Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate
अरुण जेटली ने 2000 ई. के आस- पास सार्वजनिक क्षेत्र की/ सरकारी कंपनी एमएफ= मॉडर्न फ़ूड को हिंदुस्तान लिवर के हाथों मात्र 150 करोड़ रूपये में बेचा। उस समय मॉडर्न फ़ूड के पास अकेले दिल्ली में ही 2000 करोड़ रूपये से अधिक कीमत के प्लाट का स्वामित्व था!! पूरे भारत में मॉडर्न फ़ूड के स्वामित्व में प्लॉटों का कुल लिखित मूल्य6000 करोड़ रूपये से अधिक था। तथा यह सब कुछ एजे के द्वारा मात्र 150 करोड़ रूपये में बेच दिया गया। एजे ने इसे यह कहकर सही ठहराया कि“ हमने प्लॉटों का लिखित मूल्य लिया।” ये प्लाट 1950 के दशक में लिए गए थे और इसलिए लिखित मूल्य तो काफी कम होगा ही। भ्रष्टाचार रहित होने की यह तो पराकाष्ठा है! कृपया लिंक देखें- reocities . com/capitolhill/parliament/7436/pages/intyadav . htm तथा "land" एवं "plot" शब्द पर सर्च करें। लिंक के लिए कृपया प्रथम कमेंट देखें।
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एजे ने 2001 ई. में बाल/ किशोर अपराध अधिनियम भी पारित कराया, जिसमें इन्होने प्रावधान रखा कि यदि कोई व्यक्ति 18 वर्ष से कम उम्र का है और वह कोई अपराध करता है, तो चाहे वह अपराध कितना भी गंभीर हो, सजा 3 वष से अधिक की नही हो सकती। इस कानून के पारित होने के बाद लव जिहाद तथा महिलाओं के विरूद्ध अपराध 3 गुना बढ़ गए।
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चूँकि बिकाऊ मीडिया ने कभी इस तथ्य का जिक्र तक नही किया, अतः अधिकांश लोगों को इसकी जानकारी नही है। तथा यह दुखद है कि वे कभी किसी विषय पर जानकारी प्राप्त करने के लिए स्वयं पर गूगल पर सर्च भी नही करते। तथा कार्यकर्ता, जिनसे यह अपेक्षा की जाती है कि वे स्वयं भी जानकारी रखेंगे तथा दूसरों को भी बताएँगे, वे नारेबाजी, टोपी पहनना, सदस्यता अभियान, मास्क पहनना आदि के अलावे कुछ करना नही चाहते। अतः बिकाऊ मीडिया ने एजे की एक अच्छी छवि बना दी है, और लोग उनके बारे में बुरी बातें जानते ही नही हैं।
.... by Rahul Chimanbhai Mehta , Right to Recall Group