Pawan Jury BhilwaraRj
संसद में कांग्रेस के नेताओ ने सुब्रह्मणियम स्वामी को 'सीआईए एजेंट' बताया है।
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ये बात सही है कि सुब्रह्मणियम स्वामी सीआईए एजेंट है, और यह बात राईट टू रिकॉल तब से कह रहा है जब 1999 में स्वामी ने अमेरिका के इशारे पर वाजपेयी सरकार को गिरा* दिया था और सोनिया घांडी को प्रधानमंत्री बनाने का प्रयास किया था। तब स्वामी ने सोनिया-माया-ममता नामक त्रिदोष को तीन देवियां कह के पुकारा था और शुर्पणखां गांधी को लक्ष्मी देवी की उपमा दी थी।
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(*) वाजपेयी ने अपने पहले कार्यकाल में अमेरिकी जासूसी एजेंसियों को सफलतापूर्वक चकमा देकर परमाणु परिक्षण किया था। इससे अमेरिका नाराज हो गया था और उन्होंने स्वामी को वाजपेयी सरकार गिराने के लिए कोशिश करने को कहा। स्वामी द्वारा किये गए केस में सजा होने के भय से जयललिता ने समर्थन वापिस लेकर वाजपेयी सरकार गिराई।
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तो कांग्रेस के नेता संसद में कह रहे है कि स्वामी सीआईए एजेंट है, क्योंकि वे वाजपेयी सरकार को गिराकर सोनिया को प्रधानमन्त्री बनाना चाहते थे !!
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और बीजेपी के नेता कह रहे है कि स्वामी सीआईए एजेंट नहीं है। क्यों नहीं है ? क्योंकि वे वाजपेयी सरकार को गिराकर सोनिया को प्रधानमन्त्री बनाना चाहते थे !!
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जबकि स्वामी भक्तो का कहना है कि उस समय उन्होंने सोनिया पर विश्वास करके गलती की थी, लेकिन अब स्वामी अब बदल गए है। वे अब राष्ट्रवादी है !!!
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हालांकि बदला कुछ भी नहीं है। वे तब भी अमेरिका की तरफ थे और आज भी अमेरिका की तरफ है। तब वाजपेयी अमेरिका की नीतियों के खिलाफ काम कर रहे थे तो अमेरिका उनके खिलाफ था। मतलब स्वामी और कांग्रेस के साथ था। लेकिन अब मोदी साहेब अमेरिका की नीतियों पर काम कर रहे है अत: स्वामी और अमेरिका आज बीजेपी के साथ है।
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और स्वामी सीआईए के इशारों पर काम क्यों करते है ?
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क्योंकि सीआईए एवं बहुराष्ट्रीय कम्पनियो द्वारा संचालित पेड मिडिया उन्हें मुख्य धारा में बनाये रखता है और उनके द्वारा उठाये गए मामलो को पेड मिडिया और भ्रष्ट जज वरीयता देते है। इससे उनकी छवि 'राष्ट्रवादी' की बनी रहती है तथा उन्हें अपने अनुयायियो को चिपकाए रखने में सुविधा होती है।
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