Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate

भारत स्वाभिमान ट्रस्ट एवं मॉरीशस रुट: यदि भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के कार्यकर्ता 1 जून 2014 तक अपने सांसद को एसएमएस द्वारा आदेश भेजकर तथा समाचारपत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कराकर नमो से मॉरीशस रुट को रद्द करने की मांग औपचारिक रूप से नही करते हैं, तो मैं आप सब से अनुरोध करूँगा कि भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं को अनुपयोगी व्यक्ति समझकर बहिष्कार करें।
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श्रीमती राजबाला की मृत्यु इसलिए हो गयी क्योंकि यूएसयूके संभ्रांत वर्ग ने मनमोहन सिंह को आदेश दिया कि वे 5000 पुलिसवालों को भेजकर भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं की पिटाई कराएं, जो कि मॉरीशस रुट को रद्द करने की मांग कर रहे थे। अतः उनकी मृत्यु के लिए मैं किसी और को नही, बल्कि रोथ्स्चिल्ड के हाथों की कठपुतली मनमोहन सिंह को दोषी मानता हूँ। भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं ने इस चुनाव में नमो के पक्ष में प्रचार यह दावा करते हुए किया कि नमो प्रधान मंत्री बनने के अगले ही दिन मॉरीशस रुट को रद्द करने हेतु अध्यादेश लाएंगे। अब नमो प्रधान मंत्री हैं। यदि वे कहते हैं कि अध्यादेश लाने के लिए उन्हें 1 महीने का समय चाहिए तो मैं समझ सकता हूँ। किन्तु यदि
भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के कार्यकर्ता कहते हैं कि उन्हें समाचारपत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कराने तथा मॉरीशस रुट को रद्द करने की मांग औपचारिक रूप से करने के लिए 10 दिन से अधिक का समय चाहिए तो वे पूरी तरह अनुपयोगी हैं।
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भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं के पास इतने पैसे आसानी से इकट्ठे हो सकते हैं ताकि वे समाचारपत्रों में विज्ञापन प्रकाशित करा सकें तथा सांसदों को एसएमएस द्वारा आदेश भेज सकें।