Pawan Jury BhilwaraRj
कल्कि पुरुष तृतीय उर्फ़ मोदी साहेब ने भारत के अधिकतर रेलवे स्टेशन प्राइवेट कंपनियों को बेचने का फैसला कर लिया है। इसकी शुरुआत उन्होंने भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन से की है।
.
मोदी साहेब रेलवे स्टेशन निजी कम्पनियों को बेचने के एवज में मोटी घूस खा रहे है। मोदी साहेब यह घूस मिडिया में अपना सकारात्मक प्रचार पाने और चुनावी खर्चे के लिए चंदा लेने के लिए खाते है।
.
संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक और मोदी साहेब का प्रत्येक अंधभगत मोदी साहेब के इस फैसले का समर्थन कर रहा है। सोनिया-केजरीवाल तथा उनके अंधभगत भी इस फैसले का समर्थन कर रहे है।
रेलवे स्टेशन के अधिकार में बड़े पैमाने पर अतिरिक्त भूमि है, और सोनिया-मोदी-केजरीवाल की त्रिमूर्ति ने हमेशा से उन कानूनों का विरोध किया है जिससे बेकार पड़ी इस जमीन सदुपयोग व दोहन किया जा सके। इस वजह से रेलवे की अकार्यकुशलता में वृद्धि हुयी और अब समाधान के रूप में इन्होंने रेलवे स्टेशन बेचने शुरू कर दिया है।
.
मतलब -- 'पहले समस्या बढाओ और फिर समाधान के नाम पर ऐसा समाधान रखो जिससे हालात और भी बदतर हो जाएँ'
.
सच्चा समाधान यह था कि रेल मंत्री को नौकरी से निकालने का अधिकार नागरिको को दिया जाए तथा रेलवे स्टाफ के खिलाफ की गयी शिकायतों का निपटारा नागरिको की ज्यूरी द्वारा हो। लेकिन सोनिया-मोदी-केजरीवाल ने इन कानूनों का भी सदा से विरोध किया। इससे रेलवे स्टेशनों के संचालन में भ्रष्टाचार पनपा और इसी का बहाना लेकर अब रेलवे स्टेशन निजी कंपनियों को बेचे जा रहे है।
.
http://www.amarujala.com/business/iso-certified-habibganj-railway-station-sold-to-private-party
.
_____________________________