> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2019-01-29

Pawan Jury BhilwaraRj

#Minerals3

देश के प्राकृतिक संसाधनों को नागरिको की सम्पत्ति घोषित करने के लिए प्रस्तावित "असली धन वापसी" क़ानून ड्राफ्ट का सारांश : इस क़ानून का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक संपदा की लूट रोकना एवं नागरिको को सामाजिक सुरक्षा देना है।
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(1) इस कानून के गेजेट में छपने के बाद केंद्र सरकार के अधीन भारत के सभी प्राकृतिक संसाधनों जैसे खनिज सम्पदाएं, स्पेक्ट्रम, सरकारी भूमि , जंगल , पहाड़ आदि के मालिक भारत के नागरिक होंगे, सरकार नहीं। सरकार इन प्राकृतिक संसाधनों की ट्रस्टी रहेगी, तथा नागरिको की मंशा के अनुरूप इनका प्रबंधन करेगी। जल संसाधनों पर यह क़ानून लागू नही होगा।
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(2) यह क़ानून भारत की प्राकृतिक संपदाओ को बेचने पर सख्त रूप से प्रतिबन्ध लगाता है। प्राकृतिक सम्पदाएँ सिर्फ लीज एवं किराए पर दी जा सकेगी। लीज एवं किराए पर देने की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से नीलामी द्वारा होगी एवं यह नीलामीयां 100% पारदर्शी होंगी। नीलामी की प्रक्रिया का विस्तृत ब्यौरा ड्राफ्ट में दिया गया है।
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(3) प्रधानमंत्री एक राष्ट्रीय भूमि किराया अधिकारी = NLRO नियुक्त करेंगे। NLRO को नौकरी से निकालने का अधिकार भारत के मतदाताओं के पास होगा। यदि खनिज संपदाओ की नीलामी या भूमि के किराये के बारे में किसी घपले की शिकायत आती है तो मामले की सुनवाई 25 से 55 वर्ष के आम नागरिको की ज्यूरी करेगी। ज्यूरी के गठन की प्रक्रिया ड्राफ्ट में दी गयी है।
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(4) रोयल्टी एवं किराए से प्राप्त राशि को एक खाते में जमा किया जाएगा। NLRO इसमें से 33% राशी सेना को एवं शेष 66% राशि सभी भारतीयों में "बराबर" वितरित करेगा। 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति को 33% अधिक , एवं 75 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को 66% अधिक राशि मिलेगी। इसके अलावा राशि की मात्रा पुत्र, पुत्रियों की संख्या, शारीरिक या मानसिक विकलांगता आदि तत्वों पर भी निर्भर करेगी। अधिक संतान होने पर मिलने वाला पैसा क्रमश: कम होता चला जायेगा।
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इस क़ानून के गेजेट में आने से निम्न परिवर्तन आयेंगे।
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A) देशी, विदेशी धनिकों द्वारा सरकार से गठजोड़ बनाकर प्राकृतिक संसाधनों की जो लूट की जा रही है, उस पर पूरी तरह लगाम लगेगी। उदाहरण के लिए पिछले 70 सालो से टाटा समूह झारखण्ड में 1 रू सालाना रोयल्टी की दर पर कोयला खोद रहा है। जब भारतीय नागरिक खनिज संपदा के मालिक घोषित हो जायेंगे तो टाटा को बाजार भाव से रोयल्टी चुकानी होगी। इस तरह प्रत्येक खनिज में हो रहा खरबों रूपये का घपला रूक जाएगा।
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B) सेना का बजट बढ़ने से भारतीय सेना की शक्ति बढ़ेगी, तथा नागरिको को सामाजिक सुरक्षा प्राप्त होगी।
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C) धन के समान वितरण से निम्न एवं मध्य वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ेगी, इससे वस्तुओ की मांग बढ़ेगी व मांग बढ़ने से स्थानीय निर्माण इकाइयों में वृद्धि होगी। स्थानीय निर्माण बढ़ाने के लिए एक अतिरिक्त प्रस्ताव आयात शुल्क बढ़ाकर 100% करने का है।
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D) बेकार पड़ी जमीनो के बाजार में आने से जमीनों की कीमतों में कमी आएगी जिससे आवास की समस्या हल होगी एवं निर्माण इकाइयां की लागत में कमी आएगी। निर्माण इकाइयाँ बढ़ने से बेरोजगारी कम होगी , आयात घटेगा , निर्यात बढेगा , गरीबी कम होगी एवं लागत कम होने से महंगाई में भी कमी आएगी।

यदि आप इस प्रस्ताव का समर्थन करते है तो पीएम को यह पोस्टकार्ड भेजें – प्रधानमंत्री जी , कृपया इस क़ानून को गेजेट में छापें : Newindia.in/causes/minerals3
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