Pawan Jury BhilwaraRj
बलूचिस्तान पर मोदी साहेब का रवैया बिलकुल सही है । लेकिन इसमें दोष यह है कि, "अमेरिका के सहयोग से बलूचिस्तान को तोड़ने और बदले में और भी विदेशी निवेश यानी एफ डी आइ की अनुमति देने से बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का भारत में नियंत्रण और भी बढ़ जाएगा"।
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असल में, पाकिस्तान और चीन तथा इनके आपसी गठजोड़ को कमज़ोर करने के लिए अमेरिका बलूचिस्तान को विभाजित करना चाहता है । और अमेरिका यह भी चाहता है कि, इसका श्रेय मोदी साहेब को मिले, ताकि अमेरिका-पाकिस्तान के आपसी रिश्तों में कोई खटास नही आए !!! साथ ही इससे २०१९ के आम चुनावो में मोदी साहेब को थोक के भाव वोट मिलेंगे, लेकिन बदले में अमेरिका माँग है कि, मोदी साहेब देश के सभी क्षेत्र विदेशी निवेश के हवाले कर दें । इस तरह हमें दीर्घकाल में भारी नुक़सान उठाना पड़ेगा ।
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