Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate

प्रिय मोदी प्रेमियों, यहाँ मैं सचमुच एक प्रस्ताव रख रहा हूँ जो कि आपको वाराणसी के चुनावों के लिए उपयोगी लग सकता है।

सबसे पहले मैं यह स्पष्ट कर दूँ कि मैं मोदी भक्त नही हूँ। ऐसा मैं अवश्य मानता हूँ और कई बार कह भी चूका हूँ कि वे प्रधान मंत्री पद के लिए सारे उपलब्ध विकल्पों में सबसे अच्छे= कम बुरे व्यक्ति हैं। किन्तु एक अच्छा प्र. मं. भी अच्छे कानून ड्राफ्टों के अभाव में 1% काम भी नही कर सकता। अतः भारत को अभी सबसे अधिक जरुरत अच्छे कानून ड्राफ्टों की है।
अभी वाराणसी में सब कुछ इतना आसान नही है। AK-420 का समर्थन करने के लिए सऊदी ने मुख़्तार अंसारी को खरीदा है। अतः हो सकता है मुख़्तार अंसारी चुनाव में खड़े न हों। वाराणसी में 25% मुस्लिम जनसँख्या है। तथा सभी दलित तथा अन्य हिन्दू भी अनिवार्य रूप से भाजपा को ही वोट देंगे यह जरूरी नही। आखिरी क्षणों में कांग्रेस अपने दलित तथा स्लम के मतदाताओं से AK-420 को वोट देने के लिए कह सकती है।

AK-420 की लोकप्रियता मध्य वर्ग के मतदाताओं में हो गयी है। यदि AK-420 को मध्य वर्ग के मतदाता वोट दे देते हैं तो नमो के लिए मुश्किल कड़ी हो जाएगी। अब निर्णय आपको लेना होगा।

मैं तो निम्नलिखित तरीके से मदद कर सकता हूँ-

1. 30 अप्रैल के बाद, मैं वाराणसी में AK-420 का पर्दाफाश करने का काम कर सकता हूँ।

2. इसके लिए मैं कोई पैसा नही लूंगा।

3. आप मोदी भक्तों को ही मेरे आने- जाने, होटल आदि का खर्च वहन करना होगा। मैं बहुत खर्चीला नही हूँ, पर बहुत निम्नस्तर का भी नही हूँ। 2 स्टार एसी होटल से काम चल जायेगा, लेकिन इससे कम नही। साथ ही समय की कमी के चलते मैं ट्रेन में सफर नही कर सकता, अतः मैं फ्लाइट से ही आना जाना करूँगा। और मुझे बिजनेस क्लास की जरुरत नही है।

4. यह पैसा ऐसे व्यक्ति का होना चाहिए जो भाजपा केकिसी पद पर न हो। अतः वह व्यक्ति एक आम मतदाता होना चाहिए।

मैं ऐसा करने के लिए तैयार हूँ इसके पीछे कारण है ---- AK-420 ने कार्यकर्ताओं को गुमराह करके भारत की बहुत बड़ी क्षति की है। राइट टू रिकॉल आंदोलन को भी सर्वाधिक क्षति AK-420 ने ही RTR लाने का फर्जी वादा करके पहुँचाई है। नमो ने भी RTR का कभी समर्थन नही किया, किन्तु उन्होंने इसे कोई क्षति भी नही पहुँचाई। चूँकि उन्होंने पहले दिन से ही स्पष्ट रखा की वे व्यवस्था परिवर्तन, RTR आदि नही लायेंगे। जबकि AK ने बार- बार व्यवस्था परिवर्तन की बात कहकर कार्यकर्ताओं को गुमराह किया।

यदि आप चाहें तो मैं वाराणसी चुनाव इस प्रकार से लड़ूंगा कि एक भी वोट न कटे। लेकिन चूँकि मैं भी एक उम्मीदवार होऊंगा, अतः मैं उन्हें विरोधी उम्मीदवार के तौर पर वाद विवाद के लिए चुनौती दे सकता हूँ। एक बात और, जमानत की राशि भी आपको ही देनी होगी, साथ ही 10 समर्थकों के हस्ताक्षरों का इंतजाम भी करना होगा।
अतः कृपया सोचकर निर्णय कर लें।