कारतूस, गोले एवं उनके प्रकार (G) प्रक्षेपास्त्र (H) लड़ाकू विमान (I) अन्य सैन्य उपकरण तथा उनके प्रकार।
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3. कोई भी नागरिक जिसकी उम्र 22 वर्ष से अधिक तथा कुल संपत्ति 10 लाख से अधिक हो ( इस संपत्ति में एक घर जिसकी कीमत 1 करोड़ तथा फर्नीचर जिसकी कीमत 10 लाख हो, को शामिल नहीं किया जाएगा ), उस नागरिक के लिए एक छोटी बन्दूक तथा 100 कारतूस अपने घर पर रखना अनिवार्य होगा। यदि संपत्ति 20 लाख से अधिक है तो मध्यम आकार की बन्दुक एवं सम्पत्ति 30 लाख से अधिक होने पर बड़ी बन्दुक रखना अनिवार्य होगा।
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4. 22 वर्ष से अधिक उम्र का कोई भी नागरिक छोटी, मध्यम या बड़े आकार की कोई भी दो बन्दूक अपने घर पर रख सकेगा , जिन्हें पुलिस प्रमुख कार्यालय में रजिस्टर कराना आवश्यक होगा।। दो से अधिक बन्दुक रखने के लिए उसे पुलिस प्रमुख से लाइसेंस लेना होगा।
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5. जिला हथियार अधिकारी, जिला पुलिस कमिश्नर या कोई भी नागरिक, किसी भी व्यक्ति के हथियार रखने को प्रतिबंधित करने के लिए जिला महा-जूरी मंडल से ज्यूरी ट्रायल के लिए निवेदन कर सकेगा। जूरी मामला सुनकर तय करेगी कि आरोपी को हथियार रखने की अनुमति दी जाए या नहीं, या उसे कितनी अवधि के लिए प्रतिबंधित किया जाए।
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6. यदि कोई नागरिक या जिला हथियार अधिकारी महा-जूरी मंडल से शिकायत करता है कि, कोई व्यक्ति निर्धारित नियमों के अनुसार बंदूक या कारतूस अपने घर पर नहीं रख रहा है तो जूरी मंडल मामला सुनकर ऐसे व्यक्ति पर उसकी संपत्ति के 5% के अनुपात तक जुर्माना ( इस संपत्ति में 1 करोड़ का घर तथा 10 लाख तक का फर्नीचर शामिल नहीं किया जाएगा ) और / या 2 माह के कारावास की सजा सुना सकेंगे। अपवादित मामलों को छोड़कर, प्रथम अपराध के लिए यह जुर्माना 2% तक, द्वितीय अपराध के लिए 4% तक तथा तीसरे तथा अन्य अपराधों के लिए यह जुर्माना 5% तक हो सकेगा। प्रथम अपराध कारावास द्वारा दंडनीय नहीं हो सकेगा।
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7. जिला हथियार अधिकारी प्रतिदिन महा-जूरी मंडल की उपस्थिति में मतदाता सूची से 0.01% वयस्क नागरिको का चयन लॉटरी से करेगा। जिला हथियार अधिकारी या उसके कर्मचारी लॉटरी से चुने हुए नागरिकों के यहाँ जाकर ये सुनिश्चित करेगा कि वे नागरिक निर्धारित नियम के अनुसार बन्दूक तथा कारतूस रख रहे है या नहीं।
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यदि आप इस क़ानून का समर्थन करतें है तो प्रधानमंत्री कार्यालय , दिल्ली को एक पोस्टकार्ड भेजें। पोस्टकार्ड पर यह लिखें --- " प्रधानमंत्री जी, इस क़ानून को गैजेट में छापें - <https://newindia.in/causes/RightToBearGun5>;
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