Pawan Jury BhilwaraRj
सोनिया-मोदी-केजरीवाल कैश लेस सोसाइटी का समर्थन इसीलिए कर रहे है क्योंकि वे भारत पर अमेरिकी सरकार के नियंत्रण को और भी बढ़ाना चाहते है। कैसे ? सिर्फ एक बटन दबाकर अमेरिका गूगल के माध्यम से भारत के सभी एंड्रॉइड फोन्स को बंद कर सकता है !!! और बटन दबाने के साथ ही एंड्रॉइड एप्लिकेशन पर चल रहे सभी फोन्स बंद हो जाएंगे !!
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और अमेरिकी सरकार भारत के पूरे या आंशिक नेटवर्क को बंद कर सकती है और इसका इल्जाम पाकिस्तान या चाइना पर डाल सकती है !!
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दूसरे शब्दो में अमेरिकी धनिको ने हम भारतियों को भुगतान के उस सिस्टम को स्वीकार करने के लिए बाध्य/राजी कर लिया है जिसे अमेरिका किसी भी समय बंद कर सकता है !!!
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अमेरिकी-ब्रिटिश धनिको की ये महत्त्वाकांक्षी परियोजना सफलता पूर्वक लागू हो रही है। वे ऐसा डिजिटल भारत रच रहे है जिसमें हर तरफ ट्रोजन इंस्टाल किये गए है !!
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यदि सोनिया-मोदी-केजरीवाल को भारतीय हितो की परवाह होती तो वे कैशलेस सोसाइटी के लिए निम्न प्रक्रिया अपनाते :
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(1) चिप्स/डिवाइस/सर्वर आदि का 100% निर्माण भारत में तथा भारतीयों द्वारा किया जाना चाहिए।
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(2) ऑपरेटिंग सिस्टम, सॉफ्टवेयर, एप्स आदि 100% भारतीयों द्वारा निर्मित तथा इनका निर्माण भी भारत में।
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(3) डिवाइस आदि को कनेक्ट करने वाला कम्युनिकेशन नेटवर्क 100% "मेड इन इण्डिया और मेड बॉय इन्डियन"।
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(4) एक सर्वर विहीन पियर टू पियर भुगतान व्यवस्था जिस पर 'ओपन बिट कॉइन' का व्यवहार किया जा सके तथा यह भारत सरकार द्वारा समर्थित हो।
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लेकिन सोनिया-मोदी-केजरीवाल ने इस नीति का अनुसरण करने की जगह भारतीयों को मजबूर किया कि वे एंड्राइड बेस भुगतान सिस्टम का इस्तेमाल करे ताकि भारत की अर्थव्यस्था को ठप करना अमेरिका के अंगूठे के निचे रहे !!
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समाधान ?
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१) ज्यूरी सिस्टम, राईट टू रिकॉल कानूनों को लागू करके हम वह क्षमता जुटा सकते है जिससे भारतीय स्थानीय इकाइयों की क्षमता बढ़ेगी और हम ये सभी निर्माण करने में सक्षम हो जाएंगे। अतः नागरिको को इन कानूनों को गेजेट में प्रकाशित करने के लिए प्रयास करने चाहिए।
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२) सभी नागरिको से आग्रह है कि वे देश हित में सोनिया-मोदी-केजरीवाल का पीछा करना छोड़ दे। ये लोग भारत के लिए ज़हर बन चुके है।
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