Pawan Jury BhilwaraRj
यदि गंगा नदी पर 5 बड़े बाँध बना दिए जाएँ तो इसे सुखाया जा सकता है। पानी की आवक कम होने से इसमें प्रदुषण और भी बढ़ेगा और यह एक सूखे गंदे नाले में बदल जायेगी।
.
मोदी साहेब ने प्रकाश जावड़ेकर को सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर करने को कहा है, ताकी 2012 से लंबित 5 बड़े बांधो पर रोक को हटाया जा सके। खबर के लिए यह लिंक देखें --
http://www.business-standard.com/article/current-affairs/uma-bharti-objects-to-govt-volte-face-on-dams-on-ganga-116011801210_1.html
.
अलकनंदा और भागीरथी गंगा की सहायक नदिया है, और गंगा में अधिकतम पानी की आवक इन्ही दोनों नदियों से होती है। उत्तराखंड में इन तीनो नदियों पर मिलाकर 89 बाँध परियोजनाएं प्रस्तावित है, जिनमे से 37 बन चुकी है। 2008 से ही कार्यकर्ता निर्माणधीन परियोजनाओं को रुकवाने और निर्मित परियोजनाओं को तुड़वाने के लिए आंदोलन कर रहे है। 2012 केदारनाथ में आई तबाही के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 6 बड़े बांधो पर रोक लगा दी थी। मोदी साहेब इन 6 परियोजनाओं को हरी झंडी देना चाहते है। ये भारी भरकम 6 योजनाएं गंगा की पारिस्थिकी को भारी नुकसान पहुंचाएगी।
.
बांधो के निर्माण से क्षेत्र को बिजली मिलेगी और में वृहत नदी परियोजनाओं के खिलाफ नहीं हूँ। लेकिन ये परियोजनाएं गंगा नदी की अविरल धारा को सुखा देगी और वहाँ की पारिस्थितिकी पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। बिजली कोयले से बनाओ, पवन चक्की से बनाओ, सौर ऊर्जा से बनाओ या रिएक्टर से बनाओ। गंगा नदी को बख्श देना चाहिए।
.
मोदी साहेब ने कहा था कि वे गंगा को साफ़ करवाएंगे। लेकिन इससे तो गंगा ही लुप्त हो जायेगी। फिर वे साफ़ किसे करेंगे। क्या गन्दगी साफ़ करने के लिए शहर के नालो से गंगा में पानी छोड़ा जाएगा।
.
______________________________