> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2019-01-13

Pawan Jury BhilwaraRj

सरकार जल्द ही 8 वी क्लास तक फेल न करने की नीति में बदलाव करने वाली है। 10 साल में पूरी नस्ल को तबाह करने के बाद उन्हें यह नजर आया है कि 8 तक फेल न करने की नीति के कारण बच्चे के गणित का स्तर एकदम बर्बाद हो गया है।
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"15 लाख बच्चो पर किये गए सर्वे के बाद यह पाया गया कि 10 वीं क्लास में बच्चे गणित में कक्षा 3 के बच्चो से भी बदतर प्रदर्शन कर रहे है !!"

<https://timesofindia.indiatimes.com/home/education/exams-in-classes-v-viii-to-return-as-no-detention-policy-fails-national-test/articleshow/64346885.cms>;
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लेकिन कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। मोदी साहेब ने इस क़ानून को रद्द करने से पहले ही एक ऐसा क़ानून एडवांस में छाप दिया है जिससे गणित में छात्रों का स्तर बर्बाद होना जारी रहेगा !! मोदी साहेब ने जो क़ानून छापा है उसके अनुसार अब 10 वी क्लास के बच्चे यदि गणित नहीं समझ पा रहे है तो उन्हें टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। अब उनके पास सरल प्रश्न पत्र लेने का विकल्प भी होगा। तो आपको अब गणित में खुद को खपाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आप सरल प्रश्न पात्र हल करके पास हो सकते है !!

पेड मीडिया के अनुसार इससे बच्चों पर पड़ रहा अतिरिक्त दबाव कम होगा , और वे डांस, संगीत, वाद्य यंत्र , क्रिकेट , खेलकूद , अभिनय , कला आदि महत्त्व्पूर्ण गतिविधियों में खुद को इन्वेस्ट कर सकेंगे। और फिर भी उन्हें पढ़ने की लत हो तो समाज शास्त्र , इतिहास एवं लोक प्रशासन की कहानियां पढ़ सकते है।
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पेड मीडिया और बॉलीवुडिया भाँडो को बच्चो पर पड़ रहे दबाव की बेहद चिंता रहती है, और वे हर समय इस फ़िक्र में रहते है कि बच्चो पर पड़ रहे पढाई के तनाव को कैसे कम किया जाए। और उनका मानना है कि शिक्षा का सारा तनाव गणित और विज्ञान की वजह से है।
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आमिर खान इस मामले में विशेषज्ञ है। "तारे जमीन पर" देखकर प्रत्येक अभिभावक को यह लगने लगता है कि यदि उसके बच्चे को किताबें समझ नहीं आ रही है तो बच्चे को चाहे फिल्म वाली दुर्लभ बीमारी भले ही न हो , तब भी उन्हें मासूम बच्चे पर पढ़ने का दबाव नहीं बनाना चाहिए। बच्चे को वो करने दिए जाए जो वो करना चाहता है !! हो सकता है बच्चे में महान पेंटर या कलाकार बनने का गुण छिपा हो !!
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फिर थ्री इडियट में इससे और आग बढ़ते है और "थ्री इडियट" में एक आई आई टीयन को के गले में कैमरा लटका देते है , और उसे बोलते है की गणित समझ नहीं आ रही तो कोई दिक्कत नहीं है , तुम इसमें खुद को खपाने की जगह जंगल में जाकर तस्वीरें उतारो !!
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फिर उन्होंने सोचा कि सिर्फ फोटोग्राफरो और पेंटरो से पूरा नहीं पड़ेगा , कुछ छात्रों को खेलकूद में भी धकेलना चाहिए। अब वे "दंगल" ले आये। तो महिलाओ को सशक्त करने का उन्होंने तरीका निकाला कि उन्हें पहलवान बनाया जाए। जितनी ज्यादा छात्राएं खेलकूद में भाग लेगी उतना ज्यादा महिला सशक्ति करण होगा !! और मेडल जीतने के लिए यदि आप ड्रग नहीं जुटा सको तो कम से कम मांस तो खाना शुरू कर ही देना चाहिए !! और सबसे सस्ता और सबसे ज्यादा प्रोटीन किस मांस में होता है यह जानकारी समय समय पर बीजेपी के सांसद उदित राज अपने ट्वीट द्वारा देते रहते है। और उदित राज के अनुसार यह मांस है - बीफ !! बाकी का काम टीवी पर होने वाली बच्चो की बारामासी डांस एवं गायन प्रतियोगिताओ ने संभाल रखा है। अपनी तरफ से इसमें थोड़ा बहुत योगदान कौन बनेगा करोड़पति भी दे देता है।
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अब 2030 में फिर एक सर्वे किया जाएगा जिसमे यह बात निकल कर सामने आएगी कि 10 वीं में सरल प्रश्न पत्र का विकल्प देने से तो 90% बच्चो ने सरल प्रश्न पत्रों को ही चुना और इस वजह से देश में करोड़ो डिग्री धारी खच्चरो का उत्पादन हो गया है। और फिर वे सुधार के नाम पर फिर नया क़ानून लाएंगे जो भारत में गणित-विज्ञान के स्तर को और भी बदतर बनाएगा।
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इनका इलाज सिर्फ राईट टू रिकॉल , जूरी सिस्टम कानूनों द्वारा ही किया जा सकता है। अन्य कोई विकल्प नहीं। राइट टू रिकॉल , जूरी सिस्टम कानूनों के बिना सोनिया-मोदी-केजरीवाल जैसे लिजलिजे नेताओ के माध्यम से बहुराष्ट्रीय कम्पनियो के मालिक हमारे गणित-विज्ञान के स्तर को इसी तरह से तोड़ते रहेंगे।
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