Pawan Jury BhilwaraRj

Ashok Jain VotevapsiCm:

~ राइट टू रिकॉल पार्टी ~
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नोट :- इस कहानी को मेरे वतन भारत देश व यहाँ के नेताओं से ना जोड़े |

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मेरे परिवार में 127 सदस्य है |
कल हम सब ने मिलकर कुछ निर्णय लिए थे | व्यवस्था को अच्छी प्रकार से बनाए रखने के लिए हमने कुछ व्यक्तियों को नौकरी पर रखा |
3 - ईलेक्ट्रीशियन
3 - पलम्बर
5 - बैंक कार्य के लिये
6 - बाजार का सामान लाने के लिये
2 - पैट्रोल भरवाने के लिये
5 - गाडी रिपेरिंग के लिये
3 - गाढ़ीयों की सफाई के लिये
4 - रंग रोगन व फर्निचर रिपेरिंग काम के लिये
3 - फ्रूट, सब्जी लाने के लिये
3 - डॉक्टर
8 - ड्राइवर
12 - सफाई कर्मचारी
2 - पानी बिजली के बिल जमा कराने के लिये
1 - मैनेजर ( जो इन सब को मैनेज करेगा |)
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इन 50 को 5 साल के लिये रखा | इसलिये कि हम 127 सदस्यों को किसी प्रकार की असुविधा ना हो |
प्रत्येक नौकर की तनख्वाह 20,000 से कम नहीं है | ओवर टाइम, टी. ए. डी. ए. ,पी. एफ, बीमा,मेडीकल सुविधा अलग से दे रखी है ~ काम करने के लिए एक-एक गाढ़ी दे रखी है |
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अब मेरे साथ
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जिनको जिस काम के लिए रखा था | उसे पूरा नहीं कर रहे हैं | आधे लोग तो नौकरी पर भी नहीं आ रहे हैं | जो लोग काम करने आ रहे हैं वह लोग हमारे परिवार की संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं | कुछ नौकरों ने मिलकर हमारे पंखे कूलर कबाड़ी को बेच दिए हैं | गाड़ियों के टायर चोरी करके पास गांव की कंपनी को बेच आते हैं |
एक नौकर ने हमारी 5 LCD फोड़ दी , प्रथम मंजिल पर चढ़ने वाली लोहे की सीडी को तोड़कर कबाडी को बेच दी | पलंबर नौकरी पर नहीं आ रहे हैं सारे नल खराब पड़े हैं हम सदस्यों को हाथ से पानी भरकर ऊपर ले जाना होता है | हमारी नौकर मर्जी पड़े तब बिजली बंद कर देते हैं | नौकरों से कुछ भी काम करवाना हो तो एक्स्ट्रा रिश्वत देनी पड़ती है उनकी खुशामदी करनी पड़ती है | तब भी वह काम उनकी मर्जी हो तो ही करते हैं |
मैनेजर को बैंक में साइन करने का अधिकार दिया था | हम सदस्यों के नाम से करोड़ों का लोन ले लिया | हमारी संपत्ति को गिरवी रख दिया | घर की संपत्ति टीवी, फ्रीज ,वाशिंग मशीन ,ओवन, AC ,LED , बाइक को बेच - बेच कर बिजली पानी का बिल जमा करा रहे हैं |
हम सदस्यों द्वारा किए जाने वाले कार्य पर विभिन्न प्रकार के प्रतिबंध लगा दिए साथ ही पेनाल्टी भी लगाते हैं |
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डर सा लगने लगा है कि हम सदस्यों के किस मोमेंट पर क्या प्रतिबंध वह पेनाल्टी लग जाए ~
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ऐसा खराबा इसलिए हुआ क्योंकि :-
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नौकरों की यह शर्ते मानी थी |
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1. पाँच साल तक आप मुझे नौकरी से नहीं निकाल सकते |

2. सारे कायदे कानून मैं तय करूंगा |

3. मेरी सेलेरी हमेशा चालू रहेगी चाहे मैं अनुपस्थित रहूँ | सैलेरी, भत्ते जब चाहूँगा बढ़ा सकता हूँ |

4. आपको व सबको मेरे बनाये कानून के दायरे में रहना होगा |

5. मुझसे कोई शिकायत हो तो जॉच कमेटी से कर सकते हैं जो मेरे द्वारा चुने हुए लोगों की कमेटी होगी |

6. किसी भी विषय में अंतिम फैसला मेरा ही होगा |

7. मेरी इच्छा होगी तो ही मैं आपको जवाब दूगां / नहीं दूगां |

8. मेरे कार्य में कोई दखल अंदाजी नहीं करेंगे |

9. आपकी राय ,सुझाव या बताया काम करने के लिए बाध्य नहीं हूं | आप मेरी स्वतंत्रा में दखल नहीं देंगे |

10. मैनेजर के पास संपत्ति को बेचने व गिरवी रखने का अधिकार रहेगा |

11. मैनेजर जब चाहे तब प्रबंध व्यवस्था बनाए रखने के लिए सदस्यों पर विभिन्न प्रकार के टैक्स लगा सकेगा |
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50 लोगों की तनख्वाह मुझे हर माह पहली ता. को देनी पड़ रही हैं ~ जबकि जिन सुविधा के लिये यह मजमा बनाया था वह तो दूर की कोड़ी |
भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है |
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मुझे टेंशन हो रही हैं कि मेर पापा विदेश से आने वाले हैं मेरे घर की व सम्पति की यह दुर्दशा देखकर मेरा क्या हाल करेगें | हम 127 सदस्यों का नसीब वापस रिपेयर हो पायेगा. ?
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