Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate
All members of Right to Recall Party (to be registered) in Delhi, Gudgaon,, Noida --- please attend this meeting.
Onkar Mittal:
भारतीय न्याय मंच
दिल्ली नगर निगम: २०१७ चुनाव और जन पार्षद की भूमिका
एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्येक्रम: रविवार- 19 जून 2016 –
मानव अभ्युदय संस्थान नयी दिल्ली ११०००२: 14-A: First Floor -विष्णु दिगम्बर मार्ग, निकट आई टी ओ मेट्रो स्टेशन गेट नंबर -२ .
कार्यक्रम
• ११.०० से १.०० प्रथम सत्र : दिल्ली राज्य चौथे वित्तीय आयोग की रिपोर्ट और दिल्ली सरकार, नगर निगम और केंद्र सरकार के दायित्व -
• २.०० से ५.०० दिवितीये सत्र: जन पार्षद का चयन और कार्य पद्धति
भागीदारी – वो व्यक्ति जो जन पार्षद बनने की घोषणा कर चुके हैं-और उनके सहयोगी
भूमिका -तीन वर्ष पूर्व अन्ना आन्दोलन से राष्ट्रीय परिवर्तन की जो आंधी चली थी उ- समें आज एक ठहराव आ गया है. व्यवस्था परिवर्तन और नागरिक केंद्रित स्वराज की और हमें आगे बढना है. दिल्ली के राज काज के ढांचे पर सभी प्रमुख राजनीतिक दल खामोश हैं. अभी कुछ महीने पहले दिल्ली राज्य चौथे वित्त कमिशन की रिपोर्ट विवाद का मुद्दा नगर निगम और दिल्ली सरकार के बीच बनी हुई थी. इस रिपोर्ट की कोई भी विधिवत चर्चा प्रमुख राजनीतिक दलों ने नहीं की है. इस रिपोर्ट की एक मुख्य अनुशंसा है की नगर निगम को एक पूर्ण अधिकार सम्पन्न संवैधानिक संस्था के रूप में काम करने दिया जाए. अभी इसके अधिकारों पर दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार द्वारा अतिक्रमण है, इसको हटाया जाए.
२०१७ के चुनाव हमें मौका देते हैं की सभी स्थापित राजनीतिक दलों से उनके विचार इस विषय पर स्पष्ट करने को कहें. इस व्यवस्था पर अगला कदम लिए बगैर मोहल्ला सभा प्रभावी नहीं हो सकती और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का केंद्र बन जायेंगी. दिल्ली में स्वराज की धारा को दिल्ली विकास प्राधिकरण, और पुलिस के अधिकारों को सीमित करके, तथा नगर निगम की अधिकारों को स्थापित करने के बाद ही मोहल्ला सभा को प्रभावी और मजबूत करने की ओर बढ सकती है. उसको दिल्ली सरकार से मोहल्ला की नगर निगम बाइ पास रोड नहीं बनाया जा सकता
साथ में जन उम्मीदवार घोषित करने की दिशा में भी आगे कदम बनाने की जरूरत है. .
नगर पार्षद का चुनाव : जन उम्मीदवार -जन पार्षद की अवधारणा
• जन पार्षद , स्थानीय जनता के प्रति उत्तरदायी होगा. अगर वह यह पाता है की किन्हीं कारणों से वह अपने उत्तरदायित्व का निर्वाह नहीं कर पा रहा है , या स्थानीय जनता का विश्वास उसमे नहीं रह गया है तो वह एक प्रक्रिया के तहत अपने पद से त्यागपत्र देने को तैयार रहेगा. उसके बाद फिर से चुनाव लड़ने के लिए वह स्वतंत्र होगा.
