Pawan Jury BhilwaraRj
कैसे नोटबंदी ने एक रिटायर्ड वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को बर्बाद कर दिया।
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लगभग 40 साल पहले एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (*) ने एक कुख्यात दस्यु (**) को गिरफ्तार किया था। इसके लिए उसे पुरुस्कृत (***) किया गया और पुरस्कार में उसे जो नकदी मिली वह 100-100 के नोटों में थी। पुलिस अधिकारी ने इन नोटों को अपनी तिजौरी में संभालकर रख लिया। अक्टूबर 2016 में पुलिस अधिकारी ने जब देखा कि इतने साल बीत जाने के कारण इन नोटों का कागज़ गलने और रंग उड़ने लगा है तो वो बैंक में पहुंचा तथा बैंक मैनेजर से इन नोटों को नए नोटों से बदल देने का आग्रह किया। लेकिन बैंक के पास 100 के नोट नहीं थे, अतः बैंक मैनेजर ने पुलिस अधिकारी को इन नोटों के बदले 500 के नोट दे दिए। इस तरह अक्टूबर-2016 में, यानी कि नोटबंदी आने से पहले ही पुलिस अधिकारी के सभी 100 के नोट 500 के नोटों में बदले जा चुके थे।
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एक महीने बाद ही मोदी साहेब ने विमुद्रीकरण की घोषणा करके 500 के नोटों को बंद कर दिया।
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पुलिस अधिकारी अपने नोटों को बदलवाने के लिए बैंक में पहुंचा।
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लेकिन बैंक मैनेजर ने उसके नोटों को बदलने से इनकार कर दिया और यहाँ तक कि उसने अधिकारी को ये नोट खाते में जमा करने की अनुमति भी नहीं दी !!
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क्यों ?
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रिटायर्ड पुलिस अधिकारी एक कृषक था, और कृषि से होने वाली आय कर मुक्त होती है। और पुलिस विभाग में नौकरी होने के कारण उसकी पेंशन काफी कम थी। उसे जो पेंशन मिलती थी वह "वरिष्ठ नागरिक" की कर मुक्त आय की सीमा के भीतर है थी। इस वजह से पुलिस अधिकारी को कभी भी इनकम टेक्स रिटर्न फ़ाइल करने की जरुरत नहीं पड़ी, और इसी वजह से उसने कभी अपना पेन कार्ड नहीं बनवाया !!
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और जब वह उस खतरनाक डाकू से मुठभेड़ कर रहा था तब उस डाकू ने उसके दोनों हाथ काट दिए थे !!! और फिंगर प्रिंट नहीं होने के कारण यह पुलिस अधिकारी अपना आधार कार्ड नहीं बनवा सका था।
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उसके गाँव में अब तक बिजली नहीं पहुंची थी, अतः उसके पास बिजली का बिल भी नहीं था !!!
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उसके पास सिर्फ वोटर कार्ड था। लेकिन चूंकि उसके दोनों हाथ काटे जा चुके थे, अतः उसने कई वर्षो से वोट नहीं किया था। 20 साल पुराना वोटर आई डी एक्सपायर हो चुका था और उसे कभी इसका नवीनीकरण कराने की जरुरत नहीं पड़ी थी !!!
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तो मैनेजर ने 20 साल पुराने वोटर आई डी के आधार पर उसका खाता खोलने से मना कर दिया !!! बैंक मैनेजर ने उसे साफ़ शब्दो में यह कह दिया कि, --- KYC के बिना खाता नहीं खुलेगा, और बिना खाते के आप पुराने नोट जमा नहीं करा सकते !!!
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बैंक मैनेजर ने पुलिस अधिकारी को सुझाव दिया कि उन्हें अपना पैसा अपने पुत्र या किसी नजदीकी रिश्तेदार के खाते में जमा करवा देना चाहिए !! लेकिन उस डाकू ने पुलिस अधिकारी की पुत्रवधु को छोड़कर परिवार के सभी सदस्यो की हत्या कर दी थी !! लेकिन पुलिस अधिकारी की यह विधवा पुत्रवधु भी कई वर्षो पहले मर चुकी थी। क्योंकि उसी डाकू ने उस व्यक्ति को मार डाला था, जिसे वह प्रेम करती थी। भावुक विधवा यह सदमा सह नहीं पायी और अवसाद ने उसकी जान ले ली !! और इस तरह रिटायर्ड पुलिस अधिकारी के परिवार में कोई भी जीवित सदस्य नहीं बचा था।
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यह पुलिस अधिकारी आज भी अपने 500 के नोट लिए रो रहा है। न तो वह उन्हें बदलवा सकता है, और KYC के अभाव में न ही अपने खाते में जमा करवा सकता है !!!
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और चूंकि वह एक जाना-माना उसूलो वाला व्यक्ति है अतः वह ब्लेक मार्केट में जाकर अपने पुराने नोटों को नए नोटों में नहीं बदलवा सकता !!!
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इतना साहसी, कर्तव्यपरायण, ईमानदार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जिसने अपना फर्ज निभाने के लिए अपने दोनों हाथ गवां दिए आज नोटबंदी के बाद अपने 500 के नोट लिए इधर से उधर भटक रहा है !!! क्योंकि उसके पास KYC नहीं है !!!
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पुलिस अधिकारी उस डाकू को जान से मार देना चाहता था लेकिन परिस्थितवश एन मौके पर उसे उस डाकू को जेल में भेजने का फैसला लेना पड़ा !! लेकिन डाकू को फांसी नहीं हुयी। जज ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। और आज वह डाकू अट्टहास कर रहा है --- "हा हा हा, देखो तुमको मुझे गिरफ्तार करने के लिए इनाम मिला, लेकिन वो इनाम तुम्हारे किसी काम का नहीं है" !!!
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(**) डाकू -- G सिंह पुत्र H सिंह
(*) पुलिस अधिकारी - बलदेव सिंह T
तारीख जब उसने डाकू को पकड़ा था -- 15 अगस्त 1975
(***) ईनामी राशि -- पूरे 50 हजार ( मौजूदा स्थिति में 50 लाख तक कर मुक्त )
अमुक पुलिस अधिकारी ने उस डाकू को गिरफ्तार किया था, इसका वीडियो प्रूफ देखने के लिए यह लिंक देखें -- https://en.wikipedia.org/wiki/Sholay
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लिंक देखने के बाद पूरा पोस्ट फिर से पढ़े !!
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कहानी का सबक यह है कि --- नकदी एक बुरा निवेश है। सोना रखिये।
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