Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate

While CoBhApSwRa-workers are all busy with slogan shouting , andhbhakti etc , many activists at Right to Recall Group are proposing law-drafts to reduce gap between india and USA
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The law-draft that RRG worker Rakesh Suri has proposed is
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If a voter wants to give his Fbid, twitterid, emailid, cellphone number or any code or any 200 character long string, and wants these information to come in voterlist, then collector will display this information in the voterlist
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अगर कोई मतदाता यह मागं करें कि उसकी मांग/राय प्रधानमंत्री की वेबसाइड पर वोटर आईडी कार्ड के साथ साथ FB Link, Email ID, Twitter ID के साथ भी दिखे तो मतदाता कलेक्ट र के आफिस मे जाकर ऐफिडेविट देगा (जिसमे उस मतदाता ने शपथ ली होगी कि यह उसका FB ID, EMail ID, Twitter ID हैं ) | उस ऐफिडेविट के आधार पर कलेक्ट र उसे इजाजत दे सकेगा इसके लिए कलेक्ट र प्रति वर्ष 100 रूपये शुल्कL लेगा | एक साल के बाद मतदाता को दोबारा ऐफिडेविट दर्ज करवाना होगा और 100 रूपये का शुल्कप भी देना होगा |
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This will enable voters to communicate with voters more effectively and reliably.
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This simple law can do more to make India Digital than all this Digital India hu-ha.
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I will later make hash for this law and sms text for this law-draft
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Meanwhile, pls promote this law that voters should be allowed to add these fields to their entry in the voterlist.

Rakesh Suri Ghaziabad UpActivist:

मैने टी0सी0पी0 के ड्राफट में कुछ परिवर्तन किया हैं

========== STARTS ====
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धारा 1 ( कलेक्टर अथवा उसका क्ल र्क के लिए आदेश ) (1.1) राष्ट्रपति कलक्टर को आदेश देता है कि: यदि कोई भी नागरिक मतदाता यदि खुद हाजिर होकर अपनी अर्जी , शिकायत या कोई भी ऐफिडेविट कलेक्टर को देता है और प्रधानमंत्री की वेब-साईट पर रखने की मांग करता है, तो कलेक्टर (या उसका क्लर्क) उस एफिडेविट के प्रति पेज का 20 रूपये शुल्क (फीस) लेकर, सीरियल नंबर देकर, एफिडेविट को स्कैन करके प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर रखेगा |

(1.2) अगर कोई मतदाता यह मागं करें कि उसकी मांग/राय प्रधानमंत्री की वेबसाइड पर वोटर आईडी कार्ड के साथ साथ FB Link, Email ID, Twitter ID के साथ भी दिखे तो मतदाता कलेक्ट र के आफिस मे जाकर ऐफिडेविट देगा (जिसमे उस मतदाता ने शपथ ली होगी कि यह उसका FB ID, EMail ID, Twitter ID हैं ) | उस ऐफिडेविट के आधार पर कलेक्ट र उसे इजाजत दे सकेगा इसके लिए कलेक्ट र प्रति वर्ष 100 रूपये शुल्कL लेगा | एक साल के बाद मतदाता को दोबारा ऐफिडेविट दर्ज करवाना होगा और 100 रूपये का शुल्कप भी देना होगा |

धारा 2. ( तलाटी, पटवारी, ग्राम अधिकारी/लेखपाल अथवा उसका क्लजर्क के लिए आदेश)
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(2.1) राष्ट्रपति पटवारी को आदेश दें कि कोई भी नागरिक मतदाता यदि धारा-1.1 द्वारा दी गई अर्जी या एफिडेविट पर आपनी हाँ या ना दर्ज कराने मतदाता कार्ड लेकर आये, तो पटवारी 3 रुपये का शुल्क (फीस) लेकर नागरिक का मतदाता कार्ड संख्या, नाम, उसकी हाँ या ना को कंप्यूटर में दर्ज करेगा और रसीद देगा | नागरिक की हाँ/ना प्रधानमंत्री की वेब-साईट पर वोटर आईडी के साथ आएगी | अगर कोई मतदाता अपनी राय गरीबी रेखा के नीचे के नागरिकों के लिए शुल्क 1 रूपये होगा |

(2.2) नागरिक पटवारी के दफ्तर जाकर किसी भी दिन अपनी हाँ या ना, बिना किसी शुल्क के रद्द कर सकता है और 3 रु देकर बदल सकता है |
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(2.3)कलेक्टर एक ऐसा सिस्टम भी बना सकता है, जिससे मतदाता का फोटो, अंगुली के छाप रसीद पर डाला जा सके |

(2.4) प्रधानमंत्री एक ऐसा सिस्टम बना सकता है, जिससे मतदाता अपनी हाँ या ना, 5 पैसे देकर मोबाइल सन्देश / एस.एम.एस. द्वारा दर्ज कर सके |

(2.4) प्रधानमंत्री एक ऐसा सिस्टम बना सकता है, जिससे मतदाता अपनी हाँ या ना, 5 पैसे देकर मोबाइल सन्देश / एस.एम.एस. द्वारा दर्ज कर सके |

3. ( सभी नागरिकों, अधिकारियों, मंत्रियों के लिए सूचना )
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यह ‘जनता की आवाज`-पारदर्शी शिकायत/प्रस्ताव प्रणाली(सिस्टम) कोई जनमत संग्रह प्रक्रिया नहीं है। हाँ या ना की यह गिनती प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, अधिकारियों, जजों आदि के लिए कोई बाध्यर / बंधनकारी नहीं होगा । यदि 40 करोड़ से अधिक महिला मतदाता, दलित मतदाता, वरिष्ठे नागरिक मतदाता या गरीब मतदाता या किसान मतदाता या 40 करोड़ भारतीय मतदाताओं में से कोई भी नागरिक मतदाता किसी दिए गए एफिडेविट पर हाँ दर्ज करे, तब प्रधानमंत्री उस सूचना का अधिकार आवेदन पत्र के एफिडेविट पर आवश्यवक कार्रवाई कर सकता है अथवा उसे ऐसी कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है ; अथवा प्रधान मंत्री इस्तीकफा दे भी सकता है या उसे ऐसा करने की जरूरत नहीं है। प्रधानमंत्री का निर्णय अंतिम होगा।
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==== end of the proposed GN =====

सपष्टीnकरणः- सर मैने धारा 1.2 जोड़ी है इस धारा को जोड़ने से टी0सी0पी लोगो को चर्चा करने का मंच देगा अभी धारा 2 केवल मतदाताओं को अपना समर्थन दर्ज करवाने की सुविधा देती है लेकिन चर्चा करने का कोई मंच नही देती हैं धारा 1.2 जोड़ने के बाद मतदाताओं के पास ऐसे लोगो की प्रमाणिक सूची बन जायेगी जो इटंरनेट युक्त सांधन उपयोग करते है इस सुविधा के कारण लोग दूसरो के प्रमाणिक इंटरनेट युक्ती सांधन से सम्प र्क रखेगें आज की तारीख मे बहुत से डुप्लीिकेट/फर्जी आईडी राजनीतिक दलो और भ्रष्टर NGO द्वारा चलाये जाते है धारा 1.2 जुड़ने के बाद ऐसे फर्जी/डुप्लीलकेट आइडी की प्रमाणिकता कम हो जायेगी और सही इटंरनेट यूजर एक दूसरे से सम्पहर्क कर सकेगें

Rahul Rahul Chimanbhai Mehta Rrg please check my new Tcp draft proposal. If any mistakes. Please guidance me.