Pawan Jury BhilwaraRj
500-1000 के नोटों के रूप में जमा काले धन को सफ़ेद करने के लिए मंदिरो, चर्चो और मस्जिदों (गुरुद्वारों का नहीं) का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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काले धन का संग्रह करने वाले ज्यादातर लोग अपना गठजोड़ मंदिरो, मस्जिदों और चर्चो से बनाकर रखते है।
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अतः: वे अपने काले धन के 1000 के नोटों को मंदिरो/मस्जिदों/चर्चो के दान पात्र में जमा कर सकते है। और यह दावा कर सकते है कि यह पूरा दान दिवाली के दौरान प्राप्त हुआ था। और फिर मंदिर आदि के ट्रस्टी इस पैसे को बैंक में जमा करवा सकते है।
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और बाद में ट्रस्टी यह राशि 2000 के नोटों में निकलवा कर खर्चे में दिखा कर दानदाता को फिर से लौटा सकते है।
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गुरूद्वारे ऐसा सर्कस नहीं चला सकते, क्योंकि गुरद्वारों के मुखिया चुनकर आते है और उनके खर्चो का पर्यवेक्षण स्थानीय सिक्खो द्वारा बहुत गहनता से किया जाता है।
आम तौर पर मंदिर काले धन की इस प्रकार की धुलाई करने एवज में लगभग 5-10% तक शुल्क लेते है।
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किन्तु इस समय वे 15-20% तक वसूलेंगे।
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इस तरह 31 दिसम्बर तक यह मालूम होगा कि, रद्दी किये गए इन 500-1000 के नोटों में से कितने नोट नए नोटों में बदल कर फिर से बाजार में लौट आते है।
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ऐसे दसियों तरीके है, जिनकी सहायता से पुराने नोटों को नए नोटों में बदला जा सकता है।
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