Pawan Jury BhilwaraRj
सबूत दीजिए कि ---- "बीजेपी और संघ गौ हत्या में कमी लाने वाले क़ानून का प्रबल विरोध करते है । साथ ही वे अयोध्या में राम, मथुरा में कृष्ण व काशी में विश्वनाथ देवालय के निर्माण को संभव बनाने वाले क़ानून का भी प्रबल विरोध करते है । वे ऐसे कानूनो का भी विरोध करते है, जिससे मंदिरो के प्रशासन को बेहतर बनाया जा सके"
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कुछ कायकर्ताओं ने हमारे द्वारा दिए गए इस वक्तव्य की पुष्टि के लिए सबूत की माँग की है । हो सकता है कि, मेरे द्वारा रखे गए सबूत उन्हें विश्वसनीय न लगे । इसलिए, मैं ऐसी प्रक्रिया प्रस्तुत कर रहा हूँ, जिससे आप स्वयं इसका सबूत जुटा कर पुष्टि कर सकते है ।
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सबूत हासिल करने के चरण
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१. पहले आप उनसे गौ हत्या कम करने और राम मंदिर निर्माण के लिए आवश्यक क़ानूनो के ड्राफ़्ट देने को कहिए -- वे या तो मना कर देंगे या आपको टालने के लिए कहेंगे कि, हम ड्राफ़्ट "बाद "में देंगे, अभी ड्राफ़्ट कमेटी इस पर विचार कर रही है, विमर्श चालू है आदि !!
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२. तब आप किसी भी ऐसे क़ानून का ड्राफ़्ट उनके पास लेकर जाइए जिससे राम मंदिर का निर्माण सम्भव हो सके और उनसे इसे पास करने का कहिए । तो वे आपको जवाब देंगे कि -- हमारे पास राज्य सभा में बहुमत नही है ।
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३. तब आप उनसे यह कहिए कि, एन डी ए के पास संयुक्त अधिवेशन में बहुमत है, अतः आप इस क़ानून को जोईँट शेसन बुलाकर पास कर दीजिए । तो वे आपको कहेंगे कि, छोटे छोटे मुद्दों पर जोईँट शेसन बुलाना अच्छी बात नही है ।
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४. तब आप उनसे कहिए कि, आप इस क़ानून को लोकसभा से तो कम से कम पास कर दीजिए । तो वे आपको बताएँगे कि, जब राज्य सभा से ये क़ानून पास होने वाला नही तो लोकसभा से पास करने में क्या फ़ायदा है ? बताइए !!
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अब उनको यह बताइए कि, दरअसल इस क़ानून को संसद से पास करने की आवश्यकता ही नही है, प्रधानमंत्री यदि इस ड्राफ़्ट पर हस्ताक्षर करके गेजेट में छाप दे तो यह क़ानून देश में लागू हो जाएगा और राम मंदिर निर्माण का रास्ता खुल जाएगा ।
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तब वे आपको क्या जवाब देंगे, यह उनके उस समय की हाज़िर जवाबी और मूड पर निर्भर करेगा । हो सकता है वे आपसे कहे कि तुम हिंदू द्रोही हो अतः पाकिस्तान चले जाओ, या वे माइक का भोंपू आपके कान में घुसेड़कर ३ बार 'भारत माता की जय' और ५ बार 'जय श्री राम' का नारा लगाएँगे, या फिर वे अब्बा ड़ब्बा जब्बा टब्बा जैसा कुछ कहेंगे । जो भी वो पर कम से कम इतना तय है कि वे अमुक क़ानून को गेजेट में प्रकाशित नहीं करेंगे ।
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यदि आपको इस बात की पुष्टि करनी हो कि भाजपा और संघ क्या राम मंदिर निर्माण और मंदिरो के प्रशासन को बेहतर बनाने के कानूनो का विरोध करते है या नही, तो ऊपर दिए गए चरणो का अनुसरण करे । अब सबूत चाहिए तो कम से कम इतनी दिक़्क़त तो आपको उठानी ही होगी ।
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यदि आपके पास उपलब्ध नही है तो, राम-कृष्ण और काशी विश्वनाथ देवालय के निर्माण और मंदिरो-मठों आदि के प्रशासन को मजबूत बनाने वाले प्रस्तावित क़ानून का ड्राफ़्ट इस लिंक से सकते है --- https://www.facebook.com/ProposedLawsHindi/posts/570764579768407
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कृपया सबूत भगत मोदी साहेब को ट्वीटर पर यह लिंक भेज कर पूछे कि, क्या वे इस क़ानून का समर्थन करते है ? यदि नही, तो वे हिंदू धर्म को सशक्त बनाने, मंदिरो के प्रशासन को दुरुस्त करने और राम-कृष्ण-विश्वनाथ देवालय निर्माण के लिए किस क़ानून का प्रस्ताव करते है ?
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