Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate

Pawan Jury BhilwaraRj:

हमें उन विदेशियों का बहिष्कार करना चाहिए जो भारत में आकर कारोबार करके कर मुक्त रुपया कमाते है और भारत एवं हिन्दू धर्म की प्रतिष्ठा का पूरी दुनिया में उपहास बनाने के लिए हमारी संस्कृति का गलत तरीके से विद्रूप निरूपण करते है।
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राजीव भाटिया उर्फ़ अक्षय कुमार नामक विदेशी नागरिक इसी तरह का इंसान है। इस आदमी ने भारत की नागरिकता को सिर्फ इसीलिए लात मार दी, क्योंकि इसे टेक्स बचाना था !! कोई भी देश जो टेक्स इकट्ठा करता है उससे सबसे पहले सेना की जरूरते पूरी की जाती है। हमारे पास सिर्फ 12 लाख की सेना है जो कि चीन की सेना से आधी से भी कम है। इसके अलावा हमारी सेना के पास हथियारो की भी हमेशा से कमी रहती है। क्योंकि उतना पैसा नहीं है। पर राजिव भाटिया का मानना है कि कनाडा में टेक्स भरने से भारत की सेना मजबूत होती है, यदि वे भारत को टेक्स देंगे तो भारत की सेना कमजोर हो जायेगी !! उन्हें भारत की सेना की काफी फ़िक्र रहती थी। अत: भारत की सेना को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने भारत की नागरिकता छोड़ दी !! पर यह अकेला कारण नहीं है जिसकी वजह से इसे भारत में एक राष्ट्रवादी व्यक्ति माना जाता है !! और भी है।
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इस आदमी को हिन्दू धर्म का मजाक बनाने में भी दिलचस्पी है। इसकी कई फिल्मो में एक पंडित / ज्योतिषी का किरदार रहता है। और इसे मूर्ख या कमीना ही दिखाया जाता है। इसके अलावा ये ओह माय गॉड जैसी गलीज फिल्मो में काम करके हिन्दू धर्म की खिल्ली उड़ाने का कोई अवसर नहीं छोड़ता। महाशिवरात्रि पर सुबह पौ फटते ही ये आदमी ट्विट करके अपने प्रशंसकों को यह सन्देश दे देता है कि -- शिवलिंग पर दूध चढाकर दूध बर्बाद न करे।
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मोदी साहेब अपने भाषण हिंदी में देते है। अत: अब तक सिर्फ भारत के लोग ही जान पाए है कि "खुले में शौच जाना अच्छी बात नहीं है" !! दरअसल मोदी साहेब यह स्थापित करने में बड़ी मेहनत कर रहे है कि भारत के लोगो को खुले में शौच करने की लत है। घर में शोचालय होने से भी भारत के लोग खुले में ही निवृत होते है !! इस बात को और भी पूरी दुनिया में पहुचाने के लिए अब राजिव भाटिया टॉयलेट - एक प्रेम कथा फिल्म लेकर आये है। और इस फिल्म का प्रचार पूरी दुनिया में कर रहे है। ताकि पूरी दुनिया में यह प्रोपोगेन्डा किया जा सके कि -- "भारत के लोगो को शौचालय में निवृत होने से परहेज और खुले में निवृत होने से प्रेम है।
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यह सामान्य समझ का विषय है कि लोग खुले में इसीलिए जाते है क्योंकि उनके घर में शौचालय नहीं है। शौचालय इसीलिए नहीं है क्योंकि घरो तक पानी की लाइने नहीं है, बनवाने को पैसे नहीं है। पानी इसीलिए नहीं है क्योंकि भारत में पानी के मीटर का क़ानून नहीं है। और शौचालय और पानी की लाइन डालने का जो फंड आता है उसे मेयर और सरपंच खा जाते है। वे यह पैसा इसीलिए खा जाते है क्योंकि जनता के पास इन्हें नौकरी से निकालने का अधिकार नहीं है। और गरीबी भी एक बड़ी वजह है। जो कच्चे घरो में या स्लम में रहते है उनके पास खुले में शौच जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
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मोदी साहेब, सोनिया गाँधी एवं अरविदं केजरीवाल , ये तीनो लोग जानते है कि -- राईट टू रिकॉल सरपंच एवं राईट टू रिकॉल मेयर के आने से भ्रष्टाचार में कमी और सेनिटेशन के काम में तेजी आएगी। पानी के मीटर का क़ानून आने से सभी घरो तक पानी पहुँचाने के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा। वेल्थ टेक्स आने से भारत के स्लम और कच्चे घरो में रहने वाले सभी लोग आसानी से एक किचन एक रूम का फ्लेट अफोर्ड कर सकेंगे। किन्तु ये तीनो नेता जब से राजनीति में है तब से इन कानूनों का विरोध कर रहे है। क्योंकि इनकी रुचि समस्या के समाधान में नहीं बल्कि इनकी रुचि पूरी दुनिया को यह बताने में है कि भारत के लोग गवांर, उज्जड, जंगली , गरीब और जाहिल है।
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और इसी वजह से मोदी साहेब ने अब तक कई सौ करोड़ सिर्फ इस बात का प्रचार करने में खर्च किया है कि भारत के लोग अस्वच्छ है और सुअरों की तरह गंदगी फैलाना उनका शगल है। दरअसल जब वे भारतीयों से इस तरह की अपील करते है कि -- "गंदगी मत फैलाओ", तो दरअसल उनकी मंशा इस बात का प्रचार करने में होती है कि भारत के लोग गंदे है और गन्दी फैलाने में उन्हें विशेष दिलचस्पी है। दुबई में लगभग 60% नागरिक भारतीय है। और वे निचले तबके से आते है। किन्तु वे वहां बिलकुल भी गंदगी नहीं फैलाते !! किन्तु यही भारतीय भारत में लेंड करते ही फिर से गंदगी फैलाने लगते है !! वजह उपदेश नहीं है। शासन और क़ानून है। क्योंकि जब दुबई का नागरिक भारत में आएगा तो यहाँ की व्यवस्था देखकर वह भी जाने अनजाने गंदगी फैलाने लगेगा।
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और राजिव भाटिया इन सभी नेताओं का समर्थन करके उन सभी कानूनों का विरोध करता है जिनसे भारत में सेनिटेशन की व्यवस्था में सुधार आये। क्योंकि भारत में यह सुधार आने से इसे पैसा नहीं आएगा। इसे पैसा तब आता है जब मिशनरीज और बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मालिक खुश होते है। और बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मालिक इस तरह के चित्रण से बेहद खुश होते है जिसमे भारतीय संस्कृति एवं धर्म की खिल्ली उडाई जाए।
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तो यदि आप व्यवस्था में सुधार लाना चाहते है तो इन ख्याति लोलुप एवं मौका परस्त नेताओं / अभिनेताओं को प्रोत्साहन देना बंद करे और उन कानूनों को लागू करवाने का प्रयास करे जिससे समस्याओ का वास्तविक समाधान निकले।
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कानूनों के प्रस्तावित ड्राफ्ट यहाँ देखें --- https://www.facebook.com/ProposedLawsHindi/posts/563544197157112
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"वेल्थ टेक्स ग्रुप"
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