Pawan Jury BhilwaraRj

राजपूत रानी पद्मिनी की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से इतिहास को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत करने के विषय पर --- अगर सेंसर बोर्ड के चेयरमेन ने फिल्म के निर्माता को चेतावनी दी होती कि इतिहास का गलत निरूपण करने के स्थिति में फिल्म को पास नहीं किया जाएगा तो निर्माता ने तुरंत प्रभाव से फिल्म की पटकथा में वांछित परिवर्तन कर लिया होता।
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लेकिन मोदी साहेब के निर्देशन में काम कर रहे सेंसर बोर्ड ने जब खुले आम हिन्दू धर्म पर कीचड़ उछालने वाली "पीके" और मांसाहार को प्रोत्साहित करने वाली "दंगल" को बिना किसी कट के प्रदर्शन की अनुमति दी, और जब मोदी साहेब ने एलानिया परेश रावल और कनाडा के नागरिक अक्षय कुमार जैसे गलीज़ लोगो का खुलकर समर्थन किया, और साथ ही मांस भक्षण को बढ़ावा देने के लिए अपने मंत्री नितिन गडकरी को "दंगल" फिल्म का प्रमोशन करने का आदेश दिया, और फिर उन्होंने हरियाणा व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री खट्टर और रमन सिंह को भी दंगल को टेक्स फ्री करने के निर्देश दिए, तो यह भंसाली के लिए खुला न्योता था कि -- यदि वे हिन्दू रानी को अपमानित करने के लिए फिल्म बनाते है तो मोदी साहेब के निर्देशन में काम कर रहा सेंसर बोर्ड को ऐसी फिल्म को सहर्ष पास कर देगा।
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समाधान --- कार्यकर्ताओ को इस बात को साफ़ तौर पर इस बात को समझ लेना चाहिए कि मोदी साहेब ( और सोनिया/केजरीवाल) समाधान का हिस्सा नहीं है। बल्कि ये लोग ही समस्याएं है।
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मेरा प्रस्ताव है कि ---- कार्यकर्ताओ को हाथापाई करके स्टंट खड़ा करने का रास्ता चुनने की जगह राईट टू रिकॉल सेंसर बोर्ड चेयरमेन और फिल्मो से सम्बंधित विवादों के निपटान के लिए आवश्यक क़ानून ड्राफ्ट को गेजेट में छपवाने के लिए प्रयास करने चाहिए।
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मैंने जल्दी ही राईट टू रिकॉल सेंसर बोर्ड चेयरमेन का ड्राफ्ट प्रस्तुत करूँगा। डीडी चेयरमेन और सेंसर बोर्ड चेयरमेन को बदलने की प्रक्रिया एक जैसी है। अतः तब तक के लिए राईट टू रिकॉल सेंसर बोर्ड के लिए प्रस्तावित क़ानून का ड्राफ्ट देखने के लिए राईट टू रिकॉल दूरदर्शन चेयरमेन का ड्राफ्ट देंखे।
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राईट टू रिकॉल दूरदर्शन अध्यक्ष के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट :
https://web.facebook.com/ProposedLawsHindi/posts/546885878822944
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लेकिन हिंदूवादी कार्यकर्ताओ से मेरा यह आग्रह है कि वे इस बात को अच्छी तरह से समझ ले कि ; मोदी साहेब के अधीन काम करने वाले सेंसर बोर्ड चेयरमेन ने इस तरह की कोई भी चेतावनी जारी करने से इनकार कर दिया है कि --- "यदि इतिहास को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया तो फिल्म को बेन कर दिया जाएगा" !! और यही पहलाज खुद को मोदी साहेब का चमचा बताते है !!! अतः इस बात को समझने में कोई विशेष कठिनाई नहीं होनी चाहिए कि मोदी साहेब हिन्दू धर्म एंव इसकी संस्कृति को कलुषित करने के लिए भंसाली और उनके निवेशकों का खुले आम समर्थन कर रहे है।
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