Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate

Hindi translation of chap-8 of the article "कौन से कानून ड्राफ्ट मंदिरों के प्रशासन में सुधार ला कर सभी हिन्दू सम्प्रदायों को सिख धर्म की तरह सशक्त बना सकते हैं?"

Chap- 8. धार्मिक तथा अन्य ट्रस्टों को करों में मिलनेवाली छूट

सभी धार्मिक तथा दान संस्थाओं एवं अन्य ट्रस्टों से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा उन्हें प्राप्त होने वाली करों में छूट है। यहाँ मैंने सभी ट्रस्टों चाहे वह धार्मिक हो या दान सम्बन्धी अथवा शैक्षिक या किसी और प्रकार की, उनके करों में छूट के लिए एक समान संरचना का प्रस्ताव रखा है।

मेरे द्वारा प्रस्तावित यह संरचना इस प्रकार है-

1. प्रत्येक वयस्क नागरिक ट्रस्टों को करों में समान रूप से एक निश्चित रकम की छूट देने में समर्थ होगा। जैसे- 1000 रूपये प्रति नागरिक प्रति वर्ष (2 से अधिक बच्चे होने पर यह कम हो जायेगा), जो कि 10 बराबर इकाइयों में बंटे हों।

2. नागरिक पटवारी के दफ्तर में जाकर अपने हिस्से की इकाइयों (यूनिट) को किसी एक ट्रस्ट या एक से अधिक ट्रस्टों को दे सकता है। उदहारण के लिए वह 1 यूनिट ट्रस्ट A को, 2 यूनिट ट्रस्ट B को, 5 यूनिट ट्रस्ट C को, तथा शेष 2 यूनिट ट्रस्ट D को दे सकता है।

3. किसी भी ट्रस्ट को करों में प्राप्त होने वाली छूट की रकम उतनी हीं होगी जितना कि उसके द्वारा प्राप्त यूनिटों को प्रति यूनिट आवंटित रकम से गुणा करने पर प्राप्त होगा।

4. प्रत्येक यूनिट समान रकम की होगी जो कि प्रत्येक नागरिक के लिए बिना किसी धर्म, जाति इत्यादि के भेदभाव के समान होगी। यद्द्यपि उम्र, बच्चों की संख्या आदि के आधार पर अंतर हो सकता है। प्रति यूनिट रकम का निर्धारण संसद द्वारा प्रति वर्ष किया जायेगा।
साथ हीं, दान पर दोहरे करारोपण का प्रावधान नहीं होगा, किन्तु अधिकतम कर हीं मान्य होगा। उदाहरण के लिए यदि आय कर दर प्रति व्यक्ति 0%, 10%, 20% तथा 30% है तो यदि कोई व्यक्ति A जो कि 30% की कर सीमा में है, ट्रस्ट को 1000 रूपये दान देता है तब उस दान पर लगनेवाला कर 0% होगा। किन्तु यदि एक व्यक्ति 0%, 10%, या 20% की कर सीमा में है और वह 1000 रूपये दान देता है तब उनके द्वारा दिए गये दान पर क्रमशः 30%, 20% तथा 10% कर लगेगा। सभी नकद दान पर 30% की दर से कर लगेगा। सभी विदेशी दान पर 30% की दर से कर लगेगा। संपत्ति पर कर सामूहिक (कॉर्पोरेट) दर से लगाया जायेगा। सभी प्रकार के करों में (छूट के लिए प्राप्त यूनिटों की संख्या * प्रति यूनिट रकम) की छूट लागू होगी।

करारोपण के विस्तार में मैं नहीं जाना चाहूंगा। किन्तु पाठक कृपया ध्यान दें- इस प्रस्ताव के अनुसार धार्मिक ट्रस्टों को संपत्ति कर तथा आय कर में असीमित छूट प्राप्त नहीं होगी, जो कि उन्हें वर्त्तमान में प्राप्त है। उनकी आय तथा उनके द्वारा प्राप्त दान पर भी कर लगेगा। तथा करों में उन्हें मिलने वाली छूट उनके अनुयायियों की संख्या के समानुपाती होगी, और वह भी तब जबकि अनुयायी उन्हें छूट की यूनिट्स देते हैं।