Pawan Jury BhilwaraRj

भारत में नेट न्युट्रिलिटी को ख़त्म करने के शुरूआती प्रयास एयरटेल जीरो और फेसबुक ने इंटरनेट ओआरजी के माध्यम से कीये थे। लेकिन विरोध के चलते ट्राई ने इसे नेट न्युट्रिलिटी की खिलाफ ठहराया और योजनाएं स्थगित हो गयी। अब फेसबुक इसे फिर से फ्री बेसिक्स के नाम से ले आया है, और ट्राई ने कहा है कि हम फ्री बेसिक्स पर फैसला जनता से 'पूछकर करेंगे। जनता से पूछने का ट्राई का तरीका क्या है ? ट्राई को मेल किये जाए !
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यानी जिस किसी के पास करोडो मेल यूजर्स का डेटा हो वो ट्राई को मेल भिजवा सकता है। और ऐसा डेटा सिर्फ फेसबुक के पास है !! फेसबुक यूजर्स को पता ही नहीं है कि वे ट्राई को जो मेल भेज रहे है उससे भारत में नेट न्युट्रिलिटी ख़त्म हो जायेगी। हालांकि कुछ को तो यह भी पता नहीं है कि वे ट्राई को मेल भेज रहे है।
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फ्री बेसिक्स लागू होगा यह लगभग तय दिख रहा है। क्योंकि ट्राई को भी पता है कि फेसबुक अपने नेटवर्क का इस्तेमाल मेल भिजवाने में कर रहा है लेकिन अभी तक ट्राई ने फेसबुक के इस मेल सर्कस पर कोई रोक नहीं लगाई है न ही कोई नोटिस दिया है।
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कुल मिलाकर ट्राई ने मतलब मोदी साहेब ने फेसबुक से कहा कि आप अपने यूजर्स से ऐसी करोडो मेल करवा दो तो हम तुम्हे फ्री बेसिक्स की अनुमति दे देंगे और जनता से कह देंगे कि हमने जनता के दबाव में फ्री बेसिक्स को अनुमति दी है।