Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate
पंजाब में आआपा का उत्थान एक दिन में नही हुआ। मूलतः इसका कारण कांग्रेस/ भाजपा/ एसएडी का 15 वर्षों का कुशासन रहा। समाधान: अंतिम पैराग्राफ देखें।
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कांग्रेस/ भाजपा/ एसएडी का कुशासन किस हद तक बुरा था, यह जानने के लिए कृपया इंडियन एक्सप्रेस का 2007 ई. का यह लिंक देखें।
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archive.indianexpress . com / news/a-big-mac-index-of-tax-compliance-courtesy-ludhiana--------/202800/ (लिंक के लिए कमेंट देखें)।
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वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने कहा.... लुधियाना में मैकडोनाल्ड के विक्रय केन्द्रों द्वारा चुकाया गया वार्षिक वैट (VAT), जो कि लगभग 1 करोड़ रूपये है, पूरे लुधियाना के सम्पूर्ण खाद्य एवं पेय पदार्थ उद्योग से प्राप्त बिक्री कर संग्रह की तुलना में अधिक है!!!
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अन्य रेस्टोरेंटों से प्राप्त होनेवाले बिक्री कर का संग्रह इतना कम क्यों है? क्योंकि पंजाब सेक्टरों में बँटा था। तथा प्रत्येक सेक्टर कांग्रेस/ भाजपा/ एसएडी के किसी नेता को आवंटित था। प्रत्येक रेस्टोरेंट का मालिक "बिक्री कर" पंजाब सरकार को न देकर कांग्रेस/ भाजपा/ एसएडी के उस नेता को देते थे!!! मैकडोनाल्ड इस बात पर अड़ा रहा कि वह केवल पंजाब सरकार को ही कर चुकाएगा, और उसे ऐसा करने की अनुमति भी मिल गयी। यही कारण है कि दूसरे सभी रेस्टोरेंटों द्वारा चुकाए गए कर को मिलाकर जितनी रकम होती है उससे अधिक कर अकेले मैकडोनाल्ड चुकाता है!! (नेताओं ने इसके लिए मुफ्त के बर्गर पाने की कोशिश तो की होगी। जो बर्गर बिक नही पाये उन्हें मैकडोनाल्ड 20 मिनट के बाद फेंक देता है। वैसे बर्गर वह उन नेताओं को दे सकता था)। आगे चलकर कम्प्यूटरीकृत व्यवस्था होने से बिक्री कर चोरी कम हुई। किन्तु दूसरे क्षेत्रों में माफियागिरी चलती रही।
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इस प्रकार पंजाब में बरसों बरस तक कांग्रेस/ भाजपा/ एसएडी नेताओं द्वारा संगठित लूट एवं कुव्यवस्था चलाई जाती रही। यहाँ नशीले पदार्थों की समस्या भी इसी श्रंखला की एक और कड़ी है।
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पंजाब में कांग्रेस/ भाजपा/ एसएडी ऐसा कैंसर बन चुके हैं जो चौथे चरण में पहुँच चुका है, और जिसका इलाज संभव नही है। इनकी स्थिति शराब के नशे में धुत्त ऐसे बिगड़े हुए बच्चों की तरह है जो सुधरना ही नही चाहते। सुधारने से ज्यादा सस्ता/ आसान उपाय इन्हें ख़त्म कर देना है। ऐसे में यदि पंजाब में राष्ट्रवादी कोई अच्छा विकल्प नही देते, और सिर्फ भाजपा के पक्ष में नारे लगाते रहते हैं, तो पंजाब का आआपा जैसे गलत हाथों में जाना तय है। अगली बारी हरियाणा की हो सकती है। आआपा= एके= योगेन्द्र यादव मिशनरियों को बढ़ावा दे सकते हैं, जिससे दलित जिनमे सिख दलित भी शामिल हैं, धर्मपरिवर्तन कर सकते हैं। फिर आगे चलकर उन्हें नक्सलवाद की तरफ भी मोड़ा जा सकता है।
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समाधान: : मैं सभी राष्ट्रवादियों से अनुरोध करता हूँ कि भाजपा- पूजा में अपना समय व्यर्थ न करें, तथा अपेक्षाकृत अच्छे राष्ट्रवादी विकल्प बनाने में ध्यान दें। यदि आपको ऐसा लगता है कि नमो अच्छे नेता हैं जिन्हें सेवन स्टार दिए जा सकते हैं, तब भी नमो को छोड़कर लगभग पूरी भाजपा जड़ तक ख़राब हो चुकी है। किसी पार्टी का अतीत अच्छा था, यह कोई मतलब नही रखता। एक समय था जब एसएडी भी भले लोगों की पार्टी थी, किन्तु अब इसमें बादल- माफिया का बोलबाला है। कांग्रेस में भी एक समय में लाल- बाल- पाल, बोस, वल्लभभाई आदि जैसे अच्छे नेता थे। किन्तु वर्तमान के आधार पर ही हमे किसी पार्टी के बारे में निर्णय लेना चाहिए।
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मैं सभी राष्ट्रवादियों से यह भी अनुरोध करता हूँ कि कृपया वास्तविक कानून ड्राफ्टों पर अपना ध्यान केंद्रित करें जिनसे नशाखोरी, भूमाफिया, भ्रष्टाचार, आदि समस्याओं को पंजाब तथा पूरे भारत में कम किया जा सके। इन कानून ड्राफ्टों पर ध्यान केंद्रित करने से आआपा= एके की यह वास्तविकता सामने आएगी कि वे इन कानूनो का विरोध करते हैं।
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--- राहुल चिमनभाई मेहता, राइट टू रिकॉल ग्रुप, 11- जून -2014.
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