Pawan Jury BhilwaraRj

बजट 2014..

मौजूदा बजट में आयकर अधिकारी को प्राधिकृत किया गया है कि वह किसी एनजीओ के विषय में अपने विवेकाधिकार का उपयोग करके अमुक एनजीओ के रजिस्ट्रेशन का निरस्तीकरण कर सकता है !!!

- यह परिपाटी रही है कि सामान्यतया वित्तीय बजट में सिर्फ आर्थिक मामलो पर ही निति बनायी जाती है , यदि किसी आवश्यक नियम में परिवर्तन करना हो तो उसके लिए सरकार को अलग से विधेयक पेश करना चाहिए ।

- मूल विषय यह है कि आयकर आयुक्त इस विवेकाधीन शक्ति का उपयोग कर के किसी भी एनजीओ या ट्र्स्ट को अधोलिखित बहानो के आधार पर बंद करवा सकता है :

1. अमुक एनजीओ सार्वजनिक हितो के लिए कार्य नही कर रहा है ।

2. अमुक संघठन के कार्यकलाप किसी जाति या धर्म विशेष को विशेष रूप से फायदा पहुँचा रहा है ।

3. अमुक संघठन की आय के स्त्रोत अमुक धर्मावलम्बीयों से सम्बंधित है, जिस से धर्मनिरपेक्ष धारणाओ को खतरा है ।

4. अमुक संघठन के आय के स्त्रोत या व्यय की मदे संदिग्ध है ।

इस प्रावधान का चिंतनीय पहलू यह है कि मामला कोर्ट में जाने पर इन विवेकाधिकारो का दायरा लगभग असीमित रूप से बढ़ जाएगा ।( जैसा की भारत के हर क़ानून के सम्बन्ध में हाईकोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट को यह विवेकाधीन अधिकार असीमित शक्ति प्रदान करता है )

तो ऐसे में इस क़ानून का उपयोग मिशनरीज़ हिन्दू धर्म को बढ़ावा देने वाले संघठनो को बंद करवाने में कर सकती है ।
जैसा कि अब तक परम्परा रही है आयकर के आला अधिकारियों और हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधिशो के साथ गठजोड़ बना कर मिशनरीज़ बड़े पैमाने पर हिन्दू सन्घठनो के हितो पर चोट पहुंचाएगी ताकि धर्मांतरण के रोड़े हटाये जा सके ।

समाधान :

प्रजा अधीन राजा समूह ने हिन्दू धर्म की ऐसे कानूनों से सुरक्षा करने के लिए कानूनी ड्राफ्ट प्रस्तावित किया है ।
जिसे आप दिए गए लिंक से फ्री डाउनलोड कर सकते है ।

tinyurl.com/rahulmehta58

हिंदी के ड्राफ्ट के लिए : tinyurl.com/rahulmehta58.h

सभी नागरिको से निवेदन है कि यदि आप इस क़ानून का समर्थन करते है तो इस क़ानून को गेजेट में छापने का ऑर्डर अपने क्षेत्र के सांसद महोदय को SMS द्वारा ये लिंक भेजे या पत्र लिखे ।

प्रजा अधीन राजा @