Pawan Jury BhilwaraRj

कौन हिंदूवादी है और कौन फर्जी हिंदूवादी ?
.
हिन्दुवाद क्या है। कुछ का मानना है कि हिन्दुवाद हिन्दुओ के सशक्तिकरण से सम्बंधित नहीं है, यह इस्लाम को गरियाने से सम्बंधित है। कुछ लोग कहते है कि इस्लाम के खिलाफ बयान देना हिन्दुवाद है , इस्लाम को कोसना, उनके खिलाफ विष वमन करना, उनके खिलाफ उग्र नारे लगाना हिन्दुवाद है। कुछ का कहना है कि हिन्दू धर्म को सशक्त करना और देश में इस्लाम के बढ़ते "गैर वाजिब" प्रभाव को कम करना हिन्दुवाद है।
.
निम्न तीन स्थितियों पर विचार कीजिये :

१) मान लीजिये कि एक व्यक्ति "अ" नेता बनने और हिंदूवादी मतदाताओ के वोट खींचने के लिए इस्लाम के खिलाफ उग्र नारे लगाता है, उनके खिलाफ विष वमन करता है, उन्हें कोसता है, और उन पर पत्थर फेंकता है, और सत्ता में आने के बाद इस्लाम के खिलाफ नारे लगाना बंद कर देता है और देश में उनका "गैर वाजिब" प्रभाव बढ़ाने वाले कानूनों का समर्थन करता है और उन्हें जारी रखता है, ताकि उसे इस्लाम धर्मावलम्बियो के वोट भी मिलते रहे। और साथ ही यह व्यक्ति "अ" उन कानूनों को लागू करने से भी इनकार कर देता है जिससे हिन्दू धर्म मजबूत हो, तथा उन कानूनों को भी लागू करता है जिससे हिन्दू धर्म की क्षति हो।

२) मान लीजिये कि एक व्यक्ति "ब" नेता बनने और हिंदूवादी मतदाताओ के वोट खींचने के लिए इस्लाम के खिलाफ उग्र नारे लगाता है, उनके खिलाफ विष वमन करता है, उन्हें कोसता है, और उन पर पत्थर फेंकता है, और सत्ता में आने के बाद भी सिर्फ उनके खिलाफ नारे लगाते रहता है, लेकिन उन सभी कानूनों का समर्थन करता है जिससे देश में इस्लाम का "गैर वाजिब" प्रभाव बढे, और हिन्दू धर्म का ह्रास हो। और यह व्यक्ति "ब" उन कानूनों को भी लागू करने से मना कर देता है जिससे हिन्दू धर्म मजबूत हो।

३) मान लीजिये एक व्यक्ति "स" चुनावी समर में उतरने से पहले उन कानूनों के ड्राफ्ट रखता है जिससे हिन्दू धर्म मजबूत हो और देश में इस्लाम के बढ़ते "गैर वाजिब" प्रभाव में कमी आये और चुनाव जीतने के बाद यह व्यक्ति "स" उपरोक्त सभी कानूनों को लागू करता है।
.
तो आपके हिसाब से "अ", "ब" और "स" में से कौन "हिंदूवादी" है और कौन "फर्जी हिंदूवादी" है ?
.
====
.
उदाहरण के लिए, बीजेपी, आरएसएस, शिवसेना, हिन्दू महासभा, बाबा रामदेव, सुब्रह्मनियम स्वामी, योगी आदित्यनाथ आदि सभी एक सुर में राम-कृष्ण-काशी विश्वनाथ देवालय बनाने के क़ानून का विरोध कर रहे है। ये सभी हिंदूवादी बिगड़ते धार्मिक जनसँख्या के बिगड़ते असन्तुलन को रोकने के लिए आवश्यक कानूनों का भी विरोध कर रहे है, ये सभी 2 करोड़ मुस्लिम बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से बाहर खदेड़ने के कानूनों का भी विरोध कर रहे है, ये सभी मंदिरो को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने के कानूनों का भी विरोध कर रहे है, और मंदिरो के स्वर्ण भंडारो को सरकारी नियंत्रण में ले लेने का भी समर्थन कर रहे है, साथ ही ये सभी गौ हत्या में कमी लाने के कानूनों का भी विरोध करते है !!
.
आखिर ये "हिन्दुवाद" की कौनसी किस्म है और कहाँ से शुरू होकर कहाँ जाती है। प्रोफ़ाइल पर भगवा फोटो चस्पा करना, दिन में 400 बार जय श्री राम का उद्घोष करना, मुस्लिमो को कोसना, हिन्दूवाद हिन्दुवाद हिन्दुवाद के दिन में 1000 बार नारे लगाना, लेकिन साथ ही विशेष रूप से उन सभी कानूनों का विरोध करना जिनसे हिन्दू धर्म और देश मजबूत हो -- ये कौनसा हिन्दुवाद है !!!
.
इन संघठनो या व्यक्तियों से यह पूछा जाना चाहिए कि, इनका हिंदूवादी एजेंडा क्या है ? एजेंडे का बिंदुवार विवरण रखे और फिर उन बिन्दुओ/समस्या के निस्तारण के लिए ये किस प्रक्रिया यानि किस कानूनी ड्राफ्ट का प्रस्ताव कर रहे है, उसका लिखित विवरण दें। सिर्फ तब ही यह निश्चय किया जा सकेगा कि, कौन हिंदूवादी है और कौन फर्जी/मौका परस्त हिंदूवादी।
.
मेरे विचार में किसी भी वाद को एक प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए, नारे के रूप में नहीं। क्योंकि नारे एक सीमा के बाद घिस कर चलन से बाहर हो जाते है, जबकि प्रक्रियाएं लागू हो जाती है।
.
_____________________________