> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2019-01-28

Pawan Jury BhilwaraRj

स्वतंत्रता सैनानी को श्रद्धांजली

Ishwar Choudhary BhilwaraRj:

महाराणा प्रताप सिंह जी मेवाड़ की पुण्यतिथि पर उनको नमन हैं।
.
Born
9 May 1540
Kumbhalgarh Fort, Mewar, Rajasthan
.
Died
29 January 1597 (aged 56)
Chavand, Mewar, Rajasthan
.
महाराणा प्रताप के जीवन से हमे यह प्रेरणा मिलती है की किस प्रकार स्वछंद लडाई / इंडिपेंडेंट एक्टिविज्म अर्थात की गुर्रिला आन्दोलन सफल होता है।महाराणा प्रताप ने सभी जातियों और धर्मो को युद्ध में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त हथियारों की एहमियत के विषय में भी प्रेरणा मिलती है। यदि महाराणा प्रताप और मेवाड़ के नागरिकों के पास उच्च तकनिकी हथियार होते तो मेवाड़ को आज़ादी के लिए इतने वर्ष संगर्ष नहीं करना पड़ता। यह महाराणा प्रताप के संघर्ष की सबसे बड़ी कमजोरी रही। जिसको वो पूरे जीवन पूर्ति नहीं कर पाये।
.
किन्तु महाराणा प्रताप को भी संसाधन मिले उनसे उन्होंने सभी जातियों धर्मो को साथ लेकर मेवाड़ को जज़िया कर मुक्त रखना, स्त्रियों का अपहरण रोकना, मंदिरों की रक्षा और अकबर की गुलामी से आजाद रखने के लिए पूरी ईमानदारी और निष्ठा से अपना कर्म किया।
.
देशभर के बड़े बड़े बुद्धिजीवियों ने उनको पराजय स्वीकार करने और जिद्द त्यागने की सलाह दी और बहुत समझाया की अकबर को हराना नामुमकिन है किन्तु महाराणा प्रताप हमेशा संभावनाओं और परिस्थितियों को पुर्णतः त्यागने का आग्रह करते थे और केवल उचित कर्म और नैतिक धर्म को निभाना ही सच्ची विजय मानते थे। प्रताप का यही नारा था की मिटटी महादेव एकलिंगनाथ की हैं और हम सब उनके चाकर हैं - सो जो द्रड़ रखे धरम ने तिहि रखे करतार , जो इण वचण रो जाप करे वो मेवाड़ी सरदार।
.
मेरा सभी से निवेदन है की प्रताप जयंती केवल घर पे ही मनाएँ अपने परिवार के पड़ोस के वृद्ध और बुढे लोगों से आशीर्वाद लेवें। एक दिन टीवी न देखते हुए क्रिकेट न खेलते हुए बुक्स पढ़ें और माँ बाप के साथ टाइम बिताएँ। किन्तु वाहनरैली प्रदर्शन भाषण में भागीदार हुये तो थोड़ी सम्भावना है की किसी पार्टी या राजनैतिक समूह के कुचक्र में जाने अनजाने में हिस्सेदार बन सकते हैं। अतः एक दिन खुद को समय देवें परिवार और भाइयों को टाइम देवें। और महाराणा प्रताप के दुखी जीवन की कल्पना करें और अपने इष्ट से प्रार्थना करें की भारत को कभी एसे बुरे दिन कभी नहीं देखने पढ़ें।
.
जो लोग महाराणा प्रताप के जीवन से हथियारों की अहमियत के बारे में प्रेरणा लेते हैं वो भारत के सभी पढ़े लिखे, आर्थिक रूप से सम्पन्न और एक निश्चित आयु सीमा के नागरिकों को हथियार रखने के अधिकार के ड्राफ्ट की माँग अपने निकटवर्ती सांसद और विधायक से करें।
.
ड्राफ्ट का लिंक और जानकारी >>>
.
हथियारबंद नागरिक अधिनियम का ड्राफ्ट ---------
सभी नागरिको को शस्त्र विद्या के अनिवार्य प्रशिक्षण और हथियार रखने की छूट - <https://web.Facebook.com/ishwar.jury/posts/1804965023069291>;
.
यहाँ ध्यान देने योग्य बात ये है की आरएसएस, विहिप, बीजेपी, कांग्रेस, आप, बीएसटी, क्षत्रिय संगठन (सभी) आदि दुसरे सभी संघटन नागरिकों को शक्तिशाली बनाने के पूर्ण विरोधी हैं और इन सभी गुटों के अंध समर्थक इस माँग का पूर्ण विरोध करते हैं। अतः इन सभी संगठनो का त्याग करें और अकेले ही घर में जयंती मनाएँ।