Pawan Jury BhilwaraRj

"तुम्ही से प्यार जताएं तुम्ही को खा जाए,

अदीब यूं तो सियासी है मगर कमीन नही "...!!!!!!!

दिनांक - 12 जुलाई 2014,

स्थल - मध्य प्रदेश विधानसभा

- कोंग्रेस विधायक आरिफ अकील द्वारा गौ रक्षा हेतु निजी बिल सदन में रखा गया ।

इस बिल के अनुसार -

- गाय के की मृत्यु के बाद गायो का अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए , या तो उसे जलाया जाए या उसे दफनाया जाए ।

- गाय के अंगो की तस्करी तथा खरीद फरोख्त पर प्रतिबन्ध लगाया जाए ।

सदन ने अक़ील ने अपनी वक्तृता में कहा कि गाय को हिन्दू अपनी माता का दर्जा देते है इसलिए गाय की रक्षा तथा सम्मान के लिए सरकार को गौ सरक्षण के क़ानून को पास करना चाहिए ।

बीजेपी के संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सदन में कहा कि -

'बिल राजनीति से प्रेरित है तथा दुर्भावना से लाया गया है, हम गौ रक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है"

बीजेपी के उच्च शिक्षा मंत्री ने सदन में कहा कि -

"ऐसे बिल को पास करने से कई व्यवहारिक कठिनाइयां पेश आ सकती है और हमें उन पर भी विचार करना चाहिए"

परिणाम :

विधानसभा में मतदान के दौरान बिल 55 वोटो से खारिज ।

- हो सकता है अकील साहब का बिल 'दुर्भावना' से प्रेरित हो किन्तु यहाँ एक सरल प्रश्न यह उठता है कि दस वर्ष के शिवराज सरकार के शासन के दौरान बीजेपी को सद्भावना के साथ गौ रक्षा बिल को पारित करने से कौनसी शक्ति रोक रही थी ?

-ज्ञातव्य है कि वाजपेयी ने NDA सरकार के काल में गौ हत्या निषेध बिल संसद में प्रस्तुत किया था ,
किन्तु ममता आपा ने सरकार गिराने की धमकी देकर बिल वापिस करवा दिया था ।

क्योकि बीजेपी के पास 186 सांसद कुल थे ।

- भारत में बीजेपी वोट के नाम पर गाय , गोबर की राजनीति में गले गले तक डूबे हुयी है ,
और विभिन्न गौ रक्षा संघठनो का स्वंयभू राजनेतिक चेहरा बनी हुयी है ।

गौ रक्षा के कार्यकर्ता एवं संघठन बीजेपी के लिए जी जान लगा कर प्रचार करते है किन्तु बीजेपी ने अब तक इस सम्बन्ध में नारे लगवाने और भासण देने तथा गौ रक्षको ने नारे लगाने, टोपी पहनने, झंडा उठाने और भासण सुनने के सिवा कुछ नही किया है ।

- अब जबकि नमो को बहुमत मिल चुका है तो सभी गौ रक्षक गौ हत्या निषेध बिल को फेसबुक तथा वाट्स एप पर पास करवाने के मूड में नज़र आ रहे है ।

जबकि मोदी केबिनेट के साथ संसद में बैठ कर FDI FDI खेल रहे है ।

इस घटना के मद्देनज़र प्रजा अधीन राजा आन्दोलन के फाउन्डर राहुल चिमन भाई मेहता का ये बयान बड़ा ही गौर तलब है कि :

"हमें नेताओं के भाषण, बयान, नारे, वादे आदि सुनने ही नही चाहिए, हमें सिर्फ यह देखना चाहिए कि नेताजी सरकार में रह कर कौन से क़ानून पास कर रहे है"

समाधान :

सभी गौ रक्षको तथा नागरिको से निवेदन है कि अपने क्षेत्र के सांसद को SMS द्वारा ऑर्डर भेजे कि संसद में गौ हत्या निषेध बिल पास किया जाए ।

गौ हत्या निषेध बिल तथा अन्य कानूनों के ड्राफ्ट मुफ्त डाउनलोड यहाँ से करे -

rahulmehta . com / 301 . htm

प्रजा अधीन राजा @ pk