Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate

Pawan Jury BhilwaraRj:

मोदी साहेब ने रिजर्व बैंक और गुजरात सरकार को आदेश दिया है कि वे गुजरात में सऊदी अरब को इस्लामिक बैंक की शाखा खोलने की अनुमति दे। संघ का प्रत्येक अंध सेवक इस फैसले का समर्थन कर रहा है।
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मोदी साहेब ने सरकारी निकाय 'नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल एंड एजुकेशन' को भी आदेश दिया है कि वह जेद्दा के इस्लामिक बैंक से 55 मिलियन डॉलर का अनुबंध करे ताकि सऊदी अरब भारत के जन जातीय इलाके के गरीब लोगो को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवा सके।
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http://goo.gl/xB1zP9
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तो अब सऊदी अरब का इस्लामिक बैंक गुजरात के जनजातीय इलाकों में गरीबो को स्वास्थ्य सुविधाएं देगा !!! और भागवत समेत संघ के प्रत्येक अंध सेवक का दावा है कि न तो सऊदी अरब की मंशा धर्मांतरण में है और न ही वे उन इलाकों के युवाओं को आतंकी गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करेंगे !!!
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राइट टू रिकॉल पार्टी सऊदी अरब को भारत में इस्लामिक बैंकिंग करने की अनुमति देने के इस फैसले का विरोध करती है। भारतीय मुस्लिम समुदाय के भारत में वित्तीय संस्थान स्थापित करने और उनकी धार्मिक संस्कृति के आधार पर गतिविधियों के संचालन से हमें कोई आपत्ति नहीं है। में फिर से दोहराता हूँ -- "मैं भारतीय मुस्लिमो द्वारा नियमों के अंतर्गत वित्तीय संस्थानों की स्थापना के खिलाफ नहीं हूँ"। लेकिन हमें सऊदी अरब को भारत में अपना जाल बिछाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। पाकिस्तान में संचालित सभी आतंकी समूह सऊदी अरब द्वारा खड़े किए गए है। ( और इन्हे तार्किक समर्थन अमेरिका द्वारा दिया जाता है)। इस तरह सऊदी अरब को भारत में बैंक चलाने की अनुमति देना आतंकवाद के लिए पैर पसारने के लिए जगह देना है।
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यही फैसला यदि सोनिया गांधी ने किया होता तो निश्चित रूप से संघ का प्रत्येक अंध सेवक इस फैसले के खिलाफ फेसबुक पर कम से कम 108 पोस्ट्स लिखता और इतने फोटो सर्कुलेट करता कि फेसबुक का सर्वर ही क्रेश हो जाता। लेकिन चूंकि ये फैसला मोदी साहेब ने किया है अत: सऊदी अरब अब इनका भाई हो गया है और वे इस बात पर राजी है कि सबसे पहला एकाउंट वे ही खुलवाएंगे।
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समाधान ?
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यदि आप सऊदी अरब द्वारा भारत में इस्लामिक बैंकिग शुरू किए जाने का विरोध करते है तो आपको निश्चित रूप से संघ के स्वयंसेवकों और मोदी साहेब के अंध भगतो से किनारा करके राईट टू रिकॉल पार्टी के साथ काम करना चाहिए। देश में राईट टू रिकॉल पार्टी ही एकमात्र पार्टी है जो सच्चे अर्थो में भारत के हितों के लिए कार्य कर रही है। आम आदमी पार्टी खुले आम देश विरोधी है, और बीजेपी/संघ/भारत स्वाभिमान ट्रस्ट राष्ट्रवादी होने का सिर्फ दिखावा करते है। अत: देश हित में कार्यकर्ताओ को इन सभी समूहों का त्याग करके राईट टू रिकॉल पार्टी के कार्यकर्ताओ के साथ काम करना चाहिए।
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