Pawan Jury BhilwaraRj

चिंटू - मास्टर जी, ये बीजेपी पिछले 60 साल का हिसाब क्यों नहीं दे रही है ? कब देगी ?
मास्टर जी - अयं !! अरे चिंटू 60 साल का हिसाब तो कोंग्रेस देगी न। बीजेपी कैसे दे देगी ?
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चिंटू - मास्टर जी, क्या बेवकूफ बना रहे हो मुझे। हिसाब तो बीजेपी देगी। कोंग्रेस क्यों देने लगी ?
मास्टर जी - अरे चिंटू, सत्ता में तो 60 साल तक कोंग्रेस थी न। तो 60 साल में जो घोटाले कोंग्रेस ने किये है उनका हिसाब तो कोंग्रेस ही देगी न ?
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चिंटू - अरे, किसने कहा आपसे ये ?
मास्टर जी - अरे सभी यही कह रहे है, कोंग्रेस को अपने 60 साल के घोटालो का हिसाब देना चाहिए।
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चिंटू - मास्टर जी, दुनिया में कोई ऐसा आदमी मिलेगा जो खुद ही घोटाले करे और खुद ही उनका खुलासा भी कर दे !!!
मास्टर जी - नहीं ऐसा तो कोई नहीं करेगा।
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चिंटू - तो बस। फिर आप कोंग्रेसियो को इतना फ़रिश्ता समझते हो क्या कि वे अपने घोटालो का हिसाब खुद जनता को देंगे ?
मास्टर जी - अरे नहीं। कोंग्रेस के नेता बहुत सयाने है। खुद से चलकर तो देने वाले नहीं है। पर बीजेपी क्यों देगी ?
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चिंटू - क्योंकि बीजेपी अभी सत्ता में है। पिछले दस साल में कोंग्रेस ने बहुत घोटाले किये। कोयला, 2G, कोमन वेल्थ और भी न जाने कितने। और रोबर्ट वढेरा भी मीलो जमीन खा गया। बीजेपी ने कहा था कि -- कोंग्रेस ने और भी खूब घोटाले किये है, पिछले 60 सालो में। हमें सत्ता में लेकर आओ हम इनके सभी घोटाले खोल देंगे और इनका चमड़ा तोड़ कर रख देंगे।
मास्टर जी - हाँ कहा तो था।
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चिंटू - तो मास्टर जी, अभी तो बीजेपी सत्ता में है। तीन साल निकल चुके है। आज तक कोंग्रेस के किसी भी नेता पर कोई भी कार्यवाही क्यों नहीं हुई है ? इसका मतलब क्या है ? बीजेपी को सत्ता क्या मंजीरे बजाने के लिए दी है !! मतलब तो यही हुआ न कि कोंग्रेस ने पिछले 60 साल में कोई घोटाला किया ही नहीं। और अगर किया था तो बीजेपी उन्हें खोल क्यों नहीं रही है ? क्या इन्होने कोंग्रेस से पैसे खाकर समझौता कर लिया है ?
मास्टर जी - हाँ, ये बात तो ठीक कही तुमने।
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चिंटू - बात ठीक कही कहने से काम नहीं चलेगा मास्टर जी। मुझे हिसाब चाहिए। पिछले 60 साल का न हो तो पिछले 10 साल का तो दिलवाओ। 60 साल का तो पता नहीं, पर पिछले 10 साल में कोंग्रेस ने भर भर के घोटाले किये है। मेरे सामने की बात है। उनका तो हिसाब तुरंत हो जाए तो अच्छा है।
मास्टर जी - अरे तो मैं कहाँ से दिलवाऊं। मैं बीजेपी में थोड़ी हूँ।
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चिंटू - तो अभी थोड़ी देर पहले बीजेपी की तरफदारी क्यों कर रहे थे ?
मास्टर जी - मैंने कब तरफदारी की ?
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चिंटू - अभी तो कह रहे थे कि कोंग्रेस को 60 साल का हिसाब देना चाहिए।
मास्टर जी - अरे मैं तो खुद ही गफलत में था। सब कोंग्रेस से हिसाब मांग रहे है तो मैं भी उनसे भी मांगने लगा। ध्यान नहीं रहा।
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चिंटू - क्यों ?
मास्टर जी - अरे इन्होने प्रोपेगेंडा ही ऐसा कर दिया था कि ध्यान ही नहीं रहा। पहले तो कह रहे थे कि हम जैसे ही सत्ता में आए वैसे ही गांधी फांधी सब या तो जेल में होंगे या फिर देश छोड़कर भाग जायेगे। पर सत्ता में आकर बीजेपी सूंठ बनकर बैठ गयी है। और भगतो के भेजे में यह बात ठूंस दी कि, तुम जाकर कोंग्रेस से हिसाब मांगो !!! जब कि हिसाब बीजेपी को देना था !!! गजब हो गयी। और इसी हड़बोंग में 3 साल निकल गए। एक भी चोट्टे को सजा नहीं हुई। सजा छोड़ो, जांच तक शुरू नहीं हुई है।
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चिंटू - वोई तो। पर कोई उज्र नहीं। अभी तो दो साल बाकी है। आप बीजेपी के नेताओं और उनके अंध भगतो से कहो कि कोंग्रेस के घोटालो का हिसाब देवे। वर्ना ऐसे झूठलो को अब वोट नहीं देंगे। मैं भी पूछूंगा।
मास्टर जी - ओके। पर साला जो सत्ता में आता है वह आते ही रंग बदल लेता है !! कमाल की बात है !! कुर्सी मिलते ही बीजेपी भी कोंग्रेस हो गयी।
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चिंटू - अरे मास्टर जी, यह सारा चक्कर राईट टू रिकॉल क़ानून न होने से है। अगर नागरिको के पास प्रधानमंत्री को नौकरी से निकालने की प्रक्रिया होती तो......
मास्टर जी - हाँ, तो ये सब नेता एक दिन में ही सीधे हो जाते। वो मुझे मालूम है। मैंने ही बताया था।
चिंटू - ठीक है ठीक है। मैं तो बस वैसे ही कह रहा था।
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'वेल्थ टेक्स ग्रुप'
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