Pawan Jury BhilwaraRj
पहले इस तरह की नीति थी कि, एयरपोर्ट की जमीन का इस्तेमाल गैर उड्डयन गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकेगा। इस वजह से नीलामी में बोली ऊँची नहीं जा पायी। इस्तेमाल के अवसर सिकुड़े हुए होने के कारण जमीन बेहद सस्ते दामो में बिकी। लेकिन अब जमीन खरीदने वालो से घूस खाकर सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी कर दिए है कि एयरपोर्ट की भूमि का इस्तेमाल गैर उड्डयन गतिविधियों के लिए भी किया जा सकेगा !!! और इस तरह इन जमीनों को खरीदने वाले अब असीमित मुनाफा कमाएंगे !!
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http://www.financialexpress.com/india-news/delhi-airport-mumbai-airport-land-gmr-gvk-new-aviation-policy-supreme-court/813147/
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क्या कोई तरीका है जिससे सुप्रीम कोर्ट के जजों के इस भ्रष्टाचार को रोका जा सके ? क्या कोई तरीका है जिससे यह पता लगाया जा सके कि सुप्रीम कोर्ट में बैठे भ्रष्ट जजों ने यह आदेश निकालने के लिए कितने सौ करोड़ की घूस खायी है ?
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१) यदि नागरिको के पास सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश को चुनने और नौकरी से निकालने का अधिकार को तो जज इस तरह की बदमाशी करना बंद कर देंगे। यदि फिर भी वे ऐसा करेंगे तो नागरिक बहुमत का प्रदर्शन करके ऐसे भ्रष्ट जजों को नौकरी से निकाल सकेंगे। एक जज की नौकरी जाने से बाकी के जज रातों रात सुधर जायेंगे।
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२) इस प्रकार के ऊँचे और संगठित भ्रस्टाचार को खोलने के लिए आरोपियों का नागरिको की ज्यूरी द्वारा सार्वजनिक नारको टेस्ट लिया जाना चाहिए। इंजेक्शन लगने से ये जज ताबड़तोड़ बोलने लगेंगे कि उन्होंने किस मामले का फैसला देने में कितनी घूस खायी है। तब बयान के आधार पर तहकीकात करके जाँच एजेंसिया इनके खिलाफ भौतिक सबूत जुटा सकती है। सबूत मिलने के बाद जूरी जज साहेब को हवालात में भेज सकेगी।
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इस प्रस्तावित कानूनों के ड्राफ्ट देखने के लिए मेरी फेसबुक प्रोफाइल के कवर पेज को क्लिक करें।
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नोट - सोनिया-मोदी-केजरीवाल एवं इनके सभी अंध भगत राईट टू रिकॉल सुप्रीम कोर्ट जज एवं सार्वजनिक नारको टेस्ट के कानूनों का विरोध कर रहे है। अत: आपको दोनों में से एक ही विकल्प चुनना पड़ेगा। या तो आप जजों / नेताओं / अधिकारियो आदि का भ्रष्टाचार चुने या फिर इन कानूनों का समर्थन करना चुने। अन्य कोई विकल्प नहीं।
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"वेल्थ टेक्स ग्रुप"
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