जन पार्षद की जिम्मेदारी
• वह नगर निगम के सभी व्यवस्थाओं के बारे में अपनी जानकारी बनाएगा और उसमे सतत बढोत्तरी करेगा. साथ में स्थानीय जनता को भी इसके बारे में शिक्षित करेगा
• नगर निगम में उसकी क्या भूमिका है यह अपने लिए भी स्पष्ट करेगा और स्थानीय जनता को भी शिक्षित करेगा
• अभी की जो वैधानिक व्यवस्था है उसमे सता कमिश्नर के पास है. पार्षद का काम जनता का काम कमिश्नर के समक्ष रखकर उसपर कार्येवाही कराना है. उसकी स्वयं की कोई कार्यकारी भूमिका नहीं है. दूसरे शब्दों में पार्षद जनता के प्रति कमिश्नर को उत्तरदायी बनाने के लिए जनता का प्रतिनिधि और हथियार है.
• पार्षद फण्ड, पार्षद के काम का एक मामूली हिस्सा है. वह उसका मुख्य कार्य नहीं है.
• अगर वह यह पाता है की कमिश्नर या उसके उपर की राजसता अपने संवेधानिक दायित्व का निर्वाह समुचित रूप से करने को तैयार नहीं है, तो उसको दबाव बनाने के लिए, स्थानीय जनता के सहयोग से अपने पड़ से त्यागपत्र देकर दुबारा चुनाव की मांग करनी चाहिए.
• पार्षद को अपने काम में सहयोग और सलाह के लिए स्थानीय सलाहकार परिषद का गठन अधिकतम संभव जनतांत्रिक तरीके से करना चाहिए. इसमें सभी बूथ एरिया के महिला पुरुष और युवा प्रतिनिधि होने चाहिए
चयन प्रक्रिया
• वह स्वयं सत्यापन करेगा की उसका चरित्र साफ है और वो किसी अपराधिक गतिविधि में संलग्न नहीं है.
• इसके साथ वह यह भी घोषणा करेगा कि पार्षद की लिए परिभाषित की गयी उपरोक्त निष्ठाओं का वेह पालन करेगा
• सभी बूथों से दो प्रतिनिधि लेकर उनके द्वारा सभा करके अपने नाम का अनुमोदन करवाएगा
• कोई भी राजनेतिक दल या निर्दालिये उमीदवार इस प्रक्रिया को अपनाकर अपने को जन्पर्षद घोषित कर सकता है.
भारतीय न्याय मंच की भूमिका
• यह मंच एक गैर दलिए गैर चुनावी मंच है जिसका मुख्य काम नेत्रित्व विकास , प्रशिक्षण और लोकशिक्षण है.
• अन्य सहमना संगठनों से मिलकर हम जन पार्षद की अवधारणा को प्रसारित -प्रचारित करेंगे.
• साथ में दिल्ली के वर्तमान राजनेतिक ढांचे में बदलाव, मतदाता को नागरिक में बदलना, वार्ड लेवल राज काज की महता और दिल्ली में नगर निगम के अधिकारों को वापिस लेकर नागरिक स्वराज की स्थापना के लिए आम जनता को शिक्षित करेगा
• भारतीय न्याय मंच किसी भी उम्मीदवार को स्वयं जन पार्षद घोषित नहीं करेगा, यह तो जनता और उम्मीदवार के बीच का परस्पर अनुबंध है. हम केवल जन पार्षद के जो मानदंड हमने निर्धारित किया हैं उनको जनता के बीच में प्रसारित करेंगे. अब जनता को यह तय करना है की जो व्यक्ति अपने को जन पार्षद घोषित कर रहा है, वः इन मानदंडों पर खरा उतरता है, या नहीं.
• जैसा पहले कहा जा चूका है, एक क्षेत्र मैं एक से अधिक व्यक्ति भी अपने को जन उम्मीदवार -जन पार्षद घोषित कर सकते हैं.
• यह केवल शुरुआती मानदंड हैं. आगे दिल्ली के नागरिकों के सुझावों के आधार पर इनका विस्तार किया जायेगा.
• जिस क्षेत्र में हमें बुलाया जाएगा उसमें जाकर वहां की स्थानीय जनता को अपने मत से परिचित कराने के लिए हम तत्पर रहेंगे.
सम्पर्क –
राखी गुप्ता – टेल: 8527681381
E mail: rakhi.edu@gmail.com