Pawan Jury BhilwaraRj

प्रश्न - ज्यूरी सिस्टम में केस का फैसला करने को वोटर लिस्ट से रेंडमली पांच लोगो को बुलाया जायेगा....तो इन लोगो को क्वालिफिकेशन के हिसाब से बुलाया जायेगा या ऐसे ही ? तो सवाल है कि, अनपढ़ लोग क्या फैसला ले पाएंगे ?
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स्पष्टीकरण : हमने ज्यूरी की जो प्रक्रिया प्रस्तावित की है उसमे ज्यूरी के लिए 24 नागरिको को बुलाया जाएगा। इनमे से दोनों पक्षो के वकील 4-4 यानी कुल 8 नागरिको को उनकी मेधा, समझ, क्षेत्र या पहचान के आधार पर बाहर कर सकेंगे। शेष बचे 16 नागरिको में से 12 सदस्यो को मुख्य ज्यूरी मंडल और शेष 4 को वैकल्पिक ज्यूरी में रखा जाएगा।
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ज्यूरी सदस्यो के चयन में शिक्षा की कोई कोई भूमिका नहीं होगी। क़ानून की समझ व न्याय सामान्य समझ का विषय है, तथा इसका शिक्षा से कोई सरोकार नहीं है। यह जिम्मेदारी वादी-प्रतिवादी के वकीलो पर होगी कि वे मामले को सरल भाषा में इस तरह से प्रस्तुत करे कि ज्यूरी सदस्य मामले को समझ सके। तकनिकी मामलो की सलाह के लिए ज्यूरी सदस्य विषय के विशेषग्यो ( जैसे आर्थिक मामलो के विषय में C.A व चिकित्सीय मामलो में डॉक्टर्स ) से परामर्श ले सकेंगे। कानूनी मामलो से सम्बन्धी निर्देश के लिए सुनवाई में जज मौजूद होगा जो कि मामले से सम्बंधित कानूनी पहलुओ के बारे में ज्यूरी को सलाह देगा।
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ज्यूरी सिस्टम के आने से भारत के नागरिको में क्रमिक रूप से कानूनों की समझ आने लगेगी तथा वे फैसले देने में ज्यादा विवेकशील होते चले जायेगे। इस समझ को बढ़ाने के लिए हमने आठवी क्लास से क़ानून विषय को अनिवार्य रूप से पाठ्यक्रम में शामिल करने का प्रस्ताव किया है।
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ज्यूरी प्रक्रिया के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट :
https://web.facebook.com/ProposedLawsHindi/posts/548841788627353
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