Pawan Jury BhilwaraRj

विमुद्रीकरण के बावजूद कैसे और क्यों काला धन फिर से पैदा होगा ?
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(1) मान लीजिये कि X कुछ सामान खरीदने के लिए Y के पास जाता है। अगर X सामान नकद, या बिट कॉइन या डॉलर, या सोने या चाँदी में खरीदता है तो सामान का मूल्य A होगा, लेकिन यदि X सामान चेक से खरीदता है तो मूल्य A + 20% GST + Y द्वारा कमाए गए धन का 30% के योग के बराबर होगा। तो आप स्वयं सोच सकते है कि देश में कितने X है जो कि भुगतान कैश या गोल्ड या बिट कॉइन में करना पसंद करेंगे। और इस तरह से फिर से काला धन पैदा होगा।
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(2) मान लीजिये कि X अपने कर्मचारी Y को 10,000 रूपये मासिक वेतन पर नियुक्त करता है। लेकिन X अपने कर्मचारी Y को दस की जगह 15,000 का चेक देगा। Y इस चेक को बैंक से भुनायेगा और 5,000 रूपये नकद फिर से X को लौटा देगा !!! और इस तरह से काला धन पैदा होगा।
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(3) मंत्री, आइपीएस, आइएएस, जज आदि जनवरी-2017 से फिर से घूस लेना शुरू करेंगे और फिर से काला धन पैदा होगा !!
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इस प्रकार के दसियों तरीके है।
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दुसरे शब्दों में, आज जितने भी तरीके सफ़ेद धन को काले धन में बदलने के लिए प्रयोग में लिए जाते है, वे सभी तरीके जनवरी-2017 से फिर से जारी रहेंगे।
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तो इस प्रकार काले धन की मात्रा 2-3 वर्षो में फिर से उसी स्तर पर जमा हो जायेगी।
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समाधान -- भू स्वामित्व के सभी आंकड़े सार्वजनिक किये जाए, भूमि की बिक्री सिर्फ नीलामी द्वारा हो, संपत्ति कर ( संपत्ति कर में से आयकर, बिजली कर, और दत्त वेतन का 15% घटाते हुए ) लागू किया जाए और वैट/जीएसटी/उत्पाद शुल्क/सेवा कर आदि को रद्द किया जाए।
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नकदी पर लगाम लगाने का परिणाम यह होगा कि लोग अब डॉलर, यूरो, बिट कॉइन, सोना, चाँदी आदि का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे।
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असल में अब लोग भारत से ज्यादा पाकिस्तान के 500 रू के नोट पर ज्यादा भरोसा करेंगे !!!
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मुझे कोई आश्चर्य नहीं होगा, यदि भारत के लोग अब बिट कॉइन, डॉलर और यूरो का बड़े पैमाने पर प्रयोग करना शुरू कर देते है। और हो सकता है कि कश्मीर के लोग भी अब पाकिस्तानी रुपये का इस्तेमाल करने लगे।
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