Pawan Jury BhilwaraRj
बड़े नोटों का यह अमुद्रीकरण सिर्फ एक बार के लिए लाभ पहुंचाएगा, किन्तु हमें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी ---- लोग अब अपना पैसा सोने में निवेश करेंगे, और इससे भारत का विदेशी मुद्रा कोष तेजी से सूखेगा। सोने के आयात में वृद्धि होने से रूपये की कीमत और भी गिरेगी और हम पर विदेशी मुद्रा भार बढ़ेगा !!!
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अगले 20 वर्षो तक कोई भी निवेशक नकदी में निवेश नहीं करेगा। काले धन के सभी निवेशक अपनी नकदी को सोने में बदलने की और प्रवृत होंगे। इसीलिए आने वाले समय में सोने की मांग बढ़ेगी --- कानूनी भी, और गैर कानूनी भी !!
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सोने का आयात बढ़ेगा, इससे विदेशी मुद्रा कोष सूखेगा, और रुपया की कीमत और भी गिरेगी।
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तो इस तरह से, रूपये का यह अमुद्रीकरण काले धन को कम करने की दिशा में नजदीकी फायदा तो देगा, लेकिन अर्थव्यवस्था को दीर्घकालीन नुकसान पहुंचाएगा।
